मैं पूजा भाभी की चुदाई करके यूं ही निढाल लेटा हुआ था, कुछ देर आराम करने के बाद मैंने पूजा से कहा- जान पहला राउंड कैसा लगा?पूजा ने मेरे होंठों को चूमते हुए हुए कहा- सच में यश बहुत मजा आया।
मैंने कहा- अभी और मजा आना बाकी है मेरी जान.. पर मेरे लिए एक काम करोगी।पूजा बोली- हाँ हाँ बोलो ना।मैंने कहा- क्या अभी तुम अपनी वो लाल वाली साड़ी पहन कर आ सकती हो.. जो उस दिन तुमने पार्टी में जाने पर पहनी थी।‘आज तुम्हें उस लाल साड़ी की याद कैसे आ गई?’
मैंने कहा- सच बताऊँ जान.. उस दिन मैंने बहुत मुश्किल से अपने आपको रोका था। यार तुम उस साड़ी में न.. इतनी सुन्दर और सेक्सी लग रही थीं कि मन तो कर रहा था कि उसी वक्त बिस्तर पर पटक कर तुम्हारी चुदाई कर दूँ.. पर कर नहीं सका.. पर आज मुझे वो ख्वाहिश पूरी करनी है।पूजा बोली- पर यार इस वक़्त?मैंने उसको थोड़ी देर तक मनाया.. फिर पूजा ने कहा- ओके ठीक है।
पूजा नीचे गई और मैंने भी अब नारियल का तेल और वैसलीन लाकर बिस्तर पर रख लिया।
पूजा करीब 20 मिनट में ऊपर आई। जैसे ही पूजा साड़ी पहन कर आई.. मेरा तो मुँह खुला का खुला रह गया।क्या मस्त कयामत लग रही थी पूजा भाभी…
लाल साड़ी में भाभी क़यामत लग रही थी और उसने अपने बाल खुले रखते हुए एक तरफ कर रखे थे।मुझसे रहा नहीं गया और उसके पास आते ही मैंने भाभी को अपनी बाँहों में ले लिया।
मैंने उसको कस के दबा प्रिया.. पूजा की प्यारी सी ‘आआह्ह्ह..’ निकल गई।अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैं अपने दोनों हाथों से उसकी गाण्ड पर जोर-जोर से घुमाते हुए उसकी नर्म गोलाई को दबाए जा रहा था।
अब मैंने पूजा के होंठों को अपने होंठों में दबा लिया और पूजा के होंठों को जोर-जोर से चूसने लगा। साथ ही मैं कभी उसको हल्का सा काट भी लेता.. जिससे वो एकदम से चिहुंक उठती।मैं एक हाथ उसकी नंगी पीठ को सहला रहा था.. तो दूसरा हाथ अभी भी उसकी गाण्ड को दबा रहा था।
कुछ पलों बाद मैंने पूजा को उठाया और सीधा खड़ा किया.. और उसकी साड़ी को उतार प्रिया। अब वो लाल ब्लाउज और पेटीकोट में थी।दोस्तो, भाभी एकदम गोरा माल थी, मैंने पूजा को बिस्तर पर पीठ के बल लेटा प्रिया।
वो अपनी आँखें बंद किए हुए मेरे एक्शन का इन्तजार कर रही थी। मैंने पूजा की नाभि पर हल्का चुम्बन लेते हुए.. प्यार से उसकी नाभि को सहला रहा था.. इससे पूजा को मजा आने लगा।
मैंने कहा- भाभी जान, मालिश करवानी है?तो पूजा बोली- हाँ, कर दो।
मैंने उसके ब्लाउज़ और पेटीकोट को भी उतार प्रिया।
पूजा शर्मा रही थी.. पर शर्म से क्या होना था। पूजा ने अन्दर लाल रंग की ही पैंटी और ब्रा भी पहनी हुई थी।
मैं पूजा के ऊपर ही पेट के बल लेट गया। पूजा की पैंटी से मेरा लंड रगड़ खा रहा था। वाकयी इतनी हॉट भाभी को देख कर मुझसे रहा भी नहीं जा रहा था।
मैं पूजा की ब्रा के ऊपर से ही उसके एक चूचे को चूसने लगा, फिर भाभी की गर्दन पर जोर-जोर से चुम्बन करने लगा था.. जिससे पूजा गर्म होने लगी।
पूजा के होंठों पर मैं दुबारा से जोर-जोर से पूरे जोश में चुम्बन कर रहा था और भाभी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।
फिर जल्दी ही मैंने पूजा की ब्रा और पैंटी को भी उतार प्रिया, पूजा बिना कपड़ों के मेरे सामने लेटी हुई थी।मैंने नारियल के तेल को उसके चूचों.. पेट और चूत और टांगों पर डाला, उसकी मालिश करना शुरू कर प्रिया।
पूजा पीठ के बल आराम से लेटी हुई अपनी मालिश करवा रही थी, मैं पूजा के दोनों चूचों को सहला रहा था। मैं उसके चूचों को कभी प्यार से दबाता.. तो कभी गोल-गोल घुमाता.. जिससे पूजा अब और भी गर्म हो रही थी।
पूजा की प्यारी सी सिसकारी निकलने लगी थीं, कुछ ही पलों में उसकी सिसकारियाँ कमरे का माहौल कामोत्तेजक बना रही थीं ‘उम्म्ह्ह.. आह्ह..’
फिर मैं पूजा की नाभि और पूरे पेट की मालिश करने लगा। पूजा को अब ज्यादा मजा आ रहा था.. पर मुझे पूजा के होश उड़ाना बाकी था।
मैंने उसके होश उड़ाने का जो तरीका सोचा था.. वो था पूजा की प्यारी-प्यारी चूत की मालिश करना।
इसलिए मैं पूजा की टांगों पर मालिश करने लगा और जब मैं उसकी पूरी टांगों पर मालिश कर रहा था.. तो पूजा मस्ती में आ चुकी थी। उसकी गोरी-गोरी बिना बाल वाली जांघों पर हाथे फेरने से मुझे मेरे लंड पर काबू करना मुश्किल हो रहा था।
फिर जल्दी ही मैं पूजा की टांगों के बीच में आ गया और हाथ में तेल ले लिया। इसके बाद मैंने जैसे ही उसकी चूत में तेल से सनी एक उंगली डाली.. वैसे ही पूजा के मुँह से ‘आअह्ह्ह’ की आवाज निकल गई।
अब मैंने उंगली को अन्दर-बाहर करना शुरू किया।
पूजा भी ‘ओह्ह्ह.. आआहह..’ कर रही थी.. साथ ही मैंने पूजा की गाण्ड पर भी तेल लगा प्रिया.. जिससे उसकी गाण्ड थोड़ी गीली हो गई।
अब ऐसे ही मैंने पूजा की गाण्ड में 2 उंगलियाँ डालीं और पूरे जोर-जोर से अन्दर-बाहर करने लगा।पूजा को भी अब बहुत मजा आ रहा था और वो जोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थीं- ऊऊओह्ह.. यश.. अब और मत तड़पाओ.. डाल दो मेरी चूत में अपना लंड और चोद दो मुझे ऊह्ह्..’
कुछ देर ऐसे ही करने से पूजा की चूत से पानी निकल गया। अब मैंने अपने लंड पर तेल लगा कर पूजा की चूत पर अपना लंड टिकाया और जोर से धक्का मारा।पूजा की एक तीव्र ‘आह्ह्ह्ह्ह्..’ निकली और मेरा आधे से ज्यादा लंड अब उसकी चूत में था।
फिर मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को पूजा की चूत में अन्दर-बाहर करना शुरू कर प्रिया।
कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैंने फिर से एक जोरदार धक्का मारा.. लंड और चूत तो दोनों ही गीले थे.. तो मेरा पूरा लंड पूजा की चूत में सरसराता चला गया।
पूजा जोर से चीख पड़ी ‘उम्म्ह्ह्ह्.. मम्मीईईई..’मैंने पूजा की चीख को नजरअंदाज करते हुए उसको नीचे दबाए रखा और उसके होंठों को चुम्बन करने लगा।कुछ देर बाद अब पूजा अपने चूतड़ ऊपर-नीचे करने लगी।
जब मेरे लौड़े को पूजा ने अपनी चूत में एडजस्ट कर लिया तो मैंने जोर-जोर से उसकी चुदाई करनी चालू कर दी।पूजा की मादक सीत्कारें कमरे में गूँजने लगी थीं ‘उम्मह्ह्ह्ह.. आआहह.. यश ऊऊह्ह्ह., धीरे..’
प्यासा सावन तड़पता यौवन उस पर मेरी बल्ले बल्ले-9
कुछ देर चोदने के बाद मैंने पूजा की दोनों टाँगें ऊपर उठा दीं और जोर-जोर से पूजा की चूत बजाने लगा।
अब पूजा की सिसकारियाँ बंद हो कर मादक चीखें निकलने लगी थीं।
ऐसे ही कुछ देर पूजा की चुदाई करने के बाद मेरा पूजा भाभी की गाण्ड मारने का मन हुआ। तो मैंने पूजा भाभी को पेट के बल लेटा प्रिया और तेल लेकर उसकी पीठ पर.. चूतड़ों पर.. खूब तेल लगा प्रिया और उसकी दम से मालिश की।
कुछ ही देर में मैं उसकी गाण्ड को मसलने लगा।
जबकि अभी बस सुपारा ही अन्दर गया होगा पर दर्द से बिलखने लगी थी ‘ऊऊह.. मुझे नहीं करना.. प्लीज बाहर निकालो.. मैं मर जाऊँगी.. मैं मर जाऊँगी.. ओह्ह.. बहुत दर्द हो रहा है..’मैंने कहा- ठीक है.. बाहर निकालता हूँ..
मैंने लंड को निकाला नहीं.. बल्कि कुछ देर उसको प्यार करने के बाद मैं धीरे-धीरे हिलने लगा।
उसकी गाण्ड इतनी कसी थी.. कि मैं ठीक से झटके भी नहीं दे पा रहा था। मेरे लंड में भी जलन सी हो रही थी.. पर फिर सोचा कि अगर मैंने लंड बाहर निकाल लिया.. तो फिर यह गाण्ड कभी नहीं मारने देगी।
इसलिए मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा। वो कुछ शांत हुई.. फिर मैं धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा।वो फिर छटपटाने लगी और छूटने की कोशिश करने लगी।
वो दर्द के मारे कराहने लगी.. तो मैंने उसके दर्द की परवाह किए बिना एक झटका और मारा और अबकी बार मेरा आधा लंड उसकी गाण्ड में जा चुका था।
अभी साला आधा लंड ही अन्दर गया था और उसके दर्द के मारे प्राण गले में आ गए थे, वो साँस एकदम ऊपर को खींच गई और वो तेज चीखें.. मारने लगी ‘प्लीज यश बाहर निकाल लो.. बहुत दर्द हो रहा है।’
थोड़ी देर बाद मैंने एक और झटका मारा और उसकी एक जोर की आवाज आई- आह हा..हह ह..उसकी आँखों से आंसू आने लगे।
मैं बिना उसकी परवाह किए पूजा की गाण्ड में लौड़े को हल्के-हल्के से अन्दर-बाहर करने लगा। पूजा अभी भी ‘आहें..’ भर रही थी.. हालांकि उसकी आवाज अब कम हो गई थी.. तो अब मैंने स्पीड थोड़ी बढ़ा दी।
अब मैं उसके दोनों हाथ पकड़ कर जोर-जोर से उसकी गाण्ड में अपना लंड अन्दर-बाहर करने लगा।अब पूजा की दर्द भरी चीखें सिसकारियों में बदल गईं.. उसे भी मजा आने लगा और वो अपनी गाण्ड को आगे-पीछे करने लगी।
वो बोले जा रही थी- यश और जोर से चोदो मुझे.. और जोर से मारो मेरी गाण्ड ह्ह्ह्आआह.. ह्ह्ह्म्म..
कुछ मिनट पूजा की गाण्ड मारने के बाद पूजा उत्तेजना में दो बार और झड़ गई थी.. पर मेरा पानी निकल ही नहीं रहा था।मैं भी थोड़ा थकने सा लगा था।
उधर उसकी आवाज तो पूछो मत दोस्तो.. इस बार इतनी जोर-जोर से पूजा की चुदाई की थी कि वो पूरी मस्त हो गई थी।
अब मैंने पूजा को नीचे घोड़ी बना प्रिया और पूजा की गाण्ड पर लंड को रख प्रिया। मैं एक ही झटके में पूरा लंड उसकी गाण्ड में डालना चाहता था.. पर अभी भी उसकी गाण्ड थोड़ी टाइट थी इसलिए मेरा आधा लंड ही अन्दर जा पाया।
अब मैंने उसकी गोरी-गोरी गाण्ड पर चपत लगानी शुरू की.. जिससे पूजा उछल पड़ती थी और उसकी ‘आह्ह्ह..’ निकल जाती।कुछ झापड़ मारने के बाद देखा कि उसकी गोरी गाण्ड लाल हो गई थी।
मैंने पूजा की कमर जोर से पकड़ी और एक और जोर से धक्का लगा प्रिया।पूजा फिर एक बार चीख उठी ‘आह्ह.. ओओह.. म्मम्मीईई..’मगर मैं पूरी मस्ती में था और पूजा की कमर पकड़ कर उसकी धमाधम चुदाई करने लगा था।
पूरा कमरा चुदाई की आवाजों से गूंज रहा था। पूजा लगातार सीत्कार रही थी- आइया.. अह्ह्ह्ह.. ऊऊह्ह..
लम्बी चुदाई के पूजा अब अकड़ने लगी और बोलने लगी- यश, मेरा होने वाला है।मैंने कहा- पर मैं अपना माल तुम्हारी चूत में डालूँ या गाण्ड में?पूजा बोली- तुम्हारी जिधर की मर्जी हो सो छोड़ दो।
मैंने पूजा की गाण्ड से लंड निकाला और उसको पेट के बल लेटा प्रिया। मैं उसके ऊपर ही लेट गया और अपना लंड उसकी गाण्ड में डाल प्रिया।
फिर मैंने कुछ देर और चुदाई की।
अब पूजा दर्द से चिल्लाने लगी थी क्योंकि उसको कुछ जलन सी हो रही थी।
मैंने फुल स्पीड में 15 से 20 धक्के मारे होंगे और पूजा और मैं दोनों साथ में ही झड़ गए, मैंने सारा माल पूजा की गाण्ड में डाल प्रिया और मैं पूजा के ऊपर ही ढेर हो गया।
हम दोनों इतना थक गए थे कि उठ भी नहीं सकते थे.. सो हम दोनों ऐसे ही निढाल लेटे रहे।
करीब 30 मिनट बाद हम दोनों उठे और फिर दुबारा से मैंने पूजा भाभी की एक बार और पूरी ताकत से चोदा।
अब वो और मैं दोनों ही खड़े होने के लायक ही नहीं रहे थे।
मैंने पूजा भाभी को उस रात 2 बार चोदा.. इस चुदाई में मैंने उसकी चूत.. गाण्ड और मुँह सबको खूब चोदा था और पूजा भी बहुत खुश थी।
तो मेरी प्यारी भाभियों और प्यारी लड़कियों.. स्टोरी कैसी लगी.. जरूर बताइएगा।support@mohakkisse.com