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भाभी की चुदाई पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 1,022 बार

नई भाभी की सुहागरात मेरे साथ-2

आदित्य तिवारी123

15 Jun 2024 को प्रकाशित

नई भाभी की सुहागरात मेरे साथ-2
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मेरी सेक्स कहानी के पहले भागनई भाभी की सुहागरात मेरे साथ-1अब तक आपने पढ़ा था कि किसी कारणवश भैया की शादी के बाद उनकी सुहागरात नहीं हो पाई थी और भाभी अपने मायके चली गई थीं. मुझे उनको लाने का कहा गया और मैं भाभी के मायके में आ गया था. इधर मेरा नसीब जाग गया और मुझे भाभी के साथ सुहागरात मनाने का मौका मिल गया. ये सब कैसे हुआ, आईये जानते हैं.

भाभी के यहां एक फायदा तो था, साला बॉथरूम जाकर आराम से मुठ मारो, पता नहीं चलेगा कि ये गया क्यों है. क्योंकि लेटबॉथ कॉमन ही था.

बस क्या था, मैं गया. इस बार सपने में भाभी को पकड़ कर ऐसे पकड़ा, किस किया और फिर उनको सपने में चाटने लगा, बोलने लगा- भाभी आप ऐसी हो, वैसी हो.वहां एक 34 की ब्रा भी टंगी थी, उसको ऐसे दबा रहा था, जैसे भाभी के दूध दबा रहा होऊं. मुझे बड़ा मजा आ रहा था.

फिर लंड हिलाया, मुठ मारी और बाहर चला आया. उसके बाद भाभी ने वहीं बोल प्रिया- क्यों देवर जी, तुम्हारा पेट बहुत खराब होता है?मैं कुछ नहीं बोला, बस स्माइल ही करके रह गया. रात के 9 बजे करीब सबने खाना खाया.

भाभी के पापा ने बोला- चलो आदी, तुम हमारे साथ सो जाओ. तुम्हारी भाभी आंटी एक साथ हो जाएंगे.मैं बोला- अंकल आप सोइए, मुझे एक चादर दे दो. आप आराम से सो जाओ, मैं यहीं हॉल में सोफे में सो जाऊंगा.अंकल बोले- क्यों?मैंने कहा- मैं अभी टीवी देखूंगा, उसके बाद यहीं सो जाऊंगा. घर पर तो सोफे ही में सोता हूं.आंटी बोलीं- हां ठीक है बेटा … जैसा तुम ठीक समझो.

अंकल को आंटी खींच कर ले गईं. आंटी भाभी को भी बोलीं कि अब तू अपने रूम में अकेली सो जा, मैं तो अपने ही रूम ही सोऊंगी. कई दिन से नींद अच्छी नहीं आई है.मेरे हिसाब वो चुदी नहीं होंगी, इसलिए अंकल भी जल्दी में उनके साथ चले गए.भाभी भी बोलीं- ठीक है मम्मी … मैं अभी यहीं आदी के साथ बैठी हूं, फिर चली जाऊंगी.

मैं और भाभी अकेला था. भाभी बोलीं- क्यों आदी, तुम क्या करते हो?मैंने कहा- भाभी पढ़ाई … ग्रेजुएशन अभी कम्प्लीट हुआ है. अब कोचिंग क्लासेस फिर एमएससी करना है.भाभी ने नॉर्मल ही पूछा- वैसे कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?तो मैंने कहा- भाभी है तो, पर क्यों?भाभी बोलीं- अरे जब से आए हो, पर मोबाइल से नहीं लगे हो ना, इसलिए पूछा.“ऐसा कुछ नहीं, जब मिलना हो, तो मिल लेता हूँ, जब बात करना हो, तो कर लेता हूँ, ऐसे चैटिंग वगैरह कम ही करते हैं.”

भाभी बोलीं- हां वो सब ठीक है, वैसे तुमने बहुत ग़लत किया.मैंने बोला- भाभी क्या ग़लत किया?भाभी बोलीं- चलो रूम में चलो, कुछ बताती हूं.मैंने एकदम से सोचा कि रूम में क्यों?

भाभी बोलीं- चलो तो, डरो मत. भाभी की एक बात नहीं मानोगे क्या?मैं बोला- क्या भाभी इमोशनल कर रही हो … वो भी डरा करके.भाभी बोलीं- डरो मत आदी … अच्छे से चल … कुछ पूछना है, बस आ जाना और मेरा रूम भी देख लो.मैं बोला- ठीक है.

मैं नई भाभी के साथ अन्दर आ गया. काफी अच्छा रूम था, तो मैंने भाभी को कहा- नाइस रूम.भाभी बोलीं- तुम्हारे भैया बोल रहे थे तुमने रिश्वत ली है … मेरे को ले जाने के लिए?मैंने बोला- क्या भाभी?भाभी ने तुरंत कहा- तुमने उस रात पूरा तो निचोड़ लिया था उसको … अब क्या बचा है. वैसे तू बोले तो मैं एक बार और चुदवा दूंगी, पर मेरी एक बात मान ले.

मैं भाभी की भाषा सुनकर एकदम से चौंक गया था. उनकी ये सब कहने में फटी ही नहीं, क्योंकि बताना होता तो पहले ही बता देतीं.अब मैं बोला- भाभी, आप ये क्या कह रही हो?भाभी बोली- ज्यादा बन मत … तूने रेनू का नम्बर मांगा है ना … भैया ने बताया था कि उसको नम्बर दे दियो, वो हर काम करता है … और रेनू ने भी बताया था कि दीदी तेरी शादी में मेरी सुहागरात ही गई … तेरे पति के किरायेदार के लौंडे ने क्या चोदा था. उसने सब बताया.

मैं बस हतप्रभ था और भाभी के मस्त चूचे देखे जा रहा था.

भाभी- तो मेरा एक काम कर दे बस … फिर कुछ नहीं … और फिर उसके मजे और भी दिलवाऊंगी.मैं बोला- ऐसा है तो आप अपना काम बोलो … मैं बिना रिश्वत के कर दूंगा.भाभी- तू तो जानता ही है ना, तेरा लंड मेरे पिछवाड़े को चूम चुका है … शादी के दिन तू मुझे सपने में चोद तो चुका है ना … तो आज सुहागरात भी मना ले मेरे से … यार शादी तक बचा कर रखी थी कि तेरे भैया ही तोड़ेंगे, पर आज तू ही तोड़ दे, मुझसे इन्तजार नहीं हो रहा!

यह बात सुन कर मैं बौखला गया था.

भाभी- मैं आज तक किसी से चुदी नहीं हूं. तेरे भैया से चुदाने के लिए कोरी बनी रही, पर यार अभी भी उनसे चुदने के लिए एक दिन का वेट मुझसे नहीं होगा.मैं अपने लंड पर हाथ फेरने लगा.भाभी- यार, आज तू मुझे अपनी रखैल बना ले.मैं बोला- ऐसा था तो आप डरा क्यों रही थीं. मैं तो आपको पहले ही चोद देता. मैं जब से आया हूं, तो दिमाग में यही सब चल रहा है.भाभी ने कहा- अच्छा बेटा.मैंने कहा- बचो भाभी!

बस मैं उनके ऊपर टूट पड़ा. क्या शरीर था … बहुत चिकने हाथ, चिकनी साड़ी में उनका हर अंग बहुत कोमल, चिकने फर्श की तरह कड़क माल के जैसी गर्म भाभी.मैं भाभी को पकड़ कर एकदम टाईट हग करने लगा और बोला- भाभी, भैया की किस्मत अच्छी है, वरना मैं तो आपसे ही शादी करता. पर भैया की शादी में जब से देखा, आप दूसरे की हो रही थीं … पर मेरा लंड तो आपकी चूत के लिए एकदम तैयार था.भाभी बोलीं- अच्छा ऐसा … तो आने के लिए क्यों मना कर रहा था?मैं बोला- भाभी पता था कि आप भैया से चुदोगी और यहां आने के बाद मेरा कुछ होगा तो है नहीं … तो बस इसलिए कर रहा था.भाभी ने कहा- चल कुछ नहीं … अब चोद ले ना … अब तो पूरी रात तेरी हूं.

मैं बोला- भाभी एक बात और पूछनी है … आप मुझसे ही क्यों?भाभी बोलीं- शादी के दिन तेरा ही पहला लंड टच हुआ था. फिर रेनू ने भी बताया कि तूने उसको मस्त चोदा. उसने मुझसे कहा कि उससे मौका मिले, तो चुदवा लियो. वो तो साली आग लगा कर चली गई, पर मैं रह गई. फिर तू मिल गया और तेरे भैया तो कल ही चोदेंगे ना, तब तक मैं बिना लंड के नहीं रह सकती. आज अभी तू है ही मेरे पास … मैं तेरे भैया से बस मिली हूं, तब से ही सोच रही हूँ कि बस ऐसा होगा. वैसा होगा … उन्होंने अब तक किया तो कुछ नहीं. वो बोलते तो मैं एक पैर से चुदवा लेती. बस तो आज तू जब से आया है, तब से बस तेरे लंड को याद कर रही हूं. तेरे भैया लेट ही हैं तो लेट ही सही, तू चोद न.मैं- ठीक है भाभी.

मैं उनकी गर्दन में किस करने लगा. भाभी का शरीर सोने जैसा चमक रहा था. भाभी ने ब्लू कलर की साड़ी पहनी हुई थी. मैं उनको चूम रहा था. कभी गले में, कभी लिप्स में चूमता रहा. जैसे बच्चे को माँ चूमती है ना … वैसे ही भाभी को चूमा.बस वो ‘उन्ह आंह..’ कर रही थीं.

भाभी का एक ही दूध मेरे हाथ में नहीं आ रहा था. मैं उनको हल्के हाथ से धीरे धीरे घुमा रहा था और बड़े प्यार से सहला रहा था.मैंने उनके लिप्स में अपने होंठों को रखा और चूसने लगा था.“भाई धीरे धीरे …” भाभी बोली.पता नहीं … बड़ा मजा आ रहा था. भाभी भी मेरा साथ दे रही थीं. भाभी की चुत में मेरा लंड पैन्ट के ऊपर से जाने तैयार था, एकदम चिपका हुआ था.

भाभी इतनी कोमल नाजुक लग रही थीं यार … बता नहीं सकता. इतनी गजब खुशबू आ रही थी उनके शरीर से … वो मुझे मदहोश करती जा रही थीं. वो भी बड़े प्यार से मेरे लब चूस रही थीं.उनका हाथ पैन्ट के ऊपर से ही मेरे लंड को छूने की कोशिश कर रहा था.

मैंने भाभी की साड़ी खोल दी. हमको किसी का डर नहीं था, हम बेखौफ बस एक दूसरे को चूम रहे थे. उसके बाद मैंने भाभी को बड़े आराम से मोम के पुतले की तरह पकड़ा, जो कि इस वक्त बिल्कुल ब्लाउज और पेटीकोट में थीं. मैंने भाभी को बिस्तर में लेटा प्रिया और अपने कपड़े उतार दिए.

फिर मैंने उनके ब्लाउज को अलग कर प्रिया. मैं भाभी ऊपर लेट कर किस करने लगा और चूमने लगा. उनके गले को चाटते हुए उनके एक दूध को अपने मुँह में डाल कर चूसने लगा और दूसरे मम्मे के निप्पल के साथ खेलने लगा.भाभी की कमर बहुत ही चिकनी और पतली थी, वो भी मुझे चूम रही थीं, साथ में बड़ी गरम आवाजों में ‘आह उह..’ भी कर रही थीं

मैंने इसके बाद एक हाथ पेटीकोट पर ले जाकर उनका नाड़ा खोल प्रिया. फिर उनकी पैन्टी में हाथ डालकर पेटीकोट और पैन्टी दोनों को एक साथ नीचे खींच प्रिया. नीचे से भाभी के नंगे होते ही मैं उनकी चूत में हाथ फिराने लगा. भाभी की चुत क्लीन शेव थी. मैं उसमें उंगली घुमा रहा था. भाभी ने पैर फैला दिए थे. मैंने नीचे होकर उनकी चूत पर मुँह रखा और उनको किस करते हुए चूत को चाटने लगा.

भाभी इतनी जल्दी झड़ गईं कि बता ही नहीं सकता. मैंने भाभी की चूत को चाट कर एकदम साफ कर प्रिया. भाभी ने गरमाते हुए मुझे अपने ऊपर आने को कहा, तो मैं उनके ऊपर चढ़ गया. उनसे लिपट गया. भाभी ने मेरे लंड को हाथ में पकड़ा और धीरे धीरे अपनी चूत पर टिका कर उसे चूत पर रगड़ते हुए हिलने लगीं. वे मेरे लिप्स को किस भी कर रही थीं.

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फिर उन्होंने उठ कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और बड़े प्यार से लंड चूसने लगीं. लंड को भाभी के मुँह की गर्मी का अहसास होते ही मुझे बड़ा मजा आने लगा था. मैं तो मानो जन्नत में था. मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितना मजा आ रहा था.

भाभी लॉलीपॉप की तरह लंड चूस रही थीं. मैं बस उनके सर पर हाथ रखकर बस लंड चुसाए जा रहा था. अब मैं झड़ने ही वाला था. मैंने लंड खींचने की कोशिश की, उनको इशारा भी किया, पर उन्होंने लंड को नहीं छोड़ा. मैं भाभी के मुँह में ही झड़ गया.

मैं एकदम से उनके मुँह में झड़ कर निढाल हो गया. अभी तो सिर्फ उनके मुँह में झड़ने से ही मैं निढाल हुआ था. जब कि अभी पूरी चुदाई बाकी थी.उधर भाभी मेरा पूरा माल अन्दर ही गटक गईं, उन्होंने एक भी बूंद खराब नहीं जाने दी.

अब मेरी बारी थी. मैंने बड़े प्यार से उठाया और उनके किस करते हुए उनको बेड पर चित लेटा प्रिया. मैं उनके एक दूध को मुँह में डाल कर चुसक रहा था और एक हाथ उनकी चूत पर फेर रहा था. मैं उनकी चूत को छू रहा था, उनकी चूत बहुत गीली थी. हल्का हल्का चिकना पानी सा निकल रहा था.

भाभी मेरी पीठ पर हाथ फिरा रही थीं. एक पल बाद मैं उल्टा हो गया और मैंने फिर से भाभी को अपना लंड मुँह में दे प्रिया. इधर मैं भाभी की चूत में किस करने लगा. भाभी अभी भी मेरे लंड को चाव से चाट रही थीं, चूस रही थीं. मैं भी उनकी चूत को बड़े प्यार से चाट रहा था. ये प्यार मैंने अपनी बीबी के लिए बचाया था. वो भाभी में लुटा रहा था. हम दोनों अब फिर झड़ रहे थे. मैं फिर से भाभी के मुँह में झड़ गया.

एक बार भाभी की चूत से भी ढेर सारा पानी निकला. मैं भी उनकी चूत को फिर पूरा चाट कर साफ़ कर गया.

अब भाभी कह रही थीं- आदी तुमने बिना लंड डाले ही इतना मजा दे प्रिया है, तो अभी तो मेरी चूत में लंड जाने पर क्या न कर दोगे.मैंने बोला- भाभी आप मेरी सपनों की रानी हो, मुझसे जितना बन सकेगा आपको खुश करने में मैं पूरी कोशिश करूंगा.

मैं भाभी को लिप किस करने लगा और अब मैं अपने लंड को भाभी की चूत में घिस रहा था, रगड़ रहा था.

हम दोनों फिर से तैयार थे. मैं भाभी को पकड़ कर चूम रहा था, चाट रहा था, मेरा लंड भाभी की चुत चाट रहा था. मुझे बड़ा आनन्द आ रहा था. अब मैंने भाभी को बोला कि भाभी आप पलंग के चादर को मुँह में डाल लो, आपका पहली बार है तो दर्द होगा.भाभी कुछ नहीं बोलीं और हंसते हुए चादर मुँह में डाल ली.

मैंने भाभी को पलंग में थोड़ा बाहर तरफ खींचा और उनकी दोनों टांगों के बीच में खड़ा हो गया. मैंने खड़े होकर अपना लंड भाभी की चूत में सैट किया और तो धीरे से धक्का मारा, तो लंड अन्दर नहीं गया. मैंने फिर से थोड़ा सैट करके एक जोरदार धक्का मारा, तो भाभी के मुँह से उनकी घुटी हुई आवाज निकली. मैं उनके मुँह से चादर निकाल कर उनको किस करने लगा … और उनकी कमर में हाथ चलाने लगा.

मैंने थोड़ा रुक कर दर्द कम होने का इंतजार किया. फिर थोड़ी देर में भाभी के हाथ मेरी पीठ में चलने लगे.

अब मैंने बोला- भाभी तैयार हो जाओ.अब मैंने उनके मुँह में फिर चादर डाला और उन्हें एक और झटका प्रिया और लंड एकदम से अन्दर घुस गया, पर भाभी दर्द से रोने लगीं. मैं जल्दीबाजी न करते हुए रुकते हुए भाभी के ऊपर लेटा रहा. उनके मुँह से चादर निकाल कर बड़े प्यार से उनके होंठों को किस कर रहा था. मैं उनके आंसू पौंछ रहा था.

फिर मैं थोड़ी देर में भाभी की चूत में लंड ऊपर नीचे करने लगा और किस करते हुए ठोकर देने लगा. भाभी की चूत ने पानी छोड़ना चालू कर प्रिया था, जिससे ऐसा लग रहा था कि मेरे लंड में अब चिकनापन आने लगा हो.

मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा. अब भाभी भी अपनी चूत उठा कर मेरा साथ दे रही थीं. मैं उन्हें धकापेल चोदे जा रहा था.कुछ पल बाद भाभी बोलीं- अब मुझे तुम्हारे ऊपर होकर चुदवाना है.

मैं तुरंत भाभी के नीचे हो गया. मेरा लंड भाभी की कुंवारी चूत की सील टूटने से निकले खून से लाल हो गया था … बिस्तर में भी थोड़ा लाल सा खून लगा हुआ था. मैंने उनको कुछ नहीं बताया.भाभी मेरे लंड पर सवार हो गईं. वे ऊपर नीचे करते हुए हंस हंस कर चुद रही थीं. मैं उनकी कमर को पकड़ ऊपर नीचे कर रहा था.

कुछ देर बाद मैंने भाभी को बोला- अब आप नीचे हो जाओ, जिससे दोनों को स्खलन की संतुष्टि हो जाए.भाभी तुरन्त मेरे नीचे आईं और मैंने भाभी की चूत में अपना लंड लगा कर उनके होंठों में अपने होंठ रख कर धक्के मारने लगा. दस बीस धक्के के बाद भाभी भी अकड़न के साथ झड़ गईं और मैं भी 8-10 धक्कों में भाभी की चूत में झड़ गया.

ये हमारा तीसरी बार का झड़ना हुआ था. हम दोनों वैसे ही थके हुए लेटे रहे. हम एक दूसरे को चूम रहे थे. इस वक्त 2 बज गए थे. हम दोनों को यूं ही नंगे लिपटे हुए कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला.

फिर मेरे मोबाइल ने 5 बजे के अलार्म ने मुझे जगा प्रिया, जो मेरे मोबाइल में सैट था. मैं कोचिंग जाता हूं ना, इसलिए हर दिन का अलार्म सैट था.मैंने भाभी को उठाया. भाभी और मैं आजू बाजू नंगे पड़े थे. मैंने कहा कि कपड़े पहन लो, आप अपनी जगह पर लेटो और मैं बाहर जाता हूं.

मैं अपनी जगह मतलब बाहर टीवी के पास सोफे पर आ गया.

तो मेरे भाइयो, भाभियो यह थी मेरी भाभी की फस्ट नाइट … बोले तो सुहागरात थी.

सबको ऐसी भाभी … नहीं, बीवी मिले, जिससे हर आदमी दूसरी औरत के बारे में सोचेगा ही नहीं.

दोस्तो, कैसी थी यह कहानी, अच्छी लगी या बुरी … बताने के लिए आप मुझे मेल करें.मेरी मेल आईडी है support@mohakkisse.com

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नई भाभी की सुहागरात मेरे साथ

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