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गुरु घण्टाल पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 287 बार

मेरी बेस्ट टीचर ने मुझे चोदना सिखाया -6

जलगाँव बॉय

13 Mar 2010 को प्रकाशित

मेरी बेस्ट टीचर ने मुझे चोदना सिखाया -6
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अब तक आपने पढ़ा कि मैडम से मैं बड़े लण्ड के विषय में सोचते हुए उनसे इस पर बात करने लगा था।

अब आगे..मैडम- ये लो पानी।अवि- थैंक्स मैडम।

मैडम अपने मन में सोचने लगी थीं कि ये किसी दोस्त की नहीं बल्कि खुद की बात कर रहा है। इसे लगता है कि मैडम को कुछ पता नहीं चलेगा.. पर तुम ये भूल रहे हो कि मैंने तुमसे से ज्यादा दुनिया देखी है। एक तो इसका लण्ड छोटा या फिर बड़ा हो सकता है। अगर छोटा हुआ तो मेरे किसी काम का नहीं होगा। अगर लंबा हुआ.. मेरी तो चांदी ही चाँदी हो गई।

अवि- मैडम आप क्या सोच रही हो?मैडम- कुछ नहीं तुम्हारे दोस्त के बारे में सोच रही हूँ।

मैडम ने शायद सोचा कि मेरा लण्ड देखने के लिए उन्हें कुछ झोल तो करना ही पड़ेगा।

मैंने हैरान होते हुए पूछा- क्यों क्या हुआ मेरे दोस्त को।मैडम ने मेरे चहरे पर परेशानी देख कर कहा- मुझे लगता है शायद तुम्हारे दोस्त को बीमारी भी हो सकती है।अवि- क्या बीमारी हो सकती है?मैडम- हाँ अगर मैं उसके लण्ड को देख लूँगी.. तो बता सकती हूँ कि उसे बीमारी है या नहीं।

मैं कुछ सोचने लगा।मैडम- तुम्हें क्या हुआ? तुम क्यों सोच रहे हो। तुम्हारे दोस्त को बीमारी है.. तुम्हें नहीं।अवि- वो क्या है कि..

मैडम मन में हँसने लगीं- अब आ रहा है लाइन पर फिर वे बोलीं- हाँ हाँ बोलो.. क्या बोल रहे हो।अवि- वो मैंने आपसे झूट बोला कि..मैडम- हाँ बोलो?अवि- कि मेरे दोस्त का लण्ड लंबा है।

मैडम ने उदास होकर सोचा कि सब काम खराब हो गया फिर पूछा- तो क्या छोटा है?अवि- नहीं लंबा तो है.. पर मेरे दोस्त का नहीं बल्कि..

मैडम मन में- ये तो मुझे हार्ट अटैक लाकर ही दम लेगा- हाँ साफ़-साफ़ बोल.. कि क्या बात है?

अवि- वो मेरे दोस्त का नहीं बल्कि मैं अपनी बात कर रहा था।मैडम- क्या..??अवि- हाँ मुझे लगता है मेरा लण्ड लंबा है।

मैडम- यह तो देखना पड़ेगा.. तभी मुझे पता चलेगा। मुझे यकीन तो नहीं है शायद फिर से तुम झूट बोल रहे होगे।अवि- नहीं मैडम.. मैं सच बोल रहा हूँ। वो तब मैं डर गया था कि आप से कैसे पूछूँ.. इसी लिए मेरे दोस्त के जरिये आप से पूछ लिया।मैडम- चलो कोई बात नहीं। अब तो तुम तुम्हारे सवालों के जवाब मिल गए न?

अवि- हाँ पर आपने कहा था कि कुछ बीमारी भी हो सकती है।मैडम- वो तो देख कर ही बता सकती हूँ ऐसे-कैसे बता दूँ।अवि- लेकिन मैं आपको कैसे दिखा सकता हूँ.. मुझे शरम आ रही है।मैडम- अगर तुम शरमाते रहोगे तो बीमारी बढ़ सकती है।

अवि ने मन में सोचा कि बीमारी के डर के वजह से नहीं.. फिर बिन्दास बोल प्रिया- नहीं नहीं.. मैं दिखाता हूँ।मैंने अपनी पैन्ट और चड्डी निकाल दी।

इतनी देर से लण्ड के बारे में बातें करने से मेरा लण्ड हार्ड हो चुका था। लण्ड मैडम को सलामी दे रहा था। मेरे लण्ड को देखते ही मैडम का मुँह खुला का खुला ही रह गया। मैडम तो एक मूरत की तरह खड़ी एकटक मेरे लण्ड को देख रही थीं। ऐसा लग रहा था कि मैडम को किसी साँप ने काट लिया हो।

मैं भी मैडम का रिएक्शन देख कर परेशान हो गया। मुझे लग रहा था कि कहीं मुझे बीमारी तो नहीं है। मेरा डर हर सेकण्ड के साथ बढ़ रहा था।

मैडम ना कुछ बोल रही थीं.. ना कुछ कर रही थीं.. वो बस मेरे लण्ड को ही देख रही थीं। जैसे रूम में सिर्फ मैडम और मेरा लण्ड ही हो।मुझे लग रहा था कि मेरा डर मुझ पर हावी हो रहा है।मैंने मैडम को आवाज दी.. पर मैडम ने कोई जवाब नहीं प्रिया, फिर मैंने मैडम को हिलाया.. तब जाकर मैडम होश में आईं।

अवि- क्या हुआ मैडम?मैडम- कुछ नहीं.. वो वो त..तुम्हारा लण्ड क्या सच में.. क्या ये रियल का है?अवि- मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है मैडम..मैडम ने नॉर्मल होते हुए कहा- अरे कुछ नहीं।

अवि- फिर आप इस तरह खड़ी क्यों थीं.. बताइये न मैडम क्या कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?मैडम- रुको पहले मुझे ठीक से देखने दो फिर मैं बताती हूँ।अवि- हाँ ठीक है.. लो देखो।मैडम- अरे अवि तुम्हारा लण्ड तो सच में लंबा है। मैंने अपने लाइफ में इतना बड़ा लण्ड कभी नहीं देखा।अवि- क्या मुझे कोई बीमारी तो नहीं है?

मैडम ने सोचा कि इसका लण्ड देख कर मेरी चूत में तो पानी आ गया। मुझे कुछ सोचना पड़ेगा। एक आइडिया तो है उससे मेरी चुदाई भी होगी और इसको भी बीमारी से छुटकारा मिल जाएगा। ऐसी बीमारी जो कभी इसे थी ही नहीं।‘अवि मुझे देखना पड़ेगा कि तुम्हें बीमारी है कि नहीं..’

अवि- हाँ जल्दी देख लीजिये।मैडम- रुको में अन्दर से तेल लेकर आती हूँ।अवि- तेल क्यों?मैडम- बीमारी है कि नहीं.. ये चैक करने के लिए।अवि- हाँ लेकर आइए।

मैडम ने तेल मेरे लण्ड पर डाल प्रिया और लण्ड पर अच्छे से लगाने लगीं। मुझे भी इसमें मजा आ रहा था.. पर डर भी था कहीं कोई बीमारी तो नहीं मुझे। मैडम ने अब अपने हाथों को हिलाना शुरू किया। मुझे स्टोर हाउस की यादें याद आ गईं.. जब पहली बार मैंने इसी तरह अपने हाथों से लण्ड को हिलाया था। मैडम ने अब अपने हाथों की गति बढ़ा दी। लगभग 10 मिनट तक हिलाने के बाद मुझे लगा कि मेरे लण्ड में कुछ हार्डनेस बढ़ गई।

फिर से मेरे लण्ड से वैसा ही सफेद पानी निकलने लगा जैसे स्टोर हाउस में निकला था। मेरे लण्ड से पानी निकल गया.. पर मैडम ने वो पानी अपने हाथों में ले लिया।

मैडम- ये देखो अवि.. इससे पता चलेगा कि तुम्हें कोई बीमारी है कि नहीं।अवि- लेकिन इससे कैसे पता चलेगा?मैडम- मैं इसे चख कर देखूंगी.. तब मुझे पता चलेगा।

अवि- लेकिन ये तो गंदा होगा।मैडम- नहीं ये गंदा नहीं होता है। इसी से बच्चा पैदा होता है।अवि- कैसे?मैडम- जब ये पानी किसी लड़की की चूत में जाता है.. तब बच्चा पैदा होता है।‘मतलब..?’मैडम- चुदाई के बाद ही ये पानी लड़की के चूत में जाता है.. रुको मैं पहले चैक करती हूँ कि तुम्हें बीमारी है कि नहीं।

मैडम ने मेरा पानी अपनी जीभ से चाट लिया। थोदी देर बाद मैडम के चेहरे पर ख़ुशी देख कर मुझे भी थोड़ी राहत मिली।अवि- क्या हुआ मैडम.. सब ठीक तो है न?मैडम ने अपनी चूत खुजाई और सोचा कि अब तो अवि से चुदना ही पड़ेगा।‘हाँ.. सब ठीक है..’अवि- मुझे कोई बीमारी तो नहीं है?

मैडम सोचने लगीं कि गाँव में लड़के छोटी उम्र से ही लण्ड.. चूत.. चुदाई शब्द का उपयोग करते हैं पर उनको पूरा ज्ञान नहीं होता।‘डरने की कोई बात नहीं है। तुमको कोई बीमारी नहीं है।’अवि- फिर ये लण्ड इतना बड़ा क्यों है?मैडम- अरे तुम्हें तो भगवान का शुक्रिया करना चाहिए कि तुम्हें इतना अच्छा लण्ड मिला है। बहुत कम लोगों का इतना बड़ा होता है समझे..

अवि- थैंक यू मैडम.. आपने मेरे सर से कितना बड़ा बोझ हल्का कर प्रिया.. मैं बता नहीं सकता।मैं अब भी नंगा ही खड़ा था।मैडम- सुनो अवि.. ये जो आज सब कुछ हुआ.. वो किसी से कहना मत।अवि- नहीं कहूँगा।

मैडम सोचने लगीं कि मुझसे चुदाई के लिए कैसे कहूँ।‘अवि जैसे आज मैंने तुम्हारा लण्ड देखा है.. वैसे ही तुमने कभी किसी की चूत देखी है?’अवि (झूठ बोलते हुए)- नहीं मैडम!मैडम- देखना चाहोगे?अवि- हाँ देखने की इच्छा तो है।मैडम- मेरी चूत देखोगे।अवि- आपकी चूत?मैडम- हाँ मेरी चूत..अवि- अगर आप दिखायेंगी तो जरूर देखूंगा।मैडम- तो चलो मेरे बेडरूम में..

बेडरूम में जाने के बाद मैडम ने अपनी नाइटी उतार दी। मैडम नाइटी के अन्दर पूरी नंगी थीं। जैसे ही नाइटी जमीन पर गिरी.. मैडम मेरे सामने नंगी खड़ी थीं। मैं भी कमर के नीचे नंगा था। मैडम की चूत चिकनी थी। मैडम के दूध पके हुए आम की तरह दिख रहे थे।

जिस तरह मैडम मेरे लण्ड को देख कर एक मूरत की तरह खड़ी थीं.. उसी तरह मैं भी मैडम को नंगा देख कर मूरत की तरह खड़ा था।मैडम के चेहरे पर लण्ड मिलने की ख़ुशी झलक रही थी- अवि.. अवि.. कैसी लगी तुम्हें मेरी चूत?

मैडम की आवाज सुनकर मैं होश में आया.. पर मैडम ने क्या पूछा.. वो मुझे सुनाई नहीं प्रिया।मैडम- अवि, मेरे पास आ जाओ!

मैं मैडम के पास चला गया। मैडम और मेरे बीच बस कुछ कदमों का फासला रह गया था। मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।मैडम- हाथ लगाकर देखो मेरी चूत को..जैसे ही मेरे हाथों ने मैडम की चूत को छुआ.. मेरे शरीर में करंट लगा और मैं पीछे हो गया।

मैडम- क्या हुआ.. पसंद नहीं आई मेरी चूत?अवि- हम्म..मैडम- क्या तुमने इससे पहले कभी चूत देखी है।मैंने ‘ना’ में गर्दन हिला दी।

मैडम- क्या तुमने कभी चुदाई की है।अवि- नहीं मैडम.. मैंने किसी की चूत ही नहीं देखी.. और ये चुदाई का क्या मतलब है?मैडम- करना चाहते हो?अवि- हाँ..मैडम- तो शुरू करो न।

अवि- मुझे चुदाई करना नहीं आती।मैडम- मैं तुम्हारी मैडम हूँ तो आज मैं तुम्हें चुदाई कैसे करते हैं.. सिखाती हूँ। मुझसे सीखोगे?अवि- हाँ.. मुझे चुदाई करना सीखना है.. आप मुझे सिखा दो।मैडम- मैं तुम्हें ऐसी चुदाई सिखाऊँगी कि तुम हर लड़की और हर औरत को खुश कर सकोगे।अवि- ह्म्म्म।

मैडम- पहले मुझे किस करो।मैंने मैडम के लिप्स पर अपने होंठ रख दिए। लगभग 5 सेकण्ड बाद मैंने उसने छोड़ प्रिया.. क्योंकि मैडम ने मुझे धक्का प्रिया था।

मैडम- अरे सिर्फ होंठों के ऊपर होंठ रखने से किस नहीं किया जाता.. तुम मेरे होंठों को अपने होंठों में रख कर चूसो। कभी ऊपर के होंठों को.. तो कभी नीचे के होंठों को.. होंठ चूसते हुए मुँह खुले पर अपनी जबान सामने वाले के मुँह में डाल कर उसकी जबान से साथ खेलो। फिर एक-दूसरे की जबान को चूसो। समझे कि नहीं अब.. तो फिर अब शुरु करो..

जैसे मैडम ने कहा.. वैसे ही मैंने किस करना चालू किया। मैं अपने होंठों को मैडम के होंठों पर रख कर चूसने लगा, कभी ऊपर के.. तो कभी नीचे के होंठ को चूसने लगा।

जैसे ही मैडम ने अपना मुँह खोला.. मैं मैडम की जीभ को अपने होंठों में पकड़ कर चूसने लगा। लगभग 10 मिनट तक चूमता रहा। बाद में हमने चूमना छोड़ प्रिया।

मैडम- तुम तो जल्दी सीख गए।अवि- मैंने ठीक किया।मैडम- ठीक क्या.. तुमने बहुत अच्छा किया। अब मेरे गालों को चूमो चूसो.. पूरे चहरे पर चूमो.. बाद में मेरे कानों को भी चूमो।

जैसे मैडम ने कहा.. मैंने वैसा ही किया। मैडम के मुँह से आवाज निकल रही थी। दस मिनट तक वो सब करने के बाद मैं रुक गया।मैडम- अब मेरी गर्दन पर चूमो।मैंने वैसे ही किया। मैडम जोर-जोर से साँसें ले रही थीं।

मैडम- अब मेरे दूध को हाथों से दबाओ। पहले आराम से दबाना.. फिर थोड़ी देर बाद जोर से दबाना.. कभी लेफ्ट कभी राइट वाला.. ठीक है।‘ठीक है..’‘फिर मेरे निप्पल को थोड़ा खींचना और थोड़ा सहलाना। फिर अपनी जबान को मेरे निप्पल पर घुमाना.. फिर मुँह में लेकर चूसना। जितना अन्दर तक हो सके.. उतना मुँह में लेना और दूसरे दूध को हाथों से दबाते रहना।‘जी ठीक है..’

मैडम के दूध कॉटन की तरह नरम थे। मैडम के दूध के साथ खेलने में मजा आ रहा था।वो बीच-बीच में चिल्ला रही थीं कि और जोर से और जोर से दबाओ..

मेरे दूध चूसने से मैडम मदहोश होने लगीं.. वे थोड़ी देर बाद अकड़ गईं। मुझे कुछ समझ नहीं आया। मैं तो मैडम के दूध के साथ खेलता रहा।फिर थोड़ी देर बाद मैडम नॉर्मल हो गईं। मेरे दूध चूसने के बाद मैडम बाथरूम में चली गईं।बाय मित्रो, मिलते हैं अगले भाग में..

आप सभी मुझे ईमेल जरूर करें। आपके साथ दोस्ती करने में ख़ुशी होगी और आपको भी बहुत मजा आएगाsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

लव बॉय

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

आशू सेक्सी

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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