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चुदाई की कहानी पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 716 बार

प्यासी जवानी के अकेलेपन का इलाज़-6

कुणाल कण्डोलिया

28 Jan 2026 को प्रकाशित

प्यासी जवानी के अकेलेपन का इलाज़-6
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इस सेक्स स्टोरी में अब तक आपने जाना कि मैं नेहा को तीसरी बार कुतिया बना कर चोदने में लगा हुआ था. मुझे उसकी बार बार की हिदायत के बाद भी उसकी गुलाबी मखमली गांड मारने का मन हो रहा था. मैं उसकी गांड में उंगली डाल कर चलाने लगा. ये शायद अभी उसको अच्छा लग रहा था, इसलिए उसने मुझसे कुछ नहीं कहा. जबकि मेरे इरादे खतरनाक हो चले थे.अब आगे..

एकाएक मैंने अपना लंड नेहा की चुत में से निकाल कर नेहा की गांड के छेद पर रखा और एक झटके के साथ लंड को पूरा का पूरा नेहा की गांड में पेल प्रिया. नेहा एकाएक चौंक उठी और चिल्लाने लगी- ओह अहह मरर गईईईई. निकालोऊओ मेरी गाअंड से अपना लन्न्न्ड.. मैं मररर जाऊंगीईई.. हायईई मेरी गाआंड फट गईईई.. ओह अहह ओह ओह..

मैं नेहा की बातों पर ना ध्यान देते हुए उसकी गांड में अपना लंड पेलता रहा.

नेहा चिल्ला रही थी- हाय मार डाअला, अरेए.. निकालऊऊओ अपना लौड़ाआआ मेरी गाअंड सेईई.. सालेईई मादरचोद.. मुफत का माअल मिलाआआ है तभीईई.. मेरी गाअंड फ़ाड़ रहा है.. हायईईईई.. अभीईईईई मादरचोद अपना लंड मेरी गाआअंड से जलदीईईई निकाआलो.

मैं नेहा की बातों को ना सुनते हुए अपना लंड उसकी गांड में पेले जा रहा था और थोड़ी देर के बाद पूछा- नेहा मेरी जान, तेरी गांड बहुत प्यारी है. इतनी टाईट है कि मेरा लंड फँस फँस कर अन्दर घुस रहा है.

इतना कह कर मैंने अपने एक हाथ से नेहा की चुत में अपनी एक उंगली पेल दी और धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर ऐसे ही चलता रहा और धीरे धीरे नेहा का चिल्लाना कम हो गया. अब वो मेरे हर धक्के के साथ साथ ‘ओह ओह अहह अहह हाईईईईई..’ कर रही थी.

मैंने दो-चार और धक्के मार कर नेहा से पूछा- नेहा रानी, अब कैसा लग रहा है? अब तुम्हारी गांड में मेरा लंड घुसा हुआ है, तेरी चुत में मेरी उंगली घुसी हुई है और तेरी एक चूची मेरे हाथों से मसली जा रही है. बोल अब कैसा लग रहा है. मज़ा आ रहा है कि नहीं?

तब नेहा ने अपना चेहरा मेरी और घुमा कर बोली- साले मादरचोद, पहले तो मेरी गांड फाड़ दी अपना लंड घुसा कर और अब पूछ रहा है कि कैसा लग रहा है? साले, चल जल्दी जल्दी से मेरी गांड में अपना लंड से जोर जोर के धक्के लगा और मेरी गांड को भी मेरी चूत जैसी फाड़ दे. हाय अब बहुत अच्छा लग रहा है. अब मार ना मेरी गांड, चोद साले, चोद मेरी गांड.इतना कह कर नेहा अपनी कमर चला कर मेरे लंड को अपनी गांड के अन्दर बाहर करने लगी.

तब मैं बोला- अब क्या हो रहा है नेहा? अब तो तुम खुद ही मेरे लंड को अपनी गांड से खा रही हो. अब सब दर्द खत्म हो गया है?नेहा तब मुस्कुरा कर बोली- पहले तो तुमने मेरी गांड में अपना मोटा गधे जैसा लंड घुसा कर मेरी गांड फाड़ दी और अब पूछते हो कि अब कैसा लग रहा रहा है? चलो अब बातें बाद में करना अब मेरी बची खुची गांड को और फाड़ दो और मेरी गांड क़ायदे से मारो. मुझे तुमसे गांड मरवा कर बहुत अच्छा लग रहा है.

मैंने तब नेहा की कमर को अपने दोनों हाथों से कस कर पकड़ ली और उसकी गांड में दनादन अपना लंड पेलने लगा. मैं नेहा की गांड मारते हुए कहने लगा- हाय नेहा रानी, तेरी गांड बहुत ही मस्त है.. आह.. बहुत टाईट गांड है और मुझे गांड में लंड पेलने में बहुत मज़ा आ रहा है. हाय तेरी चूत और गांड दोनों को चोद कर आज मुझे बहुत मज़ा आ रहा है.

नेहा भी अपनी कमर मेरे साथ साथ चलाते हुए बोली- मार लो आज मेरी गांड. मुफ्त में मिली है आज तुमको मेरी गांड, इसमें अपना लंड पेल पेल कर तुम भी मज़े लो और मुझे मज़े दो. हाय बहुत अच्छा लग रहा है. हां ऐसे ही मारते रहो, पेलते रहो अपना लंड मेरी गांड में.. ऑह ओह अहह मेरी चुत में अपनी उंगली डालो. मैं अब झड़ने वाली हूँ.

मैं भी नेहा की चुत को अपनी उंगली से चोदता रहा.

थोड़ी देर के बाद नेहा झड़ गई और हांफने लगी. थोड़ी देर के बाद नेहा बोली- तुमने मेरी गांड को क्यों चोदा? मैंने तुम्हें मना किया था ना? जाओ अब मैं तुमसे अपनी चूत नहीं चुदवाऊँगी.मैंने तब नेहा की चुत को सहलाते हुए बोला- अरे मेरी जान, क्यों गुस्सा कर रही हो? तुम्हारी गांड इतनी प्यारी है कि मैं अपने आप को रोक नहीं सका. क्या छलकते हुए भारी भारी चूतड़ और उनके बीच में तुम्हारी गांड का छेद, किसी का भी कत्ल कर सकती है. वैसे सच सच बताना कि तुम्हें मज़ा आया या नहीं? क्या शानदार तुम्हारी गांड है. मुझे तुम्हारी गांड मारने में बहुत मज़ा आया.

तब नेहा मेरे मुरझाए लंड को अपने हाथों से सहलाते हुए बोली- हां … मुझे गांड मरवाने में बहुत मज़ा आया, लेकिन पहले लग रहा था कि मेरी गांड फट ही जाएगी.मैं नेहा से बोला- अरे मेरी जान, लंड डालने से ना तो चूत फटती है और ना ही गांड ही फटती है. अब देखो ना तुम्हारी चूत और गांड दोनों ने मेरा लंड पूरा का पूरा खा लिया और कुछ नहीं हुआ. अच्छा अब चलो बाथरूम नहा लो. मुझे अपना लंड धोना है और तुम्हारी गांड भी धोनी है.

मेरी बातों को सुन कर नेहा उठ कर खड़ी हो गयी और मेरे लंड को पकड़ कर मुझे भी उठा प्रिया. हम दोनों बाथरूम में जाकर पहले मैंने अपने हाथों से नेहा की गांड को साबुन लगा कर धोया और फिर नेहा ने मेरे लंड को पकड़ कर मसल मसल कर धोया.

फिर मुझे नेहा खींच कर बेडरूम में ले आई. बेडरूम में आकर नेहा मुझसे लिपट कर बोली- अब क्या इरादा है? वैसे रात के 2. 30 बज रहे है और मुझे तो नींद आ रही है. इतनी चुदाई से मेरी चूत और गांड भी कराह रही है. लगता है कि चूत और गांड दोनों अन्दर से छिल गयी हैं.मैं नेहा को चूमते हुए बोला- मेरी चुदक्कड़ रानी, क्या कोई आदमी या औरत अपने सुहगरात को सोता है क्या? अभी तो मुझे तुम्हें कम से कम एक बार और चोदना है. आज रात जब तक मेरे लंड में दम है, तब तक मैं तुम्हें चोदूँगा, तुम्हारी चूत मारूँगा और तुम अपनी टांगें फैलाए मेरे लंड से अपनी चूत चुदवाती रहोगी, समझी?

नेहा मुझसे बोली- तुम बहुत बड़े चोदू हो. आज रात की चुदाई से मेरी चूत ने शादी के बाद पहली बार पता नहीं कितनी बार पानी छोड़ा है कि मैं बोल नहीं सकती. शादी के बाद आज पहली बार मेरी चूत पूरी तरह से तृप्त हो गयी है और तुम अब भी बोल रहे हो कि तुम्हें और चोदना है.मैंने नेहा से बोला- रानी आज जो भी हो जाए.. मुझे रात भर तुम्हें चोदना है. अब चाहे चूत तृप्त हो गयी हो या चूत कराह रही हो.

इतना कह कर मैंने नेहा के दोनों कंधे पकड़ लिये और उसको बिस्तर पर ले जाकर लेटा प्रिया. फिर उससे पूछा- अब बोलो कैसे चुदवाओगी? मैं तुम्हारे ऊपर चढ़ कर चोदूँ या फिर तुम मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे चोदोगी?नेहा मुस्कुरा कर बोली- क्या फर्क पड़ता है? मैंने पहले भी कहा था कि चाहे तुम ऊपर हो या मैं ऊपर हूँ, चुदेगी तो मेरी चूत ही ना? अब तुम जैसे चाहो चोदो मुझे. आज की रात मेरी चूत को फाड़ कर उसको भोसड़ा बना दो, मेरी गांड में अपना लंड पेल कर उसको भी फाड़ दो. कम से कम आज मुझे पता तो चले कि असली चुदाई क्या होती है.

मैं नेहा को बिस्तर पर बैठा कर खुद भी बिस्तर पर बैठ गया और उसकी चूची से खेलने लगा.

नेहा मुझसे बोली- क्या बात है? लगता है कि तुमने इतनी सी चुदाई में अपनी ताक़त खो दी. अरे और जोर जोर से मसलो मेरी चूचियों को.. मसल डालो मेरी इन चूचियों को. इनको भी तो पता लगे कि हां कोई मर्द इनको छेड़ रहा है, इनको मसल रहा है.

नेहा की बातों को सुन कर मैंने उसको अपनी गोद में लिटा लिया और दोनों हाथों से उसकी चूची पकड़ कर जैसे आम निचोड़ा जाता है, उसकी एक चूची को दबाने लगा और दूसरी चूची को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा.

नेहा गर्माती हुई बोली- वाह, मज़ा आ गया.. अब तो तुम मेरी चूची ऐसे दबा रहे हो.. जैसे कोई लंगड़ा आम को निचोड़ निचोड़ कर खा रहा हो.. आह.. मजा आ गया मेरी जान.. और जोर जोर से चूसो मेरी चूची.. सच्ची बहुत मज़ा आ रहा है.. हाय अहह ओहह..मैं नेहा से बोला- रानी तुम्हारी चूचियां इतने दबाने के बाद अब लंगड़ा आम नहीं रहेंगी.. अब ये तो चौंसा या फ़ाज़ली आम हो गई हैं. वैसे जो भी हो, इनका रस बहुत ही मीठा है. रानी मज़ा आ गया तुम्हारी चूचियों का रस पी कर!

इसके बाद मैंने नेहा को उठा कर अपने गोद में बिठा लिया. नेहा मेरी कमर के दोनों तरफ अपने पैरों को करके मेरी तरफ मुँह करके बैठ गयी. अब मेरा लंड ठीक नेहा की चूत के सामने था. मैं नेहा की चूचियों को फिर से मसलने लगा. नेहा ने भी अपना एक हाथ बढ़ा कर मेरा लंड अपनी चूत के छेद से लगा प्रिया और खुद ही अपनी कमर हिला कर एक झटका देते हुए मेरा लंड फिर से अपनी चूत में घुसवा लिया.

मेरा लंड नेहा की चुत में घुसते ही नेहा ने मेरे गले में अपनी बांहों को लपेट लिया और अपनी कमर उचका कर मुझे चोदने लगी. ऐसी स्थिति में नेहा जैसे ही अपनी कमर को उठा कर अपनी चूत से मेरा लंड बाहर करती, मैं उसकी चूंची को जोर से दबा देता.

नेहा तब ‘अहह ओह..’ करके एक झटके के साथ मेरा लंड फिर से अपनी चूत में घुसड़वा लेती. नेहा मुझको कुछ देर तक चोदती रही और फिर थक कर मेरा लंड अपनी चूत में घुसेड़े घुसेड़े ही मेरी गोद में शांत बैठ गयी.

मैं नेहा से बोला- क्यों रानी क्या चोदते चोदते थक गयी हो?नेहा मेरे होंठों पर चुम्मा देते हुए बोली- हां, मेरे सैयां.. मेरे आज के बलमा.. मुझसे अब नहीं चोदा जाता. अब तुम मुझे बिस्तर पर लेटा कर जैसे मर्द कोई रंडी को चोदता है, वैसे ही चोदो. मेरी चूत से आग निकल रही है.. और जब तक इसको तुम्हारे लंड का पानी नहीं मिलेगा, मेरी चूत की ये आग नहीं शांत होगी.

यह सुनकर मैंने नेहा की कमर पकड़ कर अपनी कमर चला कर उसे चोदना चालू किया और उससे पूछा- क्यों रानी, क्या मेरी चुदाई में मज़ा आ रहा है?नेहा मेरी छाती के निप्पल को अपने नाख़ून से कुरेदते हुए बोली- भला हो मेरे भोसड़ पति के टूर का और उस टेंकर का जो बीच रास्ते में खराब हो गया है, नहीं तो ये चुदाई का मज़ा मुझे कभी ना मिलता.

मैं नेहा की चूत चार करारे धक्के मार कर बोला- रानी, एक बात बताओ? लगती तो तुम बहुत सेक्सी और चुदक्कड़ भी, लेकिन तुम कहती हो कि तुम्हारे पति देव एक गांडू इंसान हैं. फिर तुम अपनी चूत की खुजली कैसे बुझाती हो?नेहा बोली- हां, मेरा पति एक गांडू इंसान हैं और उसे गांड मरवाने का व मारने का बहुत शौक है. मेरे पति को चूत से कुछ लेना देना नहीं है, वैसे उसे छोड़ कर मेरी ससुराल में सब एक से एक गांडू इंसान हैं. मैं अपनी चूत की खुजली अपने पुराने फ्रेंड को बुला कर बुझवाती हूँ, पर वो भी तुम्हारी तरह मेरी प्यास नहीं बुझा सकता. तुम बहुत मस्त चोदते हो.. क्या तुम मेरे साथ मेरी ससुराल चलोगे?

मैंने पूछा- ससुराल चलूँ मतलब?नेहा बोली- अरे मेरी ससुराल में मेरे ससुर जी, जेठ जी, देवर जी सब गांडू हैं.. यहां तक मेरे ननदोई भी पूरे गांडू हैं. मेरी जेठानी, देवरानी और ननद भी अभी तक प्यासी हैं, जब उन्हें मैं बताऊँगी कि तुम तो बहुत बड़े वाले चोदू इंसान हो. तुम्हारा लंड भी बड़ा मूसल जैसा है.. और जब मैं उनको सब बताउंगी कि तुमने आज कैसे बार बार मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी चूत और गांड की अच्छी तरह से धुनाई की है.. अपने लंड की पिचकारी से मेरी चूत की गर्मी को शांत की हैं. तो वो सब भी तुमसे बार बार चुदवाएंगी. फिर हम चारों एक साथ तुम्हें चोदेंगे.

मैंने पूछा- मैं तो पहले से ही औरतों की चुदाई का रसिया हूँ.. पर क्या तुम्हारे पति और ससुर मुझे तुम्हारे घर ऐसे ही आके तुम सबको चोदने देंगे?तब नेहा बोली- उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए क्या करते हैं. वो सब तो एक दूसरे की गांड मारने या मरवाने में लगे हुए रहते हैं. तुम आओगे ना मेरे ससुराल में.. मेरी जेठानी, देवरानी और ननद भी मेरी तरह ही चुदक्कड़ हैं.तब मैंने नेहा से कहा- हां.. मैं तेरे साथ चलूँगा.

यह सुनकर वो बहुत ही खुश हो गयी और मैं उसकी चूत को धकापेल चोदते रहा.

दोस्तो, कैसी लगी मेरे जीवन की एक सच्ची घटना. मैं अगली बार यह कहानी यहां से आगे बताऊँगा कि कैसे मैंने नेहा की ससुराल जा कर नेहा, उसकी जेठानी रेश्मा, देवरानी सविता और ननद शिल्पा.. उन चारों के साथ बारी बारी से कैसे चुदाई की और हम पांचों ने एक साथ कितनी मस्तियां की. अपने प्रतिभाव जरूर भेजना.

मेरी ईमेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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प्यासी जवानी के अकेलेपन का इलाज़

कुल भाग: 6
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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

लिक्विड आलरांउडर

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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