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पति के दोस्तों संग ग्रुप सेक्स करके चुत चुदाई-2

समीर गुप्ता

16 Jan 2021 को प्रकाशित

पति के दोस्तों संग ग्रुप सेक्स करके चुत चुदाई-2
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मेरी हिंदी सेक्सी स्टोरी के पहले भागपति के दोस्तों संग ग्रुप सेक्स करके चुत चुदाई-1में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरे पति के दोस्तों के साथ मेरी ग्रुप सेक्स चुदाई का खेल शुरू होने वाला था.अब आगे…

“खेलते खेलते चाहो तो तुम मुझे बस छू सकते हो.”अंश ने हाथ फेरा.“ओह… अंश मेरी नाभि में गुदगुदी हो रही है.”“ऊऊऊ स्सस्सस्स… कोमल तेरे ये चूचे बहुत मस्त हैं… किस किसने चूसे हैं.”“इनका स्वाद कई लोगों ने चखा है.”“ऊऊओ… नाम बताओ न?”“वो छोड़ो… अब ये देखते हैं आपमें से कौन पहले इनको देखता है.”

मेरा इतना कहना था कि विजय ने ताश के गेम में बाजी जीत ली और मुझ पर एक झपट्टा मारा.“आह… विजय तुम जीत गए… बोलो अब क्या चाहते हो मुझसे? सिर्फ नंगी देखना चाहते हो क्या या कुछ और भी?”“बहुत कुछ…”“अच्छा तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है वो अलमारी खोलो.”

उसने अलमारी खोली और देख कर चहका- अरे वाह भाभी…मैंने कहा- अब बताओ, कौन सी ड्रेस पहनूं कि तुमको उतारने में ज्यादा मजा आए.“ओके कोमल, ये नाइटी पहन कर आना.”“ठीक है… लाओ. तुम अन्दर चलो दरवाजा बंद मत करना, सिर्फ पर्दा लगाना ताकि ये लोग कुछ आवाजें सुन सकें. अब मैं ये नाइटी पहन कर आती हूँ… तुम अन्दर जाओ.

“और हम क्या करें कोमल?”“विकास और अंश अब जब तुम लोग बाद में देखोगे तो इससे अच्छा है कि अभी कुछ नजारा देख लो.”“कैसे… क्या नाइटी हम पहना दें?”“नहीं मैं नाइटी खुद पहन लूँगी, पर अगर तुम लोग चाहो तो मेरे कपड़े उतार सकते हो.”“हाँ हाँ…”“ठीक है… ऊपर से कौन उतारेगा और नीचे से कौन? ये तुम दोनों तय कर लो.”

विजय ने पास आकर मेरी शॉर्ट का हुक खोला और ज़िप ओपन करके मेरी शॉर्ट उतारने लगा. वो इसके साथ ही मेरी जाँघों को चूम भी रहा था. अंश ने मेरी शर्ट के बटन खोलने शुरू किए.“विकास तुम चाहो तो मुझे किस कर सकते हो… बाकी अगले गेम में जो जीतेगा बाक़ी की मस्ती उसके साथ करूँगी.”“उम्म्म स्सस्स… उम्म्म क्या रसीले होंठ हैं…” विकास ने मेरे होंठ चूम लिए. अंश ने शर्ट खोलते हुए मेरे चूचे दबा दिए.

“अंश ये चालबाजी नहीं… पहले विजय की बारी है. अभी तुम भी एक बार किस कर लो बस. मैं दरवाजा ओपन रखूंगी ताकि तुम बाहर से हमारी आवाजें सुन सको, पर अन्दर मत देखना, जिसने देखा उसकी छुट्टी… ओके…!”“ठीक है… कोमल प्रॉमिस.”“तुम सच में बहुत कोमल हो.”“मुझे सब लोग यही कहते हैं.”

अब मैं नाइटी पहन कर अन्दर चली गई.

“विजय लो… मैं आ गई, अब बोलो कैसे क्या देखना है?”“ओह कोमल बहुत सेक्सी लग रही हो.”“थैंक्स…”“अब तुम लेट जाओ.”“ठीक है!”“उह क्या होंठ है यार तुम्हारे…”“उम्म्मम्म… स्सस्सस्स ये जांघें और ये नाभि.”“क्या मैं तुम्हें इतनी पसंद आई.”“हाँ कोमल.”“अच्छा… पर तुम तो बस नंगी देखना ही चाहते थे न?”“अरे नंगी करने के बाद ये खड़े लंड को बिठाएगा कौन?”

ये कहते हुए उसने मेरी नाइटी उतार दी. अन्दर लेस वाली ब्रा पेंटी थी.“उ… उम्म्मम्म ओहह…”वो मेरी चूत को पेंटी पर से किस कर रहा था.

“आआ बहुत अच्छा लग रहा है.”“चाटो इसे इस्स… पेंटी निकाल कर मुझे नंगी कर लो न…”उसने पेंटी खींच कर मेरी चुत खोल दी.

“आआ स्सस्सस्स उम्म… अब तुम भी नंगे हो जाओ… और अन्दर तक चूसो इसे आआह…”उसने चुत चाटना शुरू कर दी.

“मेरे निप्पल भी भारी हो रहे हैं.“आराम से मसलो न उम्म्मम्म…”“कोमल केवल चुसवाओगी ही या चूसोगी भी…?”“अरे जरूर जल्दी से 69 में आ जाओ.”“ठीक है…”

मैं भी उसका चूसने लगी.”“आआह… कोमल कितना अच्छा चूसती हो आहह… बॉल्स को चूसने में तो तेरा कोई जवाब ही नहीं… आआहह…”“मेरी चूत पानी पानी हो गई… अब अन्दर डालो न.”“ठीक है.”“तुम भी बहुत अच्छा चूसते हो, कितने समय बाद किसी ने चुत चूसी है… उम्म्मम्म…”

उसने फिर से चुत पर चुम्मा लिया.“अब मत तड़पाओ… अन्दर डालो.”“ठीक है…”“आआहह…”“टांगें खोलो न…”“लो… ऊपर मत रगड़ो… अन्दर डालो अब… नहीं तो मैं मर जाउंगी.”“आहह…”

मैं उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत में फंसाने लगी. उसने धीरे से धक्का लगाया और थोड़ा सा लंड अन्दर घुस गया. मैं जरा सा हिली, वो धीरे धीरे अन्दर करने लगा.“इतने आराम से मत करो, पूरा जड़ तक डालो न.”“तुम बोलती बहुत हो… चुप करवाना पड़ेगा.”

वो मेरे होंठ चूसने लगा और बड़े प्यार से लंड अन्दर करने लगा मगर मेरे नीचे तो आग लगी हुई थी- अब नहीं रहा जाता… पूरा डालो.उसने एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड चूत की दीवारों को चीरता हुआ अन्दर तक चला गया.“आआ… मर गई…” मेरी बहुत तेज चीख निकल गई. उसने और जोर लगा प्रिया.“आया स्सस्सस्स मर गई आआह… मार डाला तुमने स्सस्सस्स उम्म्मम्म… अब तेज तेज चोदो मुझे…”“आआ… आहह… स्सस्स… ले…”

“मेरे होंठों का रस भी पियो और दूध भी पी जाओ…”“मैं सब पी गया तो बाकी दो को क्या पिलाओगी?”“चिंता मत करो मेरी इस फैक्ट्री में बहुत दूध बनता है…”“आआआ उम्म्ह… अहह… हय… याह… स्सस्स स्सस…”“लो अब कंधे पर टांगें रखो.”

उसने अपने कंधे पर मेरी टांगें रख कर अन्दर लंड पेल कर जोरदार चुदाई शुरू कर दी. मेरे निप्पल पकड़ कर मसल रहा था, मेरा पानी पहले ही निकल गया था. उसकी इतनी जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी दोबारा फिर निकल गया.

“उम्म्मम्म उह कोमल मैं कहां निकालूं?”“चूत में ही निकालो.”उसने मेरी चूत में पानी निकाल प्रिया और हम दोनों थोड़ी देर लेटे रहे.

“अब चलें बाहर… बाकी का खेल खेलने?”“चलो.”

मैं बाहर ब्रा पेंटी और नाइटी पहन कर बाहर आ गई पर सामने से नाइटी ओपन ही रखी थी तो मेरे चूचे और गीली चूत दिख रही थी.

“विजय तुम जीत चुके हो तो अब तुम आराम करो. अब हम तीन खेलेंगे. तुम लोगों की पैन्ट इतनी कैसे फूली हुई है?”“तुम्हारी चुदाई की आवाजें आ रही थीं… इसलिए हमारे लंड फूल गए हैं.”“अच्छा तो अब देखो कौन जीत कर मुझे चोदने का मौका पाएगा.”

हम तीनों फिर से खेलने लगे.

“विजय तुम चाहो तो गेम खत्म होने तक मेरे को कुछ छूना या किस करना चाहते हो, तो कर सकते हो.”“सच…?”“हाँ यार… इससे मैं और ये दोनों हॉट हो जाएंगे.”

विजय मेरे पास आकर मुझे किस करके मेरे मम्मों को दबाने लगा और चूसने लगा.“उम्म्म बहुत अच्छा लग रहा है…”“आआआह… मुझे भी…”“अब तो हमसे भी नहीं रहा जा रहा है.”

ये कहते हुए उन दोनों ने भी अपने लंड बाहर निकाल लिए और मुझे लंड दिखाते हुए आगे खेलने लगे. इस बार विकास जीत गया.

“तो विकास बोलो क्या पहन कर चलूँ?”“ये स्लीवलेस गाउन, जिसमें पीछे चैन लगी है, ये वाला पहन लो.”“अरे इसमें तो मेरे बूब्स एकदम उभर आएँगे.”“तो अच्छा है न…”“ठीक है जाओ अन्दर…”वो चला गया.

“अब तुम दोनों मुझे नंगी करके कपड़े पहनाओ.”“ठीक है.”

मेरी नाइटी तो पहले से ही निकली पड़ रही थी, अंश ने पकड़ कर खींच कर बाहर निकाल दी, फिर ब्रा निकाल दी और निप्पल मसलने लगा.“नहीं अंश… जल्दी बाजी नहीं… थोड़ा सब्र रखो… मैं तुमको भी पूरा मजा दूंगी… विकास के बाद तक थोड़ा इंतजार करो.”विजय ने मेरी पेंटी उतारी और मेरी चूत चाटने लगा.

“उह विजय नहीं, तुम्हारी चाल खत्म हो गई.”मैंने पूरी नंगी होकर उन दोनों के लंड खड़े करते हुए गाउन पहना और कहा- अब तुम मुझे किस कर सकते हो, फिर मैं अन्दर जाती हूँ.“उम्म्मम्म स्सस्सस्स…”“तुम भी विजय…”“उम्म्म…”“चलो अब छोड़ो, अब आवाजें सुनना.”

मैं गांड हिलाते हुए अन्दर चली गई.विकास अन्दर लंड सहला रहा था- ओह कोमल तुम आ गईं.“हाँ… आ गई मेरे राजा.”

उसने मुझे जल्दी से अपनी बाँहों में ले लिया और किस करना शुरू कर प्रिया “उम्म्मम्म आज तो खा जाऊंगा बहुत हॉट माल है यार तू…”“उम्म्मम्म धीरे थोड़ा…”“उह… अब रुका नहीं जा रहा जान… मुझे तो बस चोदना है तुमको…”“तो चोद लो न… इसी लिए तो आई हूँ…”“उम्म्मम्म… अहह… क्या मस्त चुचे हैं मेरी जान के…”“तो इनको खा जाओ ना जान…”“आआआह…”“मेरी जांघें चूसो न…”“हां… अभी चूसता हूँ.”

उसने मुझे लिटा कर मेरी पिछाड़ी को चूमना शुरू कर प्रिया.“उम्म्मम्म…”तभी पीछे से विकास ने मेरे गाउन की ज़िप खोलना शुरू किया और पूरी ज़िप खोल कर मुझे पूरी पीठ पर चाटने लगा.

“ओऊ… तुम्हारी जीभ तो जादू कर रही है… उह…” वो मुझे चूत के पास प्यार से सहला रहा था.“उह… मत तड़पाओ यार… चुत में गुदगुदी होती है.”

वो पीछे मुँह करके मुझे किस करने लगा और गाउन में हाथ डाल कर मम्मों को मसलने लगा.“ओह… यार क्या मस्त फिगर है.”“जान मुझे तुम्हारा लंड चूसना है.”“हाँ जरूर लो चूसो… आराम से चूसो…”“उम्म्मम्म स्सस्सस्स…”“आह… बहुत अच्छा लंड चूसती हो उम्म्मम्म…”“आह… बहुत टेस्टी लंड है… आह… कितना बड़ा और मोटा लंड है… बॉल्स भी बहुत अच्छे हैं.”“उम्म… चूस लो…”“उम्म्मम्म बहुत टेस्टी लंड है आआआ…”“अब तुम लेटो मैं तुम्हारी चूत चूसूंगा.” “मेरी जान जो तुमको करना है, कर लो…”

विकास ने मुझे पूरी नंगी करके मेरी चुत में अपनी पूरी जीभ डाल दी. मैं एकदम से हिलक गई, उसकी जीभ बड़ी कंटीली और खुरदरी थी, मेरी चुत में बड़ी मस्त रगड़ हो रही थी.

“उम्म्म उम्म्म हह…”

उसने चूत चूस चूस कर मेरा पानी निकाल प्रिया. इसके बाद भी विकास मेरी चुत को चाटता रहा. मैं फिर से गरम हो गई और अब मुझे रहा ही नहीं जा रहा था “अब अन्दर डालो जल्दी से… उम्म्म…”

उसने मुझे पलंग के किनारे पर लिटाया और लंड को चुत के अन्दर डाल कर मुझे चोदने लगा. वो मेरे निप्पल को अपने मुँह में लेकर खींचने लगा और मसलने लगा.“आआहह… दर्द हो रहा है… स्सस्सस्स आआह… इस्सस्स… रुको जानू… अब तुम लेटो, मैं ऊपर आती हूँ… आआह… इस्स्स…”मैं उसके लंड पर कूदने लगी और किस करने लगी.“आहह…”

वो मेरे मम्मों को तेज तेज मसल रहा था. करीब मिनट की धकापेल चुदाई के बाद उसने मुझे नीचे लिटा कर तेज तज चोदना शुरू कर प्रिया. मेरा पानी निकल गया था. तब भी वो चुत का भोसड़ा बनाने में लगा था.

“कितना चोदोगे राजा… चुत में जलन होने लगी.”“बस मेरा भी निकलने वाला है कोमल रानी.”“इस बार मुझे अपना रस पिलाओ.“ये लो डार्लिंग मुँह में लंड लेकर चूसो.”

मैं जोर जोर से लंड चूसने लगी और बॉल्स सहलाने लगी. तभी उसने पानी छोड़ प्रिया… मैं पूरा पानी अमृत समाज कर पी गई, बहुत टेस्टी था. मैं पूरा लंड चाट कर साफ कर गई.थोड़ी देर बाद बाहर मैं गाउन पहन कर आ गई.

“कोमल अब मैं ही बचा हूँ. चलो अब हम दोनों अन्दर चलें?”“नहीं रूल इज रूल… पहले गेम खेलो उसके बाद चुत मिलेगी.”“ठीक है.”“तुम दोनों मेरे करीब आ सकते हो.”

वो दोनों पास आकर मुझे किस करने लगे. विजय ने ज़िप खोल के मेरी पीठ पर अपनी जीभ फेर दी और चूसने लगा.“यार आज तो मजा आ गया…”“अंश तुम आखिरी हो, इसलिए तुम्हारे लिए एक स्पेशल सरप्राइज है.”“क्या स्पेशल सरप्राइज है…?”“विजय विकास तुम दोनों थोड़ा धीरे करो, दोनों गोद में लेट कर मजे कर लो.”

वे दोनों मेरी गोद में सर रख कर लेट गए.

“मम्मों को बाहर निकालो कोमल.”“खुद ही बाहर निकाल लो.”“ठीक है…”

उन दोनों ने मेरे मम्मों को बाहर निकाल लिया और एक एक चूचा चूसने लगे.“उम्म स्सस्सस्स…”“आहह… उह…”“धीरे से यार… मेरे निप्पल मत काटो…”“स्सस्सस्स उम्म्मम्म…”

“अरे अंश क्या हुआ… तुम्हारा लंड तो शायद कंट्रोल से बाहर हो रहा है.”“हाँ यार ये नहीं रुक पा रहा है… तुम अब प्लीज चलो.”“ऊँह… अभी नहीं… पहले गेम पूरा करो.”“नहीं हो रहा यार कंट्रोल…”“ठीक है बोलो क्या पहन कर चलूँ?”“ये टाइट लैग्गी और लूज टी-शर्ट पहन लो.”“ठीक है तुम चलो… मैं आती हूँ.”“ओके…”“चलो तुम दोनों ने मुझे नंगी तो कर ही प्रिया है, अब मैं कपड़े पहन कर अन्दर चली जाती हूँ.

मैं कपड़े पहन कर अन्दर चली गई.“हाय अंश कैसी लग रही हूँ?”“बहुत सेक्सी…”“चलो सीधे खड़े हो जाओ…”

मैं उसे किस करने लगी और उसकी पैन्ट के उपर से ही लंड सहलाने लगी.“आआह कोमल ये कोमल हाथ मेरे लंड को छूते हैं तो लंड में तूफान आ जाता है.”“अभी क्या है राजा… अभी तो सरप्राइज बाकी है.”“पर वो सरप्राइज क्या है?”“उन लोगों ने मुझे चोदा, पर अब मैं तुमको चोदूंगी… देखना कैसे मजा दूंगी.”“अच्छा… वाह… चोदो…”“हाँ… अभी चोदती हूँ.”

मैंने उसके कपड़े उतार कर उसे नंगा कर प्रिया और लंड पे जीभ फेरने लगी.“उम्म्म…”

मैं उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.“उम्म्मम्म…”“अभी तो बॉल्स भी चूसूंगी मेरी जान…”“हां जान चूसो मजा आएगा.”

मैंने अंश के लंड के बॉल्स चूसना शुरू किये. तो उसने मुझे उठा कर मेरी टी-शर्ट फाड़ कर खुद से चिपका लिया.“मेरी टी-शर्ट फाड़ दी तुमने तो…”“आहह… जोर से दबाव…”“आहह… तुम्हारा लंड मेरे पीछे चुभ रहा है हह…”

तभी अंश ने मेरी लैग्गी भी फाड़ दी. फिर उसने मुझे सीधा बैठा कर मेरी चूत में पूरी जीभ पेल दी.

“उहह… चूसो जोर से तेज तेज मेरी चूत खा जाओ.”“अह… तुमने भी तो मेरा पानी निकल प्रिया है.”

अब असली सरप्राइज आता है, उन दोनों ने मेरी चूत ही चोदी थी मगर पर मेरी गांड नहीं मारी थी.

मैंने अंश से गांड बजाने के लिए कहा- चलो अब तुम मेरी गांड की ओपनिंग कर दो.अंश खुश होते हुए बोला- ठीक है.मैं डॉगी स्टाइल में आ गई. उसने पीछे से मम्मों पे हाथ जकड़ कर गांड में लंड डाल प्रिया.

“अह… मर गई रे… धीरे आआहह…”

तभी उसने एक और जोरदार झटका लगा प्रिया.“आआआहह…”वो मेरे होंठों को पीछे मुँह करके चूस रहा था.“आआहह…”“अब पोजीशन बदलो अंश… मैं ऊपर आती हूँ.”“ठीक है…”

वो नीचे आया और मैं उसके लंड को गांड में लेकर उसके लंड पर गांड उछालने लगी.“लो रानी अब इस उंगली से मैंने तुम्हारी चूत चोदूँगा.”

मेरे जरा सा ऊपर होते ही उसने मेरी चूत में दो उंगलियां लगा दीं. जैसे ही मैं लंड पर बैठी उसकी उंगलियां सीधा मेरी चूत में घुस गईं… मुझे डबल मजा आने लगा.“आआआआ दुगुना मजा…”

अब मेरी चूत और गांड साथ में चुद रही थी. वो कभी एक निप्पल मसलता कभी दूसरा मींजता.“उहह… स्सस्स…”

फिर मैं नीचे लेट गई और मेरी टांगें पीछे करके उसने मेरी फिर से चुदाई शुरू कर दी. करीब तीस मिनट की जबर्दस्त चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया.तभी अंश भी बोला- आह… मेरा भी निकलने वाला है.“तुम मेरी गांड में ही निकलना.”“ठीक है.”

उसने पानी गांड में निकल प्रिया. मैंने उसका लंड चूस के साफ कर प्रिया और हम दोनों थोड़ी देर लेटे रहे.“कोमल प्लीज एक बार मेरा लंड चूस कर फिर से पानी निकाल दो ना प्लीज.”“ठीक है.”

मैंने उसका लंड चूसना और बॉल्स चाटना शुरू कर प्रिया. थोड़ी देर में वो मेरे मुँह में झड़ गया. हम बाहर आ गए.

“तुम लोग बताओ… पार्टी में मजा आया क्या?”“हाँ कोमल… बहुत मजा आया.”“अब चलो सोते हैं.”“ठीक है.”

अब सब सोने चले गए.

तो दोस्तो, यह थी मेरी ग्रुप में चुत चुदाई की कहानी, कैसी लगी बताइएगा जरूर.

मेरे जिस फ्रेंड समीर ने मेरी इस चुदाई की कहानी को लिखा है, उसका शुक्रियाsupport@mohakkisse.com

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पति के दोस्तों संग ग्रुप सेक्स करके चुत चुदाई

कुल भाग: 2
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16 मिनट 847

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

साहिल कपूर

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

अथर्व राइटर

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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