अगर कॉलेज का दोस्त पति के बॉस के रूप में घर आ जाए तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, दोनों तरफ़ आग सी भड़क जाती है, इन्तजार होती है तो बस एक चिंगारी की!
सुमन ने अपने पति के बॉस और अपने कॉलेज के दोस्त समीर का भड़काने में कोई कसर न छोड़ी, उसे मालूम था कि समीर इस छेद से झांकेगा जरूर!सुमन ने शावर लिया और सिर्फ तौलिया लपेट कर ही अंदर घूमने लगी, उसने छिप कर उस लॉक होल की तरफ देखा जहाँ से अब कोई रोशनी नहीं आ रही थी… मतलब समीर की आँखें उस होल पर टिकी हुई थीं।
अब सुमन को मजा आने लगा… वो ऐसे ही सोफे पर बैठ गई और टांग के ऊपर टांग चढ़ा ली। अब उसकी चिकनी टांगें पूरी नंगी दिख रही थीं… अगर वो थोड़ा तौलिया और ऊपर करती तो शायद चूत भी दिख जाती!
सुमन ने छेद की तरफ पीठ कर के तौलिया आगे से खोला और थोड़ा ऊपर नीचे करके फिर बाँध लिया, इस से उसकी नंगी पीठ पूरी दिख गई।अब बहुत हो चुका था… सुमन कमरे में गई और टॉप और कैपरी पहन आई और डिनर की तैयारी में जुट गई, तभी सुनील भी आ गया।
अब सुमन ने देखा कि छेद से रोशनी आ रही थी… मतलब समीर अब वहाँ से हट गया था। सुनील ने समीर को फोन किया कि क्या वो चाय दोबारा लेगा तो समीर बोला कि वो जरा बहार जा रहा है, एक घंटे में आ जाएगा।
डिनर के टाइम पर समीर को सुनील ने अंदर से ही बुला लिया।समीर एक व्हिस्की की बोतल और आइसक्रीम लेकर आया। सुमन ने उससे गुस्सा होते हुआ कहा कि वो अपनी दोस्त के यहाँ है, न कि सुनील के यहाँ!
आज तो समीर डिनर जल्दी लेकर चला गया क्योंकि सुनील को सुबह 5 बजे टूर पर जाना था।समीर के जाते ही सुनील ने सुमन को भींच लिया और उसका टॉप उतार प्रिया और ब्रा भी…सुमन ने बहुत कहा कि मेज तो साफ़ करने दो पर सुनील ने एक बार उसके मम्मे चूसे तभी उसे काम करने प्रिया और वो भी इस शर्त से कि वो जल्दी ही बेड पर आ जाएगी।
सुमन जानती थी कि समीर का लंड अब उसके हाथों में होगा क्योंकि सुमन ने जीना लॉक ना करके हल्का सा खुला छोड़ प्रिया था ताकि समीर आराम से उसके जलबे देख सके।
काम निबटा कर उसने इस हैरानी से जीने की खुली किवाड़ को देखा जैसे वो गलती से उसे खुला छोड़ गई हो और ऊपर चढ़ी उसे बंद करने तो उसे तेजी से चलते पावों की आहट सुनाई दी… समीर तेजी से अंदर जा रहा था।
सुमन ने डोर लॉक किया और मुस्कुराते हुए बेडरूम में गई जहाँ सुनील बेड शीट ओढ़े लेता था। वो जानती थी कि सुनील ने क्या पहना होगा।वो वाशरूम में गई फ्रेश होकर बेड पर आई और कैप्ररी उतारकर अंदर घुस गई, सुनील भी बिना कपड़ों के उसका इंतज़ार कर रहा था। दोनों चिपट गए।
सुनील ने पहले तो उसके मम्मे जम कर चूसे और फिर वो नीचे होकर उसकी चिकनी चूत पर पिल गया… सुमन ने दिन में ही वेक्सिंग कराई थी और चूत की भी शेव की थी।सुनील को चूत चिकनी ही पसंद थी, इसलिए हर हफ्ते सुमन चूत चिकनी कर लेती थी।देर तक जम कर चुदाई करने के बाद दोनों चिपट कर सो गए। सुनील ने 4 बजे का अलार्म लगाया था, अलार्म से सुनील और सुमन दोनों ही उठ गए।
सुमन मुस्कुरा पड़ी, वो समझ गई कि यह अलार्म सुनील ने चुदाई के लिए लगाया है, वो बोली- चाय बना लाती हूँ।वाशरूम जाकर जब वो नाइटी पहनने लगी तो सुनील ने मना कर प्रिया- ऐसे ही जाओ…
सुमन अब उससे कैसे कहती कि अलार्म की आवाज से शायद समीर भी उठ गया हो और जीने से झाँक रहा हो…उसने एक छोटी सी फ्रॉक डाली और किचन में जाकर चाय का पानी चढ़ाया।
उसे जीने पर आहट सुनाई दी तो उसने जीने पर जाकर गेट खोल प्रिया और अंदर झाँका समीर सोने का नाटक कर रहा था…वो पास गई और एक धुप्पल प्रिया उसके और हंसते हुए बोली- चाय पिओगे?
समीर ने आँख खोल लीं और सुमन को झुका कर चूम लिया और बोला- यू आर सेम स्वीट…चाय के लिए उसने मना कर प्रिया।
सुमन नीचे आकर चाय लेकर बेड रूम में गई तो सुनील भी वाश रूम से आ चुका था, उसने आते ही सुमन की फ्रॉक उतार दी और बेड पर पैर फेला कर बैठ गया, सुमन को अपने ऊपर बिठा लिया और अपना लंड उसकी चूत में कर प्रिया।
सुमन ने पूरा लंड अंदर ले लिया और ऊपर से उछलने लगी, सुनील नीचे से धक्के लगा रहा था।फिर सुनील ने उसे बेड पर गिराया और टांगें चोड़ी करके अपना मूसल ठोक प्रिया।
सुबह की चुदाई बहुत मजेदार होती है लंड चूत दोनों फ्रेश होते हैं… और सुनील तो अब दो दिन के लिए जा रहा था तो उसने सोचा कि सारी कसर निकाल कर जाऊँ।
5 बजे सुनील चला गया और सुमन एक बार फिर सो गई।7 बजे आँख खुली… उसने एक शार्ट नाइटी डाली बिना ब्रा के… और जीना खोल कर ऊपर गई।समीर शायद वाशरूम में था… उसके बेड के नीचे एक छोटा हैण्ड टॉवल पड़ा था… समीर ने रात में कई बार मुट्ठी मारी होगी।
वाशरूम का गेट खुला… समीर तौलिए से बाल पौंछते हुए बाहर आ रहा था बिल्कुल नंगा… एक कदम उसने बाहर रखा ही था, सुमन को देखते ही वो अंदर झपटा और फिर बड़ा तौलिया लपेट कर हंसते हुए बाहर आया।
सुमन तो हंसते हंसते लोटपोट हो गई।
खैर सुमन समीर का हाथ पकड़ कर उसे नीचे ले आई, चाय बनाने को किचन में घुसी और समीर को सुनील की शॉर्ट्स और टीशर्ट दे दी पहनने को।पर समीर के लंड के साइज़ ने उसे गीला कर प्रिया था नीचे!
चाय पीते समय समीर सुमन को देखता ही रहा और सुमन उससे पूछती रही- क्या नजर लगाओगे?
समीर 10 बजे ऑफिस चला गया।दिन में सुमन की चूत में सुगबुगाहट होती रही एक तो रात और सुबह चुदाई जबरदस्त हुई थी और सबसे बड़ी बात समीर के लंड को देखकर सुमन उसे छूने को बेचैन हो रही थी पर समीर ने अपनी रीमा नहीं तोड़ी थी इसलिए सुमन की भी हिम्मत नहीं पड़ी।
दिन में दो बार सुनील का फोन आया।शाम को सुमन ने समीर को फोन करके पूछा- क्या खाओगे?तो समीर बोला- अगर तुम्हें ऐतराज न हो तो डिनर पर बाहर चलें?इस पर सुमन बोली- आज बाहर नहीं, जब सुनील होगा, तब चलेंगे, पर तुम जल्दी आ जाना।
बीवियों की अदला बदली की योजना
समीर 7 बजे तक आ गया और सीधे अपने फ्लैट में गया और फ्रेश होकर 8 बजे करीब जीने पर नॉक किया तो सुमन ने उसे नीचे बुलाया।
सुमन ने लॉन्ग स्कर्ट और टॉप पहने था, ब्रा पेंटी सेट उसने मैचिंग का पहना, हाई हील बेलीज पहने थीं।
समीर ने उसकी खूबसूरती और ड्रेस सेन्स की तारीफ की… सुमन ने जूस सर्व किया और फिर डिनर लगा प्रिया।दोनों ने साथ साथ डिनर लिया, दोनों चुप थे।कारण स्पष्ट था कि आग दोनों को लगी थी पर मर्यादा या शर्म कुछ भी कह लें, दोनों को रोके हुई थी।
डिनर के बाद सुमन ने आइसक्रीम सर्व की… दोनों सोफे पर बैठ गए। समीर ने अपनी पहली चम्मच आइस क्रीम सुमन को खिलाई।सुमन को अब बदमाशी सूझ रही थी उसने अपनी स्पून से आइसक्रीम समीर को खिलाते समय उसके मुख पर मल दी।समीर ने भी उसके हाथ से कप छीनकर अपने चेहरे से आइसक्रीम उसके चेहरे पर मल दी।
बस इतने ही में उनका सब्र का बाँध टूट गया, दोनों के होंठ मिल गए थे और बदन भी!सुमन हाँफने लगी और उसने समीर की टीशर्ट उतार दी।
अब समीर ने भी सुमन की स्कर्ट और टॉप उतार दी, दोनों सोफे पर ही लेट गए।समीर सिर्फ लोअर पहने नीचे था और सुमन येलो ब्रा पेंटी में उसके ऊपर लेटी थी, उसकी जीभ और अपनी जीभ की दोस्ती पकी करा रही थी।
समीर ने उसकी ब्रा का हुक खोल प्रिया… अब क्या था… दो मिनट बाद दोनों बेड पर नंगे गुंथे थे।पहली बार कॉलेज फ्रेंड से सेक्स का मजा कुछ और ही होता है।
समीर सुमन के मम्मों का दीवाना हो रहा था और सुमन उसके लंड को अपनी चूत में करने को बेताब थी।सुमन पलटी और उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और अपनी चूत समीर के मुँह पर रख दी।
थोड़ी देर बाद सुमन चढ़ गई समीर के ऊपर और उसका लंड अपनी चूत में कर लिया।पराया लंड मोटा और तना हुआ… सुमन की तो तब चीख निकल गई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ जब समीर ने उसे नीचे करके पूरा लंड पेल प्रिया उसकी चूत में!
दोनों रात भर चुदाई की गिनती तो भूल चुके थे, रात 2 बजे तक इस कमरे के चुदाई के सारे रिकॉर्ड टूट चुके थे, पर जो खतरनाक बात हुई वो यह थी सुमन के गोरे जिस्म पर खासकर के मम्मों पर समीर के वहशीपन वाले सेक्स के कई निशाँ पड़ गए थे।
सुबह समीर तो अपने कमरे में चला गया पर सुमन ने जब अपने को शीशे में देखा तो वो सोच में पड़ गई कि सुनील को क्या कहेगी क्योंकि ये निशाँ तो 2-3 दिन में ही जा पायेंगे और सुनील तो कल आ जायेगा।
और सुमन आज की रात समीर के लंड के मस्ती नहीं मिस करना चाहती थी।
खैर सुमन ने गर्म पानी तरेड़ प्रिया सभी निशानों पर और सो गई।
सुबह 9 जब वो सोकर उठी तो समीर ऑफिस के लिए तैयार था, उसने फटाफट समीर को नाश्ता प्रिया और जाते समय समीर ने एक बार फिर सुमन को चिपटाया।सुमन ने भी उसको मुस्कुराते हुए विदा किया और कहा- शाम को जल्दी आना!
दिन में समीर से उसकी दो तीन बार बात हुई। अब दोनों नार्मल थे और शाम होते होते सुमन का बदन दर्द भी ठीक हो गया था, उसने दिन में एक घंटा बाथ टब में बिताया था।
सुनील का फोन आया कि वो कल तक आएगा।
शाम को सुमन किचन से 7 बजे तक फ्री हो गई… उसने कुछ पकोड़े भी तल लिए… समीर आता ही होगा!
पंद्रह मिनट में समीर आ गए… सुमन ने उसे नीचे ही रोक लिया और चाय लगा दी। चाय पीने के बाद समीर खड़ा हुआ, बोला- नहा कर आता हूँ।
वो ऊपर गया, सुमन ने डोर लॉक नहीं किया और फटाफट अपने कपड़े उतारकर बाथिंग गाउन लपेटा, परफ्यूम स्प्रे किया और टॉवल लेकर ऊपर गई।समीर बाथरूम में था… दरवाजा लॉक नहीं था… शावर चल रहा था…सुमन ने बाथरूम का दरवाजा खोला… अंदर समीर नंगा शावर के नीचे था… वो सुमन को देख कर मुस्कुराया।
सुमन ने अपने गाउन उतरा और शावर के नीचे चिपक गई समीर से… ऊपर से रिमझिम पानी… नीचे सुलगते बदन… आग ठंडी होने की जगह भड़क रही थी।
सुमन ने नीचे बैठकर समीर का लंड मुँह में ले लिया और लोलीपॉप की तरह चूसने लगी।समीर का फव्वारा छूटने को हो रहा था, उसने सुमन को खड़ा किया और पास रखी बाल्टी के ऊपर झुकाया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड घुसा प्रिया।
जोरदार धक्का मुक्की में सारा माल उसने सुमन की पीठ पर निकल प्रिया।
नहाकर दोनों नीचे आये, सुमन ने उसे कपड़े नहीं पहनने दिए।
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