होम पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 313 बार

मैट्रो में मिली सेक्सी सोनिया -4

अजय सिन्हा

12 Feb 2019 को प्रकाशित

मैट्रो में मिली सेक्सी सोनिया -4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैं उसकी चूत से अपना मुँह लगा कर चूस रहा था, कभी पूरी चूत अपने मुँह को पूरा खोल कर अन्दर ले रहा था तो कभी अपने दोनों हाथों से उसकी बुर को फैला के जीभ अंदर डाल रहा था। सोनिया की बुर फैलाने पर अंदर का गुलाबी नज़ारा पागल कर देने वाला था।अब मैं चूत के ऊपरी हिस्से को अपने होटों में लेकर खींच रहा था तो कभी दांतों से काट रहा था।

अब मुझे भी अपना लंड चुसवाने का मन हुआ तो मैं 69 पोजीशन में आ गया। तो सोनिया ने भी देर न करते हुए मेरे लंड पर ढेर सारा थूक लगा के मुठ मारने लगी।नीचे मैं भी सोनिया का चूत चाट चूस कर उसे बेहाल किये हुए था।

अब मैंने अपना लंड उसके होठों पे रख प्रिया जिसे वो अपना मुँह खोल कर खाने को तैयार हो गई।सोनिया पूरी खिलाड़िन जैसे मेरा लंड चूस रही थी, कभी लंड के टोपे को कभी पूरा लंड अपने गले तक ले रही थी, साथ में मेरी गोटियों को भी सहला रही थी।

नीचे मैं अब उसके चूत में ऊँगली डाल चुका था और चूत के दाने को सहला रहा था जिससे सोनिया अपने चूतड़ खूब हिला हिला कर मज़ा ले रही थी, ऐसा लग रहा था कि वो कभी भी झड़ सकती है। जितना उसे मज़ा आ रहा था उतनी ही तेजी से में वो मेरा लंड चूस रही थी और गांड को उछाल उछाल के चुसवा रही थी।

अचानक उसकी जांघों ने मेरे सर को कस लिया, वो अचानक अपने शरीर को इधर उधर करने लगी, वो पूरी तरह से झड़ चुकी थी। उसकी बुर से निकली मलाई मैंने चाट कर साफ़ कर दी।आअह… दोस्तो, किसी भी अपने सेक्स पार्टनर को इतना संतुष्ट देख कर सच में बड़ी ख़ुशी मिलती है।

पर अभी तक मेरा माल निकलना बाकी था।खैर मैंने उसकी परवाह नहीं की, सोनिया के मुँह से अपना लंड निकाल कर सोनिया को अपने बाँहों में लेकर लेट गया।ऐसे ही नंगे लेट कर हम लोग एक दूसरे से छेड़ छाड़ कर रहे थे, कभी सोनिया मेरे निप्पल को खींचती तो मैं उसके निप्पल को दांत से हक्का काट देता।

ऐसे ही एक दूसरे से छेड़छाड़ करते हुए सोनिया फिर से जोश में आने लगी। अब मैं उसकी चूत को हाथ से सहला रहा था वो मेरे लंड को मुठिया रही थी।मैंने भी देर न करते हुए सोनिया को हल्का तिरछा किया और उसका एक पैर ऊपर उठा कर बुर पे लंड रख प्रिया। बुर गीली होने के कारण हल्के धक्के में ही मेरा लंड उसकी बुर में आधा चला गया।अब मैं सोनिया के होटो को चूस रहा था और नीचे हल्का हल्का चोद रहा था।

तभी मैंने अपना लंड चूत से निकाला, केवल टोपा रहने प्रिया और एक तेज़ शॉट से पूरा लंड अंदर पेल प्रिया।सोनिया के मुंह से हल्की सिसकारी निकली- आआह्हह… आराम से… कही भागी नहीं जा रही हूँ।थोड़ी देर वैसे ही चुदाई करने के बाद बुर में लंड लगाये हुए मैं उसे लेकर पलट गया जिससे सोनिया मेरे ऊपर आ गई थी।

अब वो अपना दोनों पैर मोड़ के मेरे लंड पर बैठ गई, पूरा लंड अंदर जड़ तक जा घुसा था, वो उछल उछल कर मुझे चोद रही थी।उसके हर धक्के पर उसकी चूची मस्त ऊपर नीचे उछल रही थी जिन्हें देख कर मुझे और मस्ती आ रही थी।नीचे से मैं भी अच्छे से अपने कूल्हे उठा उठा कर अब तेज़ी से उसे चोद रहा था।

उसने मेरे ऊपर झुक कर अपनी एक चूची मेरे मुँह में दे दी। अब सोनिया के निप्पल को चूसते हुए नीचे मैं बहुत तेजी से उसे चोद रहा था।कुछ देर बाद वो कहने लगी- विजय, तुम ऊपर आओ अब!मैं ऊपर आ गया सोनिया के, एक कमाल की सेक्सी माल को अब मैं बहुत जंगली तरीका से चोदने वाला था।

अब तो मैं सोनिया को बहुत तेज़ी से चोद रहा था आअह्ह्ह…सोनिया के मुख से केवल सिसकारी निकल रही थी ‘आअह्ह ऊआह्ह्ह… फ़क मी विजय… आआह्ह… ह्हह्हह्ह…’उसकी आवाज़ भी साफ़ नही निकल रही थी इतनी मदहोश थी मेरी जान!मैं भी लंड को उसके बच्चेदानी तक पेल रहा था।

यह भी पढ़ें (Recommended)

बस के सफ़र से बेडरूम तक-2

सोनिया ने अपनी जांघें मेरी कमर में लपेट ली और मुझे कस लिया, कहने लगी- और कस के विजय जान… और कस के चोदो। फाड़ दो मेरी चूत को मेरी जान।वो पागलों की तरह बकने लगी, कहने लगी- आ रही हूँ मैं… विजय और कस के चोदो मुझे!

तभी सोनिया का शरीर अकड़ने लगा, वो कहने लगी- कस के पकड़ लो मुझे विजय, मेरा शरीर कांप रहा है।और सोनिया मेरे पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी।

कुछ देर बाद वो पूरी तरह से शांत हो गई थी पर मैं अभी कहाँ शांत हुआ था तो मैंने सोनिया को घोड़ी बनने को कहा।वो झट से अपने कूल्हे उठा कर मेरे सामने कुतिया के रूप में चौपाया खड़ी हो गई।मैंने भी उसकी कमर पकड़ी और पीछे से लंड डाल के चोदने लगा।

दोस्तो, क्या बताऊँ, मुझे डॉगी स्टाइल बहुत पसंद है।अब मैं सोनिया को सटासट पेलने लगा, कभी कमर पकड़ के, कभी कूल्हों पर चांटे मार मार कर!उसे भी अब मज़ा आने लगा था, सोनिया भी अपने चूतड़ आगे पीछे करके फ़ुद्दी चुदवाने का मज़ा पूरा ले रही थी।

आअह्हह… सच में मैं अब सातवें आसमान पर था, अब ऐसा लग रहा था कि मेरा भी माल निकल जायेगा।मैंने सोनिया से कहा तो बोली- अभी कंटोल करो 2 मिनट, मैं भी ओर्गस्म पर आ ही रही हूँ!तो मैंने अपना स्पीड थोड़ी कम की लेकिन चूत की जड़ तक मैं अपना लन्ड पेल रहा था।

जैसे ही मैंने अब तेज़ चोदना चालू किया, सोनिया फिर से कहने लगी- हाँ विजय… अब और तेज़… फ़क मी हार्ड विजय!मैं भी पूरे जोश में करता रहा।अब कंट्रोल नहीं हुआ तो सोनिया की चूत में ही अपने लंड का लावा छोड़ प्रिया।

मेरा छुटना था कि सोनिया भी आनन्द के चरम शिखर पर पहुँच गई, उसकी चूत ने रस छोड़ प्रिया और मेरे साथ ही बह निकली।‘आआआह ह्हह्ह…’ मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो हम दोनों का रस मिल कर उसकी चूत से बाहर आ रहा था।

फिर सोनिया और मैं एक साथ बाथरूम गए और साफ़ कर के एक दूसरे की बाहों में आराम करने लगे।उसके बाद हम दोनों ने कई बार चुदाई की।

दिल्ली के सफ़र को मेरी सोनिया ने यादगार बना प्रिया था।

तो दोस्तों कैसी रही मेरी चुदाई की कहानी… मेल करके बताना!support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

मैट्रो में मिली सेक्सी सोनिया

कुल भाग: 4
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मेरी चालू बीवी-56
कोई मिल गया

मेरी चालू बीवी-56

इमरानशहर के भीड़ वाले एरिया से बाहर आ मैंने सलोनी को बोला- जान, अब कपड़े बदल लो !सलोनी आसपास आती जाती गाड़ियों को देख रही थी…सलोनी- ठीक है.. पर हम जा कहाँ रहे हैं?मैं- अरे यार, देख लेना खुद जब पहुँच जायेंगे !

6 मिनट 1,316
कुंवारी ननद और उसकी भाभी की चूत चुदाई
कोई मिल गया

कुंवारी ननद और उसकी भाभी की चूत चुदाई

हैलो दोस्तो, मैं आशू अभी राँची में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ। मेरी आयु अभी 21 वर्ष है। मुझे कहानी पढ़ने का शौक मेरे दोस्तों से लगा.. जिसके जरिए आज मैं अपनी सच्ची घटना लिख रहा हूँ।मेरी यह कहानी औरों की तरह झूठी नहीं है.. यह हकीकत में घटी एक घट...

10 मिनट 1,124
बस के सफ़र से बेडरूम तक-2
कोई मिल गया

बस के सफ़र से बेडरूम तक-2

योनि की जगह से उनकी कच्छी पूरी गीली हो गई थी, मैडम की चूत पूरी पनिया गई थी, मैंने अपना हाथ कच्छी के अंदर घुस प्रिया और उनकी चूत के दाने को मसलने लगा।जैसे ही चूत के दाने को मैंने मसला तो मैडम पूरी तरह से कसमसा गई और सीईई… सीई ईईई… सी… सी.. मुँह से आव...

10 मिनट 897

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

तनु गुर्जर

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

अजय जोधपुर

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

p

pawankumar1814

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।