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जवान लड़की पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 370 बार

आए थे घूमने, चोद दी चूतें-2

रवि स्मार्ट

18 Apr 2022 को प्रकाशित

आए थे घूमने, चोद दी चूतें-2
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कहानी का पिछला भाग:आए थे घूमने, चोद दी चूतें-1

अब तक की चुदाई की कहानी में आपने मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली पूजा को मेरे सामने नंगी होते हुए पढ़ लिया था.अब आगे..

फिर मैंने धीरे धीरे अपने होंठों को पूजा के मम्मों के पास किया और उसके बिल्कुल पास करके गर्म सांस छोड़कर कहा- क्यों साली, बता आज पी लूँ तेरी जवानी का दूध?तो पूजा मचलती हुई बोली- उई जीजू आह उफ़..उसने मेरे सर को ऊपर से नीचे को दबा प्रिया, जिससे मेरे होंठ अपने आप उसके निप्पल पे जा लगे. मैं पूजा की चूचियों को निप्पल से चूसने लगा और साथ ही उसके मम्मों को चाट चाट कर चूस रहा था. कभी कभी मैं उसके मम्मे को जीभ से गोल गोल घुमा कर चाटता, कभी निप्पल मुँह में भर के चूसता.

इसी तरह मैं उसके दोनों मम्मों को चूस और चाट रहा था. फिर मैंने कुछ ही देर में उसको घुमा प्रिया और उसकी पीठ को भी चूमने और चाटने लगा.अब पूजा को भी बहुत मजा आ रहा था और उसकी शर्म भी दूर हो चुकी थी.

तभी मैंने उसे फिर से घुमाया और उसके होंठों पे एक गहरा सा चुम्बन किया. फिर उसकी जाँघों को भी चूमा और उसके मम्मों को फिर से चूसा. इसके बाद मैंने बड़ी बेताबी से फिर से उसके पेट को चूमा और उसकी टांगों तक जीभ फिराता हुआ नीचे तक उसको जीभ से सहलाता चला गया, जिससे वो तड़प उठी.

फिर मैंने उसकी ब्लैक पैंटी को अपने दांतों में पकड़ा और बिना पैंटी को हाथ लगाए, उसकी पैंटी को चुत से खींच कर टाँगों से बाहर कर दी. अब उसकी क्लीन और साफ़ चूत मेरे सामने एकदम नंगी पड़ी थी और पूजा का अल्फ नंगा जिस्म मेरे लौड़े को खड़ा कर रहा था.मेरे पैंटी खोलने के अंदाज़ को देखकर पास खड़ी सोनिया बोली- मैं तो आपके पैंटी उतारने के इस अंदाज़ पे ही फ़िदा हूँ जानू.

मैंने पूजा की चूत पे एक गहरा चुम्बन किया और उसकी चूत की दोनों फांकों को अलग अलग करके उसके अन्दर अपनी जीभ डाल दी. चुत को जीभ से सहलाते हुए फांकों को चाट चाट कर चूसने लगा, जिससे पूजा और सिहर उठी.अब मैं जोर जोर से पूजा की चूत चूस रहा था, जिससे पूजा सिसक रही थी और हमें देखकर सोनिया भी उत्तेजित हो गई थी. उसने भी अपनी कमीज़ ऊपर उठाई और अपने मम्मों को मेरे आगे कर प्रिया. मैंने अपने एक हाथ से उसका एक मम्मा पकड़ लिया.

पूजा और सोनिया दोनों मज़े ले रहीं थीं. पूजा की चूत में मैं अपनी जीभ लगातार चला रहा था और पूजा बहुत जोर जोर से सिसक रही थी. हम तीनों काम वासना के मज़े में मस्त थे कि अचानक हमारे दरवाजे पे दस्तक हुई, हम दरवाजा लॉक करना भूल गए थे और विनोद खाने का सामान लेकर अन्दर दाखिल हुआ.

इससे पहले कि हम अपने आपको सम्भाल पाते विनोद बिल्कुल हमारे बिस्तर के पास आ गया था.हम तीनों खड़े हुए और अपने आपको सम्भालने लगे और पूजा अपने कपड़े उठा कर बाथरूम में भाग गई.

तभी विनोद बोला- ओह सॉरी, यहाँ तो मज़े चल रहे हैं, कहो तो मैं चला जाता हूँ, बाय..ये कह कर विनोद जाने लगा, तो मैंने उसे रोक लिया और कहा- अरे कोई बात नहीं, तुम्हें जाने की जरूरत नहीं, चाहो तो तुम भी मज़े हमारे में शामिल हो सकते हो यार.तो विनोद बोला- अच्छा जी, सोच लो!मैंने कहा- सोचने की क्या बात है, मैं कह रहा हूँ न, चाहो तो सोनिया से पूछ लो यार..तभी सोनिया बोली- हाँ जी, आप पूजा से कर लेना.

मैंने फिर कहा- क्यों साली, अब पूजा का नाम ले रही है, शर्म छोड़ो. वैसे विनोद यार बात ये है कि तुम्हारे बाद हमने प्लान बनाया है कि हम चारों आज एक साथ मज़े करेंगे.तब तक पूजा भी कपड़े पहन कर आ गई थी, परन्तु वो थोड़ा शर्मा रही थी और विनोद से आँखें बचाते हुए उसके पीछे खड़ी थी.

मैंने पूजा को बाजू से पकड़ा और विनोद के सामने खड़ा करते हुए उसे कहा- साली साहिबा, अब क्यों शर्मा रही है यार.. ये भी हमारा ही दोस्त है, आ जा कोई बात नहीं, हमने इसे सब बता प्रिया है, अब हम चारों एक साथ मजा करेंगे. आओ पहले कुछ खा पी तो लो, देखें तो क्या लेकर आया है विनोद?

तो विनोद ने सभी सामान बिस्तर पे रखा और किचन से कुछ बर्तन ला कर भी रख दिए और सोनिया स्नेक्स वगैरह सर्व करने के लिए प्लेट में डालने लगी. मैंने देखा उस सामान में एक केक भी था.तो मैंने केक को देखकर कहा कि आज हम यह केक अपनी दोस्ती के नाम एक साथ काटेंगे.

पूजा चाकू ले आई और किचन का सभी काम दोनों लड़कियों ने सम्भाल लिया. मैं और विनोद बातें करते हुए सामान को सैट करने लगे. सभी सामान बिस्तर पे लगा प्रिया था और हम चारों उसके आस पास बैठ गए थे. केक को सेंटर में रखा हुआ था और हम चारों एक साथ केक काटने लगे थे. फिर ‘हैप्पी फ्रेंडशिप’ बोलते हुए हम केक काट रहे थे और जैसे ही केक काटा गया तो मैंने केक का एक पीस उठाया और पूजा के गाल पर लगा प्रिया. तभी विनोद ने भी सोनिया के गाल पे एक पीस मलते हुए लगा प्रिया. इसी तरह उन्होंने भी हम सभी की गाल और गर्दन पे एक एक पीस लगा प्रिया. मैंने कुछ केक पूजा के टॉप के अन्दर डाल प्रिया और अब हम सभी केक से खेल रहे थे.

हमने कुछ केक टेस्ट किया. फिर हम सभी ने कुछ स्नेक्स, कोल्ड ड्रिंक और चाय ली और फ्रेश हुए. फिर बिस्तर की चादर को चेंज किया, जो वहीं से विनोद ने निकाल कर दी.

अब बारी थी आगे के प्लान की.

जैसे ही हम सभी फिर से बिस्तर पे एक साथ हुए तो मैंने कहा- यार, अब शर्म और झिझक का कोई काम नहीं, दोनों लड़कियां हमारे पास आओ.

सोनिया मेरे पास आ गई और पूजा पीछे खड़ी थी, तो मैंने पूजा को पकड़ कर आगे कर प्रिया और बोला- पहले हम तीनों मिल कर इस साली को थोड़ा खोलते हैं. ये ज्यादा ही शर्मा रही है, अरे अब तो तू आधी चुद चुकी है, अभी भी शर्म?

फिर मैंने पूजा का टॉप उतार प्रिया और विनोद को इशारा किया तो उसने पूजा की जीन्स का बटन खोल प्रिया. इस बार पूजा ने नीचे कुछ भी नहीं पहना था और वो ज़ल्दी में कपड़े पहन कर आई थी, तो उसने पैंटी और ब्रा नहीं पहनी थी. जैसे ही हमने उसके दोनों कपड़े उतार दिए तो वो अल्फ नंगी हो गई.

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विनोद को मैंने इशारा किया. उसने सोनिया को हाथ लगाना चाहा तो सोनिया पीछे को हट गई.मैंने कहा- साली, ये क्या बदमाशी है?तो सोनिया अपने आप हंसते हुए विनोद की गोद में आ गिरी. मैंने पूजा की चूत में उंगली डाल कर आगे पीछे करना शुरू कर प्रिया था.

अब पूजा फिर से उत्तेजित हो गई थी और मेरे पास ही विनोद सोनिया को नंगी भी कर रहा था और उत्तेजित भी कर रहा था.

तभी मैंने पूजा के मम्मों को अपने मुंह में ले लिया और उसकी चूचियां चूसने लगा. अब पूजा के मम्मों को मैं बदल बदल कर चूस रहा था और उसकी चूत में उंगली भी कर रहा था. विनोद सोनिया को अल्फ नंगी कर रहा था, विनोद ने सोनिया के जिस्म से सलवार कमीज़ उतार दिए थे और उसके जिस्म को चूम रहा था.

मैंने देखा कि सोनिया ने पिंक पैंटी पहनी थी और वाइट ब्रा पहनी थी, तो मैंने कहा- वाओ साली.. सोनिया तो पहले ही चुदने का प्लान बना कर आई लगती है, ऐसी पैंटी जो पहनी है.तो सोनिया मुझसे बोली- ज्यादा मत बोला करो..विनोद बोला- यार रवि, तुम्हारी सोनिया तो है ही बहुत मस्त यार, इसे तो देखते ही लौड़ा खड़ा हो जाए.मैंने मजाक में कहा- क्यों मैं क्या कुछ कम हूँ?पूजा बोली- नहीं जीजू उफ़.. आप भी बहुत मस्त हैं.. उई तभी तो हम आपके नीचे दबे पड़े हैं.. आह्ह..

पूजा और सोनिया के दूधिया जिस्म रूम को जैसे रोशन कर रहे थे. अब तक विनोद ने सोनिया की ब्रा भी उतार दी थी और उसके जिस्म पे सिर्फ पैंटी बची थी, उसे देखकर मैंने फिर कहा- अबसाली की पेंटीउतारने मैं आऊं क्या?

तो विनोद ने सोनिया की दोनों टांगें ऊपर को उठाईं और एक झटके में पैंटी को उतार प्रिया. अब सोनिया भी अल्फ नंगी थी. इधर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए थे और मेरे जिस्म पे सिर्फ मेरा अंडरवियर ही बाकी था.मैंने पूजा की दोनों टांगों को फैलाया और पूजा उसकी चूत की फांकों को अलग अलग करके एक गहरा चुम्बन लिया और कुछ देर तक उसकी चूत को चूसा.

इधर मेरे पास ही विनोद भी बिल्कुल नंगा हो चुका था और विनोद ने अपना लौड़ा सोनिया को पकड़ा प्रिया था. सोनिया विनोद के लौड़े को पकड़ कर कुछ देर तक उसे सहलाती रही और फिर उस पर अपनी जीभ रख दी. विनोद इससे सिहर सा गया. अब सोनिया विनोद के लौड़े को धीरे धीरे मुंह में ले रही थी और विनोद को भी मजा आ रहा था. तो विनोद अपने हाथों से सोनिया के मम्मों को मसल रहा था.

मैंने अपना एक हाथ निकाला और सोनिया की चूत में उंगली डाल दी और कहा- सालों, तुम तो हम से भी आगे चल रहे हो.तो विनोद बोला- तुम जीजा साली कौन सा कम हो, हम तो अब शुरू हुए हैं और तुमने तो सबसे पहले शुरूआत भी कर दी थी.

मैंने पूजा को बिठाया और मैंने भी अपना लंड पूजा को पकड़ा प्रिया. पूजा ने भी मेरा लौड़ा पकड़ लिया. उसने सबसे पहले मेरे लौड़े की नोक पे अपनी जीभ को नुकीली बना कर रख प्रिया. फिर उसने मेरे लौड़े के सुराख के बिल्कुल ऊपर अपनी नुकीली जीभ रख दी.. और फिर अपने होंठों को धीरे धीरे नीचे को किया. फिर लंड के ऊपर के हिस्से, मतलब लंड के टोपे को अपने होंठों में अच्छे से भींच लिया. अपनी जीभ को टोपे के चारों ओर घुमाया और फिर अपने होंठों को मेरे लंड के नीचे किया. फिर तो पूजा ने ऐसे करते हुए मेरा पूरा लंड अपने मुंह में निगल लिया, जिससे मुझे बहुत मजा आया और मेरी आह निकल गई.

पूजा मेरे लंड के साथ ऐसे ही खेलने लगी. उसने धीरे धीरे फिर पूरा लंड बाहर निकाल लिया. जब तक लंड बाहर आया, तो मेरा पूरा लंड पूजा के थूक से गीला था. पूजा की इस अदा से मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मैंने सिसकारते हुए पूजा को कहा- उफ़… उई.. जान निकल गई.. साली बहुत एक्सपर्ट है तू बेबी..

कुछ देर ऐसे ही लौड़ा ही चुसवाने के बाद मैंने पूजा की दोनों टांगों को अपने कन्धों पर रखा और पूजा की गोरी गांड के नीचे तकिया रख कर उसकी गांड को थोड़ा ऊँचा कर प्रिया.मैंने पूजा को कहा- संभाल कर रहना साली, आज अपनी जवानी का केक अपने जीजू से कटवा ले.

मैंने अपना लौड़ा साली की चूत के साथ टच किया और धीरे से एक झटका लगाया और अपने लौड़े का टोपा पूजा की चूत के अन्दर ऊपरी हिस्से में फिट कर प्रिया. फिर थोड़ा सा रुक कर मैंने एक झटका और लगाया और मेरा आधा लंड पूजा की चूत में उतर गया.

पूजा थोड़ा सा कसमसाई और उसकी मेरे लंड का एहसास जैसे ही अपनी चूत में हुआ तो उसे मजा सा आ गया और वो अपने मुंह से सिसकती हुई बोली- अहह उई…उम्म्ह… अहह… हय… याह… सी सी सी.. जीजू.. और..अन्दर..

फिर मैंने एक और झटका लगाया और पूजा की चूत में मेरा पूरा लंड चला गया, ऐसे ही मैंने दो तीन और झटके लगाए तो मेरा पूरा लौड़ा पूजा की चूत के अन्दर मज़े देने लगा था.

पूजा और सोनिया कीदेसी चुदाई की कहानीपर आपके मेल का इन्तजार रहेगाsupport@mohakkisse.comकहानी जारी है.

कहानी का अगला भाग :आए थे घूमने, चोद दी चूतें-3

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आए थे घूमने, चोद दी चूतें

कुल भाग: 3
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

यश हॉटशॉट

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

महागुरु जी

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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