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जवान लड़की पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 845 बार

ससुराल में चुदाई की कामुक दास्ताँ- 3

गरिमा सेक्सी

30 Mar 2022 को प्रकाशित

ससुराल में चुदाई की कामुक दास्ताँ- 3
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न्यूड पुसी सेक्स कहानी में मैं अपने ससुर जी को उनकी बेटी के साथ सेक्स के लिए तैयार कर रही थी, इसलिये बाप बेटी सेक्स की बातें करते हुए उन्हें उनकी बेटी की चूत भी दिखा दी.

कहानी के दूसरे भागजवान ननद की चूत चाटीमें आपने पढ़ा कि मैं चाहती थी कि मेरी ननद भी ससुर जी से चुद जाये ताकि ससुर बहू का खेल चलता रहे. तो मैंने अपने ससुर को उनकी बेटी की चुदाई की बातें करके बेटीचोद बनाने की तरफ एक कदम और बढ़ा दिया था.

यह कहानी सुनें.

अब आगे न्यूड पुसी सेक्स कहानी:

मैंने बातचीत के माहौल को और कामुक बनाने के लिए अपनी टीशर्ट को ऊपर कर दिया जिससे चूचियां नंगी हो गयीं।फिर मैं बेड से उठकर ससुर जी के बगल जाकर खड़ी हो गयी और एक हाथ से उनके सिर को पकड़ा और दूसरे हाथ से अपनी चूची पकड़ कर उसके निप्पल को उनके मुंह में डाल कर चुसवाने लगी।

चूची चुसवाते हुए मैंने बात आगे बढ़ाते हुए कहा- आपको याद है जब मैं और सोनू आपके घर आए थे और मैं आपकी गोद में बैठी थी?ससुर जी चूची से मुंह हटाया और हाथ से चूचियों को सहलाते हुए बोले- हाँ बेटा, वो कैसे भूल सकता हूँ. उसी दिन तो सोच लिया था कि तुम्हें इस घर में लाऊंगा अपने साथ!

मैं मुस्कुराती हुई धीरे से बोली- उस दिन आपने मुझसे कहा था कि काश तुम मेरी बेटी होती तो मैं तुम्हें रोज गोद में बैठाता!चूचियों को सहलाते हुए और चूमते हुए वे बोले- हां याद है बेटा!

ससुर जी की आंखें अब तक वासना में लाल हो चुकी थीं।मैं समझ रही थी कि लोहा गर्म यही मौका है हथौड़ा मारने का!

तब मैं बोली- पापा एक बात पूछूँ, आपसे गुस्सा तो नहीं होंगे?ससुर जी चूचियों को चूसते हुए ही बोले- अरे तुमसे कैसे गुस्सा हो सकता हूँ पूछो बेटा!

मैंने कहा- आप को मौका मिले तो पायल को बैठाएंगे गोद में जैसे मुझे बैठाया था।मेरे सीधा ऐसे पूछ देने से ससुर जी थोड़ा हड़बड़ा गये और चूची से मुंह हटाते हुए बोले- ऐसा क्यों पूछ रही हो?

मैंने फिर से उनके मुंह में चूची को डालते हुए हंसकर कहा- अरे चौंक क्यों रहे हैं? मैंने बस ऐसे ही पूछा।फिर धीरे से उनके चूचियों पर सटे उनके सिर को सहलाते हुए धीरे से थोड़ा कामुक आवाज़ में बोली- अगर मौका मिले तो आप पायल के साथ करेंगे, जो मेरे साथ करते हैं?

मेरे सीधा ऐसा पूछ देने से ससुर जी हक्के-बक्के रह गये और चूची से मुंह हटाते हुए फिर थोड़ा नकली गुस्सा दिखाते हुए हड़बड़ाकर बोले- पागल हो क्या? ये क्या पूछ रही हो।

अब तक इतनी देर में मेरे अंदर का डर एकदम निकल चुका था.मैं बिना हिचकिचाए मुस्कुराती हुई बोली- मैंने आपकी मोबाइल में पायल वाली वीडियो देखी है जो आपने बनायी है।

ससुर जी थोड़ा हड़बड़ा गये- मतलब … मैं समझा नहीं … कौन सी वीडियो?मैं थोड़ा नॉर्मल करते हुए आंख मारती हुई हंसकर बोली- अरे घबराइये मत, मैं किसी से कुछ कहने नहीं जा रही। आपने जो मोबाइल में रिकॉर्ड किया है, वो मैं देख चुकी हूँ। इसीलिए पूछ रही हूँ कि पूरा मजा लेना है तो बताइये?

मेरे ये बोलते ही ससुर जी का चेहरे का रंग उड़ गया.ऐसा लगा जैसे किसी ने उन्हें चोरी करते रंगे हाथ पकड़ लिया है।

उनके मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे और वे एकदम हड़बड़ाए हुए थे।मैंने देखा कि उनका लण्ड भी जो अब तक तना था अचानक से ढीला पड़ने लगा था।

अभी ससुर जी कुछ कहते … उससे पहले मैं मुस्कुराकर धीरे से बोली- वैसे वो वीडियो डिलीट कर दीजिए, पायल ने या किसी और ने देख लिया तो?

मैं समझ गयी कि ससुर जी का मूड खराब हो चुका है।लेकिन मुझे यह भी पता था कि अगर आज मौका चूकी तो फिर मामला गड़बड़ हो जाएगा।

मैं उनका मूड सही करने और माहौल को थोड़ा हल्का करने लिए दोनों हाथों से उनका का गाल खींचकर हंसते हुए कहा- वैसे सच में अगर पायल की जगह मैं आपकी बेटी होती तो मैं इतने अच्छे पापा को कब का सेट कर चुकी होती। और रोज लण्ड चूसती अपने पापा का!

फिर मुस्कुराते हुए धीरे से उनके कान में बोली- यह भी तो हो सकता है कि जो आप चाहते हैं पायल भी वही चाहती हो. लेकिन बेचारी डर के मारे कह ना पाती हो?

मेरी इतनी बातें करने पर ससुर जी थोड़ा नॉर्मल होने लगे थे.लेकिन उनके चेहरे से हंसी अभी भी गायब थी और वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या बोलें।

इतना तो वे जान ही गये थे कि मेरे सामने उनकी पोल खुल गयी है और पायल को लेकर उनके मन में इच्छा उसे छिपाने का कोई मतलब नहीं है।

मैं भी उनकी स्थिति समझ रही थी।तो मैंने उन्हें और नॉर्मल करने के लिए हंसते हुए कहा- अरे अब थोड़ा मुस्कुरा भी दीजिए पापा! इसमें कोई गलत बात थोड़ी है। सबके अंदर फीलिंग होती है ये। जैसे आप मन ही मन पायल को चोदना चाहते हैं हो सकता है उसी तरह मेरे पापा या भाई भी मुझे चोदना चाहते हों या फिर मेरी वीडियो बनाकर रखे हों चुपके से?

मेरे इस बात पर ससुर जी थोड़ा सा मुस्कुराए।उन्हें मुस्कुराता देख मैं उन्हें और नॉर्मल करने के चक्कर में हंसकर बोली- वैसे काश मेरे पापा भी आपकी तरह अपनी बेटी को चोदना चाह रहे तो मैं कब का उनसे पट गयी होती और मजे लेती।

ससुर जी अब तक काफी नॉर्मल हो चुके थे.वे हल्का सा मुस्कुराकर बोले- तो तुम्हें क्या लगता है तेरा बाप बहुत शरीफ है क्या? तुम्हें नहीं पता होगा ना … लेकिन मैं तो उसे बचपन से जानता हूँ कि कितना बड़ा ठरकी है वो!

ससुर जी के मुंह से पापा के बारे में इस तरह की बात सुनकर मैं थोड़ी चौंक गयी।हालांकि उन्हें अब पूरी तरह नॉर्मल देख मेरी भी टेंशन खत्म हो गयी थी।

लेकिन मुझे भी अब जानने का मन होने लगा कि पापा के बारे में क्या जानते हैं.तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा- अच्छा … जरा मुझे भी तो बताइये उनके बारे में?

लेकिन ससुर जी शायद मुझसे छिपाना चाह रहे थे इसलिए बात बदलते हुए बोले- अरे कुछ नहीं … वो तो मैंने ऐसे ही मजाक में बोल दिया था।मैं बोली- अच्छा बात मत बदलिए … लग रहा है कुछ छिपा रहे हैं आप मुझसे!

ससुर जी बोले- अरे नहीं बेटा, ऐसा कुछ नहीं है। वो तो तुम्हारी बात सुनकर मैंने ऐसे ही बोल दिया था, कुछ छिपा नहीं रहा।

अभी मैं कुछ बोलती … इससे पहले ससुर जी हल्का सा मुस्कुराते हुए बोले- वैसे एक बात बोलूं?अब ससुर जी फिर से खुलकर बात करने लगे थे।

मैंने कहा- क्या … बोलिए?ससुर जी मुस्कुराते हुए बोले- अभी जैसे तुम बोल रही थी कि मैं अगर आपकी बेटी होती तो कबका आपका लण्ड चूस लेती। तो तुमने अपने अपने पापा को क्यों नहीं पटा लिया। उसी का लण्ड चूस ली होती। बेचारा रवि (पापा का नाम रवीन्द्र था तो ससुर जी उन्हें रवि कहकर बुलाते थे) भी मजे ले लेता।

ससुर जी के मुंह से ये सुनते ही मेरा दिल धक से रह गया।मुझे उम्मीद इस बात की उम्मीद नहीं थी।

ससुर जी की इस बात पर मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बोलूं।मुझे लगा कि कहीं मेरी बात पर उन्हें कुछ शक तो नहीं हो गया है पापा और मुझे लेकर?

मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।फिर मैंने मन ही मन खुद को समझाया कि अगर शक है भी तो क्या हुआ वे भी तो अपनी बेटी के साथ यही करना चाह रहे हैं ना!यह सोचकर मैं थोड़ा नॉर्मल हुई।

फिर मैं भी थोड़ा मजे लेकर हंसती हुई बोली- हम्म् वैसे बोल तो सही रहे हैं आप! चलिए अपने पापा तो नहीं लेकिन पति के पापा से तो मजे ले रही हूँ ना!

फिर मैंने कहा- वैसे आपने बताया नहीं कि पापा के बारे में क्या जानते हैं?ससुर जी टालते हुए हंसकर बोले- अरे बोला तो कुछ नहीं … वो मैंने बस ऐसे ही बोल दिया था।

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फिर मैंने थोड़ा सस्पेंस के साथ मुस्कुराते हुए कहा- अच्छा चलिए अगर आप मुझे पापा के बारे में बताते हैं तो मैं अभी आपको एक मस्त सरप्राइज दूँ।ससुर जी बोले- कैसी सरप्राइज?

मैं झुककर उनके लण्ड को हाथ से पकड़ती हुई हंसकर बोली- सरप्राइज तो तभी मिलेगी जब पापा के बारे में मुझे बताएंगे।

फिर ढीले लण्ड को हाथ से हिलाती हुई बोली- मेरी सरप्राइज से ये महाशय भी मस्ती में आ जाएंगे और खड़े होकर सलामी ठोकने लगेंगे!

मेरी इस बात पर ससुर जी के चेहरे पर थोड़ा हैरानी के भाव आ गये, थोड़ा उत्सकुता के साथ पूछे- कैसी सरप्राइज है बताओ तो सही?

मैं बोली- ठीक है। तो मुझे आपको पापा वाली बात सब सच-सच बतानी होगी जो आप छिपा रहे हैं।

ससुर जी कुछ सेकेण्ड रुके और फिर मुस्कुराते हुए बोले- पक्का बताऊंगा लेकिन फिर सरप्राइज भी जबरदस्त होनी चाहिए।

मैं आंख मारते हुए मुस्कुराकर बोली- उसकी चिंता मत करिए क्योंकि जो सरप्राइज देने वाली हूँ उसकी कल्पना भी नहीं किये होंगे आप।

ये कहते हुए मैं उनका लण्ड हाथ से छोड़कर सीधा खड़ी हुई और बोली- एक मिनट रुकिए मैं आती हूँ तब आपको सरप्राइज दिखाऊंगी।

अभी ससुर जी कुछ पूछते तब तक मैं तेजी से कमरे से बाहर निकल आयी।फिर दबे पांव अपने कमरे के बाहर आकर पर्दा हटाकर देखा तो पायल नींद में बेसुध सो रही थी।टाइम देखा तो अभी साढ़े पांच भी नहीं बजे थे।

मैं वापस ससुर जी के कमरे में आ गयी।

ससुर जी बेड पर बैठे हुए हैरानी से दरवाजे की तरफ ही देख रहे थे जैसे मैं कमरे में घुसी वे बोले- कहाँ चली गयी थी। क्या सरप्राइज है कुछ बताओगी भी?

मैं एकदम से उनके पास आकर खड़ी हो गयी और मुस्कुराती हुई झुककर उनका लण्ड पकड़ कर बोली- अब चुपचाप मेरे साथ चलिए।सुसर जी थोड़ा हैरानी से बोले- कहाँ ले चल रही हो?मैं बोली- अरे आइये तो सही।

ससुर जी बेड से उतरकर खड़े हो गये और लुंगी बनियान ठीक करते हुए बोले- रुको अंडरवियर तो पहन लूँ!मैंने मुस्कुराते हुए कहा- अरे उसकी ज़रूरत नहीं है बाहर नहीं ले चल रही हूँ आपको!

ससुर जी चप्पल पहनने लगे तो मैं मना करती हुई बोली- अरे चप्पल से आवाज होगी नंगे पैर चलिए और एकदम चुप रहिएगा, कुछ भी बोलिएगा मत!

वे थोड़े हैरान थे, फिर भी मेरे साथ कमरे से बाहर आए।मैंने इशारे में उन्हें दबे पाँव चलने को कहा और मुंह पर उंगली रखकर कुछ भी ना बोलने का इशारा किया।

मैं अपने कमरे की तरफ आने लगी।ससुर जी भी चुपचाप मेरे साथ आ गये।

कमरे के बाहर से मैंने पर्दा हटाकर अंदर देखा और एक बार फिर तसल्ली कर ली कि पायल सो रही है या नहीं।देखा तो वह उसी तरह बेसुध सो रही थी।

फिर मैंने ससुर जी से धीरे से कहा- बुखार और दवाई की वजह से पायल गहरी नींद में सो रही है. 9 बजे से पहले उठने वाली नहीं। आप मेरे साथ अंदर चलिए और वैसे वह जगेगी नहीं अगर जग भी जाती है तो बस उसकी तबीयत पूछकर बाहर आ जाइयेगा, बाकी मैं देख लूंगी। आपको कुछ भी बोलना नहीं है।

ससुर जी ने बस हां में गर्दन हिलायी फिर मैं दबे पांव कमरे के अंदर आयी और ससुर जी को अंदर आने का इशारा किया।वे भी दबे पांव कमरे के अंदर आ गये।उनकी नज़र पायल पर पड़ी।

मैं उनका हाथ पकड़कर दबे पांव बेड के किनारे पायल के पास ले आयी।ससुर जी अभी भी नहीं समझ पा रहे थे कि इसमें सरप्राइज क्या है।हालांकि मेरा भी दिल तेजी से धड़क रहा था।

ससुर जी और मैं पायल के कमर के ठीक पास बेड के किनारे नीचे खड़े थे।पायल स्कर्ट और टीशर्ट में सो रही थी।उसकी स्कर्ट घुटनों तक थी।

मैं धीरे से ससुर जी के कान में बोली- देख लीजिए पायल को!

ससुर जी ने मेरी तरफ देखते हुए इशारे में थोड़ा हैरानी से सिर को हिलाया।उनके कहने का मतलब था कि इसमें सरप्राइज क्या है।

मैं बिना कुछ बोले धीरे से झुकी और पायल की स्कर्ट को नीचे की तरफ से पकड़ा और धीरे-धीरे उसे ऊपर की तरफ खिसका कर पेट तक कर दिया।

अब पायल की हल्की-हल्की रेशमी झांटों के बीच पाव रोटी जैसी फूली नंगी चूत ससुर जी की आंखों के सामने थी।

मैं ससुर जी की तरफ देखा तो उनकी आँखें न्यूड पुसी को देख आश्चर्य से फटी रह गयीं थीं।वे एकटक अपनी बेटी पायल की नंगी चूत को देखे जा रहे थे।

उनका गोरा चेहरा वासना में हल्का लाल होने लगा था।

मेरी निगाह उनकी लुंगी की तरफ गयी तो उनके लण्ड का तनाव लुंगी के ऊपर से साफ पता चल रहा था।

कुछ सेकेण्ड इसी तरह देखने के बाद ससुर जी शायद खुद को रोक नहीं पाये और उन्होंने अपना एक हाथ लुंगी के अंदर डाल दिया और पायल की चूत को देखते हुए अपने लण्ड को सहलाने लगे।

कमरे का माहौल बेहद कामुकता भरा था।जहाँ एक बहू अपनी ननद को नंगी कर उसकीचूत के दर्शनअपने ससुर को करवा रही थी वहीं एक बाप अपनी बेटी की न्यूड चूत देखते हुए लण्ड सहला रहा था।

वहीं इस माहौल को देख मेरी चूत एकदम गीली हो चुकी थी ऐसा लग रहा था कि चूत में चीटियां रेंग रहीं हों।

मैं भी अपना एक हाथ चूत के पास ले जाकर हल्का सा चूत को सहला कर उसकी खुजली को शांत करने की कोशिश कर रही थी।

तभी अचानक मेरे दिमाग में एक ख्याल आया।कहानी के 2 भाग शेष हैं.

न्यूड पुसी सेक्स कहानी पर आप अपनी राय मेल और कमेंट्स ने देते रहिएगाsupport@mohakkisse.com

न्यूड पुसी सेक्स कहानी का अगला भाग:ससुराल में चुदाई की कामुक दास्ताँ- 4

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

आर्यन कोटा

5 days ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

अभिषेक रूल्स

1 week ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

आनन्द अहीरवाल

3 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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