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नौकर-नौकरानी पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 976 बार

मेरी माँ की कामवासना

आयुष वर्मा

19 Sep 2012 को प्रकाशित

मेरी माँ की कामवासना
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मेरा नाम रंजन कुमार है. मैं 20 साल का हूँ. ये बात दो साल पुरानी है. मेरे घर में मेरी मॉम, पापा और मैं और हमारा नौकर राजनाथ रहते थे.

मैंने अपने जन्म के कुछ साल बाद अपनी माँ को खो प्रिया था. जिस वजह से मेरी परवरिश के लिए मेरे डैड ने दूसरी शादी कर ली थी.

मेरी नई मॉम एक बहुत सुन्दर औरत हैं. उनका नाम विभा है. उनका 36-32-34 का फिगर था. मेरी नई मॉम मुझे बहुत प्यार करती थीं और उन्होंने मुझे कभी भी सौतेली मॉम जैसा नहीं समझा था. वे मेरी पढ़ाई लिखाई पर बहुत अधिक ध्यान देती थीं. मुझे कभी खेलने के मन होता था, तो मॉम से बड़ी मुश्किल में परमीशन मिलती थी.

खैर कुछ दिन तो मेरी नई मॉम और डैड में बहुत अच्छी बनी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन दोनों में खटपट शुरू हो गई. उनके बीच में किस बात को लेकर दिक्कत थी, शुरू शुरू में ये बात मुझे नहीं मालूम चल सकी थी. पर उन दोनों में अब ज्यादा नहीं बनती थी.

उन दोनों के बीच इतनी अधिक खटास बढ़ गई थी कि अब तो डैड मॉम को मार भी देते थे.

बाद में मुझे जानकारी हुई कि उनकी इस लड़ाई का कारण मॉम की शारीरिक भूख का शांत न हो पाना था.

ये सब कैसे मालूम हुआ, ये सब आपको भी मालूम है कि किस तरह से ये सारी बातें सामने आ ही जाती हैं.

उन दिनों एक नौकर राजनाथ हमारे घर में काम करता था. वो 32 साल का हट्टा कट्टा आदमी था. वो हमारे घर का सारा काम करता था.

एक दिन मैं स्कूल से जल्दी आ गया क्योंकि हमारे स्कूल के टीचर की मृत्यु हो गई थी. उस दिन का मैंने फायदा उठाने की सोची. मैंने सोचा कि आज मैं चुपके से पीछे के रास्ते से घर चला जाऊंगा और कपड़े चेंज करके दोस्त के यहां वीडियो गेम खेलने चला जाऊंगा.

जैसे मैं घर में घुसा, तो मुझे कुछ अजीब सी आवाजें सुनाई दीं. ये आवाजें मुझे मॉम के कमरे के नजदीक से आ रही थीं. मैं देखने रूम में गया, तो मैं अभी हल्का सा दरवाज़ा खोला ही था कि मुझे दिखा कि राजनाथ मेरे मॉम के रूम में झांक रहा है और वो अपना मोटा लंड हिला रहा था.

मेरी मॉम शायद अन्दर नहा कर कपड़े बदल रही थीं. राजनाथ ने मुझे देख लिया, तो उसकी फट गई. वो मेरे पास आकर बोला कि किसी को बताना मत.मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था. मैंने बोला कि अभी तुम्हारी इस हरकत के बारे में मैं मॉम को सब बताता हूं.वो मेरे पैरों पर गिर गया और बोलने लगा कि इसके कारण आपके मॉम डैड मुझको नौकरी से निकाल देंगे.मैंने कहा- तुम हो ही इसी लायक.

तभी वो ये भी बोला कि वो मेरी मॉम से प्यार करता है और उनको हर सुख देना चाहता है.

उसकी इस बात से पहले तो मैं कुछ समझा नहीं. फिर मुझे लगा कि राजनाथ की बात को हल्के में नहीं लेना चाहिए. मैं उसकी बात को सुनने लगा.

उसने बताया कि तुम्हारा बाप तुम्हारी मॉम से शारीरिक संबंध नहीं बना पाता है और बस इसी लिए वो उनको मारता है. मुझे मालूम है कि तुम्हारी मॉम अपनी चूत में उंगली करके खुद को तसल्ली देती हैं. मैंने एक बार गलती से देख लिया था और तब से मैं ये रोज़ देखता हूँ.

मुझे ये सुनकर मॉम पर दया आयी. अब मुझे राजनाथ की बातों में अपनी मॉम का हित दिखने लगा था.

मेरी गम्भीर मुद्रा देख कर राजनाथ ने मुझे आगे बताया कि एक बार मैंने तुम्हारी मॉम के साथ ट्राय भी किया था, पर मॉम ने मुझे भाव नहीं प्रिया था.

मैंने भी सोचा मॉम को भी खुश रहने का हक़ है. राजनाथ के साथ उनका जोड़ ठीक रह सकता है.

मैंने राजनाथ से पूछा कि तुम क्या चाहता हो.उसने बताया कि वो मॉम से प्यार करने लगा है और वो उनको खुश देखना चाहता है.मैंने बोला- ठीक है … मैं मेरी मॉम को पाने में तुम्हारी मदद करूँगा.मेरी इस बात से वो खुश हो गया.

फिर मैंने अगले दिन मॉम से पूछा कि क्या डैड की हरकत से आप परेशान नहीं होतीं.वो बोलीं- हां होती हूँ.मैंने पूछा- आप डैड को छोड़ क्यों नहीं देतीं?वो बोलीं- तुम्हारे कारण.

मैंने बोला- आप मेरी टेंशन मत लो. आपको भी खुश रहने का हक़ है.वो बोलीं- मेरी ख़ुशी बस अपने बेटे में है.मैंने बोला कि जब आप खुश नहीं रहोगी, तो मैं भी खुश नहीं रह पाऊंगा.वो बोलीं- तो मैं क्या करूँ?मैंने बोला- आप डैड को छोड़ दो और नयी ज़िन्दगी शुरू करो.

वो बोलीं- अब मुझे कौन पूछेगा.मैंने बोला कि अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो आपसे प्यार करते हैं.मॉम ने मेरी तरफ हैरत से देखते हुए पूछा- जैसे कौन?मैंने कहा- जैसे राजनाथ.

ये सुनकर मेरी मॉम एकदम हक्की बक्की रह गईं.

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मैंने तभी राजनाथ को बुलाया और मॉम को सारी बात बतायी. मैंने उन्हें ये सब किसी को नहीं बताने की कसम दे दी.

तभी राजनाथ भी बोलने लगा कि वो उन्हें बहुत प्यार करता है और उन्हें हर तरह का सुख देगा.मॉम इस पर कुछ नहीं बोलीं.

मैंने राजनाथ को पापा बोल प्रिया और मॉम को बोला- मुझे ऐसे पापा चाहिए और एक छोटा भाई भी.राजनाथ ने बोला- एक क्यों … दो तीन होंगे.

ये सुनकर मॉम शर्मा गईं.

तभी मैं बोला कि मुझे बाहर जाना है. मैं देर से आऊंगा.मेरी मॉम बोलीं- ठीक है.मैं बाहर निकल गया, तो राजनाथ ने गेट बंद कर प्रिया.

मैं दोनों को समय देना चाहता था. लेकिन मुझे ये भी देखना था कि मॉम और राजनाथ के बीच क्या होगा. इसलिए मैं फिर से चुपके से अन्दर आ गया.

मैंने देखा मॉम राजनाथ की बांहों में थीं और राजनाथ मेरी मॉम को चूम रहा था.

कुछ देर की चूमाचाटी के बाद मॉम धीरे धीरे राजनाथ का लंड सहलाने लगीं. राजनाथ ने भी अपना लम्बा लंड पैंट से निकाल लिया. उसका लंड देखकर मैं समझ गया कि अब मेरी मॉम की ताबड़तोड़ चुदाई होने वाली है. राजनाथ ही वो मर्द है, जो मेरी मॉम को हर सुख देगा.

राजनाथ जोश में मेरी मॉम को चूस रहा था. फिर उसने मॉम की साड़ी उतार दी. अब मॉम सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं. सच कह रहा हूँ, कसम से मेरी मॉम माल लग रही थीं.

उधर राजनाथ भी नंगा हो गया. फिर उसने मॉम को झुकने को बोला और अपना 8 इंच का मोटा लंड मॉम के मुँह में दे प्रिया. मॉम उसके लंड को कुल्फी समझ कर चूसने लगीं.

दस मिनट तक लंड चूसने के बाद राजनाथ ने मॉम को उठाया और बेड पे पटक प्रिया. उसने अपना लंड मॉम की चूत में डाल प्रिया और 20 मिनट तक धकापेल चोदा.

मॉम बस सिहरतीं और गांड उछाल कर उसके लंड का स्वागत करतीं.

कुछ देर बाद मैंने लंड हिला कर खुद को ठंडा कर लिया.

जब मैं शाम को आया, तो राजनाथ ने बताया कि उसने मेरी मॉम को 3 बार चोदा था. ये उसके ज़िन्दगी का बहुत ही खूबसूरत दिन था. मैंने देखा कि मॉम के चेहरे पर भी चमक थी. मॉम आज बहुत खुश थीं. मेरी मॉम को उनका असली मर्द मिल गया था और मुझे मेरी मॉम का पति मिल गया था.

मैंने मॉम से पूछा- क्या मैं राजनाथ को पापा बोल सकता हूँ.मॉम शर्मा गईं.राजनाथ बोला- हां.मॉम ने मुझे पकड़ लिया.

मैं समझ गया कि मॉम की भी हां है. बस उस दिन से मैं राजनाथ को पापा बोलने लगा … क्योंकि मेरी मॉम विभा का पति का फ़र्ज़ वो ही निभाते थे. मेरे मॉम के असली मर्द थे वो.

अब मॉम और राजनाथ रोज़ चुदाई करते और घर के अकेले में ऐसे रहते, जैसे मियां बीवी हों.

राजनाथ ने मॉम को बोला- आप पति से तलाक ले लो और मुझसे शादी कर लो.मैंने भी मॉम को बोला- राजनाथ को मेरा ऑफिशियल बाप बना दीजिए.वो मान गईं.

मॉम ने फिर अपने पति से तलाक ले लिया और मेरी मॉम विभा ने अपने मर्द राजनाथ से विवाह कर लिया और अपना नाम भी बदल लिया.

उस रात मॉम की सुहागरात की सेज को मैंने खुद अपने हाथों सजाया. यहां आज से मेरा नया बाप आज से मेरी मॉम के साथ सोने वाला था और उन्हें चोदने वाला था.

उनकी नई जिन्दगी शुरू हो गई. आज मेरी मॉम और मेरे बाप राजनाथ के 2 और औलादें हैं और वो बहुत खुश हैंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

शशि राजीव खन्ना

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

प्रिया गुप्ता

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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