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जवान लड़की पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 683 बार

कुंवारी रंडी की चुत गांड चुदाई का मजा- 1

कोमल मिश्रा

19 Jul 2022 को प्रकाशित

कुंवारी रंडी की चुत गांड चुदाई का मजा- 1
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न्यू कॉल गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैंने सैंकड़ों कॉल गर्ल को चोदा है पर कुंवारी बुर कोई नहीं मिली. एक बार मेरे एजेंट ने मुझे एक नयी लड़की पेश की, वो कुंवारी थी.

मेरी पिछली कहानियों को पढ़ते हुए लोग मुझे इतने सारे मेल कर रहे हैं कि उनका जवाब दे पाना मेरे लिए मुश्किल है.आप लोगों ने मेरी कहानीक्यूट भाभी को चोदकर प्यार हो गयाको इतना पसंद किया, उसके लिए दिल से धन्यवाद देती हूं.

दोस्तो आज की कहानी ऐसे ही मेरे एक मित्र ने मुझे भेजी है, जिसे मैं आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूं.कुछ कहानियां तो ऐसी कामुक होती हैं कि उसे पढ़कर मैं खुद गर्म हो जाती हूं.

यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है जो मुझे भी काफी पसंद आई.मेरे चाहने वाले रवि किशन ने ये न्यू कॉल गर्ल सेक्स कहानी भेजी है.आप उनसे ही सुनें.

दोस्तो, मेरा नाम रवि किशन है और मैं महाराष्ट्र से हूं.मैं एक छोटी सी कंपनी चलाता हूं, जिसमें लगभग सौ लोग काम करते हैं.

मेरी उम्र अभी 52 साल की है. मेरा वजन 85 किलो है और लंड की लंबाई 7 इंच है.

कंपनी के हर वर्कर को मैं व्यक्तिगत रूप से पहचानता हूँ और कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए हम सब एक परिवार की तरह मेहनत करते हैं.

मेरे परिवार में मेरी एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है.मेरी पत्नी को गुजरे पन्द्रह साल हो गए और मैंने दूसरी शादी नहीं की.

सभी मर्दों की तरह मेरे अन्दर भी सेक्स की प्यास जागती है जिसे पूरा करने के लिए मुझे कालगर्ल का सहारा लेना पड़ता है.

आज तक मैंने कई लड़कियों के साथ चुदाई की है.उनमें से कोई कॉलेज की लड़कियां थीं तो कोई घर की हाउस वाइफ.

लेकिन आज तक अपनी पत्नी के अलावा किसी भी लड़की की सील नहीं तोड़ी.जितनी भी मिलीं, सभी पहले से ही चुदी हुई थीं.

मेरी एक इच्छा थी कि किसी कमसिन लड़की की सील तोड़ूं.इसके लिए मैंने अपने एजेंट को बोला भी था लेकिन उसे ऐसी कोई लड़की नहीं मिल रही थी.

ऐसे ही वो एजेंट मेरे लिए कभी कोई कॉलेज की लड़की को भेजता तो कभी किसी हाऊस वाइफ भाभी को.उस एजेंट को मैं करीब दस साल से जानता हूँ और वो भी मुझसे काफी पैसे कमाता है क्योंकि मैं हर शनिवार को किसी न किसी लड़की को बुलाता हूँ और दो दिन उसे अपने साथ रखता हूँ.

मेरे घर पर मैं और मेरा नौकर गोपू ही है, मेरी बेटी कभी कभी ही घर आती है.मेरा नौकर गोपू सब जानता था और जब कोई लड़की मेरे घर आती तो वो उसका ख़्याल भी रखता था.

एक दिन मेरे एजेंट ने मेरी दिल की इच्छा पूरी कर दी, जिसके लिए मैं न जाने कब से इंतजार में था.

हुआ यूं कि शुक्रवार का दिन था और अगले दो दिन कंपनी का काम बंद रहने वाला था.सभी लोग अपने अपने काम में व्यस्त थे और मैं अपने केबिन पर बैठा लैपटॉप पर काम कर रहा था.

तभी मेरे एजेंट का फोन आया. उसने बताया कि एक लड़की का जुगाड़ हुआ है जो कि अभी बिल्कुल कुंवारी है.मैंने पूछा- कुंवारी का मतलब शादीशुदा नहीं है या कुछ और बात है?

उसने कहा- नहीं, वो बिल्कुल सीलपैक माल है. अभी तक उसकी चुदाई नहीं हुई है. वो अभी इसी साल कॉलेज में आई है और अभी मात्र 19 साल की है.इतना सुनते ही मेरे लंड में खुजली होने लगी.

मैंने एजेंट को कहा- क्या तुम उसकी फोटो भेज सकते हो?उसने कहा- जी बिल्कुल.

उसने कहा- लेकिन उसका रेट ज्यादा लगेगा क्योंकि सीलपैक का दाम अलग रहता है.ये तो मैं जानता ही था.

एजेंट ने कहा कि क्योंकि आप हर लड़की को दो दिन अपने पास रखते हैं इसलिए आपको इसके लिए पचास हजार लगेंगे.मैंने बिना कुछ सोचे उससे हां कह प्रिया.

एजेंट ने फोन काटा और मैं फ़ोटो का इंतजार करने लगा.पांच मिनट बाद उसने फ़ोटो भेजी.

जैसे ही मैंने फ़ोटो देखा मेरे होश उड़ गए.इतनी सुंदर और गोरी लड़की वो भी कुंवारी.

मुझे उसकी फोटो देखते ही उसके फिगर का अंदाजा लग गया.उसका 28-24-30 का फिगर और वजन लगभग 45 किलो रहा होगा.

उसके दूध बिल्कुल अमरूद जैसे छोटे छोटे होंगे, ये देखकर ही पता चल रहा था. मैं समझ गया कि वो कुंवारी ही होगी.वो गोरी इतनी थी कि हल्का पीलापन लिए हुए थी.

ऐसी लड़की के लिए तो मैं लाख रुपये भी दे देता.मैंने तुरंत एजेंट को फोन किया और हां बोल प्रिया.

एजेंट ने कहा कि शनिवार की शाम वो उसे मेरे यहां भेज देगा.उस रात मैं उस लड़की की फ़ोटो देखते हुए ही काटी.

अगले दिन शाम छह बजे एजेंट ने मुझे फोन किया और मैंने उसे आने के लिए बोल प्रिया.आधा घंटे में वो लड़की के साथ आ गया.

मेरे नौकर ने उन दोनों को बैठाया और चाय पीने को दी.वो दोनों चाय पी रहे थे, तभी मैं अपने कमरे से बाहर आया.

मुझे देख दोनों खड़े हो गए और मैंने उन्हें बैठने के लिए कहा.मैं भी उनके सामने सोफे पर बैठ गया.

मैं उस लड़की को ही देखे जा रहा था और एजेंट मुझसे बात कर रहा था.

वो लड़की तो फ़ोटो से भी ज्यादा खूबसूरत और हसीन लग रही थी.उसने एक सिंपल सी कुर्ती और नीचे लैगी पहनी हुई थी.

वो बिल्कुल भी मोटी नहीं थी बिल्कुल स्लिम थी.एजेंट ने ही उसका नाम रूपा बताया.

कुछ देर बाद एजेंट चला गया और घर पर हम तीनों ही रह गए.थोड़ी देर तक मैं रूपा से बात करता रहा और उसने बताया कि उसकी एक सहेली के माध्यम से उसका परिचय इस एजेंट से हुआ.

उसने जिस सहेली के बारे में बताया, उसे भी मैं चोद चुका था.रूपा इसी साल बारहवीं पास करके हमारे शहर में अपनी कॉलेज की पढ़ाई करने आई थी और एक किराए के रूम में अपनी सहेलियों के साथ रहती थी.

मैंने अपने नौकर को बुलाया और रूपा को खाना खिलाने के लिए बोला और अन्दर चला गया.आठ बजे तक रूपा खाना खा चुकी थी और मैं अपने कमरे में बैठा शराब पी रहा था.

गोपू मेरे कमरे में आया और बोला- अब मैं अपने घर जा रहा हूँ.मैंने उससे कहा- तुम रूपा को मेरे कमरे में भेज दो और दरवाजा लॉक करके चले जाओ. सुबह हम लोगों को जल्दी मत उठाना.

वो रूपा को लेकर अन्दर आया और फिर चला गया.रूपा मुझसे दूर खड़ी हो गई, मैंने उसे पास बुलाया और बगल में बैठाया.

वो बहुत डर रही थी शायद पहली बार था इसलिए.मैं उससे बातें कर रहा था ताकि वो मुझसे सहज हो सके.

रात करीब 9 बजे तक मैं पीता रहा और उससे बात करता रहा.उसने मुझे अपने बारे में अपने घर के बारे में सब बताया.उसके अनुसार वो जवानी का सुख भी चाहती थी और साथ ही किसी अनुभवी आदमी के साथ सेक्स की शुरूआत करना चाहती थी.

मैंने कहा- मतलब तुम्हारी खुद से इच्छा है, कोई मजबूरी नहीं है.उसने मुस्कुरा कर कहा- हां.

अब तक मैं शराब के चार पैग लेकर नशे में मदमस्त सा हो गया था.

चार पांच पैग मेरे लिए रोज की बात थे, मगर आज सामने सीलपैक माल बैठी थी तो शराब ने कुछ ज्यादा ही मस्त कर प्रिया था.

दारू पीने के बाद मैंने सब सामान अलग रखा और रूपा का हाथ पकड़कर उसे बिस्तर तक ले गया.मैंने उसे अपनी गोद में बैठा लिया और अपने एक हाथ से उसकी कमर को कस लिया.

उसका खूबसूरत चेहरा बिल्कुल मेरे सामने था.मेरा मन कर रहा था कि उसके चेहरे को चूम लूं लेकिन शराब के नशे में मुझे कुछ अलग करने की सूझी और मैंने रूपा को दूर जाकर खड़े होने के लिए कहा.

वो जाकर खड़ी हो गई.अब मैंने उससे कहा- अपनी कुर्ती उतारो.

मैंने एक सिगरेट सुलगा ली और सामने नंगी होती लड़की की जवानी को निहारने लगा.पहले तो रूपा हाथ मलती रही, फिर धीरे धीरे उसने अपनी कुर्ती निकाल दी.

उसने ब्रा नहीं बल्कि समीज पहनी हुई थी.फिर मैंने समीज निकालने के लिए कहा.

उसने समीज को भी निकाल प्रिया.उसके समोसे जैसे दूध मेरे सामने थे.

बड़े आकार के नींबू की तरह उसके दूध तने थे. बिल्कुल गुलाबी रंग के पफी निप्पल थे, जिन्हें देख कर मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया.

मुझे ऐसा लग रहा था कि अभी उसके दूध निकलना शुरू हुए थे.उसके दूध बड़े आराम से मेरे मुँह में समा सकते थे.

फिर मैंने उससे लैगी निकालने के लिए कहा.डरते हुए उसने लैगी भी निकाल दी.

अब वो बस एक चड्डी में रह गई थी.पूरा बदन बिल्कुल पीला नजर आ रहा था, इतनी गोरी थी वो!

उसकी चड्डी के ऊपर से ही उसकी फूली हुई चूत झलक रही थी.

उसका पेट और कमर बिल्कुल सांचे में ढला हुआ लग रहा था, बिल्कुल छोटी सी उसकी नाभि, उसके पेट की खूबसूरती बढ़ा रही थी.

इधर मैंने भी अपनी बनियान और निक्कर निकाल दी और चड्डी में ही बिस्तर पर बैठा हुआ उसे देख रहा था.

अब मैंने उससे चड्डी भी निकालने के लिए कहा.बहुत धीरे धीरे उसने अपनी चड्डी भी निकाल दी. उसकी चूत देख मेरा तो बुरा हाल हो गया.

बिल्कुल गुलाबी रंग की छोटी सी चूत. जिसमें बाल का एक रोम तक नहीं था.

काफी देर मैं उसके नंगे बदन को देखता रहा, फिर उससे पीछे मुड़ने के लिए बोला.वो पीछे मुड़ गई.

उसके गोरे गोरे चूतड़ और गांड की दरार देख कर मैं पागल होने लगा.

मैंने उससे कहा कि अपने चूतड़ों को फैलाओ.उसने दोनों हाथों से अपने चूतड़ फैला दिए.

उसका गुलाबी रंग का छेद दूर से ही कयामत लग रहा था.मैंने उसे उसी पोजीशन में झुकने के लिए कहा और वो झुक गई.

उस पोजीशन में ऐसा लग रहा था कि अभी पीछे से उसकी गांड में अपना लंड पेल दूँ.

फिर मैंने उससे कहा कि अपने दूधों को अपने दोनों हाथों से मसलो.वो मेरी तरफ़ हुई और अपने दोनों चूचों को मसलने लगी.

मैं बार बार बोलता जा रहा था कि और जोर से दबा और जोर से मसल.मैं जैसा बोल रहा था, वो करती जा रही थी.

थोड़ी देर में ही उसके दूध बिल्कुल लाल हो गए.फिर भी मैं उसे और मसलने के लिए बोलता रहा और वो मसलती रही.

वो गर्म हो गई थी और उसकी चूत से पानी निकल कर उसकी जांघों पर बह रहा था.

ऐसा मैंने कभी किसी के साथ नहीं किया था.मुझे बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि मैं एक कॉलगर्ल के साथ में ये सब कर रहा था.क्योंकि अभी तक मैंने जितनी लड़कियों को चोदा था, वो सब चालू थीं.लेकिन ये बिल्कुल कमसिन और मासूम थी; अभी इसने किसी के साथ सेक्स किया ही नहीं था.मुझे एक अलग ही मजा आ रहा था.

अब मैंने भी अपनी चड्डी को निकाल प्रिया और लंड को सहलाते हुए उसे देखता रहा.मेरा लंड 7 इंच लंबा और ढाई इंच मोटा है और मेरा सुपारा काफी फूला हुआ है. जो कि उस वक्त अपने पूरे आकर में आ चुका था.

मैं अपने सुपारे को बार बार चमड़ी से बाहर निकाल कर लंड को सहला रहा था.रूपा भी मेरे लंड को बड़े गौर से देख रही थी और अपने दूध मसलती जा रही थी.

अब मैंने रूपा को रुकने के लिए कहा और वो दूध मसलना बंद करके सीधी खड़ी हो गई.

मैंने अपने दोनों पैर फैला दिए और रूपा को पास आने के लिए बोला.वो मेरे पास आई.

मैंने उसे घुटनों पर बैठने के लिए कहा और वो बैठ गई.

मैंने कहा कि मेरे लंड को अपने हाथ में लो और उसे सहलाओ.रूपा ने लंड अपने नाजुक हाथों में लिया और उसे आहिस्ते आहिस्ते हिलाने लगी.

उससे बिल्कुल भी नहीं बन रहा था, लेकिन वो करती रही.

फिर मैंने अपने हाथों से लंड के सुपारे को बाहर किया और बोला- इसमें अपनी जीभ चलाओ.

रूपा मेरी तरफ़ देखती हुई थोड़ा संकोच में पड़ गई.फिर उसने अपनी जीभ निकाल कर मेरे सुपारे पर चलाना शुरू कर प्रिया.

मुझे उस वक्त असीम आनन्द मिल रहा था.मेरे गुलाबी सुपारे पर अपनी जीभ चलाते हुए रूपा थोड़ी डरी लग रही थी लेकिन फिर भी सुपारे पर और उसके चारों तरफ अपनी जीभ चला रही थी.

कुछ देर बाद मैंने उसे फिर से रोका और उससे बोला- अब मेरे लंड के छेद पर अपनी जीभ चलाओ.

उसने लंड के सुपारे को बाहर निकाला और सुपारे के छेद पर अपनी जीभ चलानी शुरू कर दी.मुझे उस वक्त बिल्कुल करंट सा लग रहा था लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था.

कुछ देर बाद मैंने रूपा का सर पकड़ा और उसके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया.

उसे अच्छा नहीं लग रहा था लेकिन उसने कुछ नहीं कहा.मैं उसके मुँह को ही चोदने लगा.

मेरा लंड उसके गले तक उतर रहा था जिसमें उसे तकलीफ भी हो रही थी उसकी आंखों से आंसू निकल गए.उसके मुँह की लार लंड से बहते हुए नीचे गिर रही थी.

कुछ देर बाद मुझे लगा कि अब मेरा निकलने वाला है, तो मैं रुक गया और उसे खुद ही लंड चूसने के लिए बोला.

वो अब बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी. उसे पता नहीं था कि आगे क्या होने वाला था.जल्द ही मेरा गर्म गर्म पानी उसके मुँह में निकलने लगा.

उसने लंड बाहर निकालना चाहा लेकिन मैंने उसका सर थाम लिया और पूरा पानी उसके मुँह में भर प्रिया.कुछ तो उसने मुँह से निकाल प्रिया लेकिन ज्यादातर पानी उसको पीना पड़ गया.

जब मेरा पूरा पानी निकल गया तो मैंने लंड बाहर निकाल लिया और उससे बोला कि जाओ बाथरूम में साफ कर लो.वो बाथरूम में चली गई.

मैं वहीं बिस्तर पर लेट गया और मेरा लंड धीरे धीरे ढीला पड़ने लगा.

अभी तो पूरी रात बाकी थी और मेरे पास रूपा जैसी कमसिन कली थी, जिसकी सील मुझे तोड़नी थी.

इससे आगे की सेक्स कहानी आप अगले भाग में पढ़िए किस प्रकार से मैंने रूपा की सील तोड़ी और उसकी क्या हालत हुई.

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न्यू कॉल गर्ल सेक्स कहानी का अगला भाग:कुंवारी रंडी की बुर गांड चुदाई का मजा- 2

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कुंवारी रंडी की चुत गांड चुदाई का मजा

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अनुराग सिंह 8

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

प्रशांत जैन

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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