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भाभी की चुदाई • पठन समय: 15 मिनट • पढ़ा गया: 908 बार

साली आधी घरवाली, देवर आधा पति क्यों नहीं-2

जूजाजी

10 Apr 2026 को प्रकाशित

साली आधी घरवाली, देवर आधा पति क्यों नहीं-2
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सम्पादन : जूजा जी

साली आधी घरवाली, देवर आधा पति क्यों नहीं-1

अब हम एक होटल में गए तो उसने हमें रूम देने से मना कर प्रिया, क्योंकि उसने हमसे हमारा रिश्ता पूछा, तो मैंने कहा देवर-भाभी लेकिन उसने कहा कि एक मर्द और औरत को सिर्फ़ तभी रूम मिलेगा, जब वो कपल हों और इसको साबित करने के लिए कोई आईडी दिखाना पड़ेगी।मैं समझ गया कि लोग होटल में सेक्स रैकेट चलाते हैं जिसके कारण हमें रूम नहीं मिल रहा है।

मैंने भाभी को सारी बात बात दी, तो उन्होंने कहा- तो फिर कैसे करेंगे!तो मैंने कहा- एक आइडिया है लेकिन हमें एक झूट बोलना पड़ेगा!तो उन्होंने पूछा- क्या?तो मैंने कहा- हमें यह बोलना पड़ेगा कि हम पति-पत्नी हैं!

तो वो हंसने लगीं और हालत को देखते हुए उन्होंने ‘हाँ’ कर दी और हम एक दूसरे होटल में गए और वहाँ मैंने अपना नाम हेमन्त बताया और आईडी का काम भी भाभी की आईडी से साबित हो गया कि हम पति-पत्नी हैं क्योंकि मैं और मेरे भैया एक जैसे दिखते हैं तो फोटो आईडी में कोई प्राब्लम नहीं हुई।अब हमें एक कमरा मिल गया था। वो कमरा काफ़ी खूबसूरत था और शायद हनीमून वाले जोड़ों के लिए था।

मैंने भाभी से कहा- भाभी आप नहा लीजिए और बाद में मैं नहा लूँगा, फिर हम चलेंगे।भाभी ने कहा- ठीक है!भाभी नहा कर आ गईं और अब मैं नहाने चला गया।

मैंने देखा की बाथरूम में भाभी की पैन्टी और ब्रा सूख रही है। मैंने उसे सूँघा तो क्या बताऊँ, ऐसा लगा कि मानो मैं जन्नत में आ गया होऊँ और मेरा लंड खड़ा हो गया।मैंने फिर भाभी के नाम की मूठ मारी और अपने धड़कते लंड को शांत किया।

जब मैं नहा कर बाहर आया तो मैंने देखा की भाभी तैयार हो चुकी हैं। उन्होंने काले रंग का ब्लाउज़ और साड़ी पहनी है और बिल्कुल अप्सरा लग रही हैं।कुछ ही देर में मैं भी तैयार हो गया और हम जाने के लिए बाहर निकले तो मैंने देखा कि लोग हमें घूर रहे हैं। तो मैंने भाभी को अपनी तरफ़ खींच लिया और उनकी कमर को पकड़ लिया।

भाभी समझ गईं कि मैं ऐसा इसलिए कर रहा हूँ कि किसी को शक ना हो।अब हम जिलाधीश कार्यालय के लिए निकल गए क्योंकि सुबह के 11 बज चुके थे।

जब हम ऑफिस पहुँचे तो मैंने देखा कि वहाँ काफ़ी लोग हैं और हमें जिससे काम था उसका ऑफिस अन्दर था।तो मैंने भाभी से कहा- भाभी आप यहीं पर इन्तजार कीजिए, मैं पता करके आता हूँ!तो भाभी ने कहा- ठीक है!

मैं अन्दर चला गया और मैंने सोचा कि क्यों न एक प्लान बनाया जाए और भाभी को जबरदस्त तरीके से चोदा जाए। तभी मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया, मैं बाहर आया और मैंने कहा- भाभी एक प्राब्लम है!तो उन्होंने पूछा- क्या?तो मैंने बताया- जिस आदमी से हमें काम है वो अभी छुट्टी पर है और अब हमें वो सोमवार को मिलेगा और आज शुक्रवार है!तो भाभी ने कहा- अब क्या करें?

हम यही सोचते-सोचते बाहर आ गए। तभी भैया का फोन आया और उन्होंने कहा- अभी कुछ दिन उनका मोबाइल रोमिंग नेटवर्क के कारण बंद रहेगा, तो मैं उन्हें कॉल करने के लिए परेशान ना होऊँ।उन्होंने जल्दी से फोन कट कर प्रिया। मैं समझ गया कि अब भाभी को चुदने से कोई नहीं बचा सकता।मैंने भाभी को बताया- भैया से अब 10 दिन तक बात नहीं हो सकती!

अब हम सोचने लगे कि क्या करना चाहिए।तभी भाभी ने कहा- हम 3 दिन यहीं रुक जाते हैं। कमरा तो मिल ही गया है और इन 3 दिनों में रायपुर घूमते हैं।

यह सुनकर तो जैसे मेरी बाछें खिल गईं क्योंकि मैं भी तो यही चाह रहा था।अब हम खाना खाकर घूमने निकल गए, ठंड का मौसम था और मज़ा भी आ रहा था।अब शाम हो गई और मैंने कहा- सिनेमा देखने चलते हैं!

भाभी भी यही चाहती थीं और हम ‘हेट स्टोरी’ देखने गए, 6 से 9 का शो था।फिल्म चल रही थी और उसके व्यस्क सीन देखकर तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था। मैंने देखा कि भाभी भी थोड़ी उत्तेजित हो गई थीं। लेकिन मैंने अभी भाभी को स्पर्श भी नहीं किया, क्योंकि मैं आज रात भर भाभी को चोदना चाहता था और मैंने अपने लंड को काबू में रखा।

अब हम होटल आ गए और कमरे में ही खाना मंगा लिया और मैंने कमरा 3 दिनों के लिए भी पक्का कर लिया।हमने खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगे। अब एक ही रज़ाई के अन्दर हमें सोना था।ये सोचकर तो मैं पूरे जोश से भर गया, तभी भाभी बाथरूम से हाथ-मुँह धोकर बाहर आईं और बोलीं- अब हेमन्त तुम भी हाथ-मुँह धो लो.. फिर सोते हैं..!मैंने कहा- ठीक है!

अब जब मैं हाथ-मुँह धोकर बाहर आया तो मैंने देखा कि भाभी ने साड़ी उतार दी थी और सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में थीं और क्या बताऊँ.. उनके गोरे बदन पे काला ब्लाउज और काला पेटीकोट ऐसे लग रहा था जैसे काम की देवी खड़ी हो।तभी भाभी बोलीं- साड़ी पहन कर सोने में दिक्कत होती है इसलिए उतार दी।

और मैंने भी ‘हाँ’ में सिर हिला प्रिया और मैंने भी लोवर पहन लिया और भाभी के बगल में लेट गया।मैंने महसूस किया कि भाभी का बदन बहुत गर्म था और मेरे बदन से स्पर्श हो रहा था। तभी मैं और भाभी आपस में बात करने लगे।

कुछ देर बाद मैंने भाभी से कहा- भाभी आप बहुत सुंदर हो!तो भाभी ने हंस प्रिया और बोलीं- आज ऐसा क्यों बोल रहे हो!तो मैंने कहा- बस ऐसे ही!तभी मैंने पूछा- भाभी आपको फिल्म कैसी लगी।तो भाभी ने कहा- ठीक थी, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हो सकता..!तो मैंने कहा- क्या?तो भाभी ने कहा- यही कि एक औरत बहुत सारे मर्दों के साथ..!और फिर वे चुप हो गईं और मुस्कुरा दीं।

मैंने कहा- भाभी मैं आपको एक ऐसी चीज़ सुनाऊँगा कि आपको विश्वास हो जाएगा!तो उन्होंने तुरंत कहा- क्या?तो मैंने दीदी वाली रिकॉर्डिंग चालू कर दी।दीदी की आवाज़ सुनते ही भाभी बोलीं- ये तो दीदी हैं!तो मैंने कहा- हाँ !और वो और उत्सुकता से सुनने लगीं।

अब दीदी की चुदाई की बातें शुरू हो गई थीं और भाभी पूरे मज़े से सुन रही थीं। तभी मैंने धीरे से अपना एक हाथ भाभी की कमर में डाल प्रिया और पेट को सहलाने लगा, लेकिन भाभी इतनी मग्न थीं कि उन्होंने ध्यान ही नहीं प्रिया, या पता नहीं उनको भी मजा आ रहा था।मैंने देखा कि वो भी गर्म हो रही थीं।

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तभी रिकॉर्डिंग ख़त्म हो गई और मैंने भाभी को अपनी तरफ खींच लिया और जकड़ लिया।तभी भाभी ने कहा- हेमन्त, यह तुम क्या कर रहे हो.. मैं आपकी भाभी हूँ!

तो मैंने कहा- भाभी आज मत रोको.. आज तो मैं आपको चोद कर ही रहूँगा और हाँ… भाभी किसी को पता भी नहीं चलेगा और आप को भी बहुत मज़ा आएगा.. आपने सुना ना कि दीदी किस तरह अपने देवर से चुदवाती हैं और हाँ, यह बात भी तो सही है कि जब साली आधी घरवाली हो सकती है, तो भाभी आधी बीवी क्यों नहीं हो सकती!यह सुनकर भाभी की ‘ना’.. ‘हाँ’ में बदल गई और बोलीं- बस एक बार ही चुदवाऊँगी।तो मैंने कहा- ठीक है!

और अब उन्होंने भी मुझे कस कर जकड़ लिया और हम अब एक-दूसरे को चूमने और चाटने लगे। मैं उनके संगमरमर जैसे बदन को आज जानवरों की तरह लूटना चाहता था।मैंने तुरंत ही उन्हें अपनी बाँहों में लेकर चूमना आरम्भ कर प्रिया और वो भी अब मज़े ले रही थीं।मैंने उनकी चूचियाँ सहलाना शुरु कर दीं। थोड़ी देर बाद उनका ब्लाउज भी उतार प्रिया, भाभी ने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी। मैंने उनको पलंग पर चित्त लिटाया और उनके चूचे चूसने लगा।

अब मेरा लंड पूरी तरह से तैयार था। वो भी गर्म हो चुकी थी, मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए। उन्होंने काली पैन्टी पहनी हुई थी, वो भी उतार दी और अपने भी सारे कपड़े उतार दिए, फिर उन्हें सीधा लिटा प्रिया।अब मैं उनके चूचे चूस रहा था और एक हाथ से उनकी मक्खन जैसी चूत को ऊपर से सहला रहा था।

उनके मुँह से हल्की सी आवाज़ भी आ रही थी- आआ… आअ ऊऊऊऔहह.. बस करो.. हेमन्त आआईईई… बस करो ना..!अब मैंने और तेज़ी से उनकी चूचियों को चूसना शुरू कर प्रिया। उन्होंने अपने एक हाथ से मेरा लण्ड पकड़ लिया और दबाने लगी।मैं उनकी चूचियों को चूसते हुए नीचे की तरफ आया, देखा तो उनकी चूत पर हल्की-हल्की झाँटें थीं, शायद 2-3 दिन पहले ही साफ़ की होंगी।मैं उनकी चूत के चारों तरफ अपनी जीभ फेरने लगा तो वो और मस्त हो गई।

अब मैंने अपनी ज़ुबान उनकी मक्खनी चूत पर फेरनी शुरू की… हाय..क्या बताऊँ.. मुझे कितना मज़ा आ रहा था..!फिर मैंने चूत को चूसना चालू किया तो वो भी अब ऊपर-नीचे हो कर पूरा मज़ा लेने लगी और 10 मिनट बाद वो झड़ गई और उनका सारा पानी मैं पी गया।अब वो मेरा 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा लण्ड हाथ में लेकर कहने लगी- तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है!

वे मेरे लण्ड को अपने हाथ में दबाते हुए मुँह में लेकर चूसने लगी और पूरा लंड अन्दर ले जाती!मैं क्या बताऊँ मुझे कितना मज़ा आ रहा था!आप अपनी भाभी को चोदना फिर पता चलेगा कि कितना मज़ा आता है।

अब मेरे मुँह से भी आवाज़ निकलनी शुरू हो गई- आआआहा मेरी जान.. अहहाआआआअ.. मेरी जान चूसो.. और तेज..अब वो और तेज़ी से मेरे लंड को चूसती जा रही थी, जैसे लॉलीपॉप चूस रही हो।करीब 15 मिनट चूसने के बाद मैं उनके मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गई।

वो कहने लगी- तुम्हारा माल तो बहुत मस्त है मेरी जान.. और तुम्हारे मोटे लण्ड से मेरी चूत को आज मज़ा जाएगा!वो भी मेरे बगल में ही लेट गई और मेरे लौड़े को हाथ में पकड़ कर खेलने लगी। मेरा लण्ड अब उनको चोदने के लिए दोबारा तैयार हो गया।मैंने उन्हें अपना लौड़ा चूसने को कहा तो वो मुँह में लेकर चचोरने लगी।

करीब 10 मिनट चूसने के बाद मैंने उन्हें पैर फैला कर लेटने के लिए कहा, उनकी चूत को अपने थूक से गीला किया और अपना लण्ड  चूत की दरार पर ऊपर-नीचे करने लगा, तो वो कहने लगी- हेमन्त अब डाल भी दो.. अब और इंतजार नहीं हो रहा मुझसे!उनकी तड़प देख कर मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया, जिससे मेरा पूरा 8 इन्च का लंड उनकी चूत में समा गया और वो दर्द से चिल्ला उठीं- उू..ओ मरररर गई… मैं.. तो..!

और मैंने अपना मुँह उनके मुँह पर दबा प्रिया ताकि चीखने की आवाज़ बाहर ना निकले।मैंने देखा कि वो दर्द से तड़प रही है और मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है।अब मैंने आधा लण्ड बाहर निकाला और एक झटके से फिर पूरा अन्दर डाल प्रिया और फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता चोदना शुरू कर प्रिया।

अब उन्हें बहुत मज़ा आने लगा और उन्होंने भी अपने चूतड़ उछालने शुरू कर दिए, जिससे हम दोनों को ही मज़ा आने लगा।अब वो कहने लगी- और ज़ोर से चोदो मेरी जान… फाड़ दो मेरी चूत को देवर जी… और तेज-तेज चोदो..!

मेरी स्पीड अब और बढ़ गई। लगभग 5 मिनट बाद वो झड़ गई, उसकी चूत में से पानी बहने लगा, लेकिन मैं अभी झड़ने वाला नहीं था।मैं अब उनकी चूचियों को भी दबा रहा था और अपने लंड को अन्दर-बाहर भी कर रहा था, जिससे उनको खूब मज़ा आ रहा था- उू..ओ आआआइईईए ह..य.. मेरी जान.. ज़रा ज़ोर से हचक कर चोदो.. बहुत मज़ा आ रहा है.. मुझे आज पहली बार इतना मज़ा आया है… मुझको और ज़ोर से चोदो!

मैंने भी अपनी रफ्तार और बढ़ा दी और वो फिर झड़ गई और उसकी चूत ने सारा पानी बाहर फेंक प्रिया।अब रूम में ‘चफ..चफ’ की आवाज़ आ रही थी।

चुदाई करते हुए मैंने उससे पूछा- मज़ा आया मेरी जान?तो उन्होंने कहा- हाँ.. इतना मज़ा तो तुम्हारे भैया से कभी नहीं आया मेरे को.. क्योंकि वो 4-5 मिनट से ज़्यादा चोद भी नहीं पाते हैं मुझे.. और झड़ जाते हैं।मैं और ज़ोर से भाभी को चोदने लगा।थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे कहा- मैं अब झड़ने वाली हूँ अब मेरे से तो और बर्दाश्त नहीं हो रहा है!मैंने भी अपनी गति बढ़ा दी और वो ;आआहह’ करते हुए झड़ गई।मैंने उनको कहा- मैं भी अब झड़ने वाला हूँ…!

मैंने उन्हें घोड़ी बनने के लिए कहा तो वो घोड़ी बन गई। मैंने अपना लंड उसकी चूत में पेला और ज़ोरदार शॉट मारना शुरू कर दिए और अपने दोनों हाथ उसके चूतड़ों पर फेरने लगा।उनकी गाण्ड का छोटा सा छेद देख कर मेरा दिल उसकी गाण्ड मारने को करने लगा, लेकिन मैं अब झड़ने वाला था, तो मैंने उनसे पूछा- पानी किधर निकालूँ?उन्होंने बोला- मेरी चूत में ही निकाल दो!

मैंने अपनी गति और बढ़ाई और एकदम से उसकी चूत में झड़ गया। मेरे माल की गर्मी ने उनको भी स्खलित कर प्रिया।हम दोनों ही बिस्तर पर नंगे ही एक-दूसरे से चिपक कर लेट गए।करीब 20 मिनट के बाद हम उठ कर बाथरूम गए, वहाँ मैंने अपने लंड को साफ़ किया और  भाभी की चूत को भी साफ़ किया और वापस आकर बिस्तर पर लेट गए और बातें करने लगे।उस रात को 3 बार और मैंने भाभी को चोदा।

अगले 3 दिन मैंने भाभी को इतना चोदा जितना शायद भैया भाभी को 3 महीने में भी ना चोद पाते और अब घर पर जब भी हमें मौका मिलता है, मैं अपनी भाभी को चोदता हूँ।आप सभी के सामने मैंने अपनी भाभी की चुदाई की इस सच्ची कहानी को लिखा है और उम्मीद करता हूँ कि आपको पसंद आई होगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।support@mohakkisse.com

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साली आधी घरवाली, देवर आधा पति क्यों नहीं

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