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बॉयफ्रेंड के दोस्त के सामने नंगी चुद गयी मैं

अनुक्ति

05 Jul 2018 को प्रकाशित

बॉयफ्रेंड के दोस्त के सामने नंगी चुद गयी मैं
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नंगी गर्ल Xxx चुदाई कहानी मेरी चुदाई की है जिसमें मैं अपने बॉयफ्रेंड के दोस्त के फ्लैट में अपनी सहेली को लेकर सेक्स की मस्ती करने आई. वहां क्या क्या हुआ?

यारो, मैं आपकी अनु … आप सबने मेरी पिछली सेक्स कहानीसहेली ने चुदवा प्रिया दूसरे लड़के सेमें पढ़ा था कि दीपक के दोस्त विकास ने भी मेरी ले ली थी.

यह कहानी सुनें.

उसके बाद की नंगी गर्ल Xxx चुदाई कहानी को आगे बताने के लिए मैं वापस हाज़िर हूँ.एग्जाम खत्म हो चुके थे.

दीपक और मैं बीच एग्जाम में फ़ोन से सेक्सी चैट करते थे.वह अपनी नंगी तस्वीरें भेजता था, इधर से मैं भेजती थी.

दीपक रोल प्ले करवाता था कि मुझे कैसे चोदना है.

इसी तरह सारे पेपर खत्म हो गए और अब मुझे व छवि दोनों को एग्जाम के बाद घर जाना था.

पर दीपक चाहता था कि मैं रुकी रहूँ क्योंकि घर जाने से पहले उसको मुझे चोदने की इच्छा थी.इसलिए मैंने अपने घर पर दो दिन बाद का बोला था कि एग्जाम अभी दो दिन बाद खत्म होंगे.

पर हॉस्टल तो खाली करना ही था, उस कारण से मेरे और छवि के रुकने की समस्या थी.

दीपक ने कहा कि उसने विकास से बात कर ली है, उसके फ्लैट में हम दोनों सहेलियां जितना चाहें, उतने दिन रुक सकती हैं.विकास ने भी छवि के लिए हां बोल प्रिया था.

दीपक को अभी छवि, मेरे और विकास के सेक्स के बारे में कुछ नहीं मालूम था.

उसने हमारे लिए कैब बुक कर दी और छवि और मैं दोनों हॉस्टल में से घर का बोल कर सारा सामान लेकर विकास के फ्लैट पर जाने के लिए तैयार थी.हम दोनों फ्लैट पर पहुंच गईं.

वहां दीपक हमारा इन्तजार कर रहा था.जब हम दोनों फ्लैट पर पहुंची तो विकास भी उसी वक़्त आ गया था.

मैंने कहा- दीपक, हमारे पास आज पूरा दिन और कल का दिन है. घर कल शाम तक किसी भी हालत में पहुंचना ही है.उसने कहा- बिल्कुल, अपने पास बहुत समय है. पहले हम सब कुछ खा पी लेते हैं.

दीपक ने खाना आर्डर कर प्रिया.

हम सभी आपस में बातें कर रहे थे; हंसी मजाक भी कर रहे थे.थोड़ी देर बाद ही खाना आ गया.

दीपक और विकास दोनों ने कहा- तुम लोग खाना खा लो, हम लोग अभी आते हैं.हमने पूछा भी कि किधर जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने हमें नहीं बताया.

वे दोनों गाड़ी से निकल गए.तब तक हम दोनों ने खाना खा लिया और कुछ ही देर बाद दोनों आ गए.

वे बीयर लेकर आये और उन्होंने पहले थोड़ी-थोड़ी बीयर पी.उन्होंने हमें भी बियर पीने को कहा पर हम दोनों ने मना कर प्रिया.

फिर कुछ देर बाद दोनों ने खाना खाया.

खाना खाने के बाद दीपक ने मुझे इशारा कर प्रिया.हम दोनों अन्दर आ गए.

मैंने जींस और स्लीवलेस टॉप पहनी थी, नेट की ब्रा और जॉकी की पैंटी पहनी थी जिसमें मेरी आधी गांड ही कवर हो.ये जींस में भी कम्फर्ट देती है.

उसने पहले मेरे होंठों को चूमा और दोनों हाथों से मेरे दूध दबाने लगा.उसने मेरे बालों को पूरा खोल प्रिया.

हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे, होंठों में होंठों को डालकर एक दूसरे को चाटने लगे.

उसके दोनों हाथ मेरी कमर पर आ गए और वह मेरी कमर को मसलता हुआ च्यूँटी काटने लगा.

फिर उसने कमर से मेरे टॉप के अन्दर हाथ डाल कर मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिए.मुझे डर था कि कहीं ये टॉप को फाड़ न दे.

मैंने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए ताकि वह मेरे टॉप को उतार दे.उसने ऐसा ही किया.

फिर वह अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया.उसका लंड अभी खड़ा नहीं हुआ था.मैंने अपने दोनों हाथ से उसके लंड को पकड़ा और खड़ा करने की कोशिश करने लगी.

इसी बीच वह मेरी गर्दन और गालों को चूमने लगा.उसके इस तरह से चाटने के कारण मैं भी गर्म होने लगी थी.

भले ही मैं ब्रा में थी लेकिन वह मेरे क्लीवेज़ देखते हुए उनके बीच वह अपनी जीभ से मुझे मदहोश करने लगा था.

इस तरह से वह मेरा तापमान बढ़ा रहा था.उसकी इन हरकतों से उसका लंड खड़ा हो गया था.

उसने मेरे बालों को पकड़ कर नीचे झुकने का इशारा किया तो मैं समझ गयी कि लंड को लॉलीपॉप समझ कर चूसना है.

मैंने सोचा कि क्यों न लंड का पानी निकाल दूँ … जिससे ये ठीक से दोबारा खड़ा होने में समय ले.

यह सोचते ही मैं पूरी शिद्दत के साथ लंड पर टूट पड़ी.मैं अब उसके लंड के सुपारे को ऐसे चूसने लगी जैसे वह लॉलीपॉप ही हो.

जल्द ही उसका लंड गुलाबी रंग का हो गया था.

मैंने उसकी बॉल्स को भी मुँह में लिया और पूरे लंड को अपने थूक से चाट चाट कर गीला कर प्रिया था.

पूरा लंड मेरे मुँह में नहीं आ रहा था तो जितना हो सकता … उतना मुँह के अन्दर लेती और अन्दर जीभ से लंड के ऊपर घुमा देती.

दीपक इससे एकदम से कामुक होने लगा और वह मेरे मुँह में ही झड़ गया.

उसका सारा वीर्य मेरे मुँह में था.मैं बाथरूम में गयी और मुँह धोकर आ गयी.क्योंकि मुझे उसके वीर्य को निगलना अच्छा नहीं लगता था.

वह वहीं लेट गया था.उसने कहा- आज तो मजा ही आ गया. अनु, तुम तो लंड चूसने में उस्ताद हो गयी हो.

मैंने भी हंस कर कहा- हां, ये सब तुम्हारी सोहबत का कमाल है.उसने कहा- अभी थोड़ी देर से करते हैं. पहले बाहर चलते हैं.

उसने कपड़े पहने और बाहर गया.उसने देखा कि विकास और छवि दोनों चुम्मा चाटी कर रहे हैं.

दीपक देखकर दंग ही रह गया.उसने अन्दर आकर मेरा हाथ पकड़ा और मुझे तुरंत अन्दर से बाहर ले आया.

उसने कहा- यह देखो, क्या कर रहे हैं ये लोग?

उन दोनों ने हमारी तरफ देखा और फिर से वे दोनों एक दूसरे को निसंकोच किस करने लगे थे.

मैं ब्रा और जींस में ही उनके सामने खड़ी थी.दीपक मुझे ब्रा में देख कर जरा हैरान था.मुझे भी लगा कि मुझसे चूक हो गई है.

मैं वापस अन्दर जाने लगी तो दीपक ने रोक प्रिया कि ऐसे ही ठीक है.

फिर विकास ने कहा- साले दीपक, तू तो भी तो मजे ले रहा था. मैं क्या यहां पर अपनी गाड़ी हाथ से चलाऊं. मुझे भी तो चूत चाहिए ना! तो मैंने भी आज से छवि को सैट कर लिया. क्यों मेरी जान छवि!छवि ने भी कहा- हां क्यों नहीं.

फिर वे दोनों अन्दर चले गए और हम बाहर थे.

दीपक को थोड़ा अजीब लगा.पर मैंने उसे सब समझा प्रिया- ठीक है. क्या प्रॉब्लम है. छवि को विकास पसंद है.

वह भी मान गया.

जल्द ही अन्दर से चुदाई की आवाजें आने लगीं.

वे दोनों करीब 25 मिनट के बाद बाहर आने को हुए.

पहले विकास आया.वह तो सिर्फ अंडरवियर में ही बाहर आया था.

थोड़ी देर बाद छवि कपड़े पहन कर बाहर आ गई.हम सब वहीं बैठे थे.

विकास ने मुझे इशारा करते हुए पूछा.मैंने भी उसे इशारे से कहा- सब ठीक है.

वह भी निश्चिन्त हो गया.फिर माहौल ठीक करने के लिए विकास ने बात शुरू की.

अब दीपक भी नार्मल हो गया.कुछ देर के बाद विकास का फ़ोन आया तो उसने कहा कि उसे कुछ काम से 15-20 मिनट के लिए बाहर जाना पड़ेगा.

दीपक और मैं चुप रहे.

विकास ने छवि से कहा- छवि तुम भी चलो, घूम कर आते हैं.

वे दोनों तैयार होकर निकल गए.

दीपक ने कहा- अनु, चलो तैयार हो जाओ.मैंने कहा- मैं तो कब से तैयार हूँ.

अब दीपक भी अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो गया.उसका लंड अभी खड़ा नहीं था तो उसने मुझे इशारा किया.मैं समझ गयी कि मुझे क्या करना है.

वह वहीं कुर्सी पर बैठ गया और मुझे घुटनों पर बैठ कर उसके लंड को चूस कर खड़ा करना था.मैं शुरू हो गई.

मैंने उसका लंड चूसना शुरू किया.

लंड को चूसते हुए मैं उसे धीरे-धीरे खड़ा करने लगी.लंड धीरे धीरे बड़ा होने लगा था.

इस बीच उसने मेरे बालों को पड़कर मुझे ऊपर उठाया और मुझे किस करने लगा.मैं भी उसे किस करने लगी.

वह मुझे चूमते हुए गालों तक आया और मेरी गर्दन को चूमने लगा.गर्दन को चूमते हुए वह मेरे बूब्स पर आ गया और मेरे बूब्स को दोनों हाथों से ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा, मसलने लगा.

अब उसने मुझे वहीं खड़ा किया और मेरे पीछे आकर पीछे से चूमने लगा.

उसका एक हाथ मेरी चूत को जींस के ऊपर से ही मसल रहा था और दूसरा हाथ मेरी कमर को लॉक किए हुए था.

उसने पीछे से ही मेरी जींस का हुक और चैन खोली और उसे उतारते हुए धीरे-धीरे मेरे घुटनों के नीचे कर प्रिया.फिर पीछे से ही उसने मेरी गांड को पैंटी के ऊपर से ही चाटना चूमना शुरू कर प्रिया.वह एक हाथ से मेरी चूत को पैंटी के ऊपर से ही मसलने लगा.

मेरी चूत अब तक गीली हो चुकी थी और लंड की मांग कर रही थी.वह अभी भी मेरी गांड पर अपने होंठों से किस कर रहा था.

फिर उसने मुझे सोफे पर वहीं पर बिठा प्रिया और मेरी जींस को पैरों से पूरी तरीके से निकाल कर वहीं पर फेंक प्रिया.अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.

दीपक ने मेरी तरफ देख कर कहा कि आज कुछ नए तरीके से करते हैं.मैंने ज्यादा कुछ न सोचते हुए मुस्कुराते हुए कहा- हां क्यों नहीं.

उसने मुझे खड़ा किया और सोफे पर झुका प्रिया.फिर मुझसे कहा- अपनी दोनों टांगें फैला लो और बस ऐसे ही रहना.मैं हो गई.

उसने अपने एक हाथ से मेरी पैंटी को चूत से साइड में खिसका प्रिया और अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में धीरे धीरे पेलते हुए अन्दर बाहर करने लगा.

मैं सीधी खड़ी होने लगी तो उसने मुझे रोकते हुए कहा- न न … वैसी ही रहो जैसी हो.तो मैं वापस उसी पोजीशन में हो गई.

मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा था.बस मैं पागल सी होने लगी थी.मेरी चूत गीली थी ही!

फिर उसने मेरी पैंटी को चूत के पास से ही फाड़ प्रिया और पैंटी को ऊपर कमर की ओर खिसका प्रिया.

मैंने कहा- बाबू, कंडोम तो पहन लो, भूल जाओगे.उसने कहा- जान तुम ही पहना दो.

मैंने उसके लंड को चूमा और अपने हाथों से कंडोम पहना प्रिया.

अब उसने मुझे सोफे पर इस तरह से झुकाया कि जहां पर कोने की ओर हाथ रखते हैं, वहां पर मेरी कमर हो ताकि चूत को वह खड़े खड़े ही निशाना लगा सके.

मेरी कमर से ऊपर का हिस्से सोफे पर था.इस वजह से मेरी चूत उसे साफ साफ दिख रही थी.

वह मेरी चूत को मुँह से चाटने लगा और अपनी जीभ से ही मुझे चोदने लगा.

मेरी चूत और ज्यादा गीली हो चुकी थी.अब उसने अपना लंड मेरी चूत पर घिसना चालू कर प्रिया. उसके दोनों हाथ मेरी कमर को पकड़े हुए थे.

मैंने उस पर झुक कर अपनी दोनों टांगों को फैला प्रिया और अपनी दोनों टांगों को फर्श पर रख प्रिया.साथ ही मैंने अपने दोनों हाथों से अपनी गांड को फैला लिया.

दीपक ने मेरी पीठ के निचले हिस्से पर हाथ रखा.मैंने कहा- जान अब कितनी देर और तड़पाओगे?

उसने कहा- ऐसी बात है तो ये लो.उसने एक झटके में अपने लंड को मेरी चूत के अन्दर डाल प्रिया.

मेरी आह निकल गई.

उसने लंड को दबाते हुए कहा- अब ठीक है न!मैंने भी ‘ह्म्म्म …’ कहा.

वह शुरू हो गया.धपाधप गीली चूत में आराम से लंड अन्दर बाहर होते हुए आवाज़ कर रहा था.

उसकी दोनों टांगें मेरी दोनों टांगों के बीच में थीं.वह भी जानबूझ कर रुक रुक कर तेज धक्के लगाता.

मुझे मजा आने लगा था.

कुछ ही मिनट ऐसे ही चोदते हुए उसने मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से पकड़ किया.

अब मेरे बूब्स हवा में थे और वह आराम से मेरी चुदाई कर रहा था.

तभी अचानक से दरवाजा खुला और विकास और छवि अन्दर आ गए.

मुझे थोड़ी शर्म आयी लेकिन दीपक को पता नहीं क्यों, उसे कुछ फर्क नहीं पड़ा.

वह उन्हें देखकर कुछ सेकंड रुका, फिर वापस शुरू हो गया.

यह देख कर दोनों नंगी गर्ल Xxx चुदाई के मजे लेने लगे.मेरी चूचियां गजब हिल रही थीं.

विकास सामने आकर बैठ गया और बोला- वाह क्या चूचियां हैं, मजा आ जाएगा ऐसी चूचियां पीने में तो … ओए होए होए होए!

छवि भी सामने बैठकर मुस्कुरा रही थी और दीपक रुकने का नाम नहीं ले रहा था.वह धपाधप मेरी चूत मारे जा रहा था.

फिर विकास मेरे पास आकर मेरी चूचियों को दोनों हाथों से दबाने लगा और मुझे चूमने लगा.इधर दीपक ने कहा- विकास!

विकास ने कहा- क्या हो जाएगा यार … यदि मैं उसकी चूचियों को थोड़ा सा दबा लूँ तो? ले तो तू ही रहा है न … अगर तू मुझे पेलने दे तो कुछ बात हो!

दीपक कुछ नहीं बोला.विकास मुझे किस करके अलग सामने आकर बैठ गया.दीपक मुझे चोदता रहा.

कुछ देर के बाद मैंने कहा- दीपक, मेरा होने वाला है.उसने कहा- बहुत अच्छा … निकल जाओ.

मैं झड़ गयी.मेरी जांघों तक पानी आ गया था.

दीपक ने मुझे कुछ देर चोदने के बाद पोजीशन से चेंज करके अपने गले से लगाया और कहा- जान मैं अपना पानी निकालने वाला हूं, कहां निकालूँ?

मैंने उसके लंड से कंडोम को निकाला और कहा- मेरे ऊपर ही निकाल दो.उसने अपना सारा पानी मेरे बूब्स के ऊपर निकाल प्रिया.ज्यादा पानी नहीं निकला था.

फिर हम दोनों नंगे ही वहीं सोफे पर बैठ गए.

अब तो मुझे शर्म भी नहीं आ रही थी क्योंकि विकास मुझे छवि के सामने चोद चुका था इसलिए शर्म खत्म हो गई थी.

मैंने अपनी फटी हुई पैंटी को कमर से निकाला और बस फिर कुछ देर बाद बाथरूम जाकर एक नयी पैंटी और ब्रा को पहन लिया.अपने कपड़े पहन कर वापस आ गई.

विकास और दीपक दोनों का एक दूसरे के ऊपर से गुस्सा शांत हो गया था.उन दोनों में सुलह हो गई थी.

हम चारों ने फिर से बातचीत शुरू कर दी.

फिर प्लान बना कि मूवी देखने चलते हैं.हम लोग चारों मूवी देखने गए.

दोस्तो, आगे क्या हुआ वह आपको अगली सेक्स कहानी में सुनाऊंगी.

आपको नंगी गर्ल Xxx चुदाई स्टोरी कैसी लगी. मुझे जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

प्रिया गुप्ता

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

पार्टनर

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

राज राय

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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