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माँ की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 418 बार

सौतेली मां और बेटे की वासना का खेल- 1

भाभिल

27 Dec 2014 को प्रकाशित

सौतेली मां और बेटे की वासना का खेल- 1
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स्टेप मदर सेक्स कहानी मेरी अपनी है. मैं अपनी सौतेली मां को मस्त चोदने लायक माल की नजर से देखने लगा था. एक रात हम दोनों एक ही बेड पर सो रहे थे.

दोस्तो, मेरा नाम विशाल है और मैं भोपाल का रहने वाला हूँ. मैं दिखने में थोड़ा सांवला हूँ और मेरी हाइट 5 फुट 9 इंच है. शरीर कसा हुआ है. मेरी उम्र 26 साल की है.

मेरी पढ़ाई हो चुकी है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में काम करने लगा हूँ.

मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा, दो बहनें और हम दो भाई हैं.मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है और मैं अभी कुंवारा हूँ. अपने छोटे भाई के साथ कॉलेज में पढ़ता हूँ. मेरे पापा सरकारी कर्मचारी हैं. मेरी माँ की मृत्यु के बाद मेरे पिता ने दूसरी शादी कर ली थी. अब जो मेरी माँ है, वो मेरी सौतेली माँ है.

मेरी मां का नाम रज्जी है, उनकी उम्र 44 साल है. वो दिखने में एक नार्मल शादीशुदा आम औरत की तरह हैं. गदराया हुआ शरीर है. मम्मे सामन्य हैं. रंग गोरा है.

इससे पहले मैंने अपनी मां को सेक्स की नजर से कभी नहीं देखा था.लेकिन मां बेटे की चुदाई की कहानियों को पढ़ने के बाद मैं मां के साथ सेक्स करने की सोचने लगा और अपनी सौतेली मां को एक मस्त चोदने लायक माल की नजर से देखने लगा.

अपनी पढ़ाई खत्म करके मैं घर में ही रहने लगा था और जॉब करने लगा था.

जॉब लग जाने के बाद मैं अपनी मां को चोदने के बारे में कुछ ज्यादा ही सोचने लगा था.

एक दिन काम से आकर मैं फ्रेश होकर हॉल में बैठा था.तभी मां ने चाय लाकर दी.

मां ने मुझसे कहा- चाय पीकर मेरे साथ बाजार चल … कुछ सामान लेना है.मैंने कहा- ठीक है.

मैं हॉल में बैठा था, मां सामने के रूम में अपने कपड़े बदलने चली गईं. उन्होंने पर्दा लगाकर कमरे की लाइट ऑन कर ली.

मां घर में ज्यादातर मैक्सी ही पहने रहती थीं.

मां ने पर्दा लगाया लेकिन वो पूरी तरह लगा नहीं था. मैं सामने बैठ कर उनको देख रहा था. ये बात उनको पता नहीं थी.

मां ने मैक्सी उतारी और अलमारी में से पहनने के लिए कपड़े देखने लगीं.

मैंने मां को पहली बार ब्रा पैंटी में देखा था.मेरी मां ने सफेद रंग की ब्रा और पीले रंग की पैंटी पहनी हुई थी.

मां का पेट थोड़ा बाहर आया हुआ था. मैं मां के इस सेक्सी रूप को को देखे जा रहा था.

चूंकि मेरी मां के बूब्स नार्मल साइज के थे और लटके हुए थे. उनके शरीर पर फैट था.

मेरी मां का जो अंग मुझे सबसे ज्यादा उत्तेजित कर रहा था, वो मां की बगलें थीं.उनकी बगलों में हल्के हल्के काले बाल थे. वो मैंने मां को मैक्सी निकालते समय देखे थे.

मां ने एक चॉकलेटी ड्रेस निकाली और पहनने लगीं.अचानक वो घूम गईं और उन्होंने देखा कि मैं उन्हें पर्दे में से देख रहा हूँ.

उन्होंने कुछ रियेक्ट नहीं किया और पर्दा अच्छे से फैला प्रिया.पर्दा सरकाते टाइम उन्होंने हाथ ऊपर करके पर्दा बंद किया था … इस कारण मुझे उनकी एक बगल फिर से दिखाई दे गई थी.

मैं बेहद उत्तेजित हो गया था. मेरा लंड जींस में खड़ा हो गया था.

कुछ देर बाद मां कपड़े पहन कर बाहर आ गईं और मुझे देख कर बोलीं- हो गया तेरा?मैंने कहा- हां.

मां उस ड्रेस में बढ़िया माल लग रही थीं. उनका भरा हुआ बदन और उनकी गांड एकदम चौड़ी थी.

मैं उन्हें बाइक पर बिठाकर बाजार ले गया.

कुछ देर बाद मैं मां को घर वापिस ले आया.

उस समय घर पर भाई और पापा सब आ चुके थे.

मां फिर से अपने काम में लग गईं और में अपने कमरे में चला गया.

अब मैं मां को पटाने के बारे में सोचने लगा.

दूसरे दिन मौसी का कॉल आया कि उनकी बेटी की अगले हफ्ते शादी है, सभी को आना है.

पापा कुछ नहीं बोले.

फिर पापा ने सबसे पूछा कि शादी में कौन कौन चल रहा है.चूंकि मेरा अभी नया नया काम लगा था, तो मैंने कह प्रिया कि मुझे छुट्टी नहीं मिलेगी.

पापा ने मां से पूछा कि तुम चलोगी?मां ने कहा कि मुझे ट्रेवलिंग से प्रॉब्लम होती है. मैं विशाल के साथ रुक जाती हूँ.

बात फाइनल हो गई कि मैं और मां घर रुकेंगे और बाकी सब लोग मौसी के घर शादी में जाएंगे.

फिर उन सभी के जाने का दिन आ गया.

दोस्तो, यही वो हफ्ता था, जिसने मेरी जिंदगी बदल दी थी.

अब एक हफ्ते के लिए मेरे पापा और मेरे दोनों भाई मौसी के यहां शादी अटेंड करने जाने वाले थे.

उनकी गाड़ी सुबह की थी. मैं और मां उन सभी को स्टेशन छोड़कर घर पर वापस आ गए.

हमारी रोज की तरह दिनचर्या चली. फिर रात को खाना खाने के बाद मां ने मेरा और खुद का बिस्तर हॉल में ही लगा लिया.

हम दोनों रात को सो गए.

उन दिनों बारिश का मौसम था. रात को करीब डेढ़ बजे बारिश चालू हुई.हॉल में मेरे बिस्तर पर पानी गिरने लगा.

बिस्तर पूरा भीग गया था तो मेरी आंख खुल गई. मैंने बिस्तर साइड में किया और इस आहट से मेरी मां भी उठ गईं.

मां ने बोला कि अभी उस पर मत सो. तुम मेरे पास लेट जाओ.मैंने कहा- ठीक है.

मैं रात में बिना कपड़े के ही सोता हूँ, सिर्फ हाफ पैंट पहने रहता हूँ.

मैं मां के पास लेट गया. मां मेरी तरफ पीठ करके लेट गईं. मैं मां के साथ के उनकी चादर में ही घुस गया और उनसे सट कर सोने लगा.

मुझे नींद नहीं आ रही थी. हॉल में लाइट बंद थी.

मां ने मैक्सी पहनी हुई थी. मां बिस्तर छोटा होने की वजह से मेरे साथ चिपकी हुई थीं.

मैं मां की गांड को अपने लौड़े पर सैट करके सोने लगा.थोड़ी देर के बाद मेरी आंख लग गई.

फिर कुछ देर बाद मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि मेरा बुल्ला टाइट हो गया था.मैं लंड से बुल्ला कहता हूँ. आप भ्रमित न हों.

मेरा लंड नाईट पैंट में से उभरा हुआ था और मां की गांड पर सैट था.

मैंने थोड़ा साइड में सरक कर देखा, तो मां सोई हुई थीं और मुझे गर्मी लग रही थी क्योंकि थोड़ी बारिश के कारण लाइट चली गई थी.मैंने मोबाइल में टाइम देखा तो 2:30 बजे हुए थे और मां गहरी नींद में सो रही थीं.

मैं चादर में ही मोबाइल खोलकर आवाज म्यूट करके पोर्न देखने लगा.उसके कारण मेरा बुल्ला और बड़ा हो गया.

मैं मोबाइल रख कर पहले जैसे मां से सटकर सोने लगा.

मैंने लंड मां की गांड के बीच में सैट किया और डरते डरते मां के पेट पर हाथ रख प्रिया.

हाथ रखते ही मुझे मां का पेट नर्म लगा और मैं उसे भींच कर सोने लगा.पर स्टेप मदर सेक्स के विचारों के कारण मुझे नींद नहीं आ रही थी.

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फिर मैंने अपना मुँह मां की पीठ के पीछे की तरफ से उनकी मैक्सी के खुले हिस्से पर रखा और एक गहरी सांस ली.जिसके कारण मुझे मां के पसीने की महक आई.इससे मैं और भी उत्तेजित हो गया और मेरा बुल्ला अब और ज्यादा फड़ फड़ करने लगा.

मैंने लंड बाहर निकाला और मां की गांड पर सैट कर प्रिया.

इस बार मैं बिना डरे झटके मारने लगा.

मेरा एक हाथ मां के पेट पर था और मेरे झटके अचानक से इतने तेज हो गए कि मेरे मुँह से सिसकारियां और गर्म सांसें मां की पीठ पर लगने लगीं.

मेरे झटकों से मेरी मां हिलने तक लगी थीं.इसी वजह से अचानक से मां की आंख खुली और वो एकदम से मुझसे अलग हो गईं.

फिर उठ कर खड़ी हो गईं.

मैंने जल्दी से मोबाइल का फ़्लैश ऑन किया, तो मां मुझे घूर रही थीं,

मुझे जागा हुआ देख कर मां कहने लगीं- ये तू क्या कर रहा था. पागल हो गया है क्या … मैं तेरी मां हूँ और तू मुझसे ही ये सब कर रहा है. कितना नीच है तू!मैं- सॉरी मां, गलती से हो गई.

मैं उठ कर खड़ा हो गया और मां से बोला- मुझे माफ कर दो मां, मुझसे गलती हो गई.मां के सामने मैं हाथ जोड़ने लगा.

फिर किसी तरह मैंने मां को मना लिया.

वो लेट गईं और थोड़ी देर में गहरी नींद में सो गईं.मैं दीवार के पास एक कोने में बैठ कर सो गया.

करीब 4:30 बजे मां ने मुझे आवाज दी.इससे मेरी आंख खुल गई.

उन्होंने मुझसे मोबाईल का फ़्लैश चालू करके मांगा.मैंने उन्हें दे प्रिया.

अभी भी लाइट नहीं आई थी, इसलिए अंधेरा था.

मां उठ कर जाने लगीं.

मैंने कहा- आप कहां जा रही हो मां?मां- टॉयलेट.

मैं फिर से सो गया.

थोड़ी देर बाद मां ने मुझे आवाज दी- विशाल.

मेरी आंख खुल गई और मैंने उनकी तरफ देखा.

मां मुझसे बोलीं- ये ले अपना मोबाइल.

मैंने मोबाइल ले लिया और टाइम देखा, उसमें 5 बज रहे थे.

मां ने मुझसे पूछा.

मां- तू रात में क्या कर रहा था?मैं- कुछ नहीं मां, मुझसे गलती हो गई.

मां- तू एकदम नीच हो गया है.वो बिस्तर पर बैठ गईं और मुझसे बोलीं- इधर आ मेरे पास.

मैं उनके पास गया तो मुझे मेरी मां फ़्लैश लाइट की रोशनी में साफ़ दिख रही थीं. उनके पूरे बाल खुले थे.

मैं पास जाकर उन्हें देखने लगा, मगर कुछ नहीं बोला.

मां- मैं एक बात बोलूं, तुम किसी से कहना मत!मैं- बोलो मां.मां- कुछ नहीं, सो जा.मैं- बोलो ना मां.

वो कुछ नहीं बोलीं, वो बस मेरा हाथ अपने हाथ में लेकर उंगलियों में उंगलियां फंसा कर मेरा हाथ मसलने लगीं.

मां थोड़ी तेजी से सांस लेने लगी थीं.मैं बस फ़्लैश लाइट में उनको देखता रहा.

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है.

थोड़ी देर बाद मैं समझ गया कि मां को क्या कहना था.

मैंने मोबाईल का फ़्लैश चालू रख कर उसे दीवार से टिका प्रिया ताकि रूम में थोड़ा उजाला हो जाए.

मां मेरा हाथ छोड़कर लेट गईं और उन्होंने अपने दोनों पैर थोड़े से खोल दिए.वो मेरी तरफ देखने लगीं और जोर जोर से सांसें लेने लगीं.

मैं समझ गया कि मां क्या चाहती हैं. मैं ये सोचते ही गर्म होने लगा और कुछ ही पल बाद मेरा बुल्ला फिर से टाइट हो गया.

मैं मां को देखते हुए बोला कि करूं!मां ने जोरों से सांस लेते हुए हां का इशारा कर प्रिया.

मैं मां के दोनों पैरों के बीच में जाकर बैठ गया और मां की मैक्सी और पेटीकोट ऊपर कर प्रिया.

मां अपने दोनों हाथ ऊपर करके पड़ी रहीं.उन्होंने कुछ विरोध नहीं किया.वो मेरी आंखों में देख रही थीं.

मैं उनकी पैंटी निकालने लगा तो वो थोड़ी सी कमर उठा कर मुझे सहयोग करने लगीं.

ये सब फ़्लैश लाइट में हो रहा था.

मैंने कुछ ही पलों में अपनी मां की पैंटी निकाल दी और उनके सिरहाने रख दी.

अब मैं उनकी टांगों के बीच में आ गया और अपनी नाइट पैंट निकाल कर उनके दोनों पैरों के बीच में बैठ गया.

मैं मां से बात कर रहा था लेकिन मां मुझे जवाब नहीं दे रही थीं.

हालांकि वो मेरा कहना मानती जा रही थीं.

दोस्तो ये उस वक्त इतना जल्दी जल्दी हुआ कि मैं आपको बता नहीं सकता.

मैं- पैर खोल दो मां.मां ने अपने दोनों पैर चौड़ा दिए.

मैं अपना बुल्ला हाथ में लेकर मां की चूत का छेद खोजने लगा लेकिन मुझे चुत का छेद नहीं मिल रहा था.मैंने एक दो बार चुत में लौड़ा डालने की कोशिश की, लेकिन लंड अन्दर नहीं गया.मेरा बुल्ला एक नार्मल इंसान जितना ही है.

मैंने मां से कहा- फ़्लैश दिखाओ मां, मुझे छेद नहीं दिख रहा है.

लेकिन मां ने फ़्लैश की रोशनी नहीं डाली. इसकी जगह उन्होंने मेरा बुल्ला अपने हाथ में लिया और उसे अपनीचूत के छेदपर रख कर रगड़ने लगीं.तो मैं समझ गया कि सही छेद यही है.

मैं थोड़ा सा मां पर झुका और एक झटका लगा प्रिया.मेरा बुल्ले का सुपारा मां की चूत में घुस गया.

दोस्तो मेरी मां ने अपनी सहमति से मेरे साथ चुदवाना स्वीकार कर लिया था.

इस मदहोश कर देने वाली सेक्स कहानी में आगे मैं अपनी मां की चुदाई की कहानी को विस्तार से लिखूंगा. आप मुझे मेल करना ना भूलेंsupport@mohakkisse.com

स्टेप मदर सेक्स कहानी जारी है.

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सौतेली मां और बेटे की वासना का खेल

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