होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 409 बार

मेरी चूत में गैर मर्द का पहला लंड

मोना सिंह

12 Jun 2016 को प्रकाशित

मेरी चूत में गैर मर्द का पहला लंड
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मेरा नाम मोना सिंह है.. मेरी उम्र 33 साल है.. मेरी शादी हुए 8 साल हो चुके हैं। मेरी हाइट 5’6″ है.. रंग गोरा.. मेरा बदन छरहरा और मेरे मम्मों का साइज 35″ है।मैं टीवी एक्ट्रेस कविता तिवारी की तरह ही दिखती हूँ। मैं भोपाल से 40 किलोमीटर दूर एक छोटे से कस्बे के सरकारी हास्पिटल में डाक्टर हूँ, भोपाल से आना-जाना करती हूँ। मेरे पति भोपाल में ही एक कंपनी में जाब करते हैं और वे अक्सर कंपनी के काम से महीने में 12-15 दिन बाहर टूर में ही रहते हैं।

शादी के 3 साल तक तो मैं एक सती सावित्री औरत की तरह ही थी.. लेकिन आज से 5 साल पहले मुझमें सेक्स की भूख ऐसी भड़की.. जो अब तक नहीं बुझी। यh भूख मुझमें कैसे जगी.. इसकी लंबी कहानी है.. जो मैं विस्तार से आप लोगों के साथ शेयर करूँगी।

वैसे मैंने इन पाँच सालों में अलग-अलग तरह के मर्दों से अपनी चुदाई करवाई है.. चुदाई में चाहे एक मर्द हो या सामूहिक चुदाई कार्यक्रम हो.. मैंने सब तरह का भरपूर मज़ा लिया है.. यहाँ तक की अपनी चुदाई की भूख शांत करने के लिए मैंने अपना जबर चोदन तक करवा लिया है।

पति के अक्सर बाहर रहने के कारण मैं कभी-कभी कस्बे के सरकारी मकान में भी रुक जाती थी। भोपाल से आने-जाने के दौरान मेरी मुलाकात यहाँ एक स्कूल टीचर जिसका नाम माही था.. जो मेरी हमउम्र थी.. से हुई।हम दोनों में काफ़ी गहरी दोस्ती हो चुकी थी।

एक बार उसे काम के सिलसिले में कस्बे ही रुकना पड़ा.. वो मेरे मकान में मेरे साथ ही ठहर गई। हम दोनों में बातचीत के दौरान उसने कहा- मोना इस मकान में तुम अकेली रुकती हो.. तो तुम्हारा दिल नहीं मचलता है?मैंने कहा- क्या मतलब?

वो बोली- मेरा मतलब किसी मर्द को बुलाकर सेक्स करवाने की इच्छा नहीं होती।मैंने कहा- तेरा दिमाग़ खराब है क्या?उसने कहा- इसमें दिमाग़ खराब की क्या बात है.. ये जवान जिस्म मर्दों से चुदाई के लिए ही तो है।मैंने कहा- यदि तू अकेली रहती तो क्या करती?उसने कहा- सेक्स करवाने के लिए अकेले रहने की ज़रूरत नहीं.. वो तो मैं करवाते रहती हूँ।

उसकी बातें सुन कर मैं चौक गई.. मैंने पूछा- तुझे ये सब करते बुरा नहीं लगता?वो बोली- अरे यार.. ये साली चूत बनी ही लण्ड के लिए है.. जब लण्ड का चस्का लगता है तो क्या अच्छा और क्या बुरा.. मेरी मान तो तू भी अलग-अलग मर्दों से चुदवा कर जवानी के मज़े लूट!

मैं हैरानी से और उत्सुकता से उसको सुन रही थी।उसने कहा- मैं दो लड़कों का इंतज़ाम करती हूँ।।मैंने मना किया तो वो बोली- प्लीज़ यार अब मत मना कर।

यह बोल उसने मोबाइल से बात की।मुझे घबराता देख कर वो बोली- घबरा मत बहुत मज़ा आएगा।

दो घंटे बाद रात के करीब 12 बजे 2 लड़के आए, दोनों लगभग 27-28 साल के लग रहे थे.. दोनों 6 फिट लंबे और काफ़ी तगड़े थे।माही ने दोनों से मेरा परिचय कराया।

एक बोला- क्या बात है माही, आज तो तुमने हमारी किस्मत खुलवा दी.. इतनी जबरदस्त माल होगी.. हमने सोचा भी नहीं था।माही बोली- सिर्फ़ सोचना ही नहीं है, चोदना भी है।

एक लड़के ने माही को पीछे से अपनी बाँहों में जकड़ते हुए कहा- मेरी जान तुम जैसा कहोगी वैसा चोदेंगे।उनकी बातें सुन कर तो मेरा दिल इतना ज़ोर से धड़क रहा था मानो फट ही जाएगा।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Mummyon ki adla badli-26

मेरी हालत देख माही ने कहा- घबरा मत.. यह सोच कि ये दोनों तेरे पति हैं.. तू बस नंगी हो जा.. बाकी काम ये दोनों कर देंगे।मैंने कहा- मैं बाथरूम से आती हूँ।

दस मिनट बाद जब मैं बाहर आई तो देखा- तीनों नंगे मेरे बिस्तर पर चूमा-चाटी में भिड़े थे। दोनों लड़के मुझे देखकर मेरी ओर लपके.. दो गैर मर्दों को एक साथ नंगा मैं पहली बार देख रही थी, दोनों के लगभग 7 इंच लंबे और काफ़ी मोटे लण्ड लोहे के रॉड की तरह खड़े थे।

दोनों ने मुझे आगे-पीछे से अपनी बाँहों में भींच लिया और मेरी साड़ी उतारने लगे या कहूँ तो खींच कर फाड़ने लगे।कुछ ही देर में दोनों ने मुझे पूरी नंगी कर उठाया और बिस्तर पर पटक प्रिया।एक ने मेरी टाँगें फैलाईं और अपना मुँह मेरी चूत में चिपका प्रिया।

मैं तो जैसे अकड़ गई.. मैंने भी अपनी दोनों जाँघों से उसके सिर को ज़ोर से दबा लिया। एक लड़का मेरे निप्पल को अपने मुँह में भरकर किसी भूखे के समान चूसना चालू कर प्रिया।

करीब 10-15 मिनट की चुसाई-चटाई के बाद दोनों अलग हुए मेरी चूत तो अब चिपचिपाने लगी थी। इतने में एक लड़का मेरे ऊपर चढ़ा और अपना लण्ड मेरी चूत पर टिका कर ज़ोर का धक्का प्रिया।मेरी तो चीख निकल गई.. उसका लण्ड एक ही बार में गप्प से पूरा मेरी चूत में घुस गया।

मैं और कुछ समझ पाती.. उसने मुझे अपनी बाँहों में ज़ोर से जकड़ा और ‘घचा-घच’ चोदने लगा।मैं भी उसे कसमसाकर कर लिपट गई और नीचे से अपनी गांड उठा-उठा कर चुदवाने लगी।

मेरा सिंगल बिस्तर था.. हम चारों वासना में इतने अंधे हो चुके थे कि बेड पर गुत्थम-गुत्था होकर चुदाई में मस्त थे।कमरे में हम सब की ‘उउउ.. आहह..’ और सिसकारियों के साथ ‘फ़च-फ़च’ की आवाज़ और बेड की चरचराहट गूँज रही थी।

हमारी चुदाई का ये खेल रात 12 बजे से सुबह के 6 बजे तक चला।

चुदाई में दोनों लड़कों ने बारी-बारी से कई पोज़ में जैसे लिटा कर.. खड़े-खड़े.. साइड से.. कुतिया की तरह और अपने ऊपर बिठा कर रगड़कर मेरी चुदाई की।दोनों ने मुझे कितनी दफ़ा चोदा इसका भी मुझे होश नहीं था। मैं बहुत थक चुकी थी.. मेरा पूरा बदन मानो जैसे टूट रहा था.. लेकिन ये दर्द भी बहुत मीठा लग रहा था।

दोस्तो, इसके बाद मैं किससे और कैसे चुदी.. यह अगली कहानी में बताऊँगी। मेरा अनुभव कैसा लगा और चुदाई के नए तरीके आप लोगों के पास हों.. तो मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Mummyon ki adla badli-26
Group Sex Story

Mummyon ki adla badli-26

Mom Nisha ki suhagraat chal rahi thi. Mom ko chod kr main so gya tha. Subah kareeb 6 baje jaag aai to mom mere liye chay le aai thi. Mom ne dress pahan rakhi thi.

11 मिनट 1,141
भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-11
Group Sex Story

भाई बहन की चुदाई के सफर की शुरुआत-11

बहन भाई सेक्स की कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि जंगल कैम्प में मैंने अपनी बहन की चूत चोदी जबकि मेरी चचेरी बहन पास में सो रही थी. उसके बाद मुझे चाचा के कमरे में झाँकने के लिए एक छेद मिल गया.

17 मिनट 998
Sexy Amita Bhabhi Aur Teen Lode – Part 4
Group Sex Story

Sexy Amita Bhabhi Aur Teen Lode – Part 4

Agar aap is story me naye reader hai to pehle aap purane saare part 1 part2 part 3rd ko padhe tabhi maza aayega maine har ek detail daali hai tabhi ye story badi ho rahi hai.

13 मिनट 290

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राजवीर कृषा

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

साहिल वर्मा

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।