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चाची की चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 736 बार

सोनी मौसी की चूत चुदाई-2

आशीष कुमार power

08 Jan 2014 को प्रकाशित

सोनी मौसी की चूत चुदाई-2
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वो मेरे से सट कर सोने लगीं.. उनकी चूचियाँ मेरी पीठ में टच हो रही थीं.. और मुझे लग रहा था कि उन्होंने ब्रा नहीं पहनी है। मुझे उनके चिपकने से बहुत नरम और मुलायम सा महसूस हो रहा था और चूचियाँ भी ज्यादा ही हिल रही थीं।

वो सोने लगीं.. उनका पैर मेरे ऊपर था.. तो मुझे लगा कि उनके पैर पर नाईटी नहीं है.. तब मुझे ब्लू-फिल्म के सीन याद आने लगे और मेरा लंड खड़ा होने लगा।तभी उन्होंने दूसरी ओर करवट ली और सोने लगीं.. लेकिन इतनी देर में उन्होंने मेरा नींद को उड़ा दिया था.. वो भी पूरी थकी हुई थीं और उन्हें भी नींद आने लगी..

कुछ देर बाद मैं उनकी ओर घूम गया और मेरा लंड उनकी गाण्ड में टच करने लगा। वो तो समझ रही थीं कि उनके साथ मौसा जी हैं।

यह सोचकर वो मेरी ओर को और अधिक खिसक आईं और तब मेरा लंड उनकी गाण्ड में और भी अच्छे से एड्जस्ट हो गया। अब मैं धीरे-धीरे हिलने लगा.. और करीब 5 मिनट के बाद वो धीरे से बोलीं- कल कर लेना जी.. आज बहुत नींद आ रही है..

अब आगे..

लेकिन मैं तो कुछ बोल नहीं सकता था इसलिए चुप रहकर लण्ड हिलाता रहा।

इसके बाद मैं भी गरम होने लगा और मेरे मन ने भी कुछ करने का इरादा कर लिया.. लेकिन फिर मैंने सोचा कि ऐसा क्या करूँ कि उन्हें पता भी ना चले.. और मैं उनके साथ चुदाई भी कर लूँ।तब मैं उल्टा होकर सो गया और फिर मैंने सीधे ही उनकी नाईटी ऊपर को कर दी और पेट पर चढ़ा दी.. और उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा.. क्योंकि मुझे पता था कि वो सोचेंगी कि ये सब तो मौसा जी कर रहे हैं।

तभी वो फिर से बोलीं- कल कर लेना यार.. अभी नींद आ रही है।लेकिन मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर उगे झांट के बालों पर चलाने लगा.. तो वो बोलीं- ठीक है.. आज ऊपर से ही कर लो.. मैं सो रही हूँ।

तब मैंने उन्हें सीधा लिटा दिया और उनके पैर फैला दिए और अपनी एक उंगली उनकी चूत में घुसा दी और आगे-पीछे करने लगा। करीब दस मिनट के बाद वो भी गीली होने लगीं.. लेकिन उन्हें बहुत नींद आ रही थी और इसी कारण से वो साथ नहीं दे रही थीं।तब मैंने चूत को चाटने का सोचा और दोनों हाथों से चूत फैला कर उसमें अपनी जीभ लगा कर चाटने लगा।

शायद मौसा जी ने कभी चूत नहीं चाटी थी.. और ना ही सोनी मौसी ने लंड चूसा था.. लेकिन मैं चुपचाप उनकी चूत चाटे जा रहा था। थोड़ी देर में उन्हें भी मज़ा आने लगा और वो आधी नींद में मज़ा लेने लगीं.. लेकिन अभी भी वो पूरी तरह से सेक्स के लिए तैयार नहीं थीं।

लेकिन मैं पूरी तरह से पहली चुदाई के लिए तैयार हो चुका था। करीब पन्द्रह मिनट के बाद मेरा लंड पैन्ट में अकड़ रहा था और मैंने सोचा कि वो जाग जाएँ इससे पहले उन्हें चोद कर ऊपर जाकर सो जाऊँगा.. इस कारण से मैंने अब देरी ना करते हुए अपना पैन्ट खोल कर नंगा हो गया.. उनकी चूत तो गीली थी ही… मैं उठा और चूत पर लंड रख कर मैंने एक धक्का लगा दिया.. जिससे मेरा लंड उनकी चूत में दो इंच अन्दर चला गया।

वो धीरे-धीरे ‘आआआ.. आआअहह..’ करने लगीं.. क्योंकि उन्हें लग रहा था कि मैं ऊपर बिस्तर पर सोया हुआ हूँ.. और तेज आवाज से मैं जग सकता हूँ।

चूंकि वो शादीशुदा थीं और चूत पूरी तरह से गीली थी इसलिए ना मुझे और ना उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही थी.. लेकिन उनकी चूत में मेरा लवड़ा घुसते ही उन्होंने फुसफुसा कर कहा- आज तुम्हें क्या हो गया है.. तुम्हारा लंड भी आज ज्यादा लंबा और मोटा लग रहा है।

लेकिन मैं चुपचाप उन्हें चोदने में लगा था.. मेरा लंड तो तैयार बहुत देर से था।चूंकि यह मेरा पहली बार था.. इसलिए मैं 5 मिनट में ही उनकी चूत में ही झड़ गया.. वैसे वो मुझसे पहले ही झड़ गई थीं.. क्योंकि मैंने बहुत देर उनकी चूत में उंगली की थी.. इसलिए.. वरना शायद वो इतनी जल्दी नहीं झड़तीं।

झड़ जाने के बाद मैं उनके बगल में सो गया और वो बाथरूम जाने के लिए उठीं.. तब मौसा जी नींद में ही बोले- सोनी एक गिलास पानी देना..

तो वो चौंक गईं कि ये आवाज़ तो ऊपर बिस्तर से आ रही है.. वे कुछ नहीं बोलीं और जाकर एक गिलास पानी लेकर आईं.. तब तक मैंने अपना पैन्ट पहन लिया था और नीचे ही सोया हुआ था।

तभी उन्होंने अचानक लाइट ऑन कर दी और मुझे नीचे देखा और मौसा जी को ऊपर.. तो उनके होश ही उड़ गए।मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थीं।फिर उन्होंने मौसा जी को पानी दिया और लाइट ऑफ करके ऊपर ही लेट गईं।अब तक मौसा जी की नींद कुछ पूरी हो गई थी.. इसलिए वे पानी पीने के बाद मौसी को बिस्तर पर चोदने लगे।

ऐसा मुझे उनकी ‘आहें’ सुनकर लगा।

मौसी बोलीं- कल चोद लेना.. अभी आशीष नीचे सोया है।तो मौसा ने कहा- वो थक कर सोया हुआ है.. उसे पता भी नहीं चलेगा.. बस तुम चीखना मत..

मौसा धक्के पर धक्का देने लगे और मौसी की ‘आ से आहा..’ तक की चीख निकलती रही और मौसा ने अपना पानी गिरा कर ही दम लिया..ऐसा मुझे लगा..

फिर मैं सो गया.. सुबह मुझे अनु को लेकर 8 बजे जाना था.. तो मैं सुबह उठा और अनु को एक्जाम सेंटर छोड़ने चला गया।रात की घटना के बाद.. सुबह मैं मौसी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था।

जब मैं अनु को एक्जाम सेंटर छोड़ कर घर आया.. तो 9.30 बज चुके थे.. मौसी ने दरवाजा खोला और खोल कर रसोई में काम करने चली गईं।

मैं उनसे नज़रें नहीं मिला पा रहा था। मैं कमरे में जाकर लेट गया… तभी वो चाय लेकर आईं और रख कर चली गईं।

मैंने चाय पी ली और कप रखने रसोई में चला गया.. फिर मैंने हिम्मत करके कहा- मौसी आप मुझसे बात क्यों नहीं कर रही हो?

जब वो कुछ नहीं बोलीं.. तो मैंने फिर कहा- रात में जो भी हुआ.. वो ग़लती से हो गया.. आपने मेरे ऊपर जब पैर रखा और आपकी ब्रेस्ट.. मेरी पीठ से सटीं.. तो मेरे अन्दर उफान उठ गया.. मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ।

तो वो बोलीं- मुझे तो पता ही नहीं था कि वहाँ तुम सोए हुए हो.. लेकिन तुम्हें तो पता था.. और अगर तुम चाहते तो ये ग़लती हमसे नहीं होती..

तो मैंने कहा- हाँ.. मुझसे ग़लती हो गई.. लेकिन मैं क्या करता.. मुझे हर समय सेक्स करने का मन करता रहता है.. और ऐसे में मैं अपने आपको रोक नहीं पाया.. इसलिए प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो ना.. मौसी..तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और काम करती रहीं।

मैं बार-बार ‘सॉरी’ बोलता रहा.. तो दस मिनट के बाद उन्होंने मुझसे कहा- जो हुआ सो हुआ.. लेकिन अब इस बात का पता किसी को नहीं चलना चाहिए..तो मैंने वादा किया.. तब उन्होंने कहा- ओके बाबा.. चलो माफ़ किया..

इतना सुनते ही मैं झट से उनके गले से लग गया और उनके गाल पर चुम्बन करते हुए कहा- थैंक्स मौसी..तो वो मेरी इस हरकत पर मुझे देखती ही रह गईं और कुछ नहीं बोलीं।फिर वो रोटी बनाने लगीं और मैं वहीं खड़ा रहा।

फिर हमारे बीच बातचीत होने लगी.. तो कुछ देर बाद मैंने कहा- मौसी कल रात के बाद मुझे बड़ा आराम मिला और सुकून भी.. मुझे लग रहा था कि मैं स्वर्ग में पहुँच गया होऊँ.. मौसी एक बात बोलूँ?तो वो बोलीं- क्या?मैंने कहा- क्या एक बार हम रात वाला काम फिर से कर सकते हैं?तो मौसी मेरी ओर घूम कर गुस्से में बोलीं- तुम्हारा दिमाग़ तो खराब नहीं हो गया है..

तभी मैंने बेशर्मी दिखाते हुए.. सोनी मौसी की चूचियों को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।तो उन्होंने मुझे ज़ोर से 2-3 झापड़ मार दिए।

मेरी इस कामरस से भरपूर कहानी को लेकर आपके मन में जो भी विचार आ रहे हों.. प्लीज़ ईमेल करके जरूर बताइएगा।कहानी जारी है।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

चिराग शिल्पा

3 days ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

बी. हुसैन

2 weeks ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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