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Group Sex Story पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 745 बार

ऊबर कैब के ड्राइवर से चुदवाकर गैंग-बैंग करवाया- 2

अजय फॉर फन

25 Jan 2025 को प्रकाशित

ऊबर कैब के ड्राइवर से चुदवाकर गैंग-बैंग करवाया- 2
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लेबर क्लास सेक्स कहानी में मुझे एक कैब ड्राईवर कार में चोद कर अपने घर ले गया. वहां उसका बेटा था. उसका लंड भी मुझे पसंद आ गया. मैं उससे मजे से चुदी.

यह कहानी सुनें.

फ्रेंड्स, मैं आपको अपनी गैंग-बैंग चुदाई की सेक्स कहानी सुना रही थी.कहानी के पहले भागसुनसान सड़क पर कार में चुदी कैब ड्राइवर सेमें अब तक आपने पढ़ लिया था कि रात को एक ऊबर वाले ड्राइवर ने मुझे खुली सड़क पर चोदा और मुझे नशे की हालत में अपने घर ले आया और इधर उसका मुस्टंडा जवान लड़का मेरी लेने की तैयारी कर रहा था.

अब आगे लेबर क्लास सेक्स कहानी:

मैं अब बस यह चाहती थी कि जल्दी चोदे और बात खत्म करे.मैं बोली- मुझे मालिश नहीं चाहिए, चोदो मुझे और जाने दो! तुम साले गँवारों को चिकनी चूत मिल गई तो फट्टू समझ लिया है क्या? भोसड़ी के तेरी किस्मत खुली है, ले ले मजा … लो चूत को मेरी भोगो और मुझे जाने दे.

मेरी बातों से उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई.वह मेरे पास आया, प्यार से उठाकर मुझे स्लैब पर बिठा प्रिया.

मेरी टांगों के बीच आया, मुँह से खूब थूक निकाल कर चूत पर लगा प्रिया.

लंड चूत पर फिराने लगा, कमर पकड़ी और आधा लंड चूत में डाल प्रिया.मेरी जान ही निकली समझो … बाकी बहन के लौड़े ने सरिया पेल प्रिया था.

मेरी गर्दन पकड़कर मेरे होंठों को दांतों से काटा, फिर चूसने लगा.कुछ देर बाद मेरी चूत से लंड निकाला, हाथ मेरे मुँह पर रखा … और पूरा लंड मेरी चुत की जड़ में अन्दर तक उतार प्रिया.

जैसे मूसल गिर रहा हो ओखली में, चूत खच-खच कर रही थी.हल्का पानी रिसने लगा, चूत फच-फच करने लगी.

‘आज ये गरीब ऐसा पेलेगा अमीरजादी, दुबारा आएगी लेने तू ये लंड!’उसने कहा तो मेरा मन ने भी सोचा कि साला हरामी पीट रहा है मेरी भोसड़ी हपक कर … सच में मेरी चूत उस वक्त धप-धप कर रही थी.

तभी उसके बाप ने दरवाजा खटखटाया, बोला- मैं हूँ, खोल दे!मुझे ‘गद्दे पर जा.’ बोलकर धक्का प्रिया और गेट खोलने चला गया.

अब रूम में गद्दे पर चुदाई बाप के सामने:

गेट खोलकर बोला- लॉक कर दो.उसने वापस गद्दे पर आकर मुझे घुमा प्रिया.बाप उसका गेट पर खड़ा था, मैं उसके सामने घोड़ी बनी हुई थी.

वह मुस्कुरा कर अपने बाप से बोला- बापू, मैडम अब कैब वालों को नहीं देगी!

यह कहकर बहन के लौड़े ने मेरी गांड काट ली और मेरी तनी हुई चूची पकड़ ली.

फिर मेरी कमर पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में डाल प्रिया.कुत्ता मेरी घुड़सवारी करने लगा, लगाम समझ कर मेरे बाल पकड़ लिए.

चोदते-चोदते उसने दबाकर मुझे पीछे से गद्दे पर चिपका प्रिया.पेट के नीचे तकिया लगाया और एक ही बार में लंड गांड में ठोक प्रिया.

वह मुँह के बल मेरी पीठ पर पूरा लद गया, मेरी गांड पर कूद रहा था.कमीने को ऐसा लग रहा था कि मेरी गांड ओखली है, मूसल सा लंड उसमें मसाला कूट रहा था.

गांड चुदाई के बीच में उसकी बीवी का फोन आ गया.वह उससे बात करते-करते मुझे चोदता रहा.‘आ जा ना … तड़प रहा हूँ जान …’कमीना फोन पर झूठ बोल रहा था.

अंततः ढाई घंटे चूत-गांड का पूरा किवाड़ खोलने के बाद, उसने सारा माल मेरे पेट और चूचियों पर निकाल प्रिया और लेट गया.

बाप ने पूरी चुदाई देखी, फिर निकाली दारू की बोतल और तीन पैग बनाए.उसने बीड़ी जलाई और बोला- मैडम, आज हमारे साथ दारू का मजा ले लो.

उसके बाद हम दोनों बाप बेटे एक साथ आगे पीछे से चोदेंगे, फिर आपको घर छोड़ देंगे.

लौंडे ने कविता पाठ करना शुरू कर प्रिया.‘लौटकर जरूर आती है जिसको मिलता है हमारा साथ … चोद लेने दो, हम ही राँझे हैं!’

मेरे चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई.मन में सैंडविच चुदाई की कामना जाग गई.

हम दोनों ने तीन तीन देसी दारू के पैग लगाए और दो दो बीड़ी पीने के बाद हम तीनों न/शे में झूल रहे थे और बेकाबू हो गए थे.

बाप उठ कर नंगा हो गया और सामने से आकर मेरे हाथ में अपना लंड थमा प्रिया.

वह बोला- चूस अमीरन … अमीरों ने गरीबों का खून ही चूसा है! तू मेरा लंड चूस कर हिसाब बराबर कर ले.उसने बीस मिनट तक लंड चुसवाया.उसके मुरझाए लंड को मैंने चूस चूस कर पूरा खड़ा कर प्रिया.

मुझे लिटाकर उस बुड्ढे ने टांगें कंधे पर रखीं और अपने होंठ मेरे होंठों पर जमा दिए.मेरी चूत में लंड डाला और हल्के-हल्के, मद्धम-मद्धम कमर हिलाने लगा.

बेटा अभी भी दारू पीते हुए अपने बाप को एक जवान लड़की की चूत चोदते देख रहा था.बाप चोदने में व्यस्त था, बेटा मुझे दारू पिलाने लगा.

कुछ देर बाद बुड्ढा थककर लेट गया और बोला- चल जान, आ लंड पर बैठ जा!बेटे ने मुझे उठाया और प्यार से बाप के लंड पर बिठा प्रिया.

फिर वह अपना लंड मेरे होंठों पर रगड़ने लगा.बाप-बेटे के अंदाज से लग रहे थे कि वे पूर्वी उत्तर प्रदेश या बिहार के थे.

मैंने अपनी कला दिखाई और जल्दबाजी में बुड्ढे को झाड़ प्रिया.भूल गई थी बात … इसी गलती पर बेटे ने बीवी की चूत फाड़ दी थी.

उसने मुझे उठाया और एक कपड़ा देकर बोला- चूत साफ कर और बाहर आ!वह किचन के स्लैब पर बैठा था, मैं गई और सीधे उसका लंड चूसने लगी.मैं साथ ही उसके टट्टे भी चाट रही थी. जीभ से लंड को मजा दे रही थी और टोपा मुँह में लेकर चूसने लगी थी.वह मस्ती में हाथ बालों पर फिराने लगा, मैं मंद-मंद टोपा चूसने लगी.

वह बोला- साली, तूने आज चूसकर बताया कि लंड चुसाना क्या होता है. लग रहा है अभी झड़ जाऊंगा … ये तो तू चूसकर बता रही है. बता अब आग बुझवाना है क्या!

मैं दोनों हाथों से लंड पकड़कर हिलाने लगी और बेतहाशा उसका टोपा चाटने लगी.वह झड़कर हांफने लगा.

मैं लंड से मुँह हटाती हुई बोली- तेरे जैसे रोज झाड़ती हूँ, तू किस खेत की मूली है बे … तुझसे क्या छुपाना. मैं तो सोच रही थी कि आगे पीछे एक साथ दो लंड का मजा मिलेगा … पर तुम दोनों ही फुस्स फटाखे निकले.

मेरी बातें सुनकर वह शर्मा गया और बोला- चलो, मैं आपको घर छोड़ देता हूँ!तब मैं बोली- चल, तेल गर्म कर … थक गई हूँ, पहले मेरी मालिश कर! साले मुझे चोदेंगे, चोदना आता नहीं, बस औरत को झुकाना आता है. चूसने-चाटने-चूमने की तमीज नहीं, छेद देखकर बस घुसाना आता है. चूचियों को साले भैंस की समझते हैं, बस मुँह लगाया और चूसने लगे. लड़की झड़े या न झड़े, बस सालों को किसी तरह झड़ जाना आता है!

यह सब सुनकर वह काफी लज्जित हो गया था.बिना कुछ कहे उसने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी मालिश शुरू की.मेरी नंगी कमर पर गुनगुना तेल गिराया और पीठ पर फैलाने लगा.

उसका हाथ मेरी पूरी पीठ पर घूम रहा था, मेरी थकान मिटा रहा था.तभी उसका बाप आ गया और सामने बैठकर फिर से लंड हिलाने लगा.

मैंने पास रखी दारू की बोतल में मुँह लगा प्रिया और एक सिगरेट सुलगा कर मालिश के साथ साथ बूढ़े बाबा का लंड देखने लगी.मेरी चुत में जल्द ही खुजली होने लगी और दारू की मस्ती में मैं फिर से गालियां देने लगी- मादरचोद तुम दोनों झांटू किस्म के लौड़े हो … एक अकेली लड़की नहीं सम्हाली जाती तुम दोनों से!

यह सुनकर उन दोनों की झांटें तो पक्का सुलगने लगी होंगी और उनकी सुलगन किस तरह से मुझे मसलेगी, यह मुझे भी अंदाजा नहीं हुआ था.

अब वह तीस साल कर मर्द मेरी कमर से नीचे आ गया था और उधर उसने मालिश शुरू कर दी थी.

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और वो चली गई- भाग 3

वह मेरी गांड के दोनों उभारों को तेल से नहला रहा था.मेरे चिकने चूतड़ों पर हाथ घुमा रहा था और जोर-जोर से दबा रहा था.

फिर उसने मेरी गांड में तेल भर प्रिया और उंगली से मेरी गांड की दरार सहलाने लगा.इससे मेरी गांड की खुजली भी बढ़ने लगी थी.

मालिश करने के बाद उसने मुझे सीधा लिटाया, अपने दोनों हाथों में तेल लेकर मेरी चूचियों, नाभि और चूत पर गिराने लगा.उसने तेल को अच्छे से मेरे बदन पर मला और चूची व चूत को मस्ती से मसला.

मालिश खत्म करने के बाद लड़का बोला- हो गया मैम!बाप चिल्लाया- मादरचोद, गांड मार इसकी नर्म न पड़ भोसड़ी के … फिर नहीं मिलेगी ऐसी चूत. शर्म छोड़ और मिल कर चोदते हैं इस कुतिया को … आ जा, बना देते हैं चटनी इसकी चूत की … बेटे नर्म न पड़!

मैंने उकसाते हुए कहा- तुमने बोला था कि बस एक बार चोदोगे, अपनी बात से न पलटो बाबा … जो साला अपनी बात का नहीं, वह बहनचोद अपने बाप का भी नहीं … समझे?

इतना बोलते ही बाप ने मुझे खड़ा किया और बिजली की फुर्ती से अपना खड़ा लंड मेरी गांड में घुसा प्रिया.मैं कराही मगर लंड खा गई.

उस न/शेड़ी ने खड़े-खड़े ही जोर-जोर से मेरी गांड मारनी शुरू कर दी.

तभी बेटे ने मुझे गोदी में उठाया और आगे से मेरी चूत में लंड पेल प्रिया.उसने मेरा दूसरा छेद भी लौड़े से भर प्रिया.

मुझे तृप्ति मिलने लगी मगर मैं दिखावे के लिए चिल्लाने लगी.बाप के साथ हरामी बेटा मिल कर मेरी चूत फाड़ने लगा.

चुदाई का दौर बरामदे से किचन में आ गया था.किचन की साफ स्लैब पर मुझे दोनों सहारा देकर रौंद रहे थे.

वे दोनों छेद की अदला-बदली कर रहे थे, गांड-चूत की बारी-बारी से अलग अलग लौड़े से चुदाई कर रहे थे.

थक ही नहीं रहे थे साले … बिना रुके काफी देर तक रौंदते रहे.

कमीने दोनों इतनी जोर से चोद रहे थे कि मैं मस्त होकर चिल्लाने लगी थी.मेरी गांड-चूत दोनों के लंड लेकर बिलबिला रही थी.

ना जाने कब झड़ेंगे साले … मैं चुदती हुई बस यही सब सोच रही थी.फिर भी मैंने हार नहीं मानी, मैं उस वक्त भी चूत को लौड़े के साथ-साथ हिला रही थी.

तभी गेट पर एक पहलवान आ गया. वह इनका हरामी दोस्त था.वह बाहर से आवाज देकर बोला- खोल, मैं आया हूँ … अन्दर कौन सी लौंडिया चिल्ला रही है?

बेटे ने चुत से लंड निकाला और गेट खोल प्रिया.वह मुस्टंडा अन्दर आ गया.

उसे देखकर मैं सहम गई.तभी वह सीन देख कर बिना बोले नंगा हो गया और मेरे सामने एक और अनजान लंड हिलने लगा था.

बूढ़ा बाप मुझे चोद रहा था, पहलवान मेरे सामने लंड हिला रहा था और बेटा दारू के घूंट लगा रहा था.कसम से इन दोनों से भी मोटा-लम्बा था पहलवान का लंड.

वह लंड हिलाते हुए मेरे बदन को मसल कर जांच-परख करने लगा.साला दैत्य ये तो मेरी चाल बिगाड़ देगा … क्योंकि वह इंसान का लंड नहीं दिख रहा था साला किसी घोड़े के लौड़े को लगवा कर पैदा हुआ था.

वह बोला- बस कर, अब मेरी बारी है.वह मुझे स्लैब से उठाकर गद्दे पर ले आया.उस पहलवान ने मुझे बिना रुके दो घंटे तक तोड़कर बजाया.

मैं उसकी चुदाई से तीन बार झड़ गई मगर हार मैंने भी नहीं मानी.वह झड़ा नहीं लेकिन थककर बोला- शाबाश मस्त रांड है तू!यह कह कर उसने मुझे गले से लगा लिया.

मुझे भी चुत में गहरी खाई सी महसूस होने लगी थी.पहली बार ऐसा लंड चुत में गया था.

वह मुझे चूमते हुए बोला- पहलवान का जो झेल ले, वह साली किसी का भी झेल लेगी. मैंने इसकी बीवी और बहू को जब चोदा था, तब दोनों तीन-तीन दिन बेड पर नंगी पड़ी रही थीं.मैं लस्त पड़ी थी.

मैंने लौंडे को इशारा किया तो वह दारू की बोतल लेकर आया और मेरे मुँह से लगा दी.मैंने दो बड़े बड़े घूंट लिए और एक सिगरेट पीने लगी.

कुछ देर बाद तीन मोटे-मूसल धाकड़ लंड मिलकर मुझे चोदने लगे.बारी-बारी से तीनों अपनी कुदाल से चूत जोतने लगे.

लेबर क्लास सेक्स में चार घंटे तक तीनों ने मेरे हर छेद को छेद प्रिया था.लथपथ पसीने में तीनों मेरा व अपना पसीना पौंछने लगे.

तीन लंड लगातार चार घंटे तक मेरी चूत गांड की बोरिंग करते रहे.ना जाने कितनी बार चूत ने पानी छोड़ा … कोई अंदाजा ही नहीं है मुझे.

आखिरकार घंटों की चुदाई के बाद तीनों लंड ने जाकर सांस ली.थककर बगल में तीनों हरामी मेरे साथ निढाल पड़े थे.

बस ताक रहे थे, नजरों से मुझे शाबाशी दे रहे थे.मेरी चिकनी चूत पर सालों के लौड़ों के बाल चिपके पड़े थे.

मैं लड़खड़ाती हुई बाथरूम में गई और नहाने लगी.पूरे बदन पर इन हरामियों का वीर्य लगा था, उसे अच्छे से नहा कर छुड़ाया.

फिर तैयार हुई और सोचा कि यदि इधर रुकी तो पूरा मोहल्ला चोदने आ जाएगा.कमरे में आई, बेटे को हिलाकर चलने को उठाया.

मैं उससे बोली- चल, घर छोड़ दे … अब एक बज गया है. आज तेरी इज्जत बच गई, अब जल्दी से छोड़ आ मुझे!

वह उठा, तैयार हुआ और अब हम दोनों कैब में थे.सन्नाटा था, मैं बिल्कुल ठंडी हो गई थी.

सोसायटी पहुंची तो मैंने उससे कहा- गाड़ी अन्दर ले आ!मुझे अपने घर में चुदना था उससे … मैं बिल्कुल रंडी हो गई थी.

वह अन्दर आया, पीछे-पीछे मेरे साथ बालकनी में.

मैं मस्त ब्रांड की दारू गले के नीचे उतारती हुई बोली- अब चोद साले … 34 मंजिल से चुदते हुए मुझे शहर देखना है! अगले तीन दिन यानि संडे तक तू मेरा गुलाम है, सिर्फ तू मुझे चोदेगा. मुझे तेरे लौड़े से चुदना है और इतना ज्यादा चुदना कि चुदते-चुदते रात से दोपहर देखना है.

बस वह खुश हो गया. उसने तीन दिन में मुझे घर के हर कोने में बिछाकर चोदा.कोई ऐसी पोजीशन नहीं बची, जिसमें उसने मुझे न ठोका हो.

हर वक्त उसका लंड मेरी चूत को फाड़ता ही रहा था.मैंने भी उसे बार बार गोली खिलाई और खुद भी खाई.

मुझे याद ही नहीं कि किसी वक्त उसने थककर अपना लंड चुदाई से रोका हो.

तीन दिन की चुदाई के बाद मेरी आत्मा तृप्त हो गई थी.कई महीनों तक मैंने बिना हलचल शांत जीवन बिताया.

अगली कहानी में आगे बताऊंगी कि ऊबर वाले ने मुझे और कैसे कैसे चोदा.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी लेबर क्लास सेक्स कहानी … प्लीज मेल करके जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

ऊबर कैब के ड्राइवर से चुदवाकर गैंग-बैंग करवाया

कुल भाग: 2
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Hello dosto, yaar kaise ho sab log? Lagta hai ye series aap sab ko bahut pasand aane lagi hai. Mujhe kuch logon ke mail bhi aaye the.

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

सचिन पांचाल

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

राहुल श्रीवास्तव

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

नवीन आर्य

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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