होम पर वापस जाएं
बीवी की अदला बदली पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 754 बार

मैं तेरी से खुश, तू मेरी से खुश-3

सनी वर्मा

16 Apr 2012 को प्रकाशित

मैं तेरी से खुश, तू मेरी से खुश-3
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

स्वीटी और राज गर्मागर्म सेक्स के बाद नहा धो कर तैयार होकर 8 बजे होटल पहुँच गए।संजीव का फोन आ गया था वो 8.30 तक पहुँच जायेगा।स्वीटी ने पोनिटेल बना रखी थी और वो बिलकुल कॉलेज गर्ल लग रही थी।

संजीव 8.45 तक आ गया, तीनों ने डिनर लिया और 10 बजे करीब राज ने संजीव स्वीटी को उनके घर छोड़ प्रिया।पंद्रह मिनट बाद स्वीटी का फोन राज के पास आया कि वो अपने अंडरगारमेंट्स वाशरूम में भूल आई है।

राज ने कहा- चिंता मत करो.. जब मैं ऑफिस जाऊँगा तो घर के बाहर से ही तुम ले लेना!क्योंकि संजीव तो पहले ही चला जाता है।

रात को स्वीटी की पैंटी को अपने लंड पर लपेट कर राज ने दो बार मुठ मारी…

अगले दो-तीन दिन इसे ही निकल गए… अपने चैम्बर से राज स्वीटी से खूब देर तक बात करता, बाहर बैठा संजीव उसे ये सोच कर डिस्टर्ब नहीं करता कि बॉस किसी पार्टी से बात कर रहे हैं।

राज को गुरूग्राम प्रीति को लेने जाना था और एक पार्टी से भी मिलना था, तो उसने सुबह जल्दी जाने के लिए ड्राईवर को बोल प्रिया। रात को 9 बजे उसके चेयरमन का फोन आया कि एक जरूरी क्लाइंट चेन्नई से आ रहा है इसलिए वो गुरूग्राम न जाए।

अब गुरूग्राम वाली पार्टी से भी मिलना जरूरी था, तो उसने संजीव को फोन किया कि वो गाड़ी से गुरूग्राम चला जाए और रात को वहीं होटल में पार्टी से मीटिंग कर ले और अगले दिन प्रीति को लेकर वापस आ जाए।

राज ने उससे यह भी कहा कि अगर वो चाहे तो स्वीटी को भी ले जाए, पर स्वीटी ने मना कर प्रिया।

संजीव अगले दिन सुबह 10 बजे करीब चला गया क्योंकि जिस पार्टी से मिलना था वो शाम तक दिल्ली पहुँच रही थी।संजीव 2 बजे तक गुरूग्राम पहुँच गया।

राज ने संजीव से कहा कि प्रीति को कुछ शॉपिंग करनी होगी तो वो साथ चला जाए। राज ने प्रीति को बोल प्रिया था कि वो संजीव से फ्रेंडली ट्रीटमेंट करे।

प्रीति ने संजीव को अपने घर ही बुला लिया और लंच दोनों ने साथ लिया। संजीव संकोच कर रहा था पर प्रीति के उन्मुक्त व्यव्हार ने जल्दी ही उसका संकोच खत्म कर प्रिया।

प्रीति और संजीव मार्किट चले गए, प्रीति ने कुछ छोटा मोटा सामान खरीदा और एक शार्ट नाइटी स्वीटी के लिए भी ली।उसने संजीव को भी जबरदस्ती एक शर्ट दिलाई, राज के लिए एक व्हिस्की की बोतल ली।

शाम को संजीव ने प्रीति के घर छोड़ा और पार्टी से मिलने होटल चला गया।

प्रीति ने डिनर के लिए कहा तो संजीव बोला- पता नहीं मीटिंग कब ख़त्म हो…

खैर संजीव मीटिंग से 8 बजे फारिग हो गया… मीटिंग कामयाब थी, संजीव बहुत खुश था, उसने राज को बताया।राज बहुत खुश हुआ बोला- चलो कल आओगे तो सेलिब्रेट करेंगे। पर अभी तुम प्रीति के साथ डिनर करो, वो तुम्हारा इन्तजार कर रही है।

संजीव ने प्रीति को फोन किया- मैं आ रहा हूँ, आप तैयार हो जाइए, डिनर बाहर करेंगे।प्रीति ने हाँ कह दी।

प्रीति और संजीव ने होटल में डिनर लिया। प्रीति को क्रिस के चुम्बन की याद आ रही थी, वो सोच रही थी कि काश संजीव उसे चूम ले, पर एक तो गाड़ी में ड्राईवर और वैसे भी वो उसके बॉस की बीवी! संजीव की हिम्मत कहाँ थी।

डिनर के बाद दोनों गाड़ी से वापस फ्लैट आये। संजीव के सोने का इंतजाम प्रीति ने ऊपर किया था और ड्राईवर तो गेराज में ही सो गया।

संजीव अपना बैग लेकर ऊपर जाने लगा तो प्रीति बोली- आज तुमने कंपनी के लिए बहुत बढ़िया काम किया है, इससे कंपनी को जो फायदा होगा, वो तो होगा पर तुम्हारी और राज की कंपनी में पोजीशन बहुत अच्छी हो जाएगी और मेरी तरफ से तुम्हें गिफ्ट देना तो बनता ही है।

ऐसा कह कर उसने संजीव के पास जाकर उसे एक किस प्रिया। चूंकि संजीव लम्बा था, हटते समय प्रीति के होठ से संजीव के कंधे पर लिपस्टिक लग गई।

यह भी पढ़ें (Recommended)

बीवी की बड़े लंड की चाहत-2

प्रीति बोली- लाओ, मैं शर्ट साफ कर दूं!पर संजीव बोला- कोई बात नहीं, मुझे अच्छा लगेगा और इसे मैं खुद साफ़ करूँगा।

प्रीति हंस कर बोली- तुम कपड़े बदल कर ऊपर चले जाओ, बैग का क्या करना है ऊपर?उसने संजीव से कॉफ़ी के लिए पूछा तो उसने हाँ कह दी।

प्रीति बोली- तुम कपड़े चेंज करो, मैं भी चेंज कर लूं, फिर बनाती हूँ।

प्रीति ने एक सारा सामान तो पैक कर लिया था तो वाशरूम में कपड़े उतारने के बाद उसे पहनने को कुछ खास नहीं दिखा।उसे ध्यान आया कि वार्डरोब में एक नाइटी लटक रही है, वो सिर्फ टॉवल में ही अपने रूम में आ गई, उसे ध्यान ही नहीं रहा कि वहाँ तो संजीव है।

अब संजीव भी टॉवल में खड़ा था और प्रीति भी.. दोनों एक दूसरे को देख कर सकुचा गए और फिर जोर से हंस पड़े।अब देख लिया तो क्या पर्दा!

संजीव बोला- आज तो अपने बॉस से पहले ही मुझे गिफ्ट दे प्रिया।प्रीति गर्म हो रही थी, बोली- तो मेरा रिटर्न गिफ्ट?संजीव बोला- बताइए क्या दूं?

प्रीति ने उसे पास बुलाया और एक लिप लॉक किया। संजीव भी आखिर इंसान था, कब तक बर्दाशत करता, उसका तम्बू खड़ा हो गया था, बस वो हिम्मत नहीं कर पर रहा था।

प्रीति ने वार्डरोब से नाइटी निकाली और जाने लगी। वो जैसे ही संजीव के पास से निकली तो उसे संजीव उसके क्लीवेज घूरता हुआ मिला।आग तो प्रीति के भी लगी हुई थी, वो रुकी और बोली- क्या देख रहे हो?

संजीव घबरा गया, बोला- कुछ भी तो नहीं!प्रीति ने अपना टॉवल खोल प्रिया, बोली- लो ठीक से देख लो।

प्रीति एकदम नंगी खड़ी थी, उसने हाथ बढाकर संजीव का टॉवल भी खींच प्रिया।अब दोनों निपट नंगे थे।

प्रीति ने संजीव को खींच लिया, दोनों के होंठ मिल गए। बेड रूम था और बेड भी था तो देर किस बात की… प्रीति ने संजीव को बेड पर धक्का प्रिया और उसके लंड को पकड़ लिया।

प्रीति तो लंड चूसने में पक्की थी, उसने पांच मिनट में ही संजीव को पागल कर प्रिया और अब संजीव ने उसे बिस्तर पर लिटाया और अपना मुँह उसकी चूत में दे प्रिया।

प्रीति ने शायद आज सुबह ही चूत साफ़ की थी, चिकनी नर्म गुलाबी चूत, जो पहले से ही पानी छोड़ चुकी थी, अब संजीव की जीभ के काबू में थी।प्रीति उछल रही थी।

संजीव ने उसकी टांगों को चौड़ाया और अपना लंड घुसा प्रिया उसकी चूत में! उम्म्ह… अहह… हय… याह… संजीव का लंड राज के लंड जितना मोटा नहीं था पर लम्बा था।संजीव ने पूरा लंड एक झटके में ही पेल प्रिया जो प्रीति की चूत के अंदर तक पहुँच गया।

अब संजीव ने पूरी स्पीड से धक्के देने शुरू किये, प्रीति मस्ती से चीख रही थी, वो सातवें आसमान पर थी। चुदाई का ऐसा आनन्द उसे न तो राज से मिला था ना क्रिस से… वो भी अपनी चुदाई का पूरा मजा ले रही थी और संजीव का साथ दे रही थी।

पंद्रह मिनट की घमासान चुदाई के बाद दोनों का पानी छूट गया। संजीव ने उससे पूछ लिया था कि कहाँ निकालूँ तो प्रीति ने अंदर ही निकलवाया क्योंकि वो गर्भ निरोध की गोली लेती थी।

कुछ देर दोनों शांत होकर पड़े रहे।

प्रीति ने उठकर टॉवल से खुद को साफ़ किया और संजीव को भी टॉवल प्रिया, संजीव टॉवल लपेट कर ऊपर चला गया।

मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी पर अपने विचार अवश्य लिखें।कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मैं तेरी से खुश, तू मेरी से खुश

कुल भाग: 4
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

बीवी की बड़े लंड की चाहत-2
बीवी की अदला बदली

बीवी की बड़े लंड की चाहत-2

बीवी की अदला बदली की मेरी सेक्स कहानी के पहले भागबीवी की बड़े लंड की चाहत-1में अब तब आपने पढ़ा कि कैसे मेरी बीवी होटल के कमरे में मेरे दोस्त के लंबे लन्ड से चुदी और अपनी मन की इच्छा पूर्ति की। यह तब सम्भव हुआ था जब मेरी पत्नी को प्राइवेसी देने के लि...

9 मिनट 735
चचेरे भाई की बीवी को ग्रुप सेक्स में शामिल किया -6
बीवी की अदला बदली

चचेरे भाई की बीवी को ग्रुप सेक्स में शामिल किया -6

मैंने फिर कहा- देखा गीता इस खेल का एक और फायदा… एक ही रूम में चारों एक ही बिस्तर पर सो सकते हैं।हमने बाहर के कमरे की लाइट बंद नहीं की और अंदर आकर लेट गए। इससे बाहर के कमरे से पर्याप्त रोशनी हमारे कमरे में आ रही थी जिससे हमें सब दिख रहा था और आँखों...

9 मिनट 683
सामूहिक चुदाई का आनन्द-3
बीवी की अदला बदली

सामूहिक चुदाई का आनन्द-3

जूजा जीअब तक आपने पढ़ा कि पंकज हालाँकि ज़न्नत को बहुत ज़ोर से चोद रहा था पर उसकी नज़र मेरी चूत पर टिकी हुई थी। नरेन का भी यही हाल था और उसकी नज़र ज़न्नत की चुदती हुई चूत पर से हट नहीं पा रही थी !अब आगे :मुझे पंकज के सामने अपने पति के साथ चुदाई करने म...

11 मिनट 927

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।