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Group Sex Story पठन समय: 19 मिनट पढ़ा गया: 303 बार

एक सेक्सी रंडी की चुदाई का खेल-2

शाहीन शेख

08 Oct 2014 को प्रकाशित

एक सेक्सी रंडी की चुदाई का खेल-2
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मेरी रंडी सेक्स कहानी के पिछले भागएक सेक्सी रंडी की चुदाई का खेल-1में अब तक आपने पढ़ा था कि शाही सर और उनके पांच दोस्त मिल कर मुझे नंगा करके नौंच रहे थे. मेरे मस्त और कामुक मम्मों और चुत का रस चूस रहे थे.तभी सामने मेरी कामवाली लड़की शमा न जाने कैसे आ गई थी और हम सबको सेक्स के खेल में लिप्त देख रही थी.

उसे शाही सर ने पैसे का लालच देकर मना लिया था और वो उनसे पैसे ले चुकी थी. मगर चुदने के लिए नहीं मान रही थी.

अब आगे की रंडी सेक्स कहानी:

शाही सर ने शमा के मम्मे दबाए, तो बाकी सब भी अपने लंड हिलाते हुए शमा के आजू-बाजू खड़े हो गए.

शमा बोली- सर, मैं इतने लोगों के साथ नहीं कर सकती, मुझे डर लगता है.शाही सर बोले- अरे पगली डरती क्यों हैं? पति का लंड भी तो लेती है, वही चीज़ इनके पास है. तू चिंता मत कर … लंड ही तो हैं … बड़े आराम से तेरी चुत में सबके चले जाएंगे.

शाही सर ने जानबूझ कर लंड चुत कह कर उसको और भी खोलने का प्रयास किया था.

शमा बोली- नहीं सर … मुझे डर लगता है … अभी जाने दीजिए … फिर कभी.शाही सर बोले- ओके ठीक है, फिर कभी सही … मगर अब जो पैसे तुमने लिए हैं, उसका मोल तो उतारती जाओ मेरी जान.

शमा बोली- मुझे क्या करना होगा!शाही सर बोले- कुछ नहीं, सिर्फ अपने कपड़े उतारो और हमें नंगी होकर दिखा दो और एक एक बार सबका लंड चूस लो. बस और तुम्हें कुछ नहीं करना है. बोलो कर लोगी इतना!

शमा ने हां में सर हिलाया.

शाही सर ने मुझे शमा को कपड़े उतारने में हेल्प करने को कहा और अपने दोस्तों को मोबाइल पर वीडियो बनाने को कहा.ताकि कल को शाहीन के लिए एक सुरक्षा चक्र रहे.

मैंने शमा की सलवार कमीज़ और ब्रा उतरवा दी. शमा 23 साल की लड़की, सांवला बदन, मगर बदन में से उठती उसके कच्चे शवाब की महक सबको ललचा रही थी. जैसे जैसे शमा एक एक करके सबके लंड चूसती जा रही थी, सभी मर्द उसके जिस्म को छू छूकर देख रहे थे. सभी वासना के पुजारियों ने उस लड़की के बदन के हर नाज़ुक हिस्से को सहला कर अपनी हवस को ठंडा किया.

जब सबके बाद वो शाही सर के पास पहुंची, तो शाही सर ने उसे अपने बदन से चिपका लिया और बोले- मैं तुम्हें एक ऑफर देता हूँ. तुम एक बार सिर्फ मुझसे चुदवाओ और 2000/- रूपए तुम्हारे. अभी नहीं, जब तुम्हारा दिल करे, मैडम से मेरा नंबर लेकर मुझे फोन करना.

शमा थोड़ी डरी सहमी सी थी, मगर हिम्मत नहीं छोड़ी थी. उसने मेरी तरफ देखा. मैंने उसे हां कहने का इशारा किया.शमा बोली- ठीक है सर.

उसके ठीक है कहते ही शाही सर ने उसके बदन को आगे से पीछे से हर तरफ से देखा, छुआ फिर उसे जाने प्रिया.

शमा ने कपड़े पहने और चली गई. पर एक चीज़ सामने आई कि पैसे के लालच में इंसान कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता है. जैसे शमा जैसी सीधी सादी लड़की को शाही सर ने सिर्फ थोड़े से पैसे का लालच दे कर 5 मिनट में ही रंडी बनने के लिए पटा लिया.

मैंने भी मन ही मन में सोच लिया था कि अगर शमा शाही सर से चुद गई, तो मैं भी उसे अपने जॉनी भाई से मिलवा दूंगी. ताकि वो भी मेरी तरह एक प्रोफेशनल रंडी बन जाए. और मुझे शमा से कोई डर न रहे कि वो मेरा राज़ किसी और के पास खोल देगी.

उसके जाने के बाद सबकी नज़रें फिर से मेरे नंगे जिस्म पर गड़ गईं.एक बोला- शाही भाई, कहीं ये बाहर जाकर तो नहीं बता देगी?

शाही सर बोले- नहीं बताएगी, पैसा बहुत कुछ कर सकता है. कहां ये सारा बर्तन फटका करके एक घर से 1200 कमाती थी और कहां आज इसे सिर्फ 15 मिनट में 1200 बन गए. अगर उसने बाहर जाकर बताना होता, तो पहले ही चुपचाप देख कर भाग जाती, मगर वो गई नहीं और वैसे भी मैंने उसे ज़्यादा पैसे देकर उसका ईमान खरीद लिया है. अब तो वो खुद अपनी चूत मरवाने आएगी.

सब खुश हो गए.

एक ने कहा- वाह शाही साहब वाह … क्या चाल चली है.

उसके बाद हम फिर अपने रूम में चले गए और आगे की पार्टी शुरू कर दी. तो सबसे पहले ये सोचा गया कि अब करना क्या है. शमा का नंगा बदन देख कर सबकी भूख भड़की हुई थी, तो सबको अपना सारा जोश मुझ पर ही झाड़ना था.

एक साहब बोले- अरे यार, अब मूड खाने पीने का नहीं है. चोदने का हो रहा है, तो क्यों न पहले चुदाई ही कर लें. उसके बाद आराम से बैठ कर सारा समय मस्ती करेंगे.मगर मैंने कहा- अरे यार … ऐसा मत करो. मैंने पहले ही कहा था कि सब आराम से करना, लाइन मत बांध लेना. एक साथ छह छह मर्दों को झेलना मुश्किल काम है.

तो शाही सर बोले- ऐसा करते हैं कि एक छोटा सा सेशन करते हैं. हर आदमी सिर्फ 2 मिनट के लिए मैडम को चोदेगा. उस से सबकी सेक्स करने की इच्छा भी पूरी हो जाएगी और मैडम को भी दिक्कत नहीं होगी.

सबको आइडिया पसंद आया. खाने पीने का सारा सामान उठा कर एक तरफ रख प्रिया गया. कालीन को खाली कर लिया गया और मुझे सबके बीच में लेटा लिया गया.

इस छह मोटे काले कड़क लंड मेरे चारों और हवा में खड़े थे. मैंने लेट कर पहले अपनी टांगें खोलीं और मेरी अगल बगल में खड़े दो लोगों के लंड अपने हाथों में पकड़ लिए.

एक साहब जो मेरे सर के पास थे, उन्होंने अपना लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया. मैं उनका लंड चूसने लगी, बाकी दो की मुट्ठ मारने लगी. नीचे जो साहब मेरी टांगों के बीच में थे, उन्होंने अपना लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसका टोपा मेरी चूत पर घिसा. जैसे ही टोपा घिसा. … साला सारे बदन में झनझनाहट सी हो गई. लंड का स्पर्श ही इतना जादुई होता है.

मैंने भी खुद को उनके लंड की दिशा में एडजस्ट किया और फिर उनका मोटा टोपा मेरी चूत में घुस गया. ऐसा मज़ा आया कि मैंने जो लंड मेरे मुँह में था, उसे मस्ती में आ कर हल्के से काट लिया. शायद लंड चुसवाने वाले साहब को मज़ा आ गया.

वो बोले- आह … मेरी जान, मज़ा आ गया और काट इस मादरचोद को, खा जा इसे.

मैंने उनके लंड को दो तीन बार हौले से काटा और चूसा भी.

तो दूसरी बगल खड़े मोटे पेट वाले साहब ने भी मेरा मुँह अपनी तरफ घुमा कर अपना लंड मेरे मुँह में ठूंस प्रिया.मोटे साहब बोले- इसे भी खा जाओ मेरी जान.

मैंने उनके लंड को भी चूसा और दांतों से काट काट कर उनको मज़ा और दर्द दोनों दिए.

उसके बाद तो मेरे चारों तरफ एक चक्कर भी घूम गया. हर दो मिनट बाद मेरी चूत में नया लंड, मेरे मुँह और हाथों में भी नया लंड. कुछ ही मिनटों में मैंने 6 अलग अलग लंड चूस भी लिए और उनसे चुदवा भी लिया और उनकी मुट्ठ भी मार दी.

हालांकि मूड तो सभी मर्दों का यही था कि वो अपना माल गिरा कर ही हटें, अब चाहे वो माल मेरी चूत में गिरे या मेरे मुँह में. मगर गिरे मेरे जिस्म के अन्दर ही. मगर शाही सर ने सबको सिर्फ दो दो मिनट का ही टाइम प्रिया और उसके बाद सब फिर से एक साथ बैठ कर शराब और कवाब का मज़ा लेने लगे.

अब एक बार मुझे चोद लेने के बाद सब थोड़ा शांत हो गए. मगर जैसे जैसे शराब का नशा बढ़ता गया, सबके अन्दर का जानवर जागने लगा.

एक साहब बोले- यार अब बर्दाश्त नहीं होता, अब तो मुझे चूत चाहिए ही चाहिए. शाहीन जी, अगर आपको ऐतराज न हो तो मैं अभी आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ.

मुझे भला क्या ऐतराज हो सकता था. मगर शाही सर बोले- ओके मोहन, तू चाहे तो अभी शाहीन मैडम के साथ सेक्स कर सकता है, मगर करेगा हम सबके सामने … यहीं पर.

अब नंगे तो सभी थे ही, मोहन ने मुझे पकड़ कर उठाया और पास में ही एक तरफ लेटा लिया. पहले तो मोहन मेरे होंठ गाल, कंधे मम्मे पेट पीठ, कमर जांघें सब चाट गया और उसके बाद मेरी चूत से मुँह लगा कर चाटने लगा.

मुझे मज़ा आया तो मैंने अपनी टांगें और फैला दीं.

एक बोला- अबे भोसड़ी के जिस चूत को तू चाट रहा है, उसे हम सबके लंडों ने चोदा है.तो मोहन बोला- अरे, तभी साली रांड की चूत इतनी नमकीन लग रही है.

सभी खिलखिला कर हंस पड़े.मुझे भी हंसी आई.

मगर मोहन तो जैसे दीवाना हो गया और मेरी चूत के होंठों को चबा जाने की हद तक चूस रहा था.अब इतनी मजबूत तो मैं भी नहीं थी, बामुश्किल 3-4 मिनट की चुसाई में ही मैं झड़ गई. मैं जब तड़प कर आढ़ी-टेढ़ी हुई, तो सबके सब मेरी अगल बगल बैठ गए और मेरे जिस्म को नोंचने लगे.

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एक साथ 6 लोग, 6 लंड और 12 हाथ और साथ में वासना से भरी 12 निगाहें, मेरे बदन पर एक साथ टूट पड़ी थीं.

हर तरफ से मेरे बदन को हर कोई अपने अपने ढंग से नोंच रहा था. मेरे मम्मों को तो एक साथ 5-6 हाथ दबा रहे थे, जिनको मेरे मम्मे नहीं मिले, वो मेरे पेट, मेरी कमर और जांघों का मांस भींच कर मेरे मम्मे दबाने का लुत्फ ले रहे थे.

खैर औरत का जिस्म तो सारे का सारा ही सेक्स बॉम्ब होता है. मर्द को तो पराई औरत को कहीं भी देखने को या छूने को मिल जाए, उसे तो उसी में मज़ा आ जाता है.

मोहन भी मेरी चुत में ज़्यादा वक्त टिक नहीं पाया और अगले एक मिनट में ही वो मेरी चूत को अपने माल से भर कर मुझसे उतर गया.

मैंने कहा- अरे क्या हुआ मोहन बाबू, अभी तो मज़ा आना शुरू हुआ था और आप उतर भी गए.तो दूसरे सलीम साहब बोले- अरे मोहन भाई … ये तो तगड़ी घोड़ी है, एक सवार की सवारी से नहीं थकती, इसे तो लगातार सवार बदल बदल कर भगाना पड़ेगा, ताकि इसको भी मज़ा आए और हमें भी.

बस ये कहते कहते सलीम ने अपना लंड मेरी चूत पर रख प्रिया. मैं ज़रा सी हिली और अगले ही पल फच्च से सलीम का लंड मेरी चूत में घुस गया.

सलीम ने मुझे बड़े आराम से और काफी देर पेला. उसकी चुदाई से मैं एक और बार झड़ गई.

फिर सलीम ने मुझे घोड़ी बनाया और पीछे से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी चुदाई की.

मोहन का माल तो पहले ही मेरी चूत में भरा था, ऊपर से जब सलीम ने मुझे चोदा तो मोहन के माल की तो झाग बन गई.

सलीम के लंड को बड़ी अच्छी चिकनाई मिली, उसका लंड तो फिसल फिसल कर मेरी चूत के अन्दर बाहर जा रहा था और चुदाई करते करते सलीम मेरे चूतड़ों पर भी बार बार चांटे मार रहा था. मार मार कर साले ने मेरी गांड लाल कर दी.

फिर मेरे मोटे गोल चूतड़ों को खोल कर बोला- शाहीन जी, क्या आप गांड भी मरवाती हो, आपकी गोल गांड देख कर मेरा मन आपकी गांड मारने का मन कर रहा है.

मैंने कहा- अरे नहीं, मैं ये काम नहीं करती और प्लीज़ आप करना भी मत. मैं ये दर्द नहीं बर्दाश्त कर सकती.सलीम बोला- ओके कोई बात नहीं.

वो मेरी चूत को ज़ोर ज़ोर से पेलने लगा, मैं समझ गई कि ये भी पानी गिराने वाला है और फिर चंद ही पलों में मेरी चूत फिर से मर्दाना माल से भर गई.सलीम ने वाकयी मुझे बड़ी अच्छी तरह से चोदा था.

उसके बाद मैंने कहा- अभी कुछ देर मुझे आराम करना है, थोड़ी देर बाद और जो कोई आना चाहे, आ सकता है.

शाही सर ने मुझे एक पैग और बना कर प्रिया. शाम के 4 बज रहे थे. मगर शराब सबकी ज़्यादा हो चुकी थी, एक दो तो वहीं बैठे बैठे लुढ़क गए और सो गए थे. सबके सब नंगे इधर उधर को बिखरे पड़े थे.

करीब 5 बजे शाही सर ने मुझसे कहा- शाहीन, एक घंटा हो गया, मैं भी अपना पानी निकाल लूं.मैंने कहा- हां जी, क्यों नहीं, आपकी ही बांदी हूँ. आप भी अपना हक जताइए.

तो शाही सर ने पहले मुझे बाथरूम में ले जाकर मेरी चूत मम्मे और मुँह धुलवाए और उसके बाद फिर वहीं ला कर मुझे पहले तो खूब प्यार किया, खूब चूमा चाटा. उसके बाद चोदा और तसल्ली से चोदा. शाही सर के कड़क लंड ने मेरी भी तसल्ली करवा दी.

रात 9 बजे तक मुझे बाकी के तीन लोग भी चोद चुके थे. मगर सबकी हवस को अभी भी चैन नहीं था. सुबह से हम सब नंगे एक दूसरे को देख रहे थे और मैं तो अकेली थी और सब मुझे ही नोंच रहे थे. सारा बदन कमीनों ने नोंच नोंच कर लाल कर रखा था. हर जगह किसी के चिकोटी काटने के तो किसी के दांत से काटने के निशान पड़े थे.

इस बीच मैंने सब के लिए रात का खाना भी बनाया और सबने एक साथ डाइनिंग टेबल पर नंगे ही डिनर किया. उसके बाद रात को मेरे बेडरूम में सब एक साथ नीचे फर्श पर ही बिस्तर लगा कर सोये. शराब का नशा सब पर तारी था, सबके सब नशे में हिले पड़े थे.

मुझे खुद पता नहीं था, उस रात मुझे किस किस ने चोदा कितनी बारे चोदा. लेकिन फिर भी जितना मुझे याद आता है, सबने दो दो शॉट तो और पक्का मारे होंगे. मतलब उस 20 घंटे में मैं 18 बार चुदी थी.

अगले दिन सुबह जब मेरी आंख खुली, सुबह क्या दोपहर का डेढ़ बज रहा था और वो भी शमा ने आ कर मुझे जगाया, मुझे एक कप चाय दी.

मैं तो नंगी ही थी, मगर बाकी सब जा चुके थे, सारे घर में सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था. बड़ी मुश्किल से उठ कर मैंने पहले कपड़े पहने, फिर शमा के साथ घर समेटा.

जब शमा जाने लगी, तो मैंने उसे बुलाया- अरे शमा बात सुन!वो मेरे पास आई- जी दीदी.

उसके लहजे में ही खुशी थी.

मैंने एक 500 का नोट निकाल कर उसे प्रिया और बोली- तो क्या सोचा फिर!उसने वो नोट लिया और अपने ब्लाउज़ में खौंस लिया और मुस्कुरा कर बोली- दीदी मुझे तो कोई ऐतराज नहीं, बस मेरे शौहर को मनाना पड़ेगा. कहीं वो इस सब का बुरा न मान जाए.मैंने कहा- तू ऐसा कर अपने शौहर को मेरे पास भेज, मैं उससे बात करती हूँ.

अगले दिन शमा का शौहर उसके साथ मेरे घर आया. मैंने जान बूझ कर एक डीप कट गले वाली शर्ट पहनी, दुपट्टा मैंने लिया नहीं, ताकि शमा का शौहर मेरे जिस्म की गोलाइयों को देखे और इस मोह जाल में फंस जाए. मेरी स्कीम कामयाब रही. मैंने देखा उसका ध्यान मेरे मम्मों पर ही था.

अब जो रोज़ सांवले से छोटे छोटे मम्मों को दबाता हो, उसके सामने गोरे गोरे और बड़े बड़े मम्मे आ जाएं, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी.

तो मैंने जानबूझ कर उसको अपने मम्मों के दर्शन करवाए और 1000/- रुपये भी दिए.

बेशक मेरे मम्मों पर काफी लाल लाल निशान थे.

जाने से पहले वो बोला- दीदी जी, एक बात पूछूँ अगर बुरा न मानो तो!मैंने कहा- हां हां पूछो.वो बोला- क्या अगर मैंने शमा को आपके साथ ज्वाइन करवा प्रिया, तो क्या कभी मुझे भी ये मिल सकता है.

ये कह कर उसने बड़ी हसरत से मेरे मम्मों की ओर देखा.

मैंने कहा- ये सब फ्री में नहीं है बच्चू, पैसे लगते हैं इसके … और वो भी ढेर सारे.वो बोला- और मैं भी ढेर सारे पैसे लेकर आऊं तो!मैंने कहा- तो फिर ये सब तेरा.

वो खुश हो गया- पर प्लीज़ क्या मैं एक बारे इन्हें छू कर देख सकता हूँ.शमा बोली- अरे पागल हो क्या … क्या कह रहे हो दीदी जी से!मैंने कहा- अरे नहीं, कोई बात नहीं, तुम छू सकते हो.

मुझे तो शमा को अपने धंधे में लाना था. उसने आगे बढ़ कर मेरे दोनों मम्मों को पकड़ लिया और दबा कर देखा.वो मेरे दूध दबा कर बोला- आह … क्या बात है!

फिर वो मेरे क्लीवेज को चूम कर पीछे हट कर खड़ा हो गया.

मैंने उसकी तरफ देख कर पूछा- लेना है?वो बोला- अब तो जो चाहे सो हो जाए, ये तो मुझे चाहिए ही चाहिए.

मैं हंस दी और उन्हें दरवाजे तक छोड़ने गई और वापिस आ कर मैंने जॉनी भाई को फोन लगाया.

‘हैलो, जॉनी भाई, एक नई चिड़िया आई है मेरी डाल पर, कहो तो आपके पिंजरे में भेजूँ. अभी 23-24 साल की है, शादीशुदा है.जॉनी भाई की आवाज़ आई- ले आ मेरी जान. तुझे कब किसी बात के लिए मैंने मना किया है.

उसके बाद कुछ और बातचीत के बाद मैंने फोन कट कर प्रिया. आज शाम को मैं शमा को अपने दलाल जॉनी भाई के पास लेकर जाने वाली हूँ. अगर आपको मेरी रंडी सेक्स कहानी पसंद आई हो, तो मुझे ज़रूर बताइएगा.

आपकी मदमस्त रंडी सेक्स की दूकान शाहीन शेखsupport@mohakkisse.com

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एक सेक्सी रंडी की चुदाई का खेल

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

अमित 69

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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