होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,039 बार

गौने से पहले-1

ए के हुबली

11 Apr 2008 को प्रकाशित

गौने से पहले-1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : ए के

मैं एक 32 वर्षीय पुरुष हूँ, उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूँ। मैं जैसे ही 22 साल का हुआ, मेरी शादी कर दी गई और मेरी शादी होते ही मुझे मुंबई में नौकरी मिल गई। और जैसा कि आप सब जानते ही होंगे कि हमारे यहाँ शादी में बीवी को विदा नहीं करते, तीन साल बाद गौना आता है। तब मुझे अकेले ही मुंबई जाना था।

उन दिनों मुंबई में हमारा कोई नहीं था पर हमारे पड़ोस के गाँव के रामू काका दादर में रहते थे तो मैं उनके पास चला आया और उनसे अपनी नौकरी के बारे में और रहने के बारे में बात की। उन्होंने मुझे कुछ दिनों तक अपने साथ रहने के लिए कहा, मैं भी तुरंत राजी हो गया क्योंकि मेरे पास और कोई चारा भी नहीं था।

रामू काका अपनी बीवी और एक अठारह वर्षीय पुत्री के साथ काफी समय से मुंबई रहते थे। अब मैं भी इनके घर का एक सदस्य बन गया था। रामू काका का बाकी परिवार गाँव में रहता था। रामू काका की पुत्री नीरू मुंबई के नेशनल कालेज की छात्रा थी और बहुत ही खुले विचारों की थी, वो मुझसे बहुत मजाक किया करती थी पर मैं बड़ा ही शर्मीला और वहम वाला लड़का था, मेरे विचार भी गाँव के लड़के की तरह थे और तो और मुझे हर वक़्त डर सा रहता था कि कहीं मेरी किसी बात से रामू काका बुरा न मान जाएँ और मुझे कहीं और जाकर रहने को न कह दें। मैंने अपने काम पर जाना शुरू कर प्रिया।

दिन बीतने लगे, अचानक रामू काका के भाई की तबीयत कुछ ख़राब हो गई जिसके कारण काकी व काका को गाँव जाना पड़ा और उन्होंने नीरू को सँभालने की जिम्मेदारी मुझे दे दी पर बात तो एकदम उलटी थी, नीरू ही मुझे सँभालने वाली थी क्योंकि मैं ठहरा गाँव का !

मेरे मन में कभी भी नीरू के लिए कोई गलत विचार नहीं था पर वो शहरी होने के नाते कुछ ज्यादा ही आगे थी। मैं और नीरू काका-काकी को स्टेशन पर छोड़ कर घर आये और काफी देर तक वो मुझे अपने कालेज के किस्से सुनाती रही, फिर उसने अपने बहुत से फोटो मुझे दिखाए।

एक बात कहता हूँ कि वो बला की सुन्दर थी और उसका भी ब्याह हो चुका था पर गौना नहीं गया था। यह उसके कालेज का आखिरी साल था।

रात का समय था, हमने खाना खा लिया था और मैं सोने की तैयारी कर रहा था पर वो मुझे जगाये रखकर कुछ और ही करवाना चाहती थी।

धीरे से वो मेरे बदन को सहलाने लगी, मुझे गुदगुदी होने लगी, मेरी बुद्धि काम नहीं कर रही थी कि वो क्या चाहती है सो मैंने भी उसको सहलाना शुरू कर प्रिया, मैंने सोचा यूँ ही मजाक-मस्ती कर रही होगी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

मेरे साथ पहली बार

पर धीरे धीरे उसका हाथ मेरी कमर के नीचे जाने लगा तो मेरे बदन में मानो बिजली का झटका लगा। वो मुझसे सटने लगी और मेरे गाल पर एक चुम्बन जड़ प्रिया। फिर मुझे भी चूमने को कहा पर मुझे शर्म आ रही थी, मजाक मस्ती के आगे मैं नहीं जाना चाहता था क्योंकि मैंने फिल्मों में देखा था कि हीरो और हिरोइन जैसे ही एक दूसरे से चिपकते हैं, हिरोइन गर्भवती हो जाती है। बस इसी बात का डर मेरे मन में घर कर गया था कि नीरू गर्भवती हो गई तो रामू काका मुझे नहीं छोड़ेंगे, घर से निकाल देंगे और मेरे घरवाले भी मुझे मारेंगे।

पर नीरू कहाँ मानने वाली थी, उसने झट से मेरे शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए और साथ साथ अपने भी कपड़े निकालने लगी। कुछ ही पलों में हम बिल्कुल निर्वस्त्र हो गए थे और वो मुझे शांत करने मे लगी थी। ऐसा निर्वस्त्र बदन मैंने आज तक फिल्मो में भी नहीं देखा था, मैं तो दंग रह गया, जैसे मेरे होश ही उड़ गए हों।

ऐसी जवानी मैंने पहले कभी नहीं देखी थी, मुझे सेक्स का ज्ञान नीरू से मिला, वो मुझे पटक कर मुझ पर चढ़ गई और अपने हाथो से मेरे लण्ड को ऊपर-नीचे करने लगी, मुझे दर्द सा महसूस हो रहा था क्योंकि मैंने तब तक मुठ भी नहीं मारी थी।

उसकी गोलाइयाँ बहुत बड़ी थी, मैं उसकी चूचियों से खेलने लगा।

अब मेरा लण्ड भी फुंफकार रहा था और अपनी मंजिल पाने को बेकरार हो रहा था, उसने अपने हाथों से पकड़कर मेरे लंड को अपनी बुर में रखकर जोर से धक्का मारा और मेरे मुँह से चीख निकल गई जैसे किसी ने मेरा कुछ फाड़ प्रिया हो, चीखी जोर से वो भी और नीचे-ऊपर होने लगी।

धीरे धीरे हम कहीं और जाने लगे अब चारों तरफ आनन्द ही लग रहा था। वो अपने चूतड़ों को खूब हिला रही रही थी और मैं भी मस्त होकर उसका साथ दे रहा था। एक पल ऐसा आया कि हम जोर जोर से हाफ़ने लगे और एक दूसरे में समां गए। फिर तो जैसे मुझे धुन ही लग गई और मैंने रात भर में उसे छः बार चोदा।

दूसरे दिन न मैं काम पर गया और ना ही वो कालेज गई, हमने साथ साथ स्नान किया और रात के काम को दोहराया।

आगे क्या हुआ ? अगले भाग में आप पढ़ पाओगे तब तक के लिए यह गाँव का लड़का आपको नमस्कार करता है।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

गौने से पहले

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

सत्य चुदाई कथा संग्रह: कॉलेज टॉयलेट में चारू की चूत चुदाई-1
पहली बार चुदाई

सत्य चुदाई कथा संग्रह: कॉलेज टॉयलेट में चारू की चूत चुदाई-1

मेरा नाम मनोज है पर मैं अपना उपनाम ‘यंग हेल्पर’ से नेट पर बनी मेरी फ्रेन्ड्स हॉट लड़कियों से चैट करता हूँ। वो अपनी चुदाई की कहानियाँ मुझे विस्तार में बताती हैं फिर मैं उस चुदाई पर एक स्टोरी तैयार करता हूँ। इस तरह मेरी सारी कहानियां सच पर ही आधारित...

11 मिनट 1,063
मेरे साथ पहली बार
पहली बार चुदाई

मेरे साथ पहली बार

लेखिका : रोमा शर्मा

14 मिनट 722
लोहड़ी की रात मेरी पहली सुहागरात
पहली बार चुदाई

लोहड़ी की रात मेरी पहली सुहागरात

मैं भी आज आप सबके सामने अपनी ऐसी ही कई आपबीती में से एक लेकर आया हूँ। उम्मीद है आपको मेरी ये सच्ची कहानी अच्छी लगेगी। इस कहानी के सभी पात्र एवं घटनाएं सच्ची हैं। बस गोपनीयता बनाए रखने के लिए लड़की का नाम और सटीक पता बदल प्रिया गया है।और हाँ इस कहानी ...

16 मिनट 988

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।