होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,268 बार

मेरी प्यारी चारू –2

जगेश

03 Jan 2019 को प्रकाशित

मेरी प्यारी चारू –2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, मैं और चारू दोनों ही प्यार के रंग में सराबोर होने के लिए तड़प रहे थे। अब सिर्फ़ चुम्बन करने और गले लगने से हमारा मन नहीं भरता था। हम दोनों सेक्स की आग में झुलस रहे थे और रास्ता खोज रहे थे कि हम एक-दूसरे से जी भर के प्यार कर सकें।

एक दिन की बात है जब हम रात को 12 बजे फोन पर बात कर रहे थे और वॉयस-सेक्स कर रहे थे।तभी बातों-बातों में चारू ने कहा- आज पापा बाहर गए हैं, तुम मेरे घर आ जाओ, मैं गेट खुला रखूँगी, तुम जल्दी से अन्दर आ जाना। पापा रात को 4 बजे तक आयेंगे और मम्मी सो गई हैं।

पहले तो मैं घबरा रहा था, फिर मैंने अपने आप को धीरज दिया और जाने को राज़ी हो गया।

मैं 12.30 बजे घर से निकल कर उसके घर की तरफ चल दिया। उसका घर मेरे घर के पास में ही था सो मैं 5 मिनट में ही उसके घर पहुँच गया।

दोस्तों मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। साथ में वासना की आग भी लगी हुई थी, जो मुझे एक जुनून दे रही थी। मैं जैसे-तैसे उसके घर जाकर गेट तक गया, वो गेट की आड़ में खड़ी थी। मैं झट से अन्दर चला गया और उसके कमरे में चला गया। उसका कमरा पहली मंज़िल पर था और दूसरी मंज़िल पर उसकी मम्मी सो रही थीं।

हमने कमरे में जाकर अन्दर से कुण्डी लगा ली और मैं झट से उसके गले लग गया।

वो भी मुझे ‘जगेश मुझे प्यार करो ना.. आई लव यू !’ बोल रही थी और मैं उसे चूमे जा रहा था। कहीं गले पर तो कहीं गालों पर उसने आसमानी रंग का पजामा और लाल टी-शर्ट पहनी थी, उसके बाल खुले हुए थे। वो मस्त लग रही थी। मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर लिटाया और उसके बालों में हाथ डाल कर उसे चूमने लगा। हम दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए थे। हमारे गुप्तांग एक-दूसरे को छू रहे थे जिसका अहसास हमें अच्छे से हो रहा था।

अब मैंने उसे चूमते हुए उसके टी-शर्ट से होते हुए उसकी कमर में हाथ डाला और धीरे-धीरे सहलाने लगा। वो लम्बी-लम्बी ‘आहें’ भर रही थी। पहली बार मैंने इस तरह से उसे छुआ था। वो मस्त हो कर प्यार के इस रंग में सराबोर हो रही थी।

अब मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसके गले पर और पेट पर चुम्बन करने लगा। उसने हल्के नीले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैं ऊपर से ही उसके मम्मे दबा रहा था। उसे भी बहुत मज़ा आ रहा था।

वासना की लहरों पर सवार मैंने उसका पजामा उतार दिया। हल्के नीले रंग की पैन्टी और ब्रा में वो मस्त लग रही थी। उसकी मस्त-मस्त टाँगों और बदन पर, उसकी नाभि पर हाथ फेर रहा था और अपनी ज़ुबान से उसे छेड़ रहा था।

यह भी पढ़ें (Recommended)

एक कप चाय के बदले

उसे बहुत मज़ा आ रहा था, जो उसकी मादक सीत्कारों से समझ आ रहा था। मैंने भी अपनी टी-शर्ट और पजामा उतार दिया। अब मैं अंडरवियर में और वो ब्रा-पैन्टी में थी।

मैं उसके पूरे बदन पर चुम्बन कर रहा था और उसके मम्मे को हल्के हल्के दबा रहा था। वो भी मेरी बांहों में सिमट कर मुझे चूम रही थी। मेरी छाती पर अपने हाथों से अठखेलियाँ कर रही थी।

अब बारी थी चारू की ब्रा उतरने की, जो मुझे उसके स्तनों से दूर कर रही थी। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके मम्मों को ब्रा से आज़ाद कर दिया।

क्या मस्त मम्मे थे उसके !

मैंने पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था। उसकी लाल-गुलाबी चूचुक और नरम नरम संतरों पर मैं अपने होंठों से चुम्बन करने लगा। उसके चूचुकों को मुँह में लेकर चूसने लगा।

वो ‘आ… आहह…’ की आवाज़ करने लगी। ये सब बहुत मस्त लग रहा था और मेरा लण्ड तो जैसे कड़क होकर एकदम लम्बा हो गया था।

अब मुझसे रहा नहीं जाता था, मैंने उसकी और अपनी दोनों की पैन्टी और अंडरवियर उतार दी। अब हम दोनों नंगे थे। वो मेरे लण्ड को अचम्भे से देख रही थी और उसे अपने हाथ से छू कर देख रही थी और मैं उसके योनि-द्वार को हाथों से छू रहा था और अपनी उंगली धीरे-धीरे उस पर फेर रहा था।हम दोनों प्यार में मस्त हो रहे थे और एक-दूसरे को जी भर कर चूम रहे थे।

अब वो घड़ी आ गई थी दोस्तों, जिसका हम दोनों ही इंतजार कर रहे थे और जो हमने सिर्फ ब्लू-फिल्मों में ही देखा था। आज हम वो सब करना चाहते थे, जो हमने दोस्तों से सुना था कि सुहागरात में ही ये सब होता है।हम दोनों एक-दूसरे की बांहों में थे और मैं इस पल को इतनी जल्दी नहीं समाप्त होने देना चाहता था।

फिर मैं उसे अपनी शरारतों से और तड़पाने पर मजबूर करने लगा और कैसे मैंने उसे तड़पाया और फिर हम वो सब करने में कामयाब रहे। यह सब जानने के लिए अगली कड़ी को जरूर पढ़ें।दोस्तो, जिसको हमने बहुत प्यार किया और मैंने अपने योनि को चुम्बन करने के अरमान को सफल बनाया।अपनी राय मुझसे शेयर करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मेरी प्यारी चारू

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

पड़ोस की लड़की से मुहब्बत भरा सेक्स
पहली बार चुदाई

पड़ोस की लड़की से मुहब्बत भरा सेक्स

इन कहानियों को पढ़कर मुझे भी लगा कि मैं भी अपनी एक अपनी सच्ची घटना आपके सामने रखूँ।

7 मिनट 298
एक कप चाय के बदले
पहली बार चुदाई

एक कप चाय के बदले

दोस्तो, यह मधुर आपका कामदेव की इस दुनिया में तहे दिल से स्वागत करता है।

11 मिनट 1,116
चुपके चुपके चूत चोदने का मजा
पहली बार चुदाई

चुपके चुपके चूत चोदने का मजा

यह मेरी जिन्दगी की सच्ची कहानी है।

12 मिनट 325

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।