बात उस टाइम की है.. जब मैं स्कूल में पढ़ता था मेरे इम्तिहान खत्म हो गए थे और रिजल्ट आना बाकी था। मेरी मम्मी कढ़ाई आदि का काम सिखाती थीं.. तो मेरी मामी की बेटी उनसे कढ़ाई सीखने आई थी। हमारे घर में दो कमरे और एक हॉल था। हॉल में मम्मी कढ़ाई सिखाती थीं।वो उम्र में मुझसे 3-4 साल बड़ी है.. उसका रंग सांवला सा.. फिगर 34-28-32 का था। मेरे दिल में उसके बारे कोई गलत भावना नहीं थी.. हम एक साथ एक ही कमरे में सोते थे।
एक दिन मैं बाहर से खेल कर आया तो घर में मम्मी और मामी की लड़की ही थीं, पापा ड्यूटी गए हुए थे। मैं अपने कमरे में आ गया.. तो थोड़ी देर बाद रीना (मामी की बेटी) मेरे लिए पानी ले कर आई। उस दिन वो पहले से ज्यादा अलग लग रही थी।
मुझे पानी पिला कर वो मम्मी के पास जाकर बैठ गई। मैं भी कमरे में मोबाईल से पंगे ले रहा था।वो फिर से अन्दर मेरे कमरे में आई और उसने मुझसे कहा- अबी पढ़ ले.. आगे की कक्षा में जाओगे तो पहले से अपने इम्तिहानों की तैयारी रखो.. इस मोबाइल में कुछ नहीं रखा है..
मुझे यह सुन कर गुस्सा आ गया और मैंने उन्हें काफी कुछ सुना दिया- तुम होती कौन हो मुझे ऐसा बोलने वाली.. चार दिन मस्ती भी नहीं करने देते.. हर वक्त बस पढ़ो-पढ़ो.. आप अपना काम करने आई हो.. वो करो बस.. मुझे नहीं सुननी किसी की..
इतने में मम्मी आ गईं और उन्होंने मुझे खूब डांटा।जब मैंने रीना की तरफ देखा.. तो वो रो रही थी, मम्मी डांट कर बाहर चली गईं और रीना भी चली गई।मैं अपने दिल में यह सोच रहा था कि मुझसे गलती हो गई है.. मुझे ऐसे बात नहीं करनी चाहिए थी। वो कौन सा बुरा बोल रही थी.. मुझे समझा ही तो रही थी।
रात को वो मेरे पास सोने आई.. उस वक्त मैं भी उन्हीं का इंतज़ार कर रहा था.. ताकि उनसे अपने बुरे व्यवहार के लिए माफ़ी मांग सकूँ।वो आई और आकर लेट गई.. मैंने उन्हें हिलाया.. वो कुछ नहीं बोली।मैंने कहा- दीदी प्लीज़ मुझसे बात करो..वो बोली- नहीं अबी.. तुम सो जाओ मुझे बात नहीं करनी..
मैंने कहा- सॉरी.. मैंने आपसे ऐसे बात की.. प्लीज़ मुझे माफ कर दो.. फिर नहीं करूँगा ऐसी गलती।वो उठी और उसने कहा- ठीक है.. कोई बात नहीं..मैंने दीदी से कहा- क्या मैं आपके साथ सो जाऊँ?तो वो कहने लगीं- क्यों अपने बिस्तर पर सो जाओ।मैंने कहा- मुझे आज आपके साथ सोना है।तो वो मान गई.. फिर हम एक साथ सो गए।
रात को मैं उनके पेट पर हाथ रख के सोया.. उन्होंने कुछ नहीं कहा। रात के 11 बजे थे.. मम्मी-पापा अपने कमरे में सो गए थे।उन्होंने मेरे हाथ पर हाथ रखा और मेरे हाथ को अपने मम्मों पर ले गई और उन्हें मेरे हाथ से दबाने लगी।
मैं सोया नहीं था.. मैंने दीदी से पूछा- दीदी ये क्या कर रही हो?तो वो बोली- यहाँ बहुत खुजली हो रही है.. तो इन्हें खुजवा रही हूँ।मैंने कहा- तो बोल देतीं।तो वो बोली- मैंने सोचा.. तू सो गया होगा..मैंने कहा- नहीं.. मैं नहीं सोया हूँ.. लो मैं ही खुजला देता हूँ।
मैं उनके चूचे खुजाने के नाम पर दबाने लगा।
थोड़ी देर बाद वो अजीब आवाजें निकालने लगी- आह.. ओओह्ह.. आआह्हह.. आ ओओह्ह.. उह्हह्ह..मैंने पूछा- क्या हुआ?वो कहने लगी- कुछ नहीं..फिर वो उठ कर बैठ गई और पूछा- अबी तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है?मैंने कहा- नहीं.. क्यों?बोली- क्यों.. क्या बस पूछा है।मैंने क्या- करना क्या है उसका?वो बोली- मुझे उसका कुछ नहीं करना है तुमसे करवाना है।
‘क्या करवाना है..?’‘तुम करने को बहुत कुछ कर सकते हो..’मैंने कहा- जैसे?तो बोली- कभी किस किया है?मैंने कहा- नहीं..तो बोली- गर्ल-फ्रेंड इसलिए तो होती है।
मैंने उनके चेहरे की तरफ देखा तो वो बोली- क्या हुआ?तो मैंने कहा- कुछ नहीं.. आप गुस्सा करोगी।वो बोली- बोल तो.. क्या बात है?मैंने कहा- आप मेरी गर्ल-फ्रेंड बन जाओ न..
उस वक्त ये सब कहते हुए मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।
वो कहने लगी- ठीक है..अब वो चित्त लेट गई.. मैं भी उसके साथ लेट गया।तो उन्होंने पूछा- अबी तेरा दिल ऐसे जोर-जोर से क्यों धड़क रहा है?मैंने कहा- पता नहीं..
बहन के साथ प्रेमलीला-4
फिर उन्होंने मुझ मेरी तरफ मुँह किया।तो मैंने उन्हें कहा- क्या मैं आपको किस कर लूँ?वो बोली- कर ले..मैंने उसके गाल पर एक किस की..
वो बोली- अभी तुझे सिखाना पड़ेगा कि किस कैसे करते हैं।
मैंने कहा- क्यों क्या हुआ..?वो बोली- ऐसे थोड़ी की जाती है किस..मैंने पूछा- और कैसे की जाती है?
तो उन्होंने अपना चेहरा मेरे पास किया और मेरे होंठों से अपने होंठों लगा दिए मेरे जिस्म में करेंट सा दौड़ पड़ा।अब वो मुझे बड़े प्यार से किस करने लगी.. मुझे भी अच्छा लग रहा था और मैं भी फिर उन्हें वैसे ही किस करने लगा।‘ऊम्ह.. ऊम्ह.. ऊमाऊह..
उनका जिस्म गरम हो रहा था।मेरा हाथ न जाने कब उनके चूचों पर चला गया.. और मैं उन्हें खूब जोर से सहला रहा था।तभी वो एकदम पीछे हो गई.. मैंने पूछा- क्या हुआ?
तो बोली- अभी और नहीं बस.. अब रात के 2 बज चुके हैं.. सो जाओ अब..मैंने ज्यादा बोलना ठीक नहीं समझा और उनकी बात मान कर सो गया।सुबह मैं दस बजे उठा तो वो झाड़ू लगा रही थीं और मम्मी अपने स्टूडेंट को कढ़ाई सिखा रही थीं।
मैंने समय पूछा.. तो उन्होंने बताया- दस बज गए हैं।मैं उठा और ब्रुश किया.. इतने में वो मेरे लिए नाश्ता ले आई।मैंने नाश्ता किया और उससे पूछा- रात को रुक क्यों गई थी.?
तो बोली- अगर एकदम से सब सिखा दिया.. तो भूल जाओगे और जो रात को सिखाया था.. उसका आज टेस्ट है.. तैयार रहना.सवो एक कातिल सी मुस्कराहट के साथ मुझे आँख मार कर दोपहर के खाने की तैयारी करने लगी।मेरा दिल बिल्कुल नहीं लग रहा था। मैं रात का इंतज़ार करने लगा। मुझे दिन बहुत लम्बा लगने लगा था जैसे-तैसे दिन निकल गया और रात हो गई।
ग्यारह बज गए.. मम्मी-पापा सो गए थे। मैंने कहा- मैं टेस्ट के लिए तैयार हूँ।वो बोली- चल.. फिर हो जा शुरू..
मैंने उनके होंठो में होंठ डाले और उन्हें चूसने लगा।वो एकदम से पीछे हुए कहने लगी- ये तो मैंने नहीं सिखाया था..मैंने कहा- आपने ही सिखाया है।बोली- बहुत जल्दी सीख रहा है..
मैंने फिर से उन्हें किस करना शुरू किया.. वो भी मेरा साथ पूरा दे रही थी। आज उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर खुद अपने मम्मों पर रख कर सहलवाने लगी।मेरा लंड रॉड की तरह हो गया था, मुझे लौड़े की अकड़न बहुत परेशानी हो रही थी.. मैंने दीदी से कहा- दीदी मेरा नीचे वाला अंग परेशान कर रहा है।
तो बोली- पहले दीदी बोलना बंद कर.. फिर ठीक करूँगी उसे..मैंने कहा- ठीक है.. तो आपको क्या बोलूँ..बोली- कुछ भी बोल.. पर दीदी नहीं..मैंने कहा- ठीक है।
उन्होंने मेरा लंड कैपरी से बाहर निकाला और हाथ में ले लिया, लौड़ा देख कर वो कहने लगी- अबी तेरा तो बहुत बड़ा है।मेरी ममेरी बहन मुझे चोदना सिखा रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था।
क्या हुआ क्या उसने मेरे कोरे लौड़े को अपनी चूत में ले पाया.. इस सबको जानने के लिए कहानी का अगला भाग अवश्य पढ़िएगा।आपके ईमेल के इन्तजार में आपका प्यारा अबी नाथ।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com