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लड़कियों की गांड चुदाई पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 618 बार

पति की रिहाई के बदले चूत-चुदाई के मजे -2

अंजलि अरोड़ा

18 Jul 2017 को प्रकाशित

पति की रिहाई के बदले चूत-चुदाई के मजे -2
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कहानी के पहले भागपति की रिहाई के बदले चूत-चुदाई के मजे -1में अब तक आपने पढ़ा..

पुलिस वाला बोला- देखो पहले ये बता कि तुम अपने पति को छुड़वाने के लिए किस हद तक जा सकती हो?मैं बिना डरे बोली- मैं ‘सब कुछ’ करने को तैयार हूँ.. लेकिन कल सुबह मेरे घर मेरे पति होने चाहिए।‘सब कुछ.. का मतलब समझती हो?’मैं उँची आवाज़ में बोली- हाँ..तो पुलिस वाला चिल्ला पड़ा- साली चिल्ला मत.. तुझे हमारी तीन दिन और तीन रात तक रखैल बन कर रहना होगा और पति तो जब ही छूटेगा.. जब यहाँ तू हमें खुश करेगी।

अब आगे..

यह सुन कर अब मेरी हालत खराब हो गई और नर्म आवाज़ में बोली- देखो मेरे पति को कल सुबह छोड़ देना.. भले ही मुझे जितने दिन चाहे चोद लो..

चुदाई की बात सुनकर पुलिस वाला तो जैसे खुशी से कूद पड़ा और बोला- अरे खड़ी हो ज़ा चल सामने से पैग बनाकर ला.. कल क्या अभी ही छोड़ देंगे तेरे पति को..

मैं खुशी में खड़ी हुई और तीन गिलास निकाले.. तो वकील बोला- तीन क्यों.. तू भी लगाएगी जान?मैं कंटीली अदा से बोली- अब जब रखैल बनाया ही है.. तो खातिरदारी तो करो मेरी..यह सुनकर तो पुलिस वाला लौड़े को खुजाते हुए बोला- अरे वाह.. मेरी जान ऐसे खातिरदारी करेंगे कि पति भी नहीं करता होगा।

अब मैं टेबल पर एक ट्रे में बोतल.. सोढ़ा.. गिलास स्नेक्स और सिगरेट लाई। मैंने पैग बनाए और सिगरेट पीते-पीते स्नेक्स खाने लगी.. तो पुलिस वाले ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और अपनी पैन्ट उतार कर अंडरवियर में से ही लौड़े को मेरी गाण्ड पर घिसने लगा।

मैंने उसकी तरफ हँसते हुए मुँह किया.. तो उसने बहुत बेरहमी से किस करना शुरू कर प्रिया। इसी के साथ ही मेरी सलवार भी उतार दी और पैन्टी भी खींच दी। फिर मुझे लिटा कर पागलों की तरह मेरी चूत चाटने लगा।

यह सुनकर तो वो और अधिक काटने लगा और अब दोनों हाथों से सूट को ऊपर चढ़ा प्रिया और मेरे मस्त मम्मों को नंगे करने की कोशिश करने लगा।

मैंने खुद ही सूट उतार कर ब्रा भी उतार दी। अब उसने भी अपने सारे कपड़े उतारे और अपने लौड़े को चड्डे में से निकाला।मैं तो देख कर हैरान रह गई.. उसका लौड़ा एकदम काला और सुर्ख लाल रंग का टोपा.. और लंबा कम से कम 8.5 इंच का था।मैंने लौड़े को तुरंत हाथ लगाया.. तो बोला- लेटी रह रंडी की बच्ची..

फिर उसने मेरा सर बिस्तर से आधा लटकाया और अपने लंड को मुँह में घुसाया। मेरे मम्मों को दबाते हुए मेरे मुँह को बेरहमी से चोदने लगा। मुझे साँस आनी बंद होने लगी कि इतने में देखा कि वो वकील भी पूरा नंगा होकर मेरी चूत पर मुँह मारने लगा।वो बोला- साली तू क्या चिकना माल है आज इसे पूरा रगड़ देंगे।इतना कहते ही पुलिस वाले ने मुझे सीधा किया.. चूत को लौड़े के निशाने पर लगाया और दे मारा एक झटका.. अभी मेरी साँस बनी ही थी कि एक और ऐसा ही झटका मारा कि मैं पूरी खड़ी सी ही हो गई और उसके सीने से चिपक गई।

फिर दो-तीन बार में उसने पूरा लौड़ा अन्दर कर प्रिया और धकाधक करते हुए उसने तो मुझे ऐसा चोदना शुरू किया.. कि जैसे चोदना कभी खत्म ही नहीं होगा।

फिर उसने मेरी चूत से लंड निकाला और मेरी गाण्ड में एक बार में ही लौड़ा घुसा प्रिया.. जिससे मेरी आँखों से पानी आ गया और मैं रोने लगी। मगर वो इतना बेरहम था कि मुझे मारते हुए चोदने लगा और पता नहीं कब मुझे भी मजा आने लगा।

अब तो मुझे वो ही दिख रहा था और मैं पागलों की तरह उसे चूमने लगी और फिर उसने अपना लंड गाण्ड से निकाल कर मेरी चूत में घुसा प्रिया और मेरे ऊपर चढ़ कर चूमते-काटते हुए धक्के मारने लगा।

मैं भी अपनी गाण्ड को पूरा उछाल-उछाल कर उसके लंड को अन्दर तक ले रही थी। कमरे में बहुत तेज़-तेज़ आवाज़ें चुदाई की गूँजने लगीं और तभी मैं झड़ गई। मगर वो इतनी जल्दी कहाँ झड़ने वाला था।इतने मैं वकील भी आया और अब उसने अपना मूसल मेरी चूत में घुसेड़ प्रिया।

पुलिस वाला मेरे मुँह को बुरी तरह चूसने लगा… उसने मेरे मम्मों तो जैसे सुजा ही दिए थे। वकील ने भी रगड़-रगड़ कर मजा लिया।

खैर वकील साहब भी बहुत अच्छा चोदे जा रहे थे। कुछ देर बाद वकील नीचे लेट गया और मैंने अपनी चूत को उसके लौड़े पर टिका प्रिया और उछलने लगी।अब मैं फुल जोश में चुदवाने लगी और चुदाई की मस्ती में बोली- हाँ मेरे शेर मर्दों.. आज की रात मेरी एक नई सुहागरात बना दो… और चोदो सिर्फ़ चोदो.. आअहह..

मादक सीत्कार करते हुए वकील मेरे मम्मों को दबाने लगा।अब पुलिस वाले से रहा नहीं गया तो बोला- चल आगे की ओर झुक साली..

और उसने अपने लौड़े को मेरी गाण्ड में डाल प्रिया। अब मैं ऐसा मजा लेने लगी जिसके लिए मैं तड़पती थी.. कि एक लौड़ा चूत में और दूसरा गाण्ड में हो।अब वे दोनों मुझे धकाधक चोदने लगे, मैं ‘आअहह.. आहह.. हहाअ.. चोदो सालों.. बना लो अपनी राण्ड..’

लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद पुलिस वाला मेरी गाण्ड में अपना लावा भर के हट गया। अब मैं वकील के लौड़े पर कूद रही थी और ज़ोर-शोर से चुदवा रही थी।थोड़ी देर मैं हम दोनों भी झड़ गए। फिर मैं बाथरूम गई.. और शावर लेकर नंगी ही आकर बिस्तर पर लेट गई।तो पुलिस वाला भी नहा कर मेरे पास आकर मेरी चूत और मम्मों से खेलते हुए बोला- बोल रंडी.. तुझे मजा आया?

मैंने उसको अपनी बाँहों में भरा और बोली- हाँ यार बहुत मजा आया.. मुझे रोज़ चुदवाना है ऐसे ही..तो उसने फोन उठाया और हवलदार से बोला- अरे.. सुन वो अरोड़ा को छोड़ दे..और उसने फोन कट कर प्रिया।

मैं बड़ी खुश हुई कि चूत की आग भी बुझ गई और पति भी छूट गए।

फिर खुशी से मैंने पुलिस वाले को लिटाया और उसके ऊपर चढ़ कर बोली- बड़ा बेरहम है तू साले.. मगर तेरी बीवी खुश रहती होगी।तो बोला- कहाँ जान.. मेरे लौड़े को झेलना बीवी के बस की बात नहीं है।मैं बोली- तो फिर मेरे बारे में क्या ख्याल है?तो बोला- तू तो साली बहुत चुदक्कड़ लगती है.. और मस्त मजा देती है.. गांड को उठा-उठा कर और साली क्या चूस-चूस कर चुदवाती है।

तो मैं बोली- मुझे भी बड़ा मजा आया आज.. तू रोज़ दे ऐसा मजा।फिर उसने मुझे और चोदा और सुबह घर आ गई.. तो सब कुछ ठीक मिला।

अब तो मैं उन दोनों की रंडी बन चुकी थी। रोज़ चुदवाकर आती थी.. जिसके बारे में पति को पता चल गया था और फिर हमने घर शिफ्ट कर लिया था.. क्योंकि मैंने कभी यह नहीं बताया कि मुझे उसके साथ मजा आता है।मैं बोली- उस हरामी के पास मेरी कुछ वीडियो और फोटो हैं.. जिससे वो मुझे ब्लैकमेल करता है..तो पति बोले- आगरा में मेरा एक घर है वहाँ चलते हैं।तो हमने आगरा शिफ्ट कर लिया और अब यहीं रहने लगे.. मगर याद तो उसकी आती है मुझे.. साला चोदूराम जो था।

दोस्तो, बताइएगा मेरी यह कहानी कैसी लगी.. मुझे आपके मेल्स का इंतज़ार रहेगा।अगर आपकी प्रतिक्रियाएँ अच्छी मिलीं.. तो एक और सच्ची घटना के साथ लौटूंगी।support@mohakkisse.com

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पति की रिहाई के बदले चूत-चुदाई के मजे

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