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स्लीपर बस में कपल को सर्विस दी- 1

राजेश बिराना

07 Jun 2020 को प्रकाशित

स्लीपर बस में कपल को सर्विस दी- 1
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रनिंग बस सेक्स कहानी में मैं स्लीपर बस से अपने घर त्यौहार मनाने जा रहा था। मुझे तभी बस में बैठे हुए एक दोस्त कपल का मैसेज आया। पता चला कि उनकी सीट भी उसी बस में है!

दोस्तो,मेरा नाम राकेश बिराना है।मैं राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 32 साल है। कद-काठी मेरी अच्छी है।मेरा वजन 68 किलोग्राम है और हाईट 5.9 फीट है।

कई लोग मेरी बॉडी को स्लिम और सेक्सी भी बताते हैं।लेकिन जो उनको नहीं पता है वह है मेरे लंड का साइज।मैं तारीफ नहीं कर रहा, लेकिन ये हकीकत है कि मेरे लंड का साइज 7 इंच है। यह 2.8 इंच मोटा है। आप समझ सकते हैं कि ये किसी चूत में जाएगा तो उसे कितना मजा दे सकता है।

मेरी पिछली कहानीदिल्ली में वन नाईट स्टैंड वाली मस्तीकरीब 8 साल पहले आई थी.मैं आपके लिए फिर से एक सच्ची रनिंग बस सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूं।

दोस्तो, मुझे चूत चाटने का बहुत ही ज्यादा शौक है।मैं चुदाई से पहले चूत को अच्छे से चाटता हूँ मगर चूत एकदम क्लीन शेव, चिकनी और साफ-सुथरी होनी चाहिए।मैं ज्यादातर कपल यानि शादीशुदा लोगों के साथ ही मस्ती करता हूँ।

पति के सामने उसकी बीवी को चोदना और उसकी चूत चाटना मुझे बहुत पसन्द है।कपल में उम्र मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती।

अब आपको मैं मेरे जिस अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ वो बात आज से 7 साल पहले की है।

2009 में मैं गुजरात, गांधीनगर में एक प्राइवेट सिक्योरिटी कंपनी में काम करता था।उस समय मैं प्राइवेट तरीके से जिगोलो सेवा भी देता था लेकिन अब मैंने वो बन्द कर दी है।अब मेरी सरकारी नौकरी है।

मस्ती तो मैं अब भी करता हूँ लेकिन बस मस्ती के लिए।मगर जो कपल मस्ती के लिए बुलाता है सभी खर्चे वही करता है … जैसे मेरे आने-जाने का किराया आदि भी।

तो उस समय मेरी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी।इसलिए मैं कभी-कभी ऑनलाइन अपना न्यूड कैम शो करके भी पैसा कमाता था।

यह बात अगस्त 2009 की है।

तब बरसात के दिन चल रहे थे और मुझे राखी पर घर आना था।तो मैं अहमदाबाद बस स्टैंड पर था।

स्लीपर बस के टिकट पता किया तो पता चला सभी बस फुल थीं राखी की वजह से।

फिर रात 9 बजे की एसी स्लीपर में एक सीट मिली मुश्किल से!तो मैंने वो सीट ले ली।

उसका किराया उस समय 600 रुपये था जयपुर तक का।

मैंने टिकट ले ली और अभी 7.30 ही बजे थे।मैं वहीं बस का इंतज़ार करने लगा।

धीरे-धीरे लोग आने लगे।मै फोन में इंटरनेट चलाने लगा और फेसबुक पर दोस्तों से चैट करने लगा।

फिर आठ बज गए।

मेरा एक कपल दोस्त ऑनलाइन हुआ जिससे मैंने पिछले शनिवार को ही कैम ब्रॉडकास्ट करते समय फोन सेक्स और कैम सेक्स किया था।लेकिन उन लोगों ने अपना चेहरा नहीं दिखाया था।बॉडी फिगर से वो लोग जवान लग रहे थे।आदमी ने अपनी उम्र 28 बताई थी और औरत ने 22 की बताई थी।

उनकी शादी को अभी एक साल ही हुआ था।उन लोगों ने अपना नाम रोहन (काल्पनिक) और रश्मि (काल्पनिक) बताया था।दोनों एक एम एन सी कंपनी में काम करते थे।

वो दोनों शनिवार मतलब वीकेंड पर ही फ्री होते थे और मस्ती करते थे।तो उस कपल ने मुझे गुड इवनिंग मैसेज किया।मैंने भी गुड इवनिंग लिखा।

अब आपको हमारी चैट सुनाता हूँ। रोहन से मेरी चैटिंग हुई जो निम्न प्रकार से है:रोहन- हेलो राकेश, कैसे हो?मैं- मस्त हूँ यार रोहन, तुम सुनाओ … तुम लोग कैसे हो?

रोहन- हम भी मस्त हैं, घर जा रहे हैं दिल्ली, तुम सुनाओ, तुम क्या कर रहे हो?मैं- मैं भी यार … राखी पर घर जा रहा हूँ, अभी जयपुर की स्लीपर बस का ही इंतज़ार कर रहा हूँ।

रोहन- यार राकेश हम भी जयपुर होकर ही दिल्ली जा रहे हैं। और हम भी बस का ही इंतज़ार कर रहे हैं, काश! आप हमारे साथ हमारी बस में चलते तो मजा आ जाता! वैसे एक बात कहूँ? रश्मि डार्लिंग को तुम्हारा मस्त लण्ड बहुत पसन्द है। वो कहती है कि दिल करता है पूरे दिन और रात उस मस्त लण्ड को चूसती रहूं और उससे अपनी चूत चुदवाती रहूं।

मैं- यार, बड़ी मुश्किल से एसी स्लीपर में सीट मिली है।रोहन- कितने बजे जायेगी तुम्हारी बस?मैं- 9 बजे। और आपकी बस कितने बजे की है?

रोहन- 9 बजे की ही है, क्या हम लोग मिल सकते हैं?मैं- हाँ, मिल सकते हैं.और मैंने ट्रेवल एजेंसी का नाम उनको बता प्रिया.

रोहन- यार हम भी इसी बस से जा रहे हैं और हमारा स्लीपर बी2 है। अभी तुम कहाँ हो?

मैं- मैं तो बाहर ही बैठा बस का इंतज़ार कर रहा हूँ।रोहन- यार तुमको बाहर रंगीला भटूरे वाले नाम का ठेला दिखाई दे रहा है, हम वहीं आ रहे हैं … वहीं कोल्ड ड्रिंक पीयेंगे।मैं- ठीक है, मैं भी आ रहा हूँ।

फिर मैं उस ठेले के पास पहुंच गया।दो मिनट बाद एक जवान कपल आया, उसने ठेले वाले से तीन पेप्सी की बोतल ली और मेरे पास आकर बोला- आप राकेश ही हैं न?मैंने जवाब प्रिया- हाँ, आप?

उसने बताया- मैं रोहन हूँ जिससे अभी आपकी फेसबुक पर चैट हो रही थी, और ये मेरी वाइफ रश्मि।रश्मि ने मुझे हाथ जोड़कर नमस्ते कहा तो मैंने भी हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

रोहन बोला- उधर कुर्सी पर बैठ कर बातें करते हैं।उसने एक कोने में रखी चार कुर्सियों की तरफ इशारा करते हुए कहा।

फिर हम जाकर कुर्सियों पर बैठ गए।सबसे बायें रोहन, फिर रश्मि और फिर मैं।

दोस्तो, आगे बढ़ने से पहले रश्मि और रोहन के बारे में बता दूं।

रोहन की हाइट मेरे बराबर थी और बॉडी भी मेरे जैसी ही थी।उसने नीली धारीदार शर्ट और डार्क ब्लू जीन्स पहनी थी।

रश्मि की हाइट करीब 5.5 फीट होगी।और उसका फिगर था 34-32-36 का।

रश्मि ने सूट सलवार पहना था और हल्का मेकअप भी किया हुआ था।

रोहन- यार, हम जैसे ही यहां आये तो रश्मि डार्लिंग को तुम दिखाई दिए थे, हम दोनों ने तुमको कैम पर देखा था। इसलिए ये तुझे पहचान गई। वैसे भी ये तुमको कैम पर न्यूड देख कर बहुत उत्तेजित हो जाती है।रश्मि- आप भी ना … क्या बकते रहते हो! जगह भी नहीं देखते।

रोहन- यार राकेश, मैं झूठ नहीं बोल रहा लेकिन ये तुम्हारे मस्त लण्ड की बड़ी फैन है। पिछले शनिवार को ही तो कैम देखा था। उस दिन मेरी जान बहुत जोश में थी और माँ कसम … कहने लगी कि यदि राकेश यहां होता तो उसको सारी रात सोने नहीं देती। पूरी रात खूब (धीरे से) चुदवाती।

रश्मि- कभी तो शर्म कर लिया करो … हर जगह बेशर्मी अच्छी नहीं लगती।

रोहन- अच्छा एक बात बताओ तुमने कैसे पहचान लिया राकेश को? मैंने तो पहचाना नहीं, मैंने भी तो कैम पर देखा था।मैं- यार छोड़ो ये सब, और सुनाओ … फिर कैसा लगा तुमको मेरा कैम शो?

रोहन- वो इतना मस्त था कि आज रश्मि डार्लिंग का बस में लाइव शो देखने का इरादा है।मैं- वो तो ठीक है, लेकिन मेरा स्लीपर नहीं है तो कैसे?

रोहन- यार उसका तरीका है मेरे पास, आप और रश्मि दोनों बस के स्लीपर में पति पत्नि बन कर जाना और आपकी सीट पर मैं बैठ जाऊंगा। बस तुम मेरी डार्लिंग को खुश कर देना। तुम अपनी टिकट मुझे दे दो और हमारी टिकट डार्लिंग के वैनिटी बैग में है।

मैं- वो तो ठीक है, लेकिन रश्मि जी अभी इतना शर्मा रही हैं तो फिर कैसे वो पूरा आनंद ले पाएंगी? इस खेल में तो दोनों पक्षों को पूरा बेशर्म होना पड़ेगा तभी तो पूरा मजा आएगा दोनों को।

तो दोस्तो, मैंने अपनी टिकट रोहन को दी।इतने में बस आ गई।

मैंने अपना बैग उठाया और मैं और रश्मि, दोनों स्लीपर में चढ़ गए।

इस बस के स्लीपर में प्लाईवुड का दरवाजा था लेकिन आमतौर पर बस के स्लीपर में पर्दे ही लगे होते हैं।

प्राइवेसी के लिए पर इस स्लीपर में प्राइवेसी की अच्छी सुविधा दी गई थी।रोहन मेरी सीट पर बैठ गया।

थोड़ी देर में कंडक्टर आकर टिकट चेक करके चला गया और हमने स्लीपर की खिड़की बन्द करके पर्दे लगा दिए।

मैं और रश्मि आमने सामने बैठ गए।रश्मि धीरे से बोली- तुम कैम शो में मस्त सेक्सी लगते हो और तुम्हारा मस्त लण्ड तो जबरदस्त लगता है।

कहते हुए रश्मि ने अपना पैर मेरे पैरों के बीच में रखा और मेरे लण्ड को पैर से ही मेरी पैंट के ऊपर से सहलाने लगी।मेरा पैर भी अब रश्मि की चूत के पास था तो मैंने अपने अगूंठे से रश्मि की चूत को सलवार के ऊपर से सहलाना शुरू कर प्रिया।

ऐसा करते हुए हम एक दूसरे को देखकर मुस्कराने लगे।मैं मुस्कराते हुए बोला- रश्मि जी यदि आप चाहो तो जो आपने कैम शो में देखा था वो आप रियल में भी देख सकती हैं।रश्मि बोली- नेकी और पूछ पूछ? दिखाओ न यार …

फिर वो एकदम से बोली- राकेश … ये तुम मुझे रश्मि जी कहना बन्द करो, तुम मुझे या तो रश्मि डार्लिंग कह सकते हो या सिर्फ रश्मि या डार्लिंग।

इतना सुनते ही मैंने अपनी पैंट का हुक खोल प्रिया।इतने में ही रश्मि ने अपने पैर के अंगूठे और उंगली से ज़िप को पकड़ा और नीचे खींच प्रिया।मैंने अपने कूल्हे उठा कर पैंट घुटने तक उतार दी।

फिर रश्मि ने अपने हाथों से पैंट पकड़ कर पूरी उतार दी।अब मैं जॉकी के अंडरवियर में था तो रश्मि अपने पैर से मस्त लण्ड को जॉकी के ऊपर से सहलाते हुए बोली- यार इसको भी उतारो ना!

मैं बोला- अब आपका काम है डार्लिंग आगे का!रश्मि मुस्कराते हुए अपने पैर के अंगूठे और उंगली को जॉकी की इलास्टिक में फंसा कर नीचे खींचने लगी।

लेकिन लंड पूरा तना हुआ होने के कारण नीचे नहीं खींच पाई।तो रश्मि थोड़ी आगे खिसकी और अपने हाथों से मेरी जॉकी नीचे की।

मैंने कूल्हे उठाये और उसने मेरी जॉकी निकाल कर अलग रख दी और अपने पैर के अंगूठे से लण्ड को सहलाने लगी।

मैं भी रश्मि की चूचियों को सूट के ऊपर से सहलाते हुए बोला- डार्लिंग तुम भी कैम शो में बिना कपड़ों के थी तो आज …रश्मि मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली- जब मैंने मस्त लण्ड को नंगा कर लिया तो तुम भी कर लो।

कहने पर मैंने रश्मि को मेरी तरफ खींचते हुए उसके सूट को उतार प्रिया और उसकी 34 इंच की बड़ी चूचियों पर कसी हुई जालीदार काली ब्रा भी खोल दी।और फिर सलवार भी उतार दी और साथ ही काली जालीदार पैंटी।

जैसे ही मैंने पैंटी उतार कर सूंघी तो रश्मि की चूत की खुशबू से मैं मदहोश हो गया।रश्मि की चूत के रस उसकी पैंटी भीगी हुई थी जिसे मैंने सेक्सी अंदाज में आँख मारते हुए रश्मि को दिखाते हुए चाट लिया।

इधर रश्मि ने मेरे मस्त लण्ड को अपने दोनों हाथों में लेकर सहलाते हुए कहा- पैंटी से रस क्यों चाट रहे हो … सीधे रस की कटोरी पर मुँह लगा लो।

इतना सुनते ही मैंने रश्मि को पीछे की तरफ धकेल कर उसकी चिकनी, साफ-सुथरी बिना बालों वाली चूत पर मुँह टिका प्रिया।चूत पर मुंह लगते ही रश्मि के मुँह से सिसकारी निकल गई।

मैं अपनी जीभ की नोक से रश्मि की चूत के दाने को सहलाने लगा।और फिर धीरे-धीरे जीभ से चूत के बाहरी होंठ को चाटने लगा।

रश्मि ने मेरे सिर के बालों में उंगली फिराना शुरू कर प्रिया और मजे में सिसकारी भरते हुए धीरे से बोली- आह्ह्ह … सी … सी … राकेश … उम्म्मह … बहुत मस्त चाट रहे हो। ह्म्म्म … आहह … हाँ थोड़ा ऊपर की तरफ भी चाटो। ओह्ह … बहुत मजा आ रहा है ह्म्म्म … तुम मस्त चाटते हो । ओह्ह …सी … सी … हाँ मेरी कमीनी चूत के किनारों को ऐसे ही चूसो ओह्ह … आहह … ऐसा लग रहा है जैसे मैं उड़ रही हूँ! आहह … चाटते रहो।

वो अपनी कमर को ऊपर उठा कर मेरे मुंह पर चूत रगड़ते हुए अपने हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगी।मैं अब रश्मि की चूत के किनारों को चूसते हुए उसकी चूत के दाने को भी मुँह में लेकर चूसने लगा।इससे रश्मि की आहें और तेज हो चलीं।

फिर लगभग 10 मिनट बाद रश्मि अपनी चूत को मेरे मुँह पर जोर से रगड़ते हुए बड़बड़ाने लगी- आहह … चाटो और जोर से चूसो … आहह … ओह्ह … मेरी चूत … साली कमीनी चूत को चूस जाओ … खा जाओ आहह … मैं झड़ी ओह्ह … मेरी चूत झड़ी।

कहते हुए रश्मि ने अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़ लिया और पकड़कर अपनी चूत पर जोर से रगड़ते हुए झड़ गई।उसने अपनी चूत का कसैला सा नमकीन रस मुझे पिला प्रिया और एकदम शिथिल पड़ गई।

मैंने उसकी चूत को चाट चाटकर साफ़ किया।

फिर जब मैं चूत को साफ़ करके बैठा और उसकी तरफ देखा तो मेरी तरफ मुस्कराते हुए बोली- डार्लिंग, कसम से मजा आ गया रनिंग बस सेक्स करके … क्या चूत चाटते हो … अंग अंग में मस्ती भर देते हो।

मैं अपने होंठों पर जीभ फिराते हुए बोला- सच में रश्मि … तेरी चूत बड़ी रसीली है … मजा आ गया।तभी अचानक से बस रुक गई।

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

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रनिंग बस सेक्स कहानी का अगला भाग:स्लीपर बस में कपल को सर्विस दी- 2

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कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

स्लीपर बस में कपल को सर्विस दी

कुल भाग: 2
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6 मिनट 1,017

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अभय आगरा

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

नीलेश 03

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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