होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 852 बार

मेरा पहला गैंग-बैंग

आकृति टंडन

30 Jul 2022 को प्रकाशित

मेरा पहला गैंग-बैंग
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

आकृति टंडनमेरे प्यारे दोस्तों मेरा नाम आकृति टंडन है। मैं देहरादून की हूँ। मेरी उम्र 24 साल है। मेरा फिगर 32-26-34 और रंग गोरा है।मुझे अलग अलग लड़कों से चुदवाने में बहुत मज़ा आता है। मेरा एक टाइमपास बॉय-फ्रेंड भी है। जो अक्सर मेरी जम कर चुदाई करता है। लेकिन उससे मेरी चूत की आग नहीं बुझती।यह बात मैंने उससे साफ़-साफ़ बता दी है कि मेरा मन 2-3 लड़कों से एक साथ चुदवाने का करता है, मैंने उससे कहा- अगर हो सके तो किसी दिन अपने कुछ दोस्तों को अपने रूम पर बुला लो तो मज़ा आ जाएगा।उसने मेरी बात मान ली।चार दिन बाद उसका जन्म-दिन था, उसने मुझसे कहा- आज तुम कोई बहाना बना के मेरे रूम पर आ जाना, फिर पूरी रात मजे करेंगे और हाँ.. अन्दर ब्रा और पैन्टी मत पहनना।मैंने घर पर फ्रेंड की शादी का बहाना बनाया और उसके रूम पर पहुँच गई लेकिन उसके रूम में घुसते ही मेरी हालत ख़राब हो गई। सामने एक टेबल पर केक रखा था और दूसरी टेबल पर ढेर सारी बियर की बोतलें रखी थीं, पास के दोनों सोफों पर उसके 6 दोस्त बैठे थे, जो पूरी तरह नशे में टुन्न थे।तब मेरे बॉय-फ्रेंड ने कहा- मैंने अपने इन सारे दोस्तों को आज मेरे जन्म-दिन पर तुम्हें चोदने के लिए यहाँ बुलाया है। अब तुम वैसे ही करना जैसा ये लोग कहेंगे।उनमें से एक बोला- आज पूरी रात तुम इस रूम में नंगी रहोगी।इतना कहते ही उनमें से एक ने मेरे कपड़े उतारना शुरू कर दिए। पहले टॉप और फिर जीन्स। ब्रा और पैन्टी मैंने पहनी ही नहीं थी।फिर उन सब ने केक मेरे जिस्म पर मलना शुरू कर प्रिया। मैं उन सब लोगों के बीच खड़ी कसमसा रही थी, मेरे बॉय-फ्रेंड के सामने ही वो लोग केक लगाने के साथ-साथ मेरी चूचियां दबा रहे थे और चूत और गांड में ऊँगली भी डाल रहे थे।फिर उन्होंने मुझे टेबल पर दोनों पैर खोल कर लिटा प्रिया और चाट-चाट कर पूरा केक खा गए। केक से मेरा पूरा जिस्म चिकना हो गया था।तब मेरे बॉय-फ्रेंड ने कहा- आज मेरे सामने मेरे सारे दोस्त तुझे कुतिया की तरह चोदेंगे… और मैं देखूंगा कि तू चुदवाते हुए कैसी लगती है।यह सुनते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए, लेकिन इससे पहले कि मैं कुछ कहती, उनमें से एक ने अपने मोटा सा लंड मेरे मुँह में घुसेड़ प्रिया और जोर-जोर से धक्के मारने लगा और दूसरे ने मेरी चूत में अपना लंड डाल कर धक्के मारने शुरू कर दिए। जैसे ही वो मेरी चूत में झड़ने वाला था, उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर अपना सारा पानी मेरे मुँह में निकाल प्रिया। इससे पहले कि मैं कुछ करती, पहले वाले ने फिर से अपना लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया और उसके झटकों के कारण सारा पानी मुझे पी जाना पी जाना पड़ा। जब तक मैं कुछ करती एक लंड मेरी गांड में घुस चुका था।इतनी देर में पहले वाला लड़का मेरे मुँह में ही झड़ने वाला था। लेकिन उसने अपना लंड निकाल कर सारा माल चौथे लड़के के लंड पर निकाल प्रिया और बोला- ले कुतिया.. अब इस लंड को आराम से चूस और सारी क्रीम खा जा…!मैं डर के मारे उसकी सारी क्रीम पी गई।लेकिन एक लड़का टेबल पर चढ़ गया और उसने मेरे इकलौते खाली छेद चूत में अपना लंड घुसेड़ प्रिया। इतनी देर में चौथा लड़का मेरी गांड में ही झड़ गया और पांचवें लड़के ने आकर मेरे उस छेद को फिर से भर प्रिया।अब मेरे तीनों छेद तीन अनजान लौड़ों से एक साथ चुद रहे थे। उन तीनों के झड़ने के बाद उन लोगों ने फिर से बियर पीना शुरू कर दी और मैं टेबल पर दर्द से कराहती रही। उसके बाद उन लोगों ने एक-एक करके मेरी चूत को चोदना शुरू किया।मादरचोद सुबह तक एक-एक करके मुझे कुतिया की तरह चोदते रहे। इस तरह यह चुदाई कार्यक्रम पूरी रात चलता रहा। सुबह जब उनके जाने का टाइम हुआ तब तक मेरी चूत और गांड के छेद चुद-चुद कर खुल चुके थे।उनके जाने के बाद मेरे बॉय-फ्रेंड ने मुझे एक गीला तौलिया देकर कहा- ले.. इससे अपना मुँह, चूत और गांड पोंछ कर कपड़े पहन ले..फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने घर आ गई लेकिन दर्द के मारे दो दिन तक कहीं नहीं गई। उसके बाद से तो वो लोग मुझे अक्सर उसके रूम पर बुला कर दिन में भी चोदते हैं।लेकिन वो रात मैं कभी नहीं भूल सकती। आखिर वो था मेरा पहला गैंग-बैंग।यह मेरी पहली कहानी है इसलिए प्लीज इस पर अपने कमेन्ट जरूर करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3
Group Sex Story

ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-3

प्रेषक : जूजा जीमुझे अभी भी याद था कि दो छेद मेरे लंड का बड़ी बेकरारी से इंतजार कर रहे हैं। मैंने रीमा की तरफ देखा तो मैडम अपनी चूत में ऊँगली अन्दर-बाहर कर रही थीं।मैंने कहा- आओ रानी लेटो इधर.. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, ...

9 मिनट 607
भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-11
Group Sex Story

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-11

बहन भाई सेक्स की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि जंगल कैम्प में मैंने अपनी बहन की चूत चोदी जबकि मेरी चचेरी बहन पास में सो रही थी. उसके बाद मुझे चाचा के कमरे में झाँकने के लिए एक छेद मिल गया.

17 मिनट 989
मेरी चूत गान्ड और बड़े-बड़े लौड़े -1
Group Sex Story

मेरी चूत गान्ड और बड़े-बड़े लौड़े -1

हाय, मेरा नाम अंजलि अरोड़ा है.. अभी मेरी उम्र 32 साल है.. मेरा रंग एकदम गोरा है, मेरी चूत भी एकदम दूध सी सफेद है, मेरा फिगर 36-30-38 है। मैं एक शाद-शुदा महिला हूँ.. अब आगरा में रहती हूँ।मेरे पति देश के बाहर जॉब करते हैं.. दो बच्चे हैं जो हॉस्टल में...

8 मिनट 728

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अमित खैरवाल

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राज अग्रवाल लॉयन

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

विपुल कुमार, उत्तर प्रदेश

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।