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भाभी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 946 बार

प्यासी भाभी निकली लंड की जुगाड़

दीपक xxx

19 Oct 2024 को प्रकाशित

प्यासी भाभी निकली लंड की जुगाड़
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हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम देव है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 27 साल है और हाइट 5 फुट 6 इंच है. लंड नपा तुला 6 इंच का है.

आज मैं जो घटना बताने जा रहा हूँ, वो मेरे जीवन की सच्ची घटना है. यह घटना आज से करीब 2 साल पहले जब मैं अपने चाचा के घर भोपाल मध्यप्रदेश में एग्जाम के सिलसिले में गया था. मेरे चाचा भोपाल में रहते हैं. उनके 2 लड़के हैं. बड़े भाई राम की उम्र 30 साल और छोटे भाई श्याम की उम्र 27 साल की है. राम और श्याम भैया दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं.

यह बात उन दिनों की है, जब राम भैया की शादी को 8 महीने हुए थे.

मैंने भोपाल स्टेशन पहुँचते ही देखा कि चाचा जी मुझे लेने आए थे. मेरे आने से पहले माँ ने चाचा जी को बता प्रिया था कि मैं आने वाला हूँ. इसके लिए उन्होंने वहां रहने के लिए मुझे काफ़ी बार कहा भी था. आज उनकी इसी चाहत के कारण मुझे एग्जाम तक वहीं रुकना पड़ा.

वहां जाते ही चाचा चाची ने मुझे खूब प्यार किया, साथ ही उनके बेटे श्याम और राम भैया और राम भैया की वाइफ यानि नताशा भाबी भी मुझसे बड़े स्नेह से मिले.

नताशा भाबी के बारे में बताना चाहूँगा. नताशा भाबी की उम्र 25 साल की है. उनकी हाईट 5 फुट है. भाबी जरा मांसल हैं. भाभी की गांड जरा बड़ी है, जिसको देख कर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. आगे सीने पर उनके 2 बड़े बड़े आम तने हैं, जिन्हें देखते ही चूसने का मन करता है. शुरू में नताशा भाबी को लेकर मेरे मन में कोई गलत विचार नहीं थे, पर 2 दिन बाद ऐसा हुआ, जो मैंने सोचा ही नहीं था.

मुझे भाई भाबी के साथ वाला कमरा प्रिया हुआ था. जो पहली फ्लोर पर था. उधर एक टॉयलेट और 2 कमरे बने थे. एक में भैया भाबी रहते थे, दूसरे में मुझे ठहराया गया था. इस कमरे में एक खास बात ये थी कि बगल के कमरे में हो रही बात अगर दीवार से कान लगा कर सुनी जाए तो सब सुनाई पड़ता है.

तीसरे दिन जब मैं खाना खा कर सोने के लिए गया तो मैंने देखा भाबी के कमरे से कुछ आवाज़ आ रही है. मैंने कान लगा कर सुनने की कोशिश की. भाबी भाई से कह रही थीं- तुमसे कभी कुछ नहीं होता, तुम्हें बस अपना अपना दिखता है, मैं वैसी प्यासी की प्यासी रह जाती हूँ.

यह सुन कर मैं हैरान हुआ. भाई बस भाबी को चुप कराने में लगे हुए थे, लेकिन भाबी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थीं. फिर थोड़ी देर बाद भाबी रोने लगीं और भाई भाबी को चुप कराने लगे. इस बीच मुझे कब नींद आ गई, मुझे पता नहीं चला.

सुबह जब मैं उठा, तो मेरे दिमाग में वही सब बातें चल रही थीं, जिस कारण मेरा लंड काफ़ी टाइट पोज़िशन में सीधा खड़ा हो रहा था और मेरे निक्कर के ऊपर से ही उभर कर दिख रहा था. मैं सोते वक़्त अंडरवियर उतार कर एक पतले से निक्कर में सोता हूँ. जिस वजह से मेरा खड़ा लंड पूरा दिखाई देता है.

अभी मैं ये सब सोच ही रहा था कि तभी अचानक मैंने मेरे कमरे की तरफ़ आती हुई पाजेब की आवाज़ सुनी. मैं जल्दी से आख बंद कर के सोने का नाटक करने लगा. मैंने थोड़ी आँख खोल कर देखा कि भाबी नाश्ते की प्लेट रख कर मेरे फूले हुए लंड को निहार रही थीं, जो कि पहले से ही काफ़ी देर से खड़ा था.भाबी थोड़ा पास आईं और झुक कर बड़े गौर से मेरे फूले हुए लंड को देखने लगीं, जैसे उन्होंने इतना बड़ा लंड कभी देखा ही ना हो. देखते ही देखते भाबी का एक हाथ उनकी चुत पर आ गया और वे अपनी चुत को ऊपर से ही सहलाने लगीं.

थोड़ी देर बाद भाबी मुझे आवाज देते हुए कमरे से निकल गईं. फिर मैंने उठ कर नाश्ता किया और थोड़ी देर बाद निक्कर वहीं उतार कर तौलिया पहन कर टॉयलेट की तरफ़ आ गया. मैं जैसे ही टॉयलेट में घुसा, मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई. मैंने देखा वहां पहले से ही भाबी थीं और अपनी चुत की झांटें साफ़ कर रही थीं. उनका सर नीचे चुत की तरफ था, जिससे शायद भाबी को मेरे आने का पता नहीं चला. शायद भाबी दरवाजा लॉक करना भूल गई थीं या जानबूझ कर ऐसा किया था.. मुझे नहीं मालूम.

जब मैंने दरवाजे हो हल्का सा धक्का प्रिया तो दरवाजा खुल गया था. इसके बाद जो नज़ारा मेरी आँखों के सामने था, उसे देख कर मेरी गांड फट गई थी.

चूंकि भाबी ने मुझे नहीं देखा, या देखने की कोशिश नहीं की.. क्योंकि भाबी चुत की शेविंग बनाने में इतनी तल्लीन हो गई थीं कि मैं उनके सामने खड़ा 2 मिनट तक देखता रहा था.

भाभी की मदमस्त देह देख कर और उनकी बिल्कुल गोरी चिट्टी चुत देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. इस वजह से मेरी तौलिया में लंड ने टेंट बना प्रिया. मेरा मन करने लगा कि अभी के अभी भाबी की चुत में लंड पेल कर चुत फाड़ दूँ.

दो मिनट के बाद जैसे ही भाबी ने ऊपर देखा और घबराते हुए कहा- तूमम्म.. यहां..!भाभी अपने बड़े बड़े चूचों को और चुत छुपाने की नाकाम कोशिश करने में लग गईं.

जैसे ही सॉरी कहते हुए मैं आगे बढ़ा, मेरा तौलिया खुल कर नीचे गिर गया. मेरे खड़े लंड को देख कर भाबी की दोनों आँखें बड़ी हो गईं और उनके दोनों हाथ मुँह पर आ गए.भाबी बिल्कुल शांत रह कर मेरे खड़े लंड को देखती रहीं. मैंने अचानक अपना तौलिया उठा कर लंड के ऊपर रख लिया और भाबी से सॉरी कहने लगा.

मैं- भाबी आई एम सो सॉरी.. मुझे नहीं पता था कि अन्दर आप हो.भाभी- तुम अन्दर कैसे आए.. क्या दरवाजा लॉक नहीं था?मैं- नहीं भाबी.. लॉक होता तो अन्दर कैसे आ जाता?भाभी- हम्म.. मैं ही आज डोर लॉक करना भूल गई होऊंगी.मैं- सॉरी भाबी जो हुआ, मुझसे गलती से हुआ.

भाभी- ग़लती तुम्हारी है ही.. तुम्हारे चक्कर में ही ये सब हुआ है.मैं- मेरे चक्कर में???? वो कैसे भाबी.. मैं समझा नहीं?भाभी मेरे लंड की तरफ़ इशारा करते हुए कहने लगीं- इसको देखो अभी भी खड़ा हुआ है.. सुबह जब मैं तुम्हारे कमरे में आई, तब तुम्हारा यही लंड मुझे घूर रहा था… मन कर रहा था कि पकड़ कर खा जाऊं इसे.. यही सोच रही थी कि निक्कर में इतना तगड़ा दिख रहा है तो बिना निक्कर का कैसा होगा.. बस इसे चक्कर में शायद डोर लॉक करना भूल गई और शेविंग करने लगी. इतने में तुम आ गए और साथ ही (लंड की तरफ़ इशारा करते हुए) इसके दर्शन करवा दिए.

मैं- क्यों भाबी.. भैया का इतना बड़ा नहीं है क्या..?भाबी- उनका लंड तुम्हारे लंड का आधा है वैसे भी तुम्हारा लंड मोटा भी काफ़ी है, जिस किसी की भी चुत में जाएगा, फाड़ के रख देगा.यह कह कर भाबी हंसने लगीं.. साथ ही मैं भी हंसने लगा.

मैं- प्लीज़ जो आज हुआ भाबी, ये बात किसी को मत बताना.भाभी- ओके.. पर एक शर्त पर.मैं- कौन सी शर्त भाबी?भाबी ने मेरा लंड तौलिया के ऊपर से ही पकड़ते हुए कहा- इसे मेरी चुत में डालना होगा.

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यह कह कर भाबी ने तौलिया खींच लिया और मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले उन्होंने नीचे बैठते हुए मेरे लंड को पकड़कर कर अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगीं.भाबी इस तरह से लंड चूस रही थीं, जैसे मानो लंड चुसाई में बहुत एक्सपर्ट हों. मेरा लंड एक लोहे की रॉड की तरह हो गया, जिसे भाबी ने चूस चूस कर और कड़क कर प्रिया था. भाबी का इस तरह लंड चूसना मानो कोई परमसुख की प्राप्ति हो, भाबी जिस तरह मेरे लंड को पकड़ कर मुँह में आगे पीछे कर रही थीं उससे लग रहा था कि वे मेरा सारा रस पी जाने को व्याकुल थीं.

तभी अचानक मेरे लंड से वो रस निकल ही गया, जिसे भाबी ने बड़ी शिद्दत से चूसने का मन बना लिया था. लंड से रस की पिचकारी निकलते ही भाबी ने मुँह से लौड़ा निकाला, जिससे कि मेरा सारा माल उनके मम्मों पर गिर गया.भाबी ने मेरे लंड रस को अपने मम्मों पर मलते हुए मेरे लंड को ऊपर से साफ कर प्रिया.

मैंने भाबी से पूछा- भाबी, आपको लंड चूसना इतना पसंद है, फिर तो भैया का लंड तो आप बिल्कुल नहीं छोड़ती होगी?भाबी ने कहा- नहीं, तुम्हारे भैया का लंड इतनी देर तक खड़ा ही नहीं रहता है, मुँह में लेते ही वो अपना सारा रस निकाल देते हैं और फिर मेरी ये बेचारी चुत प्यासी की प्यासी रह जाती है. पर आज ये चुत प्यासी नहीं रहेगी क्योंकि आज इसको बहुत मोटा लंड खाने को मिलेगा, जिसे ये खा कर अपनी प्यास बुझाएगी. चलो आज तुम्हारे लंड की खैर नहीं.

इतने में राम भैया भाबी को पुकारने लगे. जो कि भाबी और मैंने सुन लिया था.तो भाबी ने कहा- तुम्हारे भैया को ड्यूटी भेज कर खेल करते हैं. अभी उनको ड्यूटी जाना है.फिर भाबी कपड़े पहन कर चली गईं.

थोड़ी देर बाद भैया के साथ चाचा जी और श्याम भैया भी ड्यूटी के लिए निकल गए. उन सब के जाने के दस मिनट बाद चाची भी पड़ोस में चली गयी.

मेरे पूछने पर भाबी ने बताया कि चाची आजकल पास में अपने भांजे की बहू से मिलने जाती हैं.

कुछ देर बाद चाची के जाते ही मैं अपने कमरे में आया और देखा कि भाबी मैक्सी पहने मेरे कमरे में बैठी हुई हैं. भाबी की मैक्सी काफ़ी झीनी थी, ऊपर से भाबी ने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी, जिस कारण उनके बड़े बड़े चुचे साफ साफ दिख रहे थे.

भाबी के चूचे देख कर मेरा सोया हुआ लंड फिर से खड़ा होने लगा. मेरे फन उठाते लंड को भाबी ने भी देख लिया और उनके चेहरे पर हल्की सी स्माइल आ गई.मेरे भाबी के पास आते ही भाबी मेरे ऊपर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ीं. भाबी की मैक्सी के ऊपर से ही मैंने उनके बड़े बड़े चुचे मसले और मैक्सी उतार कर उनको दोनों चूचों को आज़ाद कर प्रिया.इसी बीच भाबी ने मेरा निक्कर उतार कर मेरे लंड पकड़ कर ज़ोरों से दबाने लगीं.

हम दोनों बिस्तर पर गुत्थम गुत्था हो गए. मैंने भाबी के चूचों को पकड़ कर होंठों को बहुत बुरी तरह चूमना शुरू कर प्रिया. भाबी मेरे खड़े लंड को दबाए जा रही थीं. फिर भाबी लंड को पकड़ कर उसके करीब मुँह लाकर लंड चूसने लगीं. मैंने भी 69 में आकर भाबी की टांगों को फैला प्रिया और उनकी झांट रहित गुलाबी चुत पर अपने होंठ रख दिए.

इस 69 की पोज़िशन में भाबी ने मेरा लंड चूस चूस कर मेरा लंड लाल कर प्रिया. मैंने भी भाबी की चिकनी चुत को बुरी तरह चाटी.

भाबी का पानी निकलते ही वे उठ कर कहने लगीं- देव, अब जल्दी से पेल दो अपना लंड.. मेरी चुत से बर्दाश्त नहीं हो रहा है.

मैंने भाबी को सीधा चित्त लेटाया और अपना लंड उनकी चुत पर सैट करके उनकी गांड पकड़ कर अन्दर की तरफ़ धक्का दे मारा. मेरा थोड़ा सा लंड ही भाबी की चुत के अन्दर क्या घुसा.. भाबी की आँखें फ़ैल गईं, उनकी दर्द के मारे चीख निकल गई.

मैंने फ़ौरन उनके मुँह पर हाथ रखा और दूसरा जोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा आधा लंड भाबी की चुत में समा गया. भाबी जल बिन मछली की तड़फ उठीं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… हाय राम मार डाला देवववव.. तेरे इस मोटे लंड ने तो मेरी चुत फाड़ दी.. प्लीज़ देव धीरे घुसाओ, तुम्हारा लंड बहुत मोटा है.मैं- ठीक है भाबी.

मैंने धीरे धीरे भाभी को चोदने की स्पीड बढ़ाई और भाबी की चुत में आहिस्ता आहिस्ता अपना पूरा लंड घुसा प्रिया. कुछ देर की पीड़ा के बाद भाबी अब मेरे लंड के मज़े ले रही थीं- देव, सच में तुम्हारा लंड बड़ा तगड़ा है.. मेरी चुत का तो तुमने भोसड़ा बना प्रिया है.. आह.. और ज़ोर ज़ोर से चोदो मुझे.. आह..मैं- भाबी, आपकी चुत इतनी टाइट है कि ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने ही आपकी चुत की सील तोड़ी हो.

कुछ पांच मिनट की चुदाई में के बीच में ही भाबी ने अपना सारा पानी मेरे लंड पर छोड़ प्रिया. मैं गांड उठा उठा कर भाबी को चोदता रहा.

इस तरह भाबी एक बार और झड़ गई थीं. फिर मैंने भाबी को लंड पर बैठाने की मंशा जाहिर की. भाबी उठ कर अपनी फूली हुई चुत को मेरे लंड पर टिका कर बैठ गईं. मेरा लंड भाबी की चुत को चीरता हुआ उनकी चुत की गहराइयों में समा गया.

फिर इस आसन में मैंने भाबी को जम कर अपने लंड पर कुदाया. भाबी भी उछल उछल कर लंड के मज़े ले रही थीं. भाबी ने फिर से लंड पर अपना सारा पानी निकाल प्रिया, जिससे मेरा लंड, मेरी जांघें सारी जगह भाबी के पानी से गीली हो गईं.

मैंने भाबी को लेटाकर उनके दोनों पैर अपने कंधों पर रखे, इससे भाबी की चुत पूरी तरह से खुल गई थी. फिर मैंने भाबी की चुत में लंड घुसा कर उन्हें खूब चोदा. कुछ देर बाद मैंने भाबी की चुत को अपने रस से भर प्रिया.चुदाई होने के बाद भाबी ने मुझे बहुत प्यार किया और इस तरह भाबी के साथ मैंने 2 दिन तक खूब चुदाई का मजा लिया. मैंने भाबी की छोटी सी चुत का भोसड़ा बना प्रिया था.

फिर एग्जाम खत्म होने के बाद मैं वापस दिल्ली आ गया. दो दिन बाद भाबी का कॉल आया और उन्होंने बताया कि वे मुझे कितना मिस करती हैं.भैया के लंड से भाबी अब भी कितनी प्यासी हैं. एग्जाम के 6 महीने बाद भाई भाबी दिल्ली आए. दिल्ली में उनकी काफ़ी सहेलियां रहती हैं.

अगली सेक्स स्टोरी में मैं आपको लिखूँगा कि कैसे ना ना करकेभाबी ने अपनी गांड मरवाईऔर कैसे अपनी शादीशुदा सहेली को भी मुझसे चुदवा प्रिया.मेरी अडल्ट सेक्स स्टोरी पढ़ने के लिए धन्यवादsupport@mohakkisse.com

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Waise meri paheli story ka response bahut acha tha thaks friends.

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DK ke sabhi readers ko chodu raja ka pyar bhara salam, meri purani hindi sex stories ko padhkar mujhe kai readers ke emails aaye main sabka dhanyawaad karta hun.

10 मिनट 1,113

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