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मेरी सहेली की मां बनने की चाहत-2

प्रीति शर्मा

12 Jun 2023 को प्रकाशित

मेरी सहेली की मां बनने की चाहत-2
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मेरी चुदाई की हिन्दी कहानी के पिछले भागमेरी सहेली की मां बनने की चाहत-1में आपने पढ़ा कि कैसे मेरे पति ने मुझे अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए मेरे कामुक जिस्म का इस्तेमाल करना चाहा, मैं भी यह काम ख़ुशी खुशी कर रही थी.

जॉर्ज बोला- चलो लेडीज़, अब मुझे नंगी हो कर दिखाओ, मैं तुम लोगों के नंगे जिस्म देखना चाहता हूँ।

हम दोनों उठी और किसी रंडी की तरह अपनी ब्लाउज़ के बटन खोले, ब्रा खोली, पेटीकोट के नाड़े खोले और फिर अपनी अपनी पैन्टी उतार कर बिलकुल नंगी हो गई।जॉर्ज बोला- ओ हो, तुम लोगों की झांट कहाँ गई।मैंने कहा- हमने साफ कर दी।वो बोला- अरे नहीं, मुझे झांट वाली औरतें बहुत पसंद है। झांट हों, बगल में बाल हों।चिंकी बोली- पर अब क्या हो सकता है।जॉर्ज बोला- कोई बात नहीं, आ जाओ।

हम फिर से उसके साथ लेट गई।

अब आगे:उसने पहले चिंकी का मम्मा पकड़ा और अपने मुँह में लेकर चूसा। चिंकी को मज़ा आया तो उसने पैन्ट के ऊपर से ही जॉर्ज के लंड को सहलाया। थोड़ा सा चूस कर फिर उसने मेरा मम्मा अपने मुँह में लिया, और जैसे ही चूसा, दूध से उसका मुँह भर गया, घूंट भर के वो बोला- आ हा, मज़ा आ गया, क्या टेस्टी दूध है।और उसने बड़ा दबा दबा कर मेरे मम्मों को चूसा।

फिर उसने चिंकी से कहा- मेरी चड्डी उतारो!चिंकी ने उसकी चमड़े की चड्डी उतारी तो वो देख कर हैरान रह गई। जितना बड़ा आम भारतीय मर्दों का लंड खड़ा हो कर होता है, उसका ढीला लंड उतना लंबा और मोटा था। चिंकी ने उसका लंड अपने हाथ में पकड़ा और अपने मुँह में लेकर चूसने लगी।जॉर्ज बोला- तुम तो बहुत अच्छा लंड चूसती हो, प्रीति, तुम अपनी चूत मेरे मुँह पर रखो मैं तुम्हारी चूत चाटना चाहता हूँ।

मैं आगे को होकर जॉर्ज के मुँह पर बैठ गई। अपना मुँह खोल कर जॉर्ज ने मेरी चूत को अपने मुँह में ले लिया और अपने दोनों हाथों में मेरे दोनों मम्में पकड़ लिए.जैसे जैसे वो चूत चाट रहा था, वैसे वैसे वो मेरे मम्में दबा दबा कर दूध भी निकाल रहा था। मेरा दूध मेरे मम्मों से चू कर पेट से हो कर जॉर्ज के मुँह पर उसके कंधों पर भी गिर रहा था।अब दूध मेरे आता ही बहुत है, तो मैंने तो जैसे जॉर्ज का मुँह ही धो प्रिया था, अपने दूध से।

जॉर्ज सच बहुत बड़ा चटोरा था चूत का। ऐसे ज़बरदस्त चटाई की मेरी की मैं तो उसके मुँह पर बैठी बैठी ही झड़ गई। जितना भी मेरी चूत से पानी गिरा, वो सब पी गया, चाट गया, मुझे ठंडी करके उसने मुझे नीचे उतार प्रिया और फिर चिंकी को 69 बनाने को कहा।चिंकी जॉर्ज के ऊपर उल्टा लेट गई, जॉर्ज उसकी चूत चाटने लगा तो मैं और चिंकी उसका लंड चूसने लगी। साढ़े 9 या 10 इंच का उसका लंडन और उसी हिसाब से मोटा भी। हम दोनों उसका गुलाबी लंड चूसते हुये सोच रही थी कि अगर ये चुदाई में भी ज़बरदस्त हुआ, तो हम दोनों की तो किस्मत खुल जाएगी, आज रात; चूत तो दोनों की खुलेगी ही खुलेगी।

4 मिनट में उसने चिंकी को भी स्खलित कर प्रिया उसकी चूत चाट कर; वो भी तड़प कर, झड़ कर जॉर्ज के मुँह से उठ गई।

फिर जॉर्ज ने मुझे कहा- प्रीति, तुम मुझे बहुत सुंदर लगती हो, इसलिए मैं पहले तुमसे सेक्स करूंगा।मैंने कहा- क्यों नहीं जॉर्ज, तुम एक शानदार मर्द हो, मुझे पूरी उम्मीद है अपने लंड से भी तुम मुझे पूरी तरह से संतुष्ट करोगे। पर तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है, ऐसा लंड तो मैंने पॉर्न मूवीज़ में ही देखा है, मुझे डर लग रहा है, मैं इतना बड़ा लंड ले भी पाऊँगी या नहीं।वो हंस कर बोला- अरे नहीं डार्लिंग, डरो मत, मेरा लंड बहुत ही शांत और प्रेमी स्वभाव का है, ये तुम्हारी में चूत में जा कर मोम की तरह पिघल जाएगा, तुम्हें कोई तकलीफ नहीं होगी, बस मज़ा ही मज़ा आयेगा।

मैं बेड पे लेट गई, तो जॉर्ज मेरे ऊपर आ गया।मैंने अपनी टाँगें फैलाई, तो जॉर्ज ने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और हल्के से अपने लंड का टोपा मेरी चूत में डाला।गर्म और सख्त लंड मेरी चूत में घुसा, उसके लंड की सख्ती से ही मुझे एहसास हुआ कि यह कोई साधारण लंड नहीं है, आज पक्का मेरी माँ चुदने वाली है।

थोड़ा सा आगे, थोड़ा सा पीछे, ज़्यादा आगे, थोड़ा पीछे, और ज़्यादा आगे, थोड़ा सा पीछे। धीरे धीरे करके जॉर्ज अपना लंड मेरी चूत में उतारने लगा। मैंने चिंकी का हाथ थाम लिया।जॉर्ज बोला- डरो नहीं, आराम से लो, और लेती रहो। अगर तुम इसके जाने के रास्ते को रोक दोगी तो तुम्हें कष्ट होगा, इस लिए रोको मत, रिलैक्स, आराम से बदन को ढीला छोड़ कर इसे अंदर ही अंदर जाने दो।

पर कितना जाने दो? अभी उसका आधा लंड ही मेरे अंदर घुसा था, पर मुझे लग रहा था, जैसे मेरी सारी चूत भर गई हो। यहाँ तक तो ठीक था, मगर उसके बाद जॉर्ज मेरे ऊपर लेट गया। काफी भारी था। मेरे ऊपर लेट कर उसने मेरे दोनों हाथ अपने हाथों में पकड़ लिए और फिर अपने लंड को मेरे अंदर धकेलने लगा। अब मुझे सच में तकलीफ हुई। कहने को बहुत से औरतें कहती हैं कि बड़ा लंड चाहिए, बड़ा लंड चाहिए, मगर हर देश के लोगों के लंड की हिसाब भगवान ने सोच समझ कर ही रखा है।

मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर जॉर्ज, और ज़ोर से अपने लंड को मेरी चूत में डाल रहा था। हर झटके के साथ मुझे लगता जैसे उसका लंड मेरा जिस्म चीर कर अंदर मेरे कलेजे तक चोट कर रहा है।बड़ी मुश्किल में फंसी थी मैं… पास बैठी चिंकी भी मेरी हालत देख रही थी, मगर इस वक़्त वो भी मेरी कोई मदद नहीं कर पा रही थी, वो बस मेरे को देख रही थी, और मेरे कंधे को हल्के हल्के दबा रही थी।एक डर मैं उसकी आँखों में भी देख रही थी, वो भी सोच रही होगी कि अगर इसकी ये हालत है, तो मेरी दुर्गति भी इस से कम नहीं होने वाली।

बेशक मुझे मज़ा भी आ रहा था; मेरी चूत भर भर के पानी छोड़ रही थी। मगर जब वो पीछे से लंड ला कर आगे करता था, तब बड़ी चीख निकलती थी। वैसे तो मैं आम तौर पर 4-5 मिनट में डिस्चार्ज हो जाती थी, मगर उस दिन मैं 10 मिनट की चुदाई के बाद भी डिस्चार्ज नहीं हुई।

फिर जॉर्ज ने मुझे घोड़ी बनने को कहा, जब मैं घोड़ी बन गई और वेट कर रही थी के अब वो फिर अपना विशाल लंड मेरी चूत में डालेगा, मगर तभी एक जोरदार चाबुक मेरे चूतड़ों पर पड़ी। मैं दर्द से चीख पड़ी- आह, जॉर्ज, इतनी ज़ोर से, बहुत दर्द हुआ यार।मगर वो हंस पड़ा और चाबुक चिंकी को देकर बोला- जब मैं उसके लंड डालूँ तो तुम भी पीछे से मेरे चाबुक मारना!

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जब जॉर्ज ने अपना लंड मेरी चूत में डाला तो चिंकी ने उसके चाबुक मारी, मगर हल्के से, तो जॉर्ज बोला- यह क्या, इतनी हल्के से, चाबुक कैसे मारते हैं, मैं बताता हूँ!उसने चिंकी से चाबुक ली और उसी की गांड पर इतनी ज़ोर से मारी के चिंकी भी तड़प उठी।फिर चाबुक चिंकी को देकर जॉर्ज बोला- अब पता चला कैसे मारते हैं, जब मैं कहूँ तो मुझे ऐसे मारना।

फिर जॉर्ज ने उसे कहा- अब मारो!चिंकी भी पूरे जोश के साथ पीछे से खींच के लेकर आई चाबुक, और ऐसी ‘सर्राट’ से चाबुक मारी जॉर्ज के साले की गांड पर चमड़ी खींच दी।मगर वो तो बहुत खुश हुआ- आह, मज़ा आ गया जानेमन!

दो चार बार मेरे घस्से मार कर बोला- एक बार और मार!इस बार चिंकी ने उसकी पीठ पर चाबुक से मारा, क्या ज़िद दिखा कर मारा लड़की ने, मगर उस साले अंग्रेज़ को तो इस में भी मज़ा आ रहा। जितना चिंकी उसको खींच कर मारती, उतनी ज़ोर से वो मेरे चूत में अपना लंड पेलता, मतलब एक ही वार में पहले जॉर्ज की चीख निकलती और फिर मेरी।

बड़ी मुश्किल से मैं डिस्चार्ज हुई, मगर जॉर्ज का 10 इंच का भयंकर लंड अभी भी कुतुब मीनार की तरह खड़ा था। मैं जैसे ही डिस्चार्ज हुई, मैंने उसे कह प्रिया- जॉर्ज मेरा हो गया, अब मुझे छोड़ दो। जॉर्ज ने मुझे छोड़ प्रिया, अपना लंड बाहर निकाला तो मैंने फिर चिंकी को कहा- चल अब तू आ जा।चिंकी को भी उसने घोड़ी बना प्रिया, और जब उसने अपना लंड उसकी चूत पर रखा, मैंने पीछे से एक चाबुक छोड़ी, साले अंगेज़ की औलाद पर; तड़पा प्रिया ससुरे को।

मगर उसने ऐसा धक्का मारा के आगे मेरी जान चिंकी की चूत फट गई।वो अलग से चीखी- हाय मेरी माँ।मगर उस अंग्रेज़ को मार का कोई असर ही नहीं लग रहा था। उसके बदन पर कई निशान बन चुके थे। एक एक निशान तो मेरी और चिंकी की गांड पर भी बन चुका था, मगर हम तो एक एक से ही तड़प उठी थी, मगर वो तो साला 8 निशान अपनी पीठ पर लिए था, और फिर भी खुश था।

चिंकी को चोदते चोदते जॉर्ज बोला- प्रीति, चिंकी को अपना दूध पिलाओ, अपना मम्मा उसके मुँह में दो।मैंने चिंकी को इशारे से पूछा, उसने सर हिला प्रिया।जॉर्ज ने चिंकी को उठा कर अपने सीने से लगा लिया और चिंकी के दोनों मम्में पकड़ लिए, मैं चिंकी को अपना दूध पिलाने के लिए उसके सामने खड़ी हुई, तो मेरा एक मम्मा जॉर्ज ने और दूसरा चिंकी ने पीना शुरू कर प्रिया। बड़ा आनंद आया अपने दोनों मम्में एक साथ चुसवा कर।

खड़ी हालत में ही जॉर्ज ने चिंकी को खूब चोदा, लंबा लंड होने की वजह से चिंकी की चूत में जॉर्ज का आधा लंड जा रहा था, इसलिए वो मेरे से ज़्यादा मज़ा ले रही थी जॉर्ज के लंड का।मैंने जॉर्ज से कहा- जॉर्ज तुम्हें पता है, चिंकी को मैं अपने साथ क्यों लेकर आई हूँ?वो बोला- नहीं, क्यों लाई हो?मैंने कहा- ये चाहती है कि इसके बच्चे के बाप तुम बनो।

जॉर्ज बड़ा खुश हुआ, उसने चिंकी का मुँह अपनी तरफ घूमा कर पूछा- क्या सच में तुम मेरे बच्चे की माँ बनना चाहती हो?चिंकी ने कहा- हाँ मुझे तुम्हारे जैसा, दमदार बेटा चाहिए।जॉर्ज बोला- पक्का तुम्हें बेटा ही होगा, आज मैं अपना वीर्य तुम्हारे अंदर गिराऊँगा। अगर फिर भी ज़रूरत हुई, तो कल को हम मेरा वीर्य किसी इंफर्टिलिटी सेंटर में जमा करवा आएंगे, ताकि बाद में भी तुम्हें मिल सके।

मैंने कहा- इंफर्टिलिटी सेंटर, वहाँ से तो मैं भी ले सकती हूँ, मेरी बेटी को भी तो एक भाई चाहिए।मेरी बात पर सब हंस पड़े।

अगले दो घंटे तक जॉर्ज हम दोनों को बदल बदल कर चोदता रहा, हम दोनों का 4-5 बार डिस्चार्ज हो गया, मगर उस माँ के लल्ले का झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। न झड़ने की वजह से उसकी चुदाई और आक्रामक होती जा रही थी।हम दोनों में से जो भी उसके नीचे होती थी, उसकी तो चीखें बाहर तक सुनी जा सकती थी। कभी हमें खड़ा करके, कभी ऊपर बैठा कर, कभी कैसे कभी कैसे। ब्लू फिल्मों के सभी आसन उसने हमपर आज़माये।

मैंने जॉर्ज से पूछा- क्या खा कर आए हो जॉर्ज?तो उसने एक दवा का नाम बताया- इस दवाई को खाने से लंड लंबा मोटा, और दमदार बनता है, और आप अपनी मर्ज़ी तक संभोग कर सकते हो।मैंने कहा- तो हमें भी ये दवाई दे दो?वो हंसने लगा और बोला- अगर आपको दे दी, तो फिर जॉर्ज से कौन चुदने आएगी। आप लोगों की चोद कर मेरे मन की मुराद पूरी हो गई, अब तो मैं इंडिया आता ही रहूँगा।

बड़ी मुश्किल से जॉर्ज का वीर्य झड़ा और इतना झड़ा के चिंकी चूत से बाहर ऐसे चू कर आया, जैसे अंदर किसी ने वीर्य की टोंटी खोल दी ही। लंड बाहर निकालने के बाद भी उसके लंड से वीर्य की पिचकारियाँ सी छूट रही थी। चिंकी के मुँह तक उसने धार मारी, फिर मेरे मुँह में अपना लंड दे प्रिया, मेरे मुँह में भी काफी सारा वीर्य आ गया मगर मैं वीर्य पीती नहीं तो मैंने उसका वीर्य मुँह में तो ले लिया मगर बाद में थूक प्रिया।

उसके बाद जॉर्ज लेट गया। हमने भी चैन की सांस ली।

अपने आप को फ्रेश करके हम दोनों फिर से तैयार हो गई, जॉर्ज को बाय कह कर हम होटल से निकली। सारे रास्ते हम इस ज़बरदस्त चुदाई की बातें करती आई। जॉर्ज के विशाल और दमदार लंड की।यह बात हमने भी सोच ली थी कि अगर जॉर्ज फिर से इंडिया आया, तो वो कहे न कहे, हम दोनों उसके पास चुदवाने के लिए ज़रूर जाएंगी।मैंने तो चिंकी से भी कह प्रिया- जितना माल उसने तेरे अंदर गिराया है, मुझे तो लगता है तेरे 2 दर्जन बच्चे होंगे।चिंकी हंस कर बोली- हाँ तू मुझे कुतिया बना दे कमीनी।मैंने कहा- अरे मैं कहाँ बना सकती हूँ, बनाने वाले ने आज हम दोनों को कुतिया बना प्रिया। क्या रगड़ा है, अब लगता है, एक हफ्ता पति की हाथ लगाने की ज़रूरत नहीं है।

और ऐसे ही हंसती हुई हम अपने अपने घर पहुँच गई।उसके बाद चिंकी को एक बेटा हुआ, आज वो दूध सा गोरा बेटा भी डेढ़ साल का हो गया है। जब भी मैं चिंकी के बेटे को प्यार करती हूँ, मुझे हर बार जॉर्ज याद आ जाता है।support@mohakkisse.com

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मेरी सहेली की मां बनने की चाहत

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सैंडी सिंह 757

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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laldiomand

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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