मैंने कीर्ति भाभी को अपनी गोदी में बिठा कर उनसे कहा- तो जबरदस्त हैं। उनका ओरल करने का अंदाज़ बड़ा धांसू है।
ऐसा मैंने इसलिए कहा कि कीर्ति भाभी को थोड़ा जलन हो और वो अपना ओरल टैलेंट दिखाने को मान जायें, जो कि वो कम ही करती थीं, और ऐसा ही हुआ।
दिया भाभी तीनों के लिए दूध लाईं, क्योंकि अभी तीनों ही एक-एक बार झड़ चुके थे। हमने दूध पिया और फिर मैंने कीर्ति भाभी की चूत को चाटना शुरु किया और दिया ने नीचे मेरे लंड को फिर से खेलना शुरु किया।
दो मिनट बाद कीर्ति भाभी ने कहा- मुझे मुँह में लंड दो।
तो मैं खड़ा हो गया और कहा- ऐसा करो, मैं दोनों को एक साथ चुसवाना चाहता हूँ।
तो दोनों भाभियों ने चूसना शुरु किया और मैंने उनके सिरों को पकड़ लिया, लंड आगे-पीछे करने लगा। फिर थोड़ी देर बाद कीर्ति के मुँह में प्रिया और दिया को पोतों को चूसने प्रिया और देखते-देखते लंड फिर से पूरे मूड में आ गया।
कीर्ति भाभी भी पूरे जोश में चूसा चुसाई कर रही थीं।
मैंने कहा- आओ और टैलेंट दिखाने का मौका पहले दिया भाभी को प्रिया जाए।
उनकी गीली और लाल हो गई चूत पर लंड रगड़ कर अन्दर डालना शुरू किया और धीरे-धीरे उनके अन्दर पूरा डाल प्रिया और चोदना चालू कर प्रिया।
कीर्ति भाभी ने बगल में लेट कर उनके चूचे दबाते हुए उनको चुम्बन भी कर रही थीं। अभी दिया भाभी की चूत बहुत कसी थी, तो मैंने आराम से ही किया और 7-8 मिनट तक किया और फिर कीर्ति भाभी को उनके ऊपर उल्टा लिटा कर उनकी चूत में डाल प्रिया और वो दोनों एक-दूसरे को किस करने लगीं।
अब स्थिति कुछ ऐसी थी कि मैं कभी ऊपर कीर्ति भाभी को चोदता तो कभी नीचे दिया भाभी की चूत में डाल देता।
थोड़ी देर बाद दिया से कहा- अब दोनों टाँगें फैला कर बैठ जाओ!
और फिर मैंने सामने से सुपारा चूत के ऊपर एक झटके में अन्दर डाल प्रिया तो उनकी चीख निकल गई।
मैंने कीर्ति भाभी को कहा- आप दिया को खड़ी होकर चूत चूसाओ।
उसके बाद मैंने कहा- दिया भाभी, आओ तुमको झूला झुलाता हूँ।
मैं बेड से उतर कर खड़ा हो गया और दिया भाभी को गोदी में लेकर उनकी चूत का भोसड़ा बनाना शुरु किया। कीर्ति भाभी को नीचे बिठा कर अपनी गोलियों को चूसने को प्रिया और जब तक दिया की चूत से पानी नहीं छूटा तब तक उन्हें चोदा। वो बहुत थक गई थी तो उनको बिस्तर पर लिटा प्रिया।
मैं और कीर्ति भाभी अभी भी गर्म थे, तो मैंने उन्हें घोड़ी बनाया और उनसे कहा- भाभी, आज आपकी गांड मारनी है।
तो उन्होंने कहा- मार तो लो, पर प्यार से करना।
मैंने दिया भाभी से कहा- भाभी की गांड पर थूको।
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जितना थूक चाहिए था गांड के लिए, उनको नहीं आ रहा था। सो मैंने दिया को अपना लंड पूरा अन्दर तक उनका सर पकड़ के चुसवाना चालू कर प्रिया। कुछ ही समय में काफी थूक बन गया और दिया को कीर्ति भाभी के चूतड़ों पर मुँह रखने को बोला और उनकी गांड चाटने को कहा।
और अब मैंने गांड में लंड डालना शुरू किया। अभी बस सुपारा ही डाला था कि वो रोकने लगीं, पर मैं रुका नहीं और सुपारा अन्दर जाते ही कीर्ति भाभी के हाथों को पीछे मोड़ कर पकड़ लिया। दिया भाभी को पीछे से गोलियाँ चटाने में लगा लिया और झुक कर खड़ा हो कर एक तगड़ा झटका प्रिया तो पूरा लंड अन्दर समा गया।
मैंने उन्हें शुरू में धीरे-धीरे किया और स्पीड बढ़ा कर भयंकर चोदा, और बीच-बीच में निकाल कर दिया भाभी को भी चुसाया। फिर उनकी गांड के ऊपर दुबारा झड़ गया।
दिया भाभी ने सारा माल पहले खुद गांड से मुँह में लिया और फिर कीर्ति भाभी को मुँह में चूमते हुए प्रिया।
कीर्ति भाभी बोलीं- बस? इतने में मेरा क्या होगा?
मैंने कहा- रुको अभी मेरी भूख शांत नहीं हुई और दोनों को एक के ऊपर एक लेट कर किस करने को कहा और नीचे उनकी चूतों को काफी देर तक चाटा।
फिर लंड बीच में डाल के रगड़ने लगा, अब लंड पूरे विकराल रूप में था तो मैंने कहा- अब मैं लेट जाता हूँ और आप दोनों मेरे ऊपर बारी-बारी से बैठो और मुझे चोदो।
पर अब लंड को और टाइट जगह चाहिए थी सो मैंने दिया भाभी को अपने मुँह पर गांड चटाने के लिए बिठाया और उनकी गांड में ऊँगली और जीभ से उनकी गांड चोदने लगा। कीर्ति भाभी मेरे ऊपर बैठ कर चुद रही थीं।
मैंने सोचा कि पहले इनको भी स्खलित करूँ, उसके बाद दिया भाभी को देखता हूँ।
तो कीर्ति भाभी को बेड से किनारे पर, सहारे से सर के बल लिटाया और दिया भाभी से उनकी कमर को पकड़ कर सपोर्ट लिया।
मैंने खड़े होकर उनकी हवा में लहराती टांगों को अपनी छाती पर सटाया और लंड 90 डिग्री के एंगल पर चूत में डाला और काफी स्पीड से उनको चोदा। कुछ मिनट बाद वो झड गईं। मैंने और दिया भाभी ने वो माल पिया।
फिर मैंने उन दोनों को थोड़ी देर तक लंड चुसाया और दिया भाभी को भी उसी पोजीशन में लिया और उनके मुँह पर कीर्ति भाभी को बिठाया। वैसे ही टांगों को पकड़ कर लंड उनकी तंग चूत में डाला और चोदना चालू रखा।
लंड के पर्याप्त गीले होते ही गांड पर थूका और गांड में डाला। धीरे से सुपारा अन्दर और ऊँगली से उनके चूत को चोदना चालू किया कि उनको दर्द का एहसास न हो, और फिर एक तगड़ा झटका और पूरा लंड अन्दर पेल प्रिया। वो थोड़ा कसमसाई पर लंड को आराम से झेल गई और करीब दस मिनट के बाद वो और में दोनों साथ में झड गए। मैंने झड़ते हुए पूरा माल कीर्ति भाभी के मुँह में डाल प्रिया और वो पी गईं। दिया भाभी का भी माल मैंने और कीर्ति भाभी ने चाट के साफ़ किया।
उस दिन के बाद से मेरी चाँदी हो गई और हर दिन होली और कभी जब घर में भाभियाँ और बस मैं ही रहते तो रात को दिवाली होती।
पर मेरे इंजीनियरिंग कॉलेज में जाते ही यह सब बंद हो गया और वहाँ पर नया हिसाब-किताब शुरू हो गया। लेकिन उसके बारे में और अगली चूत के अनुभव के और मेरे टेम्पररी जिगोलो बनने के बारे अगली बार बताऊँगा।
मुझे मेल करके जरूर बताइए कि आपको यह कहानी कैसी लगी।
तब तक के लिए नमस्कार, आदाब और शुक्रिया।मुझे आप अपने विचार मेल करें।support@mohakkisse.com