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भाभी की चुदाई • पठन समय: 9 मिनट • पढ़ा गया: 849 बार

प्यासी भाभी की चूत की मस्त चुदाई -2

रेनू रवि

15 Mar 2024 को प्रकाशित

प्यासी भाभी की चूत की मस्त चुदाई -2
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पहले भाग में आप पढ़ चुके है कि किस तरह मेरी मदद से रवि ने अपनी शालू भाभी की चुदाई की.. मैं उस समय मंदिर जाने का बहाना बनाकर घऱ से निकल आई थी और बाथरूम से तौलिया लपेट कर निकली भाभी को रवि ने ठोक प्रिया था।अब आगे…

मंदिर से लौट कर जब में घर आई तो मैंने भाभी का खिला खिला चेहरा देखा, मुझे पता था कि रवि ने शालू भाभी को ठोक प्रिया होगा लेकिन चेहरे को मासूम बनाते हुए उससे पूछा- भाभी से कर ली चूमा चाटी..!?!

जवाब भाभी ने प्रिया- चूमा चाटी.. क्या कह रही हो रेनू.. पूरे शरीर को ही चाट लिया है, अब तो कुछ बचा ही नहीं।मैंने हैरानी से रवि की तरफ देखते हुए पूछा- तुम तो कह रहे थे कि चूमा चाटी करोगे? अब भाभी क्या कह रहीं हैं?रवि कहने लगा- कर तो चूमा चाटी ही रहा था.. वो तो तौलिया नीचे गिर गया और गृहप्रवेश हो गया।

मैंने अब भाभी को छेड़ा- कैसा लगा हमारा जवान?भाभी कहने लगी- बहुत मस्त है।रवि भी कहने लगे- भाभी भी कम नहीं हैं, बराबर का मोर्चा लिया है।भाभी बताने लगीं- यह सब तो हॉस्टल के दिनों की तैयारी का नतीजा है बरना तो रवि के लंड से मुकाबला करना आसान नहीं था।

मैंने भाभी से कहा कि अब रात के समय आपको मेरे सामने रवि से कुश्ती लड़नी होगी।मेरी पेशकश पर दोनों ने हाँ कर दी, भाभी कहने लगी कि इस मुकाबले में जज तुझे बनना होगा।

धीरे धीरे शाम औऱ फिर रात हो गई।दोनों खिलाड़ी ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़े थे धीरे धीरे अपने कपड़े उतारते हुए। मैंने भी जानबूझ कर हल्की झीनी सी नाइटी पहन रखी थी जिसके नीचे ब्रा और पैंटी भी नहीं थी।

भाभी अब ब्रा और पैंटी में थी जबकि रवि अपने अंडरवियर में!मैंने दोनों को रोकते हुए कहा- चलो अब एक दूसरे को चूमना शुरू करो.. जो पहले रूक जायेगा वो हारा माना जायेगा। लेकिन लंड, चूत और चूची को नहीं चूमा जायेगा।

रवि और भाभी ने एक दूसरे को कस कर जकड़ लिया, एक दूसरे को चूमने की आवाजें कमरे में गूंज रहीं थी, दोनों पसीने से तर-बतर हो गये लेकिन हारने को तैयार नहीं थी।अचानक रवि ने भाभी को बिस्तर पर गिराया और उनकी पीठ पर चढ़ गया। मैंने देखा कि रवि का तना हुआ लंड भाभी गांड में घुस रहा था, वो पागलों की तरह भाभी को चूम रहा था, चूंकि भाभी का मुंह बिस्तर की तरफ था इसलिये वो रवि को नहीं चूम पा रहीं थी, मैंने दोनों को रोकते हुए रवि की जीत का ऐलान कर प्रिया।

भाभी भी हंसते हुए बोलीं- ..अच्छा किया रेनू जो मुकाबला रोक लिया.. वरना रवि का लंड पैंटी को फाड़ते हुए मेरी गांड में घुस जाता।

अगले राउंड के लिये मैंने दोनों को पूरा नंगा हो जाने के लिये कहा।रवि ने अपना अंडरवियर उतारा, उसका लंड पूरी तरह से तना हुआ था।भाभी ने अपनी ब्रा उतारी.. क्या खूबसूरत चूचियाँ थीं, एकदम पत्थर की तरह ठोस… उस पर 36 इंच का साइज कयामत बन गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी पैंटी भी उतार दी।..उफ़्फ़… मेरे मुंह से जोर सिसकारी निकली।

मैं अपनी चूत की चिकनाई पर बहुत इतराती थी लेकिन भाभी की चूत के आगे तो मेरी चूत कहीं नहीं ठहरती थी। मेरी सांसें तेज होने लगीं थीं।

मैंने भाभी से कहा- जज को खिलाड़ियों की जांच करनी होगी।दोनों लोग इसके लिये मान गये।

मैंने आगे बढ़कर रवि का लंड अपने मुंह में लिया, लंड पूरी तरह से गरम था।मुझे पता था कि अगर एक मिनट तक लंड को पीती रही तो उससे पिचकारी छूट जायेगी। इसलिये 30 सैकेंड तक लंड पीने के बाद मैंने कहा कि यह खिलाड़ी कोई बेईमानी नहीं कर रहा है।इसके बाद में भाभी की तरफ बढ़ी लेकिन भाभी ने मुझे रोक प्रिया, उनका कहना था कि जज को भी खिलाड़ियों की तरह नंगा होना होगा।

मैंने अपने गाउन की डोरी हल्के से खोल दी, एक झटके में मेरा गाउन नीचे गिरा हुआ था, अब कमरे में हम तीनों नंगे खड़े थे।मुझे देखकर भाभी ने कहा- रेनू तुम्हारी फिगर भी जान लेने वाली है।मैंने कहा- भाभी, आपसे मेरा कोई मुकाबला नहीं है।

भाभी कहने लगीं- एक शिकायत है.. मुझे भाभी मत कहो.. हम दोनों दोस्त हैं.. एक ही लंड की पुजारिन हैं। इसलिये मुझे शालू कह कर बुलाओ… ज्यादा मजा आयेगा।‘ठीक है शालू…’ मैंने कहा- अब जज आपके भी हथियारों की जांच करेंगे।इतना कह कर मैंने भाभी की चूचियों को पीना शुरू कर प्रिया।

एक औरत को चूचियाँ पिलाने में किस तरह से मजा आता है यह मुझे अच्छी तरह से पता था। मैंने चूचियाँ पीकर भाभी के शरीर के हर हिस्से में आग लगा दी।

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भाभी जोर-जोर से चीखने लगी- …खा ले मेरी चूचियाँ… तूने तो कॉलेज के दिनों की याद दिला दी जब लड़कियाँ एक दूसरे की चूची पीती थीं।

मैंने कहा- …शालू.. अभी तो देख तेरा क्या हाल करती हूँ।

इसके बाद मेरा मुंह भाभी की चूत की तरफ बढ़ा, भाभी घबरा कर पीछे हट गईं- नहीं मेरी चूत को मत चाटना.. तूने तो चूची पीकर ही मुझे पागल कर प्रिया है, पता नहीं चूत पीकर क्या करेगी।मैंने कहा- शालू, अब मैं जज नहीं खिलाड़ी हूँ। रवि से पहले मैं तेरे साथ कुश्ती लड़ना चाहती हूँ।मेरी बात सुनकर रवि ने तुरंत हां कर दी।

हम और भाभी एक दूसरे से कुश्ती लड़ने लगे। जीत प्वाइंट पर होनी थी और प्वाइंट का मतलब था कि होटों को चूमना, पप्पी लेना, चूची पीना या चूत पीना… सभी के लिए एक प्वाइंट मिलना था।भाभी का दमखम भी कम नहीं था, उन्होंने मेरी चूत और चूची पीकर पूरे दो अंक हासिल कर लिये थे, रवि मेरा हौसला बढ़ा रहे थे।

रवि के हौसले का ही कमाल था कि मैंने भाभी की चूत दबोच ली, मैंने उसे इस तरह पिया कि भाभी झड़ने को तैयार आई, उसने तुरंत कुश्ती रोकने को कहा और अपनी हार भी मान ली।

लेकिन मैंने कहा- शालू, मैं तो तुम्हारी चूत पीकर ही कुश्ती खत्म करूंगी।भाभी ने भी लड़ना छोड़ प्रिया, कहने लगीं- अरे भई, कोई तो मेरी मदद करे।उनकी मदद करने रवि आगे आये, उन्होंने अपनी लंड भाभी के मुंह में डाल प्रिया।

अब नजारा यह था कि मैं भाभी की चूत पी रही थी और भाभी रवि का लंड।धीरे धीरे मेरी और भाभी की रफ्तार बढ़ने लगी और एक साथ ही हम दोनों की जीत मिली, भाभी की चूत पिचकारी मारने लगी और रवि के लंड से निकला जूस भाभी के चेहरे पर था।मैंने पहले भाभी की चूत पी और उसके बाद भाभी का चेहरा भी चाट चाट कर साफ कर प्रिया।

अगली कुश्ती भाभी औऱ रवि की होनी थी।रवि थोड़े ताकतवर थे इसलिये बार बार जीत रहे थे लेकिन एक चीज मेरी निगाह से नहीं बच सकी कि रवि की कोशिश भाभी की पीठ पर चढ़ने की होती थी और भाभी बार बार बच रहीं थीं।मैंने रवि से इशारे से पूछा तो उसने इशारा कर भाभी की गांड दिखाई।मतलब साफ था कि रवि का इरादा भाभी की गांड मारने का था।

मैंने रवि की मदद करने तय कर ली, यानि अब एक तरफ एक खिलाड़ी थी और दूसरी तरफ दो!सरासर बेईमानी थी लेकिन लंड चूत की लड़ाई में ईमानदारी का क्या काम।

अगली बार जैसे ही रवि ने भाभी की पीठ पर चढ़ना चाहा मैंने भाभी के हाथ पकड़ लिये।यह देखकर भाभी ने कहा- बेईमानी हो रही है।इसका जवाब रवि ने प्रिया- ..भाभी सुबह के समय यह छेद रह गया था इसलिये अपना अधूरा काम पूरा कर रहा हूँ।

भाभी बोलीं- ..देवर जी, इतनी जल्दी क्या है, थोड़ा तेल तो लगा लो।

मैं तुरंत तेल लेकर आई और रवि के लंड और भाभी की गांड को तेल से नहला प्रिया, अब रवि का लंड गांड में घुसने को तैयार था।धीरे धीरे रवि ने जोर बढ़ाया और उसका पूरा का पूरा लंड भाभी की गांड में था।मैं भी इसी मौके की तलाश में थी, मैं भाभी के मुंह की तरफ पहुंची और अपनी चूत भाभी के मुंह के आगे कर दी।

अब हालत यह थी कि रवि के धक्के से जैसे ही भाभी आगे की तरफ होती, उनकी जीभ मेरी चूत में गहराई तक जाती।मेरी बैचेनी जब बढ़ी तो भाभी ने अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को कस कर पकड़ा और मेरी चूत को अपने पास ले आई।

थोड़ी देर में रवि के जूस से भाभी की गांड भर गई थी, उसने अपनी जूस खुद ही पीने का ऐलान किया और भाभी की गांड को चाटना शुरू कर प्रिया।दूसरी तरफ भाभी मेरी चूत को निगलने की कोशिश कर रही थीं।कुछ ही देर में मेरी चूत से भी पिचकारी छूट पड़ी और हम तीनों पलंग पर चिपक कर लेट गये।support@mohakkisse.com

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प्यासी भाभी की चूत की मस्त चुदाई

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Hello guys, aaj mein ek bilkul nayi pyasi chut chudai story aapke liye layi hun. Yeh kaafi parts mein hogi aur aapko bahut mazza dilaegi. Pls reviews mujhe mail jarur karen.

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Samne Wali Bhabhi Chalu Nikali

Hello dosto, main Manish Delhi se aaj ek mast kahani le kar aaya hoon. Ye kahani ek dam sachi hai. Kyoki ye sab mere sath 1 mahine hi pehle hua hai. Toh ab jyada time kharab na karte hue, kahani shuru karta hoon.

7 मिनट 551

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