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जवान लड़की • पठन समय: 6 मिनट • पढ़ा गया: 1,070 बार

सोचा… जीजा जी को परेशान करूँ

प्रिया गुप्ता

18 May 2020 को प्रकाशित

सोचा… जीजा जी को परेशान करूँ
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हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम दिया है। मैं अपनी ज़िन्दगी का पहला अनुभव आपके साथ शेयर करना चाहती हूँ। यह मेरी यहाँ पर पहली कहानी है, आपको अच्छी लगे या बुरी, मुझे मेल जरूर करें।

मैं अपनी कहानी शुरु करने से पहले अपने बारे में बता दूँ, मैं एक सेक्सी लड़की हूँ, मेरी उम्र 20 साल है और मेरा फिगर 30-28-32 है।

बात उस समय की है जब मैं बारहवी में पढ़ती थी, मेरी कई सहेलियाँ थी और सभी के बॉयफ्रेंड थे, पर मेरे नहीं थे, मैं अपनी क्लास में सबसे साधारण लड़की थी।

मेरी एक बेस्ट फ्रेंड थी जिसका नाम कंचन था, वह मेरी बहुत पक्की सहेली थी, उसका एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम विकास था, वो बहुत स्मार्ट था।

मैं जब भी उसको देखती थी, मुझे बहुत बैचनी सी होती थी लेकिन वह मेरी सहेली का यार था इसलिए मैं कुछ कहती नहीं थी उससे ! एक दिन मैंने कंचन के फ़ोन से उसका नंबर निकाल लिया और अगली रात मैंने उसे मिसकाल किया।

उसका तुरंत फ़ोन आया पर मैं कुछ नहीं बोली।

मैंने दुबारा मिसकाल की, उसने दुबारा कॉल की, इस बार मैंने उठाया- हेल्लो…

वो- जी आप कौन? आपकी मिसकाल आई थी।

मैं- मैं दिया… कंचन की सहेली !

वो- इतनी रात को क्यों कॉल किया?

मैं- बस ऐसे ही सोचा… जीजा जी को परेशान करूँ।

मैं आपको बता दूँ, मैं उसे जीजाजी कहती थी।

फिर हम दोनों ने बहुत देर तक बात की, वो मेरे स्कूल में ही था पर हम स्कूल में बात नहीं करते थे।

फिर हम दोनों ऐसे ही रोज बात करने लगे, देर रात में सोते थे, कभी कभी सोते ही नहीं थे।

उसने कंचन को नहीं बताया कि मैं उससे फ़ोन पर बात करती हूँ।

एक दिन उसने मुझसे कहा- दिया, मैं आपको पसंद करता हूँ।

मैं मन में खुश हुई पर दिखावे के लिये मैं बोली- आप मेरे सहेली के बॉयफ्रेंड हैं।

उसने कहा- वो मुझे अच्छी नहीं लगती, आप लगती हैं।

फिर हम दोनों चोरी छुपे मिलने लगे और कंचन को नहीं पता था।

मेरी सहेलियाँ रोज अपने बॉयफ्रेंड से चुदवा के आती थी और बताती थी जिससे मुझे भी मन करता था।

एक दिन मैंने विकास से कहीं अकेले मिलने को कहा तो वो मुझे अपने घर ले गया, उसका परिवार गाँव गया हुआ था।

मैंने उसे कहा- विकास, तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो, जब भी मैं तुम्हें देखती हूँ, दिल में बहुत मन करता है कुछ करने को !

उसने कहा- क्या?

मैंने उसे चूमा और कहा- यह !

वो हंसने लगा और कहने लगा- सच बताऊँ… मुझे भी तुम कंचन से ज्यादा अच्छी लगती हो, पर मैं कभी कह नहीं पाया।

फिर हम दोनों चूमाचाटी करने लगे, एक दूसरे को प्यार करने लगे।

उसने धीरे से मेरे कपड़े उतार दिए।

पहले मुझे डर लग रहा था, मैंने कहा- कुछ होगा तो नहीं?

उसने कहा- कुछ नहीं !

वो मेरे उरोज चूसने लगा, मुझे बहुत अच्छा रहा था, पहली बार कोई लड़का मुझे छू रहा था।

फिर मैंने भी उसकी पैंट उतार दी और उसके लंड को ऊपर से हिलाने लगी।

अब उसने मेरा नीचे से सलवार उतार दी और पैंटी के ऊपर से मुँह रखकर चाटने लगा।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, मैं सिसकारी भरने लगी- अह… उह्ह… अह्ह…

उसने मुझे पूरी नंगी कर प्रिया और अपनी भी अंडरवियर उतार दी, मैं उसका लण्ड देखकर हैरान हो गई और कहने लगी- यार, बहुत दर्द होगा।

उसने कहा- शुरु में होगा पर मजा भी बहुत आएगा।

उसने मुझे बेड पर लेटा प्रिया और मेरे बदन को खूब चूमने चाटने लगा।

मैंने कहा- विकास… प्लीज चोदो… तडपाओ मत…

उसने अपना लण्ड मेरी चूत की फ़ांकों पर रखा और एक धक्का प्रिया, आधा लंड मेरी चूत में घुस गया- मैं मर गई।

बहुत दर्द हो रहा था, मैं रोने लगी, मैंने कहा- विकास निकालो… अह्ह हाह… बहुत दर्द हो रहा है… निकालो अह्ह उह्ह निकालो !

पर वह कहाँ मानने वाला था, उसने एक धक्का और प्रिया पूरा लण्ड चूत में समां गया।

मैं तो मर ही गई थी, पहली बार किसी से चुद रही थी।

कुछ देर बाद मैंने देखा कि मेरी चूत से खून आ रहा है, मैंने विकास से कहा- यह क्या है?

उसने कहा- पहली बार किया है न, इसलिए है, कोई डरने की बात नहीं है।

मैं मान गई।

अब मुझे मजा आने लगा था, अब मैं उससे कहने लगी- विकास और तेज करो !

वह तेज तेज करने लगा।

‘मर मई… अह्ह्ह उह… मर्र ग्यीई अह्ह… राहूल्ल्ल चोद दो… फाड़ दो… रांड बना दो मुझे…’

कुछ देर बाद विकास कहने लगा- मेरा पानी निकलने वाला है।

मैंने कहा- मेरा भी !

और मैंने कहा- अन्दर ही निकाल दो !

उसने 8-10 झटके और मारे और वो और मैं दोनों झड़ गये और बेड पर लेट गये।

उसने कहा- तुम बहुत अच्छी हो।

मैंने कहा- तुम भी !

फिर हम चुम्बन करने लगे, वह मेरी चूत चाटकर पानी पी रहा था और मैं उसके लण्ड को चूस रही थी 69 की अवस्था में।

उस दिन हमने 3 बार चुदाई की और फिर मैं बहुत बार उससे चुदी।

उसका कंचन से ब्रेकअप हो गया, जिसका फायदा मुझे मिला और मेरी भी लड़ाई हो गयी कंचन से।

इस तरह मुझे विकास से पहली चुदाई का एहसास हुआ।

अब मैं और विकास अलग हो गए हैं और मुझे चुदने का मन अभी भी करता है, मैं लंड की तलाश में हूँ।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें।

धन्यवादsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी
व

विशेष 4084

4 months ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

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