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जवान लड़की • पठन समय: 15 मिनट • पढ़ा गया: 699 बार

पड़ोसी शर्मीले लड़के को पटा कर चुत चुदाई का मजा लिया

राज गर्ग

03 Oct 2023 को प्रकाशित

पड़ोसी शर्मीले लड़के को पटा कर चुत चुदाई का मजा लिया
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मैं राज गर्ग एक बार फिर से हाज़िर हूँ दोस्तो, माफी चाहूँगा स्टोरी देर से लिखने के लिए!

तो प्रिय पाठको, उन्ही की इंडियन सेक्स स्टोरी उन्ही के शब्दों में पेश कर रहा हूँ:

फ्रेंड्स, मैं रीना सिंह आप सभी पाठकों का बहुत बहुत वेलकम करती हूं। आज मैं सभी लड़कों को ऐसी कहानी सुनाने जा रही हूँ कि उसे पढ़ने के बाद सभी लड़के मुठ मार लेंगे।दोस्तो, मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ। अब मैं 26 साल की हो चुकी हूँ। लेकिन यह बात मैं तब की बता रही हूँ जब मैं जवानी में कदम रख रही थी या रख चुकी थी.

मेरी सारी सहेलियों ने अपने अपने बॉयफ्रेंड्स बना लिए थे। वो बार बार मुझसे कहती थी- रीना! क्या तेरा चुदने का मन नहीं करता? अगर करता है तो कोई लड़का पटा ले और कोई बॉय फ्रेंड बना ले।

सुन कर मेरे मन में भी गुदगुदी सी होती थी और मैं भी अपनी जवानी का मजा लेना चाहती थी. वैसे तो मैं काफी बोल्ड थी पर पता नहीं क्यों मैं बॉयफ्रेंड बना कर उससे अपनी चूत चुदवाने में अपनी सहेलियों से पीछे रह गई.

मेरे पड़ोस का लड़का विजय मुझे पसंद था पर वो जरा शर्मीले टाइप था। हमारा एक दूसरे के घर आना जाना है. वो भी मुझे पसंद करता था क्योंकि मैंने उसे तिरछी नज़रों से अपनी ओर घूरते देखा है. मैंने सोचा कि ये साला तो ऐसे पटेगा नहीं, ना मुझे प्रपोज करेगा और ना कभी मुझे चोदेगा तो मैंने उसको खुद ही प्रपोज कर प्रिया।मैंने विजय को वेलेंटाइन डे के दिन एक अच्छा सा लव कार्ड दे प्रिया और विजय को पटा लिया। हम दोनों एक ही कॉलोनी में रहते थे तो मैं सीधे विजय के घर जाकर उससे मिल आया करती थी।

एक दिन घर में कोई नहीं था तो और मेरा चुदवाने का बड़ा मन था तो मैंने उसका हाथ पकड़ के किस कर लिया।वो डरने लगा और कांपने लगा।“क्यों रे, वैसे तो तू मुझे बड़ा घूरता है अब क्यों तेरी फट रही है? क्यों मर्दों का नाम ख़राब कर रहा है गांडू!” मैंने उससे कहा।उसके बाद मैंने विजय को पकड़ लिया और कहा- घबरा मत यार… ये बहुत ही नार्मल बात है।

फिर मैंने कुछ मिनट तक विजय को उसके होंठों पर किस किया और वहां से आ गयी.

उसके बाद तो वो लड़का जैसे पागल हो गया, वो मुझे चूमना और चोदना चाहता था लेकिन मैंने उससे कुछ दिन तड़पाया। उसके बाद मैं उसके घर आ जाती तो विजय मुझे किस करना चाहता पर मैंने उसे भाव नहीं प्रिया.

एक दिन गलती से विजय का हाथ मेरे गोल गोल बड़े बड़े मम्मों से टकरा गया, तब मेरे दूध 32″ के थे जो अब 34 के हो गये हैं.विजय सॉरी बोलने लगा।

“अबे गांडू, इसमें सॉरी बोलने की क्या जरूरत है! ला अपना हाथ मेरे मम्मे पर रख!” मैंने कहा और जबरदस्ती उसका हाथ पकड़ कर अपने दूध पर रख प्रिया।विजय फिर से कांपने लगा।“अरे गांडू! क्यों मर्दों का नाम खराब करता है? लड़के तो लड़कियों के मम्मों पर हाथ रखकर खूब दबाते हैं.”

लेकिन वो लड़का कुछ ज्यादा ही लल्लू था। मुझे उसे पटाये हुए एक महीना पूरा हो चुका था पर विजय ने मुझे एक बार भी अब तक नहीं चोदा था। अगर किसी तेज तर्रार लड़के से मैंने प्यार किया होता तो वो मुझे इस एक महीने में 50 बार चोद चुका होता।

पर अब विजय धीरे धीरे खुलने लगा था। जब उसे मौका मिलता, वो मेरे ओंठों पर किस कर देता था और मेरे मस्त मस्त जूसी मम्मों पर आराम से हाथ रख देता था। चूँकि मैं किसी घरेलू लड़के से चुदवाना चाहती थी, उससे जो मुझे जानता पहचानता हो इसलिए मेरा दिल सिर्फ विजय से चुदवाने का ही था। इसी लिए मैं उसके शर्मीलेपन को सहन कर रही थी.

एक दिन मैंने बहुत चुस्त टी शर्ट और जींस पहनी और विजय के घर गई। मेरी पतली मखमली चिकनी सेक्सी कमर मेरी कसी टी शर्ट के नीचे से साफ़ साफ़ दिख रही थी। जब हम दोनों साथ बैठ कर बात करने लगे तो विजय बार बार मेरी चिकनी कमर को देख रहा था।

तो मैं उसे छेड़ते हुई बोली- आओ छू कर मेरी कमर देख लो, ऐसे चोरों की तरह क्यों देख रहे हो?विजय एक बार फिर से डरने लगा। मैं उसके डर को दूर करना चाहती थी इसलिए मैंने उसके हाथ को पकड़ कर अपनी सेक्सी पतली कमर पर रख प्रिया।

धीरे धीरे विजय का डर दूर भाग गया। बड़ी मेहनत और ट्रेनिंग लगी उस लल्लू को लाइन पर लाने के लिए। अब मैं जब विजय के पास आ जाती तो वो खुद ही आकर मुझे किस करने लग जाता। मेरे मम्मे पर हाथ रखने लग जाता और मेरी पलती कमर को छूने लग जाता।

एक दिन विजय ने खुद ही मेरी जींस पर चूत पर हाथ रख प्रिया और मेरी चूत सहलाने लगा।“क्या बात है विजय!! तुम मर्द कब से बन गये? सीधा मेरी चूत पर हाथ रख प्रिया?” मैंने हँसते हुए पूछा

तो विजय बोला- आज मैंने एक जबरदस्त ब्लू फिल्म देखी है रीना!! क्या मस्त चुदाई दिखाई गयी उसमें!! वहीं से मैंने चूत में उंगली लगाना सीखा है!!और बहुत देर तक मेरी चूत सहलाता रहा मेरी जींस के उपर से।

अब मैं आश्वस्त थी कि वो जल्दी ही मुझे चोद देगा। तो मैंने खुद ही उसे बाहों में भर लिया, हम दोनों ओंठ से ओंठ जोड़कर किस करने लगे। धीरे धीरे विजय मेरे मम्मे दबाने लगा। फिर वो मेरी बुर सहलाने लगा मेरी जीन्स के ऊपर से।

“विजय! अब तू पूरी तरफ से मर्द बन गया है। आज चोद दो मुझे!” मैंने उसकी आँखों में आँखें डाल कर कहा.“ओके!!” विजय बोला।

उसके बाद उसने खुद मेरी जीन्स को निकाल प्रिया, मेरी ब्रा निकाल दी और मजे से मेरा दूध पीने लगा। मेरे स्तन उसके मुख में भरे हुए थे। विजय मेरी एक एक चुच्ची को बड़े कायदे से पी रहा था। आह दोस्तो, बेइंतहा मजा मिल रहा था मुझे। विजय किसी छोटे बच्चे की तरह मेरे 32 के दूध को मुँह में भर के पी रहा था। मेरी चूत जो कुछ देर पहले सूखी थी, अब पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।विजय मेरे मस्त मस्त काली काली घेरे वाली निपल्स को छोड़ ही नहीं रहा था, उसको चूसने में मजा मिल रहा था। इधर मुझे मजा मिल रहा था।

फिर विजय ने मेरी जीन्स को खोल प्रिया और निकाल दी। मेरी चड्डी के ऊपर से उसको मेरी चूत की फांकें दिखने लगी। विजय की आँखें वासना और काम की हवस से चमक उठी। वो मेरी चूत को चड्डी के ऊपर से सहलाने लगा।मैं कसमसाने लगी; तिलमिलाने लगी। विजय जोर जोर से मेरी चूत को ऊपर से ही अपने हाथ और उँगलियों से सहलाने और चाटने लगा। कुछ देर बाद उसने मेरी पेंटी निकाल दी। मेरी चूत पर छोटी छोटी झांटें थी और वो प्यार से मेरी झाटों में उंगली चला रहा था और मेरी चूत का दीदार कर रहा था। वो अब मेरा प्यारा बॉयफ्रेंड बन चुका था फिर विजय मेरी चूत अपनी उंगली से घिसने लगा, मेरी बुर से मीठा रस निकलने लगा।

उसके बाद तो वो एकदम हीरो बन गया, विजय मेरी चूत का मीठा रस मजे लेकर पीने लगा। अब वो किसी कुत्ते की तरफ मेरी चूत को अपनी लम्बी जीभ से हपर हपर करके चाटने लगा। मुझे तो बहुत सुख मिल रहा था; कितना मजा मिल रहा था, मैं आपको बता नहीं सकती। विजय मस्ती से मेरी चूत बड़ी देर तक पीता रहा और मेरे चूत के दाने को चुसकता रहा।कुछ देर बाद मुझे फील होने लगा कि अगर विजय ने मुझे नहीं चोदा तो मैं जरूर मर जाऊँगी।

मैंने अपने दोनों घुटनों को उठा रखा था। विजय का सर मेरी चूत में घुसा हुआ था मेरा हाथ उसके सर पर था। ना जाने क्यों वो मुझे बहुत प्यारा लग रहा था; मैं उससे प्यार करने लगी थी।“कम ऑन विजय!!! लिक माई पुसी!!” मैंने उसका हौसला बढ़ाया। उसके बाद वो तेज तेज मेरी चूत और मेरी चूत के दाने को चाटने लगा। मुझे अजीब सा नशा चढ़ रहा था।उसके बाद विजय ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए।

“रीना!! सक माई डिक!!” [मेरा लंड चूसो रीना] विजय बोला।मैं उसके आदेश को मना नहीं कर पायी और बिस्तर पर बैठकर अपने प्रेमी का लौड़ा चूसने लगी। धीरे धीरे विजय का लंड सात इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा हो गया। आज पहली बार मैंने अपने बॉयफ्रेंड का लंड हाथ में लिया था और पास से देखा था।विजय का लंड बहुत सुंदर और क्यूट था, खूब मोटा और लम्बा था। मैं जीभ से उसके खूबसूरत गुलाबी सुपाड़े को चाट रही थी। फिर पूरा का पूरा लंड मैंने मुँह में भर लिया और किसी आइसक्रीम की तरह मैं उसे चूसने लगी।

मेरा बॉयफ्रेंड अब मुझसे बिल्कुल नहीं शरमा रहा था। मैं अपना हाथ उसके मोटे लंड पर गोल गोल करके घुमा रही थी और उसके लंड को चूस रही थी। कुछ देर बाद विजय इतना गर्म हो गया कि उसके लंड की एक एक नस मुझे दिखने लगी। मैंने बड़ी देर तक अपने बॉयफ्रेंड का लौड़ा चूसती रही।

उसके बाद विजय बोला- मेरी जान, बताओ तुमको किस पोज में चुदना पसंद है?“किसी भी तरह तुम मुझ को चोद दो… पर प्लीज जल्दी करो। जल्दी मेरी गर्म और दहकती चूत में लंड दे दो!!” मैंने रिक्वेस्ट की.उसके बाद उसने मुझे बेड पर सीधा लिटा प्रिया और मेरे दूध पीने लगा। मैं आऊ आऊ ओह ओह्ह करने लगी।

मेरे बॉयफ्रेंड ने मेरे दूध को इतना हाथ से मसला और रगड़ा कि मेरे दोनों आम लाल लाल रंग के हो गये; मेरी चूत अपना पानी छोड़ने लगी; मेरी हालत एक चुदासी कुतिया की तरह हो गयी थी। विजय मेरे दूध को अपने मुँह में भर के मस्ती से पी रहा था। उसके दांत के निशान मेरे मम्मों पर पड़ गये थे।मेरी नादान चूत लंड खाने को बेक़रार हो रही थी पर वो तो मेरे दूध पीने में डूबा हुआ था। मैं खुद अपनी चूत को हाथों से सहलाने लगी और चूत के दाने को घिसने लगी। फिर आखिर कुछ देर में विजय ने मेरी चूत में लंड डाल प्रिया ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और मुझे चोदने लगा।

मेरी रसीली बुर अब जल्दी जल्दी उनका लौड़ा खाने लगी और मजे से चुदने लगी। मैंने भी किसी आवारा कुतिया की तरह अपनी दोनों टाँगें और दोनों हाथ पूरी तरह से खोल दिए और किसी छिनाल की तरफ खुलकर अपने बॉयफ्रेंड का लंड खाने लगी।दोस्तो, मैं कबसे चुदवाने के सपने देखा करती थी जो आज पूरा हो रहा था। आज मेरे सीने में दबी और किसी आग की तरह धधकती यौन इक्षा तृप्त हो रही थी। विजय किसी माहिर चुदैया की तरह मुझे और मेरी बुर को चोद रहा था और कुछ देर में विजय इतनी जोर जोर से मुझे पेलने लगा कि मेरी जान निकालने लगी; मैं तिलमिला गयी और उम्म्ह… अहह… हय… करके आवाज करने लगी।

उसके धक्कों से मेरे दूध आगे पीछे हिल रहे थे, हम दोनों की जांघें लड़ने से ठप ठप की आवाज आ रही थी, वहीं मेरी चूत पर जब जब लंड की चोट होती थी तो चट चट की मीठी महोश कर देने वाली आवाज निकलती थी। मैंने विजय को अपने में समेट लिया और मजे से चुदवाने लगी। हम दोनों दो जिस्म और एक जान हो चुके थे।

“कम ऑन!!… फक मी हार्डर… फक मी रिअली हार्ड!!” मैं इस तरह से बदचलन लड़की की तरफ चिल्लाने लगी।उसने मेरे मुँह पर अपना हाथ रख प्रिया- बहन की लौड़ी!! इतना चिल्लाएगी तो मेरा बाप तेरी चूत की खुशबू सूंघते सूंघते यहाँ आ जाएगा और तेरी चूत में लंड डाल देगा! तू मेरे घर पर है किसी रंडीबाजी करने वाले कोठे पर नहीं है बहन की लौड़ी!” विजय बोला।

उसके बाद मैं चुप होकर शांति से लौड़ा खाने खाने लगी। उसने काफी देर तक मुझे नॉन स्टॉप चोदा। इस बीच मैं दो बार झड़ गयी। कुछ देर बाद विजय ने अपना पानी मेरी खौलती बुर में छोड़ प्रिया।

उसके बाद काफी देर तक हम दोनों ऐसे ही नंगे नंगे लेटे रहे और रोमांस करते रहे; हम फिर काफी देर तक प्यार मुहब्बत की बातें करते रहे।तुम्हारी चूत बहुत प्यारी है” विजय ने कहा।उसके बाद विजय ने मुझे आगे की तरफ मेरे कंधों और सर को बेड पर टिका प्रिया और मेरे चूतड़ और मेरी गांड उसने ऊपर उठा दी। उसने मुझे कुतिया बना प्रिया था। पर मैं सिर्फ अपने घुटनों पर अपना पिछवाड़ा ऊपर की ओर उठाये हुई थी, मेरा सर और कंधे बेड पर सटे हुए थे, वो मेरे खरबूजे जैसे चूतड़ों को चूमने चाटने लगा। मेरी जांघें बहुत ही गोल गोल और चिकनी चिकनी हैं। मेरी सफ़ेद संगमरमर जैसी जांघों पर एक भी बाल नहीं है।

विजय काफी देर तक मेरे पिछवाड़े से खेलता रहा; कभी वो मेरी जांघ को चूमता, कभी मेरे मस्त मस्त सफ़ेद चूतड़ों को; फिर वो मेरी चूत पीने लग जाता।कुछ देर बाद विजय मेरी गांड के छेद में अपनी उंगली डालने लगा।“ये क्या कर रहे हो?” मैंने पूछा.“बहन की लौड़ी… तेरी गांड मारने जा रहा हूँ, और क्या??” उसने बोला।

उसके बाद मैंने कुछ नहीं कहा क्यूंकि मैं भी कब से अपनी गांड मरवाना चाहती थी। जब उसने अपना मोटा लंड मेरी गांड पर रखा और जोर का धक्का मारा तो मैं रो पड़ी क्यूंकि मुझे ऐसा लग रहा था कि किसी नामुराद ने मेरी कसी और कुवारी गांड में कोई मोटा बांस पेल प्रिया हो। मैं उसे रोकने लगी तो उसने मेरे दोनों हाथों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और जी भर के उसने मेरी गांड चोदी।दोस्तो, आप लोग यकीन नहीं करेंगे, पर मेरे बॉयफ्रेंड ने पूरा आधा घंटामेरी गांड चोदी। जब उसने अपना माल गिरा प्रिया और लौड़ा बाहर निकाला तो मेरी गांड पूरी फट चुकी थी।उस चुदाई के बाद मैं दो दिन तक चल नहीं पाई.

और तब से विजय मौका मिलते हीमुझे खूब चोदता है.

मेरी इंडियन सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी, मुझे मेल कर के ज़रूर बताए मुझे आपके मेल्स का इंतज़ार रहेगा.मेरी मेल आई डी हैsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
द

देव सिंह

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

स

सागर सिंह

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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