रोमांटिक टाइम बिताया मैंने पूरी रात जब एक कुंवारी लड़की मेरी बांहों में सिमट कर सोती रही. वह मेरे दोस्त की मौसी की बेटी थी जिसके साथ मेरे रिश्ते की बात चल रही थी.
काफी टाइम से मुझे यह महसूस होने लगा था कि मुझे भी अपनी जिंदगी में घटित कहानी को सभी पाठकों के साथ शेयर करना चाहिए।
आज मार्च 2023 जब मैं जम्मू कश्मीर में कार्यरत हूं और अपनी इस कहानी को लिख रहा हूं।
मेरा नाम विक्की है और इस समय मेरी उम्र 31 वर्ष है।
रोमांटिक टाइम की कहानी शुरू होती है मई 2013 महीने से जब मैं फौज में भर्ती होने के बाद पहली बार छुट्टी लेकर घर आया था.उस समय मेरे पड़ोसी दोस्त की शादी थी।
दोस्तो, आप लोगों को जानकर शायद अजीब लगे परंतु इस बात का मुझे भी आज तक पता नहीं लग पाया कि ऐसा क्यों हुआ कि मेरी जिंदगी में बहुत सी लड़कियां किरण नाम की ही आई हैं।
कहानी की मुख्य किरदार दोस्त की मौसी की लड़की है. उसका नाम किरण है जो दोस्त की शादी के समय शादी 18 वर्ष 6 महीने की थी।उसका फिगर 32 28 32 था.
उसे देखकर ऐसा लगता था कि भगवान ने उसे बड़ी फुर्सत से बनाया है और गलती से उसको पृथ्वीलोक में भेज प्रिया है।
उसके चेहरे की बनावट से लेकर आंखें चमकदार गर्दन सुराही की तरह ऐसे होंठ उसके जैसे कोई मीनूशाला हो जिसे देखकर अच्छे अच्छों का मन डोल जाए।
1 मई का दिन था, उस दिन दोस्त का लग्न आने वाला था.तब मैं उसके घर गया था. जब मैं उसके घर गया तो सबसे पहले मेरी नजर उसके घर में किरण पर पड़ी और मैं उसको देखता ही रह गया.हम दोनों की नजरें टकराई और हम दोनों एक दूसरे में खो गए.
कुछ समय के बाद कुछ गिरने की आवाज आई जिसकी वजह से हम दोनों का ध्यान भंग हुआ और हम दोनों मुस्कुराने लगे एक दूसरे को देखते हुए!
किरण को पहली बार देखने के बाद मेरा मन उसको बार-बार देखने के लिए व्याकुल होने लगा और मैं बार-बार दोस्त के घर में आने जाने लगा और उसको जब भी मौका मिलता मैं देखता रहता।
चुपके से उसके तस्वीरें अपने मोबाइल में ले ली जिसमें एक फोटो लेते समय उसको पता चल गया तब वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी।
किरण भी बार-बार मौका ढूंढने लगी मेरे सामने आने का और मैं किसी न किसी बहाने से उसको टच करने की कोशिश करता।अब मुझे यह लगने लगा कि कहीं ना कहीं वह भी मेरी तरफ आकर्षित थी।
लगन का प्रोग्राम रात्रि 12:00 बजे तक चला.उस दिन हमने खूब मस्ती की, डांस किया, दारू पी.
उसके बाद जब मैं सोने के लिए अपने चौबारे/कमरे में गया तो मेरे दोस्त की छत जो कि हमारी छत के पास से लगी हुई थी. वहां सभी रिश्तेदार छत पर सोए हुए थे।
जैसे ही मैंने कमरे का दरवाजा खोला तो उसकी आवाज और उसके अंदर से निकलने वाली रोशनी के कारण किरण की आंख खुल गई जो वहां रिश्तेदारों के बीच में छत पर सोई हुई थी।
किरण ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराने लगी.मैंने उसकी तरफ ‘हेलो’ का इशारा किया.
तब वह अपने एक हाथ में पंखा लेकर हवा कर रही थी और गर्मी को दूर भगाने की कोशिश कर रही थी।मैंने फिर इशारा किया किरण को अपने पास आने के लिए!
तो वह दबे पांव वहां से उठकर मेरे पास आ गई.दोस्त के घर की छत और हमारी छत दोनों आपस में मिली हुई थी, बीच में एक 2 फुट की दीवार थी।
मैंने उसको बोला- कैसी हो?तब उसने बोला- आप तो देख ही रहे हो पसीने में नहाई हुई हूं. कितनी गर्मी है … आपके यहां पर कोई पंखा भी नहीं है।
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मैंने उसको बोला- ज्यादा गर्मी है तो इस कमरे में आ जाओ.उसने बोला- इस कमरे में क्या Ac लगा है?तब मैंने बोला- आप खुद ही आकर देख लो।
उसने पीछे देखा, कोई देख नहीं रहा था और वह दीवार फांद के मेरे कमरे के अंदर आ गई.
मैंने कमरे में घुसते ही दरवाजा बंद किया और ऐसी ऑन कर प्रिया।
लेकिन मैंने सोचा नहीं था कि मेरे एक बार बोलने पर वह मेरे कमरे में आ जाएगी.
कुछ देर में ऐसी ने कमरा ठंडा कर प्रिया और उसने एक चैन की सांस ली.वह अपने मन में खुश होने लगी और मुस्कुराने लगी.
तब मैंने उससे मुस्कुराहट का राज पूछा.उसने बोला- अब जाकर कहीं राहत मिली है गर्मी से!
हम दोनों ने आपस में एक दूसरे के नाम पूछे.
किरण ने बोला- आज आप पूरा दिन से मेरी तरफ ही देख रहे थे. ऐसा क्यों?तब मैंने उसकी तारीफ करते हुए बोला- आप बहुत सुंदर हो!जिसके सुनने के बाद वह बहुत खुश हुई और मुस्कराती हुई शर्माने लगी।
मैंने बोला- किरण, आज तक मैंने आप जैसी सुंदर किसी लड़की को नहीं देखा. मैं आपको पसंद करने लगा हूँ. इस पर किरण ने कुछ जवाब नहीं प्रिया।
दोस्तो, उस समय मेरे और उस दोस्त की मौसी की लड़की के रिश्ते की बात चल रही थी.पर मुझे पता नहीं था कि वह लड़की ही किरण है।
फिर किरण ने कुछ वक्त मांगा सोचने का मुझसे!मैंने हाथ बढ़ा कर किरण की तरफ फ्रेंड्स का इशारा किया और उसने हाथ मिला लिया.हम दोनों हाथ मिलाने लगे.मैंने देखा कि उसके हाथ बहुत ही कोमल थे।
कमरा काफी ठंडा होने लगा और हमने बातें करते हुए एक कंबल अपने ऊपर ले लिया और रोमांटिक टाइम का पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों सो गए।
मेरी आंखें खुली तब हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे.यह देखकर मैं धीरे से खुश हुआ मन ही मन … और मैंने अपना मोबाइल उठा कर देखा तो उस वक्त सुबह के 4:30 बज गए थे।
धीरे से किरण के गाल पर हाथ लगाते हुए उसे उठाया.वह एकदम हड़बड़ाती हुई उठी और मेरी तरफ देखने लगी।
फिर उसने मेरे से पूछा तो मैंने उसको 4:30 बताया।
उसके बाद किरण जल्दी से उठी और स्माइल देते हुए मुझे बोली- आपने प्यार का एक स्टेप पास कर लिया है.मुझे समझ नहीं आया.और वह कमरे से चुपचाप निकल कर चली गई और रिश्तेदारों के बीच में जहां वह पहले सोई हुई थी चुपके से जाकर सो गई।
मेरा लन्ड उस वक्त खड़ा हुआ था.मैंने किरण के नाम से मुठ मारी और फिर से सो गया।
रोमांटिक टाइम की कहानी आगे जारी रहेगी।अभी तक की कहानी आपको पसंद आई होगी.लाइक और कमेंट जरूर करें.मैं आप लोगों के कमेंट जरूर देखूंगा.
अपनी ईमेल आईडी भी दे रहा हूँ।support@mohakkisse.comविक्की फौजी
रोमांटिक टाइम की कहानी का अगला भाग:दोस्त की मौसी की लड़की की चुदाई- 2