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माँ की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 644 बार

माँ बेटी दोनों एक ही लंड से चुदीं-2

मोना डार्लिंग

13 Sep 2023 को प्रकाशित

माँ बेटी दोनों एक ही लंड से चुदीं-2
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अब तक आपने मेरी इस चुदाई की कहानी के पहले भागमाँ बेटी दोनों एक ही लंड से चुदीं-1में पढ़ा कि शान मुझे एक होटल में चोदने की कोशिश करने लगा था … जिस पर मैंने उससे होटल में चोदने से मना कर प्रिया था.

अब आगे:

मैंने शान के पैंट के ऊपर से ही लंड पर हाथ फेरा और उसे जोर से दबाते हुए कहा- चिंता न करो. मैंने सारा इंतजाम कर प्रिया है. हम दोनों मेरी एक सहेली के घर चलते हैं. उसके घर में अभी उसके अलावा कोई नहीं है.

शान ने कहा- अरे लेकिन वो तो है न!मैं- अरे तुम चिंता मत करो उसके होने से हमें कोई प्रॉब्लम नहीं होगी.शान- अरे लेकिन …

वो आगे कुछ कहे, उससे पहले मैंने फिर से उसके लंड को दबाया और कहा- क्यों चिंता कर रहे हो. अगर चाहो तो उसकी चूत भी दिलवा दूंगी. एक चूत पर दूसरी चूत मुफ्त.

उसने मेरी चूत पर हाथ फेरते हुए कहा- अरे नहीं जान … मेरे लिए तो तेरी यही काफी है.मैं- तो अब बिना वक़्त जाया किए जल्दी से चलो.

हम दोनों फिर से रेडी होकर होटल से बाहर निकले. हमने ऑटो लिया और सीधा अपनी सहेली घर जाने लगे. तभी मेरी फ़ोन की घंटी बजी. मैंने देखा तो माँ का फ़ोन था. मैंने शान को चुप रहने का इशारा किया और फ़ोन ले लिया.

मैं- हां माँ क्या बात है?माँ- बेटा तेरे पिताजी को बिज़नेस के सिलसिले में बाहर जाना पड़ा. वो अभी घर आए थे. उन्होंने खाना खाया और वो सामान लेकर निकल गए. अब तू भी रात को घर खाना खा कर ही आने वाली है, तो मैंने सोचा मैं भी अपने सहेलियों के साथ बाहर खाने का प्लान बना लेती हूँ.मैं- तो आप कितने बजे जा रही हो?माँ- मैं तो अभी निकल रही हूँ. मैंने ये पूछने के लिए फ़ोन किया कि क्या तेरे पास घर की चाबी है?

मैं सुनकर बहुत खुश हुई- हां माँ मेरे पास घर की एक्स्ट्रा चाबी है. तुम चिंता मत करो तुम आराम से जाओ.

बात पूरी होते ही मैंने फ़ोन रख प्रिया. मैंने ऑटो वाले भैया को अपने घर का पता बताया और घर की ओर चलने को कहा.

शान ने पूछा- क्या हुआ?

मैंने उसे इशारे से ही चुप रहने को कहा. फिर दस मिनट बाद हम घर पहुंचे. मैंने देखा तो घर बंद था. शान ने ऑटो वाले को पैसे दिए और वो मेरे पास आया.

वो कुछ कहने से पहले ही मैंने उससे कहा- यार माँ अभी अभी अपनी सहेली के घर गई हैं. वो अब रात को आराम से आएंगी. अब तो हमारे पास बहुत टाइम है.

मैंने घर का दरवाजा खोला और झट से शान को अन्दर खींच लिया. मैं तो पूरी तरह से पागल हो चुकी थी. अन्दर आते ही मैं उससे लिपट गई और उसे चूमने लगी. मैंने दरवाजा जोर से धकेल प्रिया. हम किस करते हुए सोफे तक आए. हम दोनों में बुरी तरह से वासना जगी हुई थी. मैं सोफे पर बैठी और शान की पैंट और अंडरवियर जल्दी से उतार दी.

आअअहह … जिस लंड को फोटो में देख इतने दिनों से मेरी चूत गीली हो रही थी, वो लंड आज मेरे सामने था. सच में उसका लंड काफी मोटा था. मैंने उसे अपने दोनों हाथों से पकड़ा. उसके टोपे पर जैसे ही मैंने अपनी जीभ फेरी, शान की मुँह से आह्ह की आवाज़ आयी. मैं धीरे धीरे लंड को पूरा मुँह में लेने लगी. मैं अब काफी मस्त हो चुकी थी. मैं लंड को बड़ी प्यार से चूसने लगी. लंड चूसते चूसते मैंने अपनी आंखें ऊपर की ओर शान की तरफ देखा, तो वो अपनी आंखें बंद करके लंड चुसाई का मजा ले रहा था.

मैं उसके लंड को और जोर जोर से चूसने लगी. साथ ही साथ मैं उसके अंडकोष के साथ खेलने लगी.

लगभग दस मिनट तक मैंने उसके लंड को बड़ी प्यार से चूसा. फिर उसने मुझे उठाया और और मेरी सलवार को जल्दी जल्दी से उतारने लगा. उसने मेरी पैंटी भी उतार दी और मुझे सोफे पर लिटा प्रिया.

वो मेरी सफाचट चूत की ओर देखते हुए कहने लगा- आह क्या मस्त चूत है यार तेरी. आज तो इसका बुरा हाल करूंगा.

इतना कहते ही वो मेरी चूत पर एकदम से टूट पड़ा. वो बड़ी प्यार से मेरी चूत को चाटने लगा. वो अपनी जीभ को मेरी चूत के अन्दर तक ले जाता और मुझे अन्दर आग सी लगने लगती.

मेरी चुत पहेली ही काफी गीली हो चुकी थी. मैंने उससे कहा- यार, मेरी चूत काफी गीली हो चुकी है. ये तेरे लंड के लिए तरस रही है … प्लीज बाद में चाट लेना … अभी पहले अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और फाड़ दो मेरी चूत को.

उसने बड़े प्यार से मेरी ओर देखा. फिर वो खड़ा होकर उसने अपने बाकी के कपड़े उतार दिए. उसकी पैंट तो पहले से ही उतरी हुई थी. अपनी शर्ट उतार कर मेरे कपड़े भी खींच दिए.

फिर उसने अपने लंड के टोपे को मेरी चूत के छोटे से द्वार पर रखा और वो अपने लंड को चूत के अन्दर डालने ही वाला था कि तभी एक धमाका हो गया.“साली रंडी … ये क्या कर रही है?”

मैं और शान घबरा गए. मैंने देखा, तो दरवाजे पर माँ खड़ी थीं. मैं और शान जल्दी से अपनी कपड़े पहनने लगे. माँ बड़ी गुस्से में हम दोनों की ओर आने लगीं.

सेक्स की आग में मैंने देखा ही नहीं था कि दरवाजे की कुण्डी नहीं लगाई थी.

मेरी माँ ने शान का हाथ पकड़ लिया था और वो उसको गुस्से से देख रही थीं. मैंने देखा कि माँ की साड़ी का आंचल ढलक गया था और उनके ब्लाउज से उनको चूचियां बड़ी तेजी से उठ-बैठ रही थीं. ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि उनकी सांस तेज गति से चल रही थी.

मैंने सर झुका कर माँ से कहा- मम्मी शान को जाने दीजिए प्लीज़ … उसकी कोई गलती नहीं थी.मेरी मम्मी ने मेरी तरफ देखे बिना मुझसे तेज स्वर में चिल्लाते हुए कहा- हां ये तो मुझे मालूम है कि जब तक लड़की की चुत में चुल्ल न हो, तब तक किसी लड़के की हिम्मत हो ही नहीं सकती कि वो उसे चोदने घर में आ जाए.

मैं अपनी माँ के मुँह से चुत चोदने जैसे शब्द सुनकर हैरान थी. मगर इस वक्त मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या जवाब दूँ.

माँ लगातार शान और मुझे बहन की लौड़ी छिनाल और मादरचोद कुत्ते कहते हुए चुत लंड चुदाई जैसे शब्दों का होलसेल में इस्तेमाल कर रही थीं. मुझे आज माँ को इस रूप में देख कर एक अजीब सी फीलिंग आ रही थी.

जब काफी देर तक माँ ने शान को गालियां दीं, तो शान का टेलेंट सामने आ गया.

माँ बोलीं- साले तू ऐसे ही घर में घुस कर लौंडिया चोदता है … तुझे अपने घर में अपनी माँ बहन चोदने के लिए नहीं दिखती हैं.शान ने पलट कहा- हां मुझे आपकी चुदक्कड़ लौंडिया ने ही चोदने के लिए बुलाया था. अब आपका भी मन हो तो मैं आपको भी चोद सकता हूँ.

मैं शान के मुँह से ये सुनकर एकदम से हैरान थी कि अब मर गए, ये साला मेरी माँ से ही उनको चोदने की बात कह रहा है.

मेरी माँ ने फुंफकार भरते हुए कहा- अच्छा तू मादरचोद भी है … साले तेरे जैसे कई लंड मैंने अपनी चुत से छील कर बाहर निकाल दिए. भोसड़ी के तू क्या मुझे चोदेगा.

अब शान की जुबान के साथ हिम्मत भी खुल गई. उसने अपनी शर्ट के बटन खोले और मेरी माँ को पकड़ कर अपने सीने से लगाया और कहा- साली रांड … खाए होंगे तूने लंड … लेकिन एक बार मेरे लौड़े का स्वाद चख कर देख तुझे मजा न आ जाए तो कहना. आज तुझे तेरी लौंडिया के साथ एक ही बिस्तर पर चोद चोद कर मस्त कर दूँगा.

इतना सुनते ही मेरी माँ ने उसकी खुली हुई शर्ट खींचते हुए निकाल फेंकी और बोलीं- आ जा कमीने … आज तुझे ही चख कर देखती हूँ.

मैं ये सब देख कर पागल हो गई थी कि मेरी माँ ने तो सीन ही बदल प्रिया था. मैंने माँ की तरफ देखा, तो उन्होंने मुझसे कहा- खड़ी खड़ी क्या देख रही है साली कुतिया … चल अपने कपड़े उतार और इसके लंड को चूस … आज मैं इसकी माँ चोदती हूँ.

तभी शान ने मुझे खींचा और मेरे सर को अपने हाथ से दबाते हुए मुझे घुटने पर बैठने को मजबूर कर प्रिया. उसी समय माँ ने शान की पेंट खोल कर नीचे सरका दी. शान ने जल्दीबाजी में चड्डी नहीं पहनी थी. पेंट खुलते ही उसका लटका हुआ लंड मेरी आँखों के सामने लहराने लगा.

मेरी माँ ने उसके लंड को पकड़ा और मेरे मुँह से लगा प्रिया और बोलीं- चल चूस इसका लंड और इसे मेरी चुत के लिए खड़ा कर.

मैंने भी अब सोचना बंद कर प्रिया था और लंड चूसना शुरू कर प्रिया था.

उधर मेरी माँ ने एक मिनट से कम समय में अपनी साड़ी ब्लाउज पेटीकोट सब उतार दिए थे. वो सिर्फ ब्रा पैंटी में रह गई थीं. शान ने हाथ बढ़ा कर माँ की ब्रा को खींचते हुए फाड़ प्रिया और उनको अपनी तरफ खींच लिया. वो मेरी माँ की चूचियां पीने लगा. उसका एक हाथ मेरी माँ की चुत पर चला गया और उसी वक्त मैंने माँ की पेंटी नीचे कर दी.

शान ने मुझे भी नंगा कर प्रिया. अब हम तीनों ही नंगे थे.

शान का लंड खड़ा हो गया था उसने मेरी माँ को बिस्तर पर चित लिटाया और उनकी चुत में लंड फंसा प्रिया. मैं हक्की बक्की खड़ी थी. शान ने मुझे इशारा किया और मैंने उसके लंड को अपनी माँ की चुत में सैट कर प्रिया.

लंड सैट होते ही शान ने एक झटका मारा और उसका मोटा लंड मेरी माँ की चुत में घुस गया. मेरी माँ वाकयी एक बड़ी चुदक्कड़ थीं, इसका अंदाजा मुझे आज हुआ था.

लंड के घुसते ही माँ के कंठ से आह की आवाज आई और उन्होंने शान का लंड लील लिया. वो गांड उठाते हुए कहने लगीं कि आह … साले भड़वे … तेरा लंड तो बड़ा मोटा है … मजा आ गया.

शान ने धकापेल चुत चुदाई चालू कर दी. कोई दस मिनट मैं उसने मेरी माँ को झड़ जाने पर मजबूर कर प्रिया था. माँ के झड़ जाने के बाद उन्होंने मुझे शान के लंड के नीचे आने के लिए कहा.

माँ- आ जा तू भी इसके लंड से चुद ले … साले का बड़ा मस्त लंड है … तेरी पसंद मुझे भी पसंद आ गई.

मैं क्या कहती कि माँ आज ये मेरी चुत की चुदाई पहले करने वाला था और तुमने इसको झूठा कर प्रिया.

शायद ये बात शान ने समझ ली थी और उसने कहा- आंटी, आज मैं आपकी बेटी की चुत की चुदाई करने ही आया था. वो तो आपकी चुत गरम हो गई इसलिए मुझे पहले आपको चोदना पड़ा.माँ ने ये सुना तो वो चुप रह गईं.

खैर … अब तो जो होना था, सो हो ही चुका था. अच्छी बात ये थी कि अब मेरी चुत में लंड ठीक से घुसने का समय आ गया था.

मेरी माँ ने मुझे लिटा कर मेरी चुत को चूस कर शान के लंड के लिए रेडी किया और शान के लंड को भी माँ ने चूस कर कड़क कर प्रिया.

शान ने मेरी चुत के नीचे तकिया लगाया और लंड का सुपारा मेरी बुर की फांकों में लगा प्रिया. मुझे उसका सुपारा एकदम हॉट लग रहा था.

मेरी माँ ने शान से कहा- गाड़ दे झंडा … क्या देख रहा है.शान ने एक झटका मारा और मेरी चुत में उसका लंड घुस गया. मेरी चीख निकल गई … लेकिन अभी चीखने चिल्लाने से किसी बात का कोई डर नहीं था. शान ने बिना रुके मेरी चुत में लंड आगे पीछे करना जारी रखा और कुछ ही समय में मेरी चुत ने चुदाई का मजा लेना चालू कर प्रिया.

माँ मेरी चूचियों को सहला रही थीं और शान मेरी नंगी माँ की गांड पर चमाट देते हुए मुझे धकापेल चोदने में लगा था.

कुछ ही समय में शान ने अपने लंड का पानी मेरी बुर में छोड़ प्रिया. उसी समय मैं भी निकल गई और शिथिल हो गई.

हम तीनों ने चुदाई का सुख लूट लिया था.

चुदाई के बाद मेरी माँ नंगी ही किचन से चाय बना कर ले आईं और हम तीनों ने साथ बैठ कर चाय पर चुदाई की चर्चा की.

माँ ने मुझे बताया कि पापा के चले जाने के बाद वो अपने किसी फ्रेंड से चुदने के लिए ही गई थीं. लेकिन उसके भी बाहर होने के कारण वे जल्दी घर लौट आई थीं.

अब मेरी माँ मेरी राजदार हो गई थीं और इसके बाद से चुदाई का खेल मैं अपनी माँ के साथ ही किसी न किसी लंड के साथ खेलने लगी थी.

आप सभी को मेरी और मेरी माँ की चुत चुदाई की कहानी कैसी लगी, प्लीज मुझे मेल करना न भूलें.आपकी मोना डार्लिंगsupport@mohakkisse.com

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माँ बेटी दोनों एक ही लंड से चुदीं

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