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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 286 बार

सहेली के यारों से चुद गई मैं-2

नेहा श्रीवास्तव

22 Jan 2018 को प्रकाशित

सहेली के यारों से चुद गई मैं-2
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तभी राज बेड पर लेट गया और अंजलि अपने ऊपर आने को बोला, अंजलि उसके ऊपर आकर बैठ गई और अपने हाथों से राज का 7 इंच का लौड़ा पकड़ कर अपनी चूत में लेकर उसके ऊपर बैठ गई।राज का 7 इंच का लंड पूरा उसकी चूत में घुस गया, वो मज़े ले कर राज को चोदने लगी।

रोहित ने तुरंत अंजलि की गांड में थूक लगा कर ऊँगली घुसाना शुरु कर प्रिया।

अब तो अंजलि पागल कुतिया की तरह चिल्लाने लगी बोली- साले मादरचोदों जोर से मुझे दोनों तरफ से चोदो। साले हरामी रोहित, डाल अपना 8 इंच का लौड़ा मेरी गांड में।

अब रोहित ने भी बिना देर किये उसकी गांड में अपना लौड़ा घुसेड़ना शुरु किया। रोहित ने थूक से पहले ही अपना लंड और अंजलि की गांड दोनों चिकनी कर लिया था तो थोड़ी ही देर में रोहित का लंड अंजलि की गांड में सेट हो गया।अब अंजलि सैंडविच बनी अपनी चूत और गांड मरवा रही थी।

अब दोनों उसे चोदते हुए मुझे ही घूर रहे थे अब मुझे भी अच्छा लग रहा था, मैं भी ‘आह आह आह’ करते अपनी पेंटी उतार चुकी थी और टॉप के सारे बटन खुल चुके थे, ब्रा ऊपर हो चुकी थी, मेरे दूध और चूत के खुले दर्शन उन दोनों को मिल रहे थे।

मैं उन्हें देखने और अपने दूध दबाने और बुर में ऊँगली करने में व्यस्त थी। अचानक रोहित ने अंजलि की गांड में से अपना लौड़ा निकाला और मेरे सामने खड़ा हो गया अपने लौड़ा हिलाते हुए, जब उसने जोर से मेरा एक दूध पकड़ कर दबाया तब मुझे पता लगा कि रोहित मेरे सामने आ चुका है पूरा नंगा ही…

मैं भी मस्ती में उसे सेक्सी निगाहों से देखने लगी। उसने अपना लंड मेरे मुँह के सामने कर प्रिया तो मैंने भी उसके लंड को हाथ में लेकर सहलाना शुरु कर प्रिया, मेरे हाथ में आते ही उसका लौड़ा और जोर मारने लगा, फिर धीरे से मैंने उसे मुँह में ले लिया और चूसने लगी।मुझे लंड चूसने में बहुत मज़ा आने लगा। मैंने उसका हाथ अपने दूध पर रख कर दबा प्रिया तो उसे भी समझ आ गया कि अब मैं चुदने के लिए पूरी तरह से गर्म हूँ। रोहित के लंड से अंजलि के चूत रस की महक भी आ रही थी दोनों की मिली जुली महक बड़ी ही मादक थी।

अब तो रोहित को बहुत जोश आ गया और अपना लंड जोर से मेरे मुँह में अन्दर बाहर करने लगा। उसका लंड अब और सख्त हो गया था। मैं तो मस्ती के कारण पागल हुई जा रही थी।अब रोहित ने मुझे धीरे धीरे नंगी करना शुरु किया, पहले तो उसने मुझे अपनी गोद में बैठाया और मेरा टॉप उतार प्रिया, ब्रा तो मैं पहले ही ऊपर कर चुकी थी, अब उसके हाथ मेरे मम्मे को बेदर्दी से दबाने और नोचने लगे। फिर तो उसने मेरा एक दूध अपने मुँह में ले लिया और दूसरे को दबाने और नोचने लगा।मैं तो मस्ती के सातवें आसमान में उड़ने लगी, मैंने ऊसका लण्ड जोर दबा प्रिया और उसे नोचने और खरोंचने लगी।

उसने देर न करते हुए मुझे सोफे पर लिटाया और 69 की अवस्था में आकर मेरी चूत चूसने लगा, मैं भी उसका लंड जोर से दांतों से काट कर चूसने लगी। वो कभी अन्दर जीभ डालता, कभी क्लाइटोरिस को चूसता, कभी ऊँगली भी साथ में अन्दर डाल कर चूसता।

उसकी इन सब हरकतों से मेरा पानी निकलने लगा जिसे रोहित ने पूरा चूस डाला।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं मस्ती में बड़बड़ाने लगी- अब रहा नहीं जाता… प्लीज रोहित, अब जल्दी से अपना लंड घुसा दो न प्लीज।

उसे मुझ पर तरस आ गया और मुझे चोदने की ख़ुशी में उसने तुरंत देर न करते हुए अपना लंड मेरी चूत पर रख कर थोड़ा रगड़ा, उसका लंड गरम लोहे जैसा महसूस हुआ, उत्तेजना की वजह से मैं अपनी गांड उठा कर लंड अन्दर लेने की कोशिश करने लगी, इतने में ही उसने एक जोरदार झटका मार प्रिया लंड आधे के करीब अन्दर घुस गया।

लंड और चूत दोनों गीले थे तब भी धक्का इतना जोरदार था कि मेरी चीख निकल गई, मेरी आँखों से आँसू निकल आये, तो उसने एक पल रुक कर धीरे धीरे धक्का मार कर पूरा लंड अन्दर कर ही प्रिया।

राज और अंजलि उधर मस्त चुदाई में लगे हुए थे, राज और अंजलि मेरी चीख की वजह से मुझे ही देख रहे थे और राज ज़ोरदार धक्के लगा कर अंजलि को चोद रहा था।

इधर रोहित भी अब मुझे ज़ोरदार धक्के लगा लगा कर मुझे चोद रहा था और मैं भी अपनी गांड उछाल उछाल कर उसके धक्कों का जवाब देने लगी।

अब मैं भी मस्त हो चुकी थी और अंजलि को देख रही थी, अंजलि अब जोर जोर से राज से चिपकने लगी थी और उसे नाखूनों से नोच रही थी, शायद उसका निकलने वाला था, वो कह रही थी- साले राज, जोर से चोद मुझे… मेरा निकलने वाला है।

अब राज भी उसे जोर से चोदने लगा थोड़ी ही देर में अंजलि का पानी निकल गया और वो राज से जोर से चिपक गई। पर राज़ का तो अभी निकला ही नहीं था तो उसने अंजलि को कुतिया बनाया और उसकी गांड में थूक लगा कर अपने लंड को भी थूक से चिकना किया और उसकी टाइट गांड में घुसाने लगा, अंजलि दर्द से चिल्लाने लगी पर राज ने ज़ोरदार धक्के मार कर अपना लौड़ा अन्दर घुसा ही प्रिया, और जोर से चोदने लगा।

मेरी मस्ती अंजलि की गांड चुदाई देख कर और बढ़ गई थी। मैं अब रोहित के पूरे बदन को सहलाने लगी थी, जिससे रोहित की उत्तेजना और बढ़ गई फिर वो और जोर जोर से मुझे चोद कर मेरी चूत का भर्ता बनाने लगा, मैं भी बड़बड़ाने लगी- चुदाई में इतनी मस्ती है, अगर मुझे पहले ही पता होता तो मैं अब तक कितनी ही बार चुदवा चुकी होती। मुझे चोद चोद कर मेरी चूत का भर्ता बना दो, आज इतनी मस्ती दो कि मैं सिर्फ तुमसे ही चुदवाऊँ।

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तब तक उधर राज को पानी निकलने वाला था, दोनों मस्त धक्के लगा रहे थे, राज तो उसे पागलों की तरह चोद रहा था। शायद उसका पानी अब निकलने वाला था। करीब 10 धक्कों के बाद राज का भी पानी निकल गया गरम गरम वीर्य की धारा उसने अंजलि की गांड में छोड़ दी जब उसने अपना लंड निकाला तो उसकी गांड से राज के लंड का पानी बाहर निकलने लगा।

दोनों कुछ देर बेड पर लेटे रहे। फिर राज उठा और अपना लंड हिलाता मेरे पास आ कर खड़ा हो गया, और अपना लंड मेरे मुह पर घुमाने लगा और मेरी एक चूची अपने हाथ से दबाने लगा।

अब तो मेरी मस्ती का कोई ठिकाना ही नहीं था मैंने तुरंत अपना मुह खोल कर उसका लंड अन्दर ले लिया और चूसने लगी।अंजलि और राज दोनों के मिले जुले पानी का स्वाद बहुत ही मस्त था। थोड़ी देर में ही राज का लंड लोहे जैसा कड़क हो गया और वो मेरा मुख अपने टाइट लंड से चोदने लगा।

अब रोहित का लंड चूत में और राज का लंड मुख में घुस कर मेरी चुदाई कर रहा था। मेरी तो मस्ती का कोई ठिकाना ही नहीं था। थोड़ी देर बाद राज बेड पर लेट गया और मुझे अपने ऊपर आने को बोला, मैं बिना किसी हिचकिचाहट के उसके ऊपर आ गई और उसने देर किये बिना ही अपना लंड मेरी चूत में घुसा प्रिया, उसका मोटा लण्ड मेरी चूत में नश्तर की तरह घुस गया मैं अब उसका लण्ड उछल उछल कर अपनी चूत में लेने लगी।

तभी अंजलि ने आकर रोहित का लण्ड मुँह में लेकर चूसना शुरु कर प्रिया और उसे पूरा चिकना कर प्रिया रोहित अपनी जीभ से मेरी गांड चाटने लगा और अन्दर छेद तक चाट कर चिकना कर प्रिया।रोहित भी अब फिर से तैयार था मेरी गांड मारने के लिए। मैं और मेरी गांड दोनों तैयार थे उसका लण्ड लेने के लिए। रोहित ने बिना देर किये अपना मेरी गांड में जड़ तक घुसा प्रिया और चोदने लगा मुझे।

अब तो मेरी चूत और गांड दोनों चुद रही थी एक साथ और चूत से बेहिसाब पानी निकल रहा था, राज का लंड अब सटासट अन्दर बाहर हो रहा था, रोहित भी पूरे जोश में आ कर मुझे चोद रहा था।

इस वक्त मेरी मस्ती और ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मैं तो जन्नत में सातवें आसमान में उड़ रही थी। मैं भी अपनी गांड उचका कर दोनों का लण्ड मस्ती से ले रही थी।

अंजलि ने तभी अपनी चूत मेरे मुँह सामने कर दी मैंने उसकी चूत को मस्ती से चाटना शुरु कर प्रिया। अब हम चारों मस्ती में आ चुके थे। थोड़ी देर तक यही क्रम चलता रहा फिर रोहित नीचे आकर मेरी चूत मारने लगा और राज ऊपर आ कर मेरी गांड चोदने लगा मैं अंजलि की चूत चाटती रही।

हम सब एक दूसरे को संतुष्ट करने में लगे हुए थे, सबसे पहले अंजलि झड़ गई और अपना पानी मेरे मुँह में डाल प्रिया, मैं भी उसका पानी पी गई।अब वो किनारे लेट गई और अपनी चूत को ऊँगली से रगड़ने लगी।

इधर मेरा भी निकलने वाला था तो मैं भी जोर से अपनी गांड हिलाने लगी और बड़बड़ाने लगी- और जोर से चोदो मेरे चोदू यारो… आज मुझे चोद चोद कर मस्त कर दो और मुझे हमेशा के लिए अपनी रण्डी बना लो तुम दोनों।वो दोनों भी मुझे हुमच हुमच कर चोदने लगे और बोले- हाँ तू हम दोनों की रण्डी बनेगी। अंजलि की तरह हम तुझे भी अपनी रंडी बना कर दिन रात चोदेंगे।

इतना कह कर दोनों ने मुझे पागलों की तरह चोदना शुरु कर प्रिया, मेरा अब तक दो बार पानी निकल चुका था, अब मुझसे दोनों का लंड अन्दर बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने कहा- अपना लंड अब बाहर कर लो!पर दोनों साले नहीं माने और मुझे ज़ोरदार धक्कों से चोदते रहे। अब धीरे धीरे दोनों के धक्कों की स्पीड और बढ़ने लगी मैं तो अब सातवें आसमान में पहुँच गई थी।

दोनों ज़ोरदार धक्के लगाते रहे और मैं चुदती रही। करीब 15-20 धक्कों के बाद दोनों मुझे नोचने खसोटने लगे और साथ ही झड़ने लगे, दोनों के गर्म गर्म वीर्य की धारा मेरे अन्दर गिरने लगी जिसे मैंने अपने अन्दर महसूस किया, दोनों ने बेहिसाब पानी मेरी चूत और गांड में छोड़ा जिससे मेरी चूत और गांड से पानी बाहर निकलने लगा।मैं भी दोनों से चिपक गई।

थोड़ी देर में दोनों अलग मुझसे अलग हुए और अपना मोटा और खड़ा लौड़ा लेकर मेरे मुँह के सामने लेकर आ गए, दोनों का लंड वीर्य और चूत रस से पूरी तरह गीला था, मैंने बड़े मज़े से दोनों का लंड बारी बारी चूसा।

अब हम चारों पूरी तरह संतुष्ट एक दूसरे की बाहों में पड़े रहे। करीब एक घंटे तक हमारी वासना अब पूर्णतया शांत हो चुकी थी। फिर हम लोग बाथरूम गए और नहाये, वहाँ चुदाई का एक दौर और चला।

फिर नहा धोकर मैं और अंजलि अपने घर और रोहित और राज अपने अपने घर गए।बाद में हमने मिल कर और कई बार मस्त की, वो सब मैं आपको बाद में बताऊँगी, फिलहाल अभी इतना ही।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताइयेगा। कृपया अपनी कीमती राय जरूर भेजिएगा। मैं आप सबकी मेल का बेसब्री से इन्तजार करुँगी, आपकी अपनी प्यारी पूजा…support@mohakkisse.com

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सहेली के यारों से चुद गई मैं

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Hi, mera naam Sunny hai aur vadodra se hu, meri age 20 hai aur desi kahani ka fan, muje porn dekhne ki aadat hai aur mai se story bhi padhta hu, muje incent aur group sex story jyada pasand hai, mai abhi study kara rha hu.

16 मिनट 789

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

रीना रानी

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

क्रिश देसाई

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

माधुरी सिंह मदहोश

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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