होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 22 मिनट पढ़ा गया: 812 बार

अनजान लड़की से ट्रेन में दोस्ती और चुदाई-1

आर्यन rocko

27 Jul 2021 को प्रकाशित

अनजान लड़की से ट्रेन में दोस्ती और चुदाई-1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, मेरा नाम आर्यन है. और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी हाइट 5 फुट 5 इंच है और रंग सांवला है. मेरा लंड 6 इंच का है.आप में से अभी तक मेरी कहानी के 2 भागदिल्ली की अनजान लड़की से ट्रेन में मुलाकात और दोस्तीजिसने भी पढ़े … उनके मेल भी आए और काफी लोगों ने कहानी को आगे लिखने को भी बोला.

पहले तो मैं माफी चाहूंगा क्योंकि मैं अपने दोस्तों और सेक्सी गर्ल्स के लिए इतने दिन में कोई कहानी नहीं ला पाया. ये सिर्फ कहानी नहीं है, ये मेरे साथ हुआ है, वही मैं आप लोगों से शेयर कर रहा हूँ.

तो दोस्तो, जैसा कि मेरी सेक्स स्टोरी में अपने पढ़ा कि मैं गाँव अपने भाई की शादी में जाता हूँ और शादी होने के बाद दिल्ली की वापसी में मेरी मुलाकात दिया से होती है. दिल्ली पहुंचने से पहले ही मुझे दिया का मोबाइल नम्बर मिल जाता है. फिर हम दोनों काफी दिन ऐसे ही बात करते रहे. तभी एक दिन दिया मुझे अपने घर बुलाती है और मैं दिया के घर जा कर उसकी शाम तक 5 बार उसकी चुदाई करता हूँ.

दिया का फिगर 30-28-32 का था. बाकी ये आगे की कहानी है, इसमें दिया की चूत से लेकर उसकी गांड की चुदाई तक सब होगा.

जब मैं दिया की चूत की चुदाई कर रहा था तो मन किया कि उसकी गांड की चुदाई करूँ, पर मैंने सोच लिया था कि सब कुछ कर लूंगा तो नेक्स्ट मीटिंग में भी तो कुछ होना चाहिए, इसलिए मैंने उस दिन दिया की गांड नहीं मारी.

दिया की चुदाई करने के बाद मैं जैसे तैसे करके अपने घर पहुंचा. क्योंकि 5 बार चुदाई करने के बाद तो थक ही जाऊंगा ना.

मैंने घर जाते ही थोड़ा खाना खाया और सो गया. रात में 2 बजे दिया की कॉल आई. मैंने जल्दी से कॉल उठा लिया कि किसी को आवाज ना सुनाई दे जाए.

आप को बता दूँ कि दिया अपने भाई के साथ किराये पर रहती थी. उसके घर में 2 रूम थे, जिसमें से एक तो उसके भाई का रूम था और दूसरा उसका.

दिया फोन पर बोली- हैलो!मैं बोला- हां बोलो!दिया बोली- आई मिस यू बेबी.मैं बोला- किसे मिस कर रही हो और क्या मिस कर रही हो?दिया बोली- आपको मिस कर रही हूँ और जो आप करके गए हो … उसे भी.मैं बोला- मैंने क्या किया जी?दिया बोली- सब कुछ तो लेकर चले गए और अब यहां मैं अकेले में तड़प रही हूँ.फिर कुछ देर बात करके दिया बोली- अच्छा अब आप सो जाओ, कल बात करूँगी.

अब तो जब भी दिया की कॉल आती, तो हम दोनों ऐसे ही सेक्सी बात करते.

फिर कुछ दिन हुए ही थे कि मुझे एक मौका मिला, उसमें रिस्क था, पर कहते हैं ना जब चुदाई करने का बहुत सर चढ़ जाता है, तो बस उसको चुदाई करने के सिवा और कुछ नहीं दिखता. रोज की तरह दिया का कॉल आया और आग आज दोनों ही तरफ लगी हुई थी. तो ये तो आग हम दोनों ने आपने आप फ़ोन सेक्स करके मिटाई.

फिर मैं बोला- जान, ये मेरा लंड ऐसे नहीं मान रहा … इसे तो आपकी चूत चाहिए.तो दिया बोली- पता नहीं एक ही दिन में क्या जादू करके गए हो आप … बस अब तो मेरी चूत को आपके लंड का ही इंतजार है.मैं उसकी बातों में मस्त हुए जा रहा था.

फिर आगे बोलते हुए दिया कहने लगी- एक अच्छी खबर है.मैंने बोला- क्या है वो अच्छी खबर?दिया बोली- भाई के किसी फ्रेंड की शादी है और उसी दिन हमारे गली में भी शादी है.तो मैं बोला- तो इसमें क्या अच्छी बात है?दिया बोली- पहले पूरी बात तो सुनो.मैं बोला- बोलो जी.

दिया बोली- भाई ने बताया है कि वह जिस दिन अपने दोस्त के घर जाएंगे, तो वहां से फिर सुबह ही वापस आ पाएंगे. मतलब मैं उस रात घर में अकेली रहूंगी.मैंने कहा- यार, फिर तो बहुत अच्छी बात है.मैंने मौके का फायदा उठाने की पूछा, तो उसने बताया तो शादी एक हफ्ते बाद है.मैंने कहा कि अब तो सुहागरात मनाऊंगा जी … सुहागदिन तो मना लिया.

फिर हमने कुछ देर बात की और मुठ मार कर मोबाइल रख प्रिया. मैं सोचने लगा कि इस बार तो मौका भी मस्त है और टाइम भी पूरा है.

जिस दिन शादी थी, उस दिन सुबह 6 बजे ही मैसेज आया कि आपको घर पर 12 बजे ही पहुँच जाना है.मैंने कहा- ओके.

अब मैंने कैमिस्ट की दुकान से एक गोली भी ले ली. मैं नहीं चाहता कि जब मौका मिला है तो उसको अच्छे से इस्तेमाल न करूँ … और हां मैं दिया के लिए लाल रंग की ब्रा और पैंटी भी खरीद लाया था.

मैं टाइम से उसके घर गया और बिना बताए दरवाजे की घंटी बजाई. इतने में दिया ने गेट खोला. उस टाइम दिया ने लोअर और टीशर्ट पहनी हुई थी. दिया दरवाजा बंद करने के लिए मुड़ी, मैं उसके पीछे से ही चिपक गया और अब मेरा लंड उसकी चूतड़ से रगड़ रहा था. मैंने उसकी गर्दन को कान को चूमना शुरू कर प्रिया और उसके दोनों चूचों को हाथ में लेकर दबा दबाने लगा.

लड़की हो या भाभी … उसको पीछे से पकड़ना बहुत अच्छा लगता है मुझे!दिया बोली- थोड़ा आराम तो कर लो, आज तो पूरा दिन पूरी रात के लिए आपकी हूँ.मैंने कहा- बाद का बाद में देखूंगा, पर मुझे अपना काम करने दो.

अब मैंने उसकी टी-शर्ट को हल्के हल्के ऊपर किया और उसकी पीठ को चूमने लगा. मैं एक हाथ से उसकी पीठ को सहला भी रहा था. कुछ ही पलों बाद मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार प्रिया. अन्दर उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी. मैं अभी भी उसके लोअर के ऊपर से ही अपने लंड से उसकी गांड पर रगड़ रहा था जो उसको अच्छा लग रहा था.

ये सब करते हुए अब दिया गर्म होने लगी थी. मैंने दिया को सीधा किया और उसको गुलाबी कोमल रसीले होंठों को चूमने और चूसने लगा. दिया भी इसका पूरा मजा ले रही थी. साथ ही साथ अब मेरा हाथ अब उसके चूचों से होता हुआ उसके पेट को सहला रहा था और एक हाथ से उसके गोल गोल गोरे और नरम नरम चूचों को सहलाते हुए दबा रहा था.

अब दिया ने भी मेरी शर्ट को उतार प्रिया और साथ ही मैंने अपने हाथों से उसका लोवर उतार प्रिया. मैंने देखा, उसने काले रंग की ही पैंटी पहनी हुई थी. दिया भी गर्म हो रही थी उसके अन्दर अब सेक्स की भूख जाग रही थी. इसलिए उसने जल्दी ही मेरी जीन्स को भी उतार प्रिया.

मैंने दिया से पूछा- स्टार्ट कहां से करें … बेड से … या बाथरूम से?तो दिया बोली- बाथरूम से.

उसके इतना बोलते ही मैंने दिया को गोद में उठा लिया और उसे बाथरूम में ले गया. वैसे ही वो इस वक्त काले रंग की ब्रा पैंटी में एक मस्त सेक्सी लग रही थी, मुझसे रहा नहीं जा रहा था. बाथरूम में लाकर मैंने उसको नीचे उतार प्रिया और अपनी अंडरवियर और बनियान निकाल के साइड में टांग दी.इस पर दिया भी अपनी ब्रा उतारने जा रही थी तो मैंने कहा- इसे तो मैं ही उतारूंगा, पर अभी नहीं … गीले होने के बाद.तो दिया बोली- आज इरादा कुछ ठीक नहीं लग रहा है आपका.मैंने कहा- आपको ऐसी सेक्सी हालत में देखने के बाद इरादा तो ठीक कहां से रहेगा.

अब मैंने फव्वारा चालू किया और दिया को खींच के फव्वारे के नीचे ले आया. उसे कसके अपनी बांहों में कसके जकड़ लिया. उसके होंठ पर पानी गिरने से उसके होंठ गीले हो गए थे, तो जैसे ही मैंने उसके होंठों पर अपने होंठों को दबाया, मुझे इतना मुलायम लगा कि मैंने उसके होंठों को भर लिया और चूसने लगा. मेरा साथ देते हुए वो भी ऐसा ही कर रही थी.

ये सब करते हुए मेरा लंड खड़ा हो चुका था और दिया की पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर रगड़ मार रहा था. मैं उसकी गांड को दोनों हाथों से कस के जैसे दबा कर ऊपर की ओर खींचता, तो दिया हल्का सा ऊपर की ओर उछल कर सिसकारियां निकाल देती ‘आआआ आह … आओह … ओह … ओह …’इसी के साथ ही उसके होंठों को लगातार जोर जोर से चूसा जा रहा था, जिससे आवाजें आ रही थीं ‘उम्म … ऊहह … हम्मम …’

अब मैं उसकी गर्दन को अपने हाथों से सहलाते हुए नीचे उसके चूचों को ब्रा के ऊपर से ही सहलाने लगा और उसके एक चुचे को ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा. दिया भी गर्म हो रही थी और उसका हाथ मेरे बालों को सहला रहा था. उसका पूरा बदन गीला हो कर चमक रहा था.क्या बताऊं यारो … वो इतनी प्यारी लग रही थी कि मन मचल रहा था कि बिना इन्तजार किये बस अभी ही लंड डाल दूँ इसकी चूत में … लेकिन मैंने अपने पर काबू किया.

अब मैंने दोनों हाथों को उसके पीछे ले जाते हुए दिया की ब्रा को निकाल प्रिया. दिया की ब्रा निकलते ही उसके चुचे ब्रा की कैद से आज़ाद हो गए और हवा में फुदकने लगे. उसके गोल गोल चुचे इतने मस्त थे कि मैंने देर न करते हुए उसके एक चुचे को पकड़ कर चूसने लगा. मेरी इस इस हरकत से वो एकदम से सिहर गई और उसके मुँह से आह … निकल गई.

मैं दूसरे हाथ से उसके दूसरे चुचे को दबाने लगा और एक हाथ उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा. इससे दिया और भी मस्त होने लगी. मेरा लंड इतना टाइट हो गया था कि मानो बस दिया की चूत में जाने के लिए बेताब हो रहा था. फिर मैंने दिया की पैंटी को भी उतार प्रिया और मैं नीचे बैठ गया. अब दिया की एक टांग को अपने हाथ से पकड़ कर ऊपर किया, जिससे दिया की चूत साफ दिखने लगी थी.

मैंने दिया के चूत के दाने पर जैसे ही जीभ से चाटा, तो दिया की मीठी सी सिसकारी निकल गई- आआआह …बस चूत चुसाई और चटाई का खेल शुरू हो गया था. मैं उसकी चूत को कभी चाटता तो कभी उसके चूत के दाने को अपने होंठों से दबा देता, जिससे दिया की सिसकारी और भी तेज हो जाती और वो जोर जोर से सांसें लेने लगती.

अब मैंने दिया की चूत में एक उंगली डाली तो दिया ‘ओह्ह … आह आआ आआह …’ करने लगी. दिया अब इतनी गर्म हो गई थी कि उसकी सारी बॉडी गर्म हो रही थी और उसकी चूत गीली हो गई थी. मैंने जैसे ही दिया की चूत में दो उंगलियां डालीं, तो अभी दोनों उंगलियां आधी ही अन्दर गई होगीं कि दिया सिसकारने लगी- ओह … दर्द हो रहा है.

मैंने महसूस किया कि दिया की चूत फिर से टाइट हो गई है.मैंने धीरे धीरे करते हुए अपनी दो उंगली उसकी चूत में अन्दर पेल दीं और अन्दर बाहर करने लगा.दिया- आआह ओह … ऐसे ही करते रहो और जोर से …मैंने और जोर से उसकी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी. बस 2 से 3 मिनट में ही वह बड़बड़ाने लगी- उहह … अमम्म … आआह ओह्ह …उसने ये सब करते हुए मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत में जोर से दबा लिया.

थोड़ी देर बाद मैं खड़ा हुआ और दिया को नीचे घुटने के बल बैठा प्रिया. वो समझ गई कि उसकी बारी आ गई है. वो मेरा लंड पकड़ कर आगे पीछे करने लगी और थोड़ी देर बाद उसने जैसे ही अपने मुँह में मेरा लंड लेकर चूसना चालू किया … मेरे मुँह से एक लम्बी ‘ऊओह …’ निकल गई. मैं मजे से लंड चुसाई का मजा लेने लगा.

उसके लंड चूसने से ‘गच … गच …’ की आवाजें आ रही थीं. वो कभी मेरे लंड के सुपारे को अपनी जीभ से चटाती और उसके कोमल होंठों से जब मेरे लंड को चूसती, तो मैं तो स्वर्ग की सैर कर रहा था. कुछ मिनट बाद ही मैंने उसके सर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और जोर जोर से उसके मुँह की चुदाई करने लगा. उसके लंड चुसाई करने से अब मुझसे भी ज्यादा देर ना रुका गया और अपना लंड बाहर निकाल के उसके चूचों पर सारा माल निकाल प्रिया.

फिर हम दोनों साथ में नहाये और नहाते ही हम दोनों फिर से गर्म हो गए. वो इसलिए क्योंकि नहाते टाइम कभी वो मेरे लंड को पकड़ के सहलाती, तो कभी उसको मुँह में लेकर चूसने लगती और मैं भी उसके शरीर के हर हिस्से को चूमता चूसता और उसकी चूत को सहलाता.

फिर मैं उसको नंगा ही अपनी गोद में उठा कर कमरे में बेड पर ले गया और उसको लेटा प्रिया. अब मैं दिया की जांघ की सहलाते हुए ऊपर आ रहा था और मेरा हाथों का इतना प्यारा स्पर्श पाकर दिया को भी मजा आ रहा था. मैंने उसकी चूत को हल्का सा सहला प्रिया. फिर मैं दिया के ऊपर चढ़ गया और दिया के एक चुचे को दबाते हुए दूसरे को मुँह में लेकर चूस रहा था.दिया की मदमस्त आवाज मेरे कान में गूँज रही थी- आआह … ऊऊऊह … ओह्ह्ह … उम्म … ऐसे ही चूसो आह … मजा आ रहा है.कुछ पल बाद मैंने उसकी नाभि पर किस किया तोर वो मस्ती से आवाज निकालने लगी थी.

ये सब करते हुए भी मेरा लंड बहुत टाइट हो गया था. अब मैं उसकी दोनों टांगों के बीच में आ गया. मैं दिया की चूत पर अपनी जीभ को लगा कर उसके दाने को जीभ से चाटने लगा. दिया को ये बहुत अच्छा लगा और वो अपनी गांड को हिलाते हुए बोल रही थी- आह … ऐसे ही और जोर जोर से चाटो … हां हां ऊऊह … ओह्ह …

दिया अब पूरी तरह से चुदने को तैयार हो चुकी थी. उसकी चूत अब बहुत गीली हो गई थी. इधर मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था … क्योंकि मेरा लंड भी बहुत गर्म हो गया था. मैं उठा और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा तो दिया को बहुत मजा आ रहा था.

कुछ देर तक मैंने दिया की चूत और अपना लंड को रगड़ा. फिर दिया खुद बोली- अब डाल भी दो ना … कितना तड़पाते हो.मैंने दिया की चूत पर अपना लंड रख कर एक जोर से झटका मारा. दिया जोर से चीख पड़ी- आआहह … मर गई …दिया की चूत में मेरा आधा लंड चला गया था. मुझे लगा कि इतना होने पर लंड आसानी से अन्दर तक चला जाएगा, पर उसकी चूत अभी भी टाइट थी. कुछ देर रुक कर मैंने दिया को चूमना शुरू किया और साथ ही उसके चुचे भी दबा रहा था. दिया अब धीरे धीरे अपनी गांड को हिलाने लगी.

फिर जब मुझे लगा कि दिया अब ठीक हो गई है, तो वैसे ही मैंने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाल कर एक और जोर से धक्का दे प्रिया. इस बार पूरा लंड दिया की चूत में चला गया और उसकी चीख निकल गई ‘उह्ह … उह्ह …’दिया को दर्द हो रहा था, पर उसने मुझसे छूटने की कोशिश नहीं की … क्योंकि उसे भी पता था कि ज्यादा दिन बाद सेक्स हो रहा है, तो उसकी चूत भी टाइट हो गई है. ये तो बस थोड़ी देर का दर्द है.

अब दिया कुछ देर ऐसे ही लेटी रही, पर मैं नहीं रुका. मेरा हाथ लगातार उसके चुचे गर्दन और उसके पेट को सहला रहा था. साथ ही मैं अपने लंड को हल्के हल्के अन्दर बाहर कर रहा था.कुछ पल बाद दिया का दर्द कुछ कम हुआ और वो अपनी गांड को हिलाकर मेरा लंड अपनी चूत में लेने लगी और उसकी मादक सिसकारियां निकलने लगीं ‘ओह्ह हह … आहह … उहह हहहह …’

कुछ ही देर में अब दिया अपनी गांड को जोर जोर से हिलाना शुरू कर प्रिया और मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड ओर तेज कर दी. फच … फच … करते हुए उसकी चूत से मेरा लंड टकराता, तो ऐसे ही मीनूर आवाज पलट कर आती.

कुछ देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद अब मैंने दिया की दोनों टांगों को अपने कंधे पर रख लिया. दिया ये सब लेटे लेटे देख रही थी और मस्त चुदाई को लेकर अपनी आँखों में वासना की खुमारी दर्शा रही थी.

मैंने फिर से दिया की चूत की चुदाई करना शुरू कर प्रिया. इस पोज़ में काफी अच्छा लगा और अब जोर जोर से दिया की चुदाई हो रही थी. दिया के कंठ से मस्ती में उसकी बस मीठी आवाजें निकल रही थीं- ओह्ह … आहह … ओह्ह चोदो … ओर जोर से चोदो … बहुत दिन से इन्तजार कर रही थी … तुम्हारी इस चुदाई का … आह … चोदो मेरी जान … और जोर से पेलो … आआह … ओह्ह!

दिया की ये मस्ती भरी बात सुनकर मैंने लंड को बाहर निकाला और उसके ऊपर आ गया. अपने खड़े लंड को चूत पर लगा कर एक झटका फिर से दे मारा मेरा और आधे से ज्यादा लंड दिया की चूत में घुसता चला गया. दिया ‘आआआह …’ कर बैठी.

मैंने जल्दी से दूसरा झटका मार प्रिया. इस बार मेरा लंड उसकी बच्चेदानी से टकरा गया, जिससे दिया को थोड़ा दर्द हुआ. चुदाई के साथ ही मैं दिया के होंठों का रस चूस रहा था … जिससे उसकी आवाज नहीं निकल सकी.

मैंने दिया की और जोर जोर से चुदाई करना चालू कर प्रिया. तो फिर से दिया की मदमस्त आवाजें निकलने लगीं- आआआह ओह आआह … और जोर जोर से चोदो.दिया संग इतनी जोर जोर की चुदाई से चल रही थी कि हम दोनों ही पसीने से पूरे नहा लिए थे.

कुछ देर बाद मैंने दिया को डॉगी स्टाइल में आने को बोला और मैं उसके पीछे घुटनों के बल खड़ा हो गया. वो कुतिया बन गई और मैंने उसकी कमर को पकड़ कर अपने पास खींच कर अपने लंड पर थूक लगा लिया. उसकी चूत तो पहले से ही पूरी पानी पानी हुई पड़ी थी. मैंने फिर से अपना लंड दिया की चूत पर रखा और एक जोरदार झटके के साथ प्रहार कर प्रिया. मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया. चुदाई होने लगी. इसी के साथ दिया की मादक सिसकारियां और उसकी चुदाई करते टाइम जो भी आवाज आतीं, उससे मेरा मन और भी जोशीला हो जाता था.

एक तो दिया की इतनी मस्त कमर और ऊपर से उसकी गोरी गांड देख कर मन कर रहा था कि बस उसकी चुदाई करता रहूँ. मैं दिया की कमर को दोनों हाथों से पकड़ कर अपने लंड को जोर जोर से दिया की चूत की चुदाई करने में लगाया हुआ था. उधर दिया मस्ती में बोलती- और चोदो और जोर से चोदो … आआह!इधर मेरी स्पीड बढ़ जाती.

चुदाई के साथ ही अब मैं उसकी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था, जिससे दिया की चुदाई के साथ उसको दर्द भी हो रहा था, इस दर्द के साथ उसकी ‘आह हम्म अअअअ …’ निकल जाती. इस पोज़ में हम दोनों को ही मजा आ रहा था और अब दिया की ताबड़तोड़ चुदाई से पूरे रूम में आवाजें गूंज रही थीं.

ऐसे कुछ देर दिया की चुदाई करने पर वो अब बोलने लगी- बेबी, मेरा होने वाला है.इतना सुनते ही मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड को ओर तेज कर प्रिया. इतने में दिया ‘ओह … आह … मर गई … मैं गई …’ करते हुए झड़ गई और वहीं 20 से 25 झटके मारते हुए मुझे भी लगा कि अब मेरा निकलने वाला है. मैंने लंड को दिया की चूत से बाहर निकाला और सारा माल उसकी पीठ पर गिरा प्रिया.

कुछ देर बाद मैंने उसकी पीठ को साफ किया और उसके साथ लेट गया. थोड़ी देर आराम करने के बाद हम दोनों नहाये और ऐसे ही बिना कपड़े के पड़े रहे. फिर हम दोनों ने उठ कर कुछ खाना खाया और उसके बाद दोनों साथ में लेट कर बात कर रहे थे.

उसे पड़ोस की शादी में जाना था, उसके जाने से पहले मैंने एक बार उसकी फिर से चुदाई कर दी.

लेकिन जो अभी तो खेल बाकी था, वो था दिया की गांड मारना, अभी तो पूरी रात बाकी थी. आगे क्या हुआ … मैंने कैसे और कितनी देर तक उसको चोदा और पूरी रात कैसे उसकी चुदाई हुई. वो सब अगले भाग में लिखूंगा. दोस्तो अपने मेल जरूर भेजें और मुझे बताएं कि मेरी ये सेक्स कहानी कैसी लगीsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

अनजान लड़की से ट्रेन में दोस्ती और चुदाई

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

शाज़िया की चूत गर्म हो गई
जवान लड़की

शाज़िया की चूत गर्म हो गई

मैं दिल्ली का अरुण एक बार फिर से आप सभी के लौड़ों में जान डालने और लड़कियों की चूतों से पानी निकालने के लिए आप सभी के सामने अपनी एक और बिल्कुल नई कहानी लिखने जा रहा हूँ।

9 मिनट 511
चालू लड़की ने मुझे चूतिया बना कर चूत चुदवा ली-2
जवान लड़की

चालू लड़की ने मुझे चूतिया बना कर चूत चुदवा ली-2

अब तक आपने पढ़ा..मैंने विभा को पटा लिया था और उसकी सहेली के घर उसकी चुदाई की तैयारी हो गई थी।अब आगे..

9 मिनट 812
एक राजकुमारी की दूसरी बार चूत चुदाई की सेक्सी कहानी-2
जवान लड़की

एक राजकुमारी की दूसरी बार चूत चुदाई की सेक्सी कहानी-2

दोस्तो, मैं तनु चौधरी एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी को आगे ले जाने के लिए!मुझे आप लोगों के ढेर सारे ईमेल लगातार मिल रहे हैं, आप लोगों द्वारा मेरी कहानी को इतना पसंद किया जा रहा है कि मुझे विवश होकर अपनी कहानी को आगे बताने के लिए फिर से आना पड़...

19 मिनट 476

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

शरीफ़ कुरैशी

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

s

sword_sumit_soni

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।