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Group Sex Story पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 941 बार

तीन बुड्डों ने मेरी चूत की सील तोड़ी-9

अंकिता सिंह नॉटी

23 Aug 2023 को प्रकाशित

तीन बुड्डों ने मेरी चूत की सील तोड़ी-9
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Teen Buddon Ne Meri Seal Todi-9

तीन बुड्डों ने मेरी चूत की सील तोड़ी-8

‘दादा जी आपके लण्ड की कसम.. आज तक में एक बार भी नहीं चुदी हूँ.. ना मैंने आज तक ऐसे लण्ड देखे हैं न छुए हैं.. हाँ.. एक बार एक मेरे मामा ने सोते में मेरे मम्मों को दबा कर मेरी सलवार के ऊपर से ही अपना लण्ड रगड़ा था। मैं तो उस दिन भी चाहती थी वो सब करें.. मुझे चोद डालें.. पर वो गांडू मामा ऊपर ही से कपड़ों में अपना रस गिरा कर चला गया था.. मैंने आँख तक नहीं खोली थी। वो सोचते थे कि मैं जगी ही नहीं.. मुझे कुछ नहीं पता चला… बस उसके अलावा आज तक लण्ड को नहीं जानती हूँ.. ये पहली बार है.. अभी जब घुसेगा तो देख लेना.. आप मर्दों को वैसे ही पता चल जाता है।’

इतने मे जॉन्सन अंकल ने मेरी दोनों टाँगें फैला दीं और मेरी चूत में अपनी जीभ लगाकर चाटने लगे और बोले- साली बहुत चुदासी है.. हर बार गीली हो जाती है निकी.. तेरी चूत.. अब ले निकी.. लण्ड पेल रहा हूँ.. आज तू मेरी दीवानी हो जाएगी.. पर बहुत दर्द झेलना पड़ेगा… तब ही तुझे पूरा मज़ा मिलेगा।

मैंने कहा- बिना सोचे घुसा दो अंकल.. मुझे तो बस आपका लौड़ा अपनी चूत में घुसवाना है.. मेरा चाहे जो भी हो…

तो बोले- ठीक है.. ले निकी.. अब मेरा लण्ड तेरी चूत में जा रहा है।

उन्होंने मुझे कमर से पकड़ कर मेरी चूत में लौड़े का टोपा रखा.. जैसे ही लण्ड का ऊपरी टोपे ने मेरी चूत को छुआ.. जाने मुझे अब क्या हुआ कि मैंने ज़ोर से बोला- ओहह.. कुत्ते.. ऊह.. अब घुसा भी दे.. अहह.. डाल अपना पूरा लण्ड.. एक ही बार में कम ऑन अंकल.. फक मी उहह…

अंकल का गरम लेकिन बहुत बड़ा हाथ जितना मोटा लण्ड.. आज 18 साल में पहली बार मेरी चूत में जा रहा था। जबकी मैं तो कब से रातों को लण्ड के लिए तड़पी थी.. अहह…

अब दूसरे अंकल मेरे सीने के ऊपर बैठ गए.. और मेरे दोनों मम्मों को ज़ोर से दबाने लगे.. उनका लण्ड मेरे मम्मों को चूम रहा था।

तभी बोले- निकी मैं तेरे मुँह में डालने से पहले आज तेरे मम्मों की जम कर चुदाई करूँगा…

मैं एक साथ तीन लौड़ों से चुदाई की अर्चना से और उत्तेजित हो गई।

मैंने एक बार मम्मों की चुदाई होते ब्लू-फिल्म में देखी थी.. तब से मैं भी सोचने लगी थी।

अब अंकल ने मेरे दोनों मम्मों को पकड़ कर और दोनों हाथों से दबा कर उसके बीच में अपना लण्ड घुसाने को रखा, उन्होंने मेरे मम्मों को बिल्कुल चूत जैसा बना प्रिया और अपने लण्ड को मेरे दोनों मम्मों के बीच में रखने से पहले थूक लगा प्रिया…

अब एक लण्ड मेरे मम्मों में दूसरा मेरी गाण्ड में और तीसरा चूत के मुहाने पर रखा हुआ था।ओह्ह.. मुझे कुछ होश ही नहीं था.. मैं तो बस पागल हुए जा रही थी.. उत्तेजना के मारे मरी जा रही थी।मैं अब मन से तैयार हो चुकी थी तीनों लौड़े एक साथ घुसवाने को.. उनसे चुदवाने को.. आह.. तीनों लौड़ों से.. मेरे जिस्म के अब चीथड़े होने वाले थे और मैं खुद ऐसा करवाने को राजी थी।

अब दादा जी बोले- पहले आराम से घुसड़ेना.. अगर सच में पहले से चुदी नहीं होगी निकी.. तो ये दर्द के मारे मर ही जाएगी.. इसकी चूत कहीं फट ही ना जाए.. खास तौर पे तू जॉन्सन.. ध्यान रखना तू इसकी चूत में घुसा रहा है और तुझे मालूम है.. तेरा बहुत बड़ा और मोटा लण्ड है.. इसलिए धीरे-धीरे डालना।

इतने में जॉन्सन अंकल बोले- मरने दो साली को.. इसको हमारे लण्ड की मर्दानगी भी तो देखनी है.. निकी की चूत तो आज मैं फाड़ दूँगा.. वैसे ये जैसे फूली और लसलसा रही है न.. इससे ये तो पक्का है.. साली ने पहले भी चुदवाया हुआ है.. इसलिए डरने की बात नहीं है.. वो तो सभी लड़की बोलती हैं कि मैं पहली बार चुदवा रही हूँ.. और मैं कुँवारी हूँ.. जब लौड़ा अन्दर डालो तो पता चलता है.. सील टूटी पड़ी है.. और देखो न.. इसकी बातों से भी लगता है न.. कि न जाने कितनों से ग्रुप में चुदी होगी। श्रीवास्तव.. आपकी ये निकी.. पूरी छिनाल है साली.. भले उम्र कम हो उससे क्या होता है…

मैंने कहा- अंकल ये तो तुम्हारा आज पहला लण्ड है.. जिसने मेरी चूत को टच किया है और सच में मैंने अभी तक किसी से भी नहीं चुदाया है.. अभी जब अपना मूसल घुसाओगे.. उसके बाद बात करूँगी मैं.. तुम तो डालो.. जो होगा मुझे होगा.. तू डाल दे.. जितना दम हो…

इतने में दादा जी बोलो- ले निकी.. अब तेरी तो.. फटी.. और वे जोर से बोले-सब घुसाओ रे एक साथ.. ज़ोर से…

जैसे ही एक साथ मेरे अन्दर तीनों लण्ड घुसे.. एक गाण्ड में एक मम्मों के बीच में और तीसरा मेरी नन्हीं सी चूत में… मेरी चूत में तो जॉन्सन अंकल ने अपना लण्ड पूरी ताक़त से घुसा प्रिया था.. तो मुझे ऐसा लगा कि मैं बेहोश हो गई।

मैं दर्द के मारे ज़ोर से चिल्लाई- ऊह्ह्ह.. म.म.मम्मी.. छोड़ दो मुझे.. मैं.. म..मर.. जाऊँगी.. ओह…और मैं जोर से बुक्का फाड़ कर रोने लगी.. चीखने लगी।

‘ओह बचा लो कोई.. मुझे.. आहह.. मम्मी.. मम्मी…’

मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि तभी और मेरी चूत में अंकल ने एक ज़ोर से झटका मारा.. तो ‘छररर’ से फटने की आवाज़ सी आई और दादा जी बोले- अबे राक्षस.. सच में तूने निकी की चूत फाड़ दी क्या.. बहन के लौड़े आराम से लण्ड डाल.. देख निकी कैसे चिल्ला रही है….

मैं और डर कर रोने लगी- ओह छोड़ हरामी…

उधर मेरा हाथ दूसरे अंकल ने पकड़ रखा था.. दोनों हथेलियों से अपनी जकड़ बना ली थी।

मैं दर्द के मारे बुक्का फाड़ रही थी.. यूँ समझ लीजिए कि बस मेरी जान नहीं निकल रही थी।

इतनी में जॉन्सन अंकल बोले- क्यूँ निकी.. अब क्यूँ चीख रही है साली.. अभी तो तेरी चूत में मेरा आधा लण्ड ही घुसा है.. असली मर्द हूँ कि नहीं.. और तू तो सच में कुँवारी कली निकली निक्की.. तेरी सील बस टूटने ही वाली है। तेरे जैसा इतना मस्त माल मैंने अपनी जवानी में भी नहीं चोदा निकी… क्या टाइट कुँवारी चूत है तेरी.. आअहह.. बहुत ही मस्त है तू निकी.. अभी और अन्दर घुसेड़ रहा हूँ.. चिल्ला साली.. जितना चिल्लाना हो.. पर अब पूरा घुसने के बाद तुझे उतना ज्यादा मज़ा भी आएगा…

ऐसा कहते हुए.. ज़ोर से पूरी ताक़त लगा कर उन्होंने अपना लण्ड मेरी चूत में घुसा प्रिया।

इस बार सीधे झिल्ली पर चोट हुई और ज़ोर से चूत फटने की आवाज़ आई। मुझे ऐसा लगा कि मैं मर गई हूँ… इतना दर्द हुआ… कि मैं ज़ोर से चिल्लाई- ओह.. फाड़ प्रिया रे.. मार डाला मुझे.. ओह्ह.. मम्मी कोई तो बचा लो.. ये कमीना मार डालेगा मुझे…

मैं बेहोश सी हो गई.. दो मिनट तक तो कुछ समझ में ही नहीं आया।

तभी दादा जी बोले- निकी.. निकी.. क्या हुआ?

सच में मैं सुन्न हो गई थी।

तभी दादा जी ने कहा- अबे हरामी क्या किया तूने जॉन्सन.. साले मरवाएगा क्या.. जब तुझे मालूम हो गया था कि ये कुँवारी है.. तो तुझे आराम से डालना था….

तभी जॉन्सन अंकल बोले- ओह माय गॉड क्या माल है निकी.. ये टूट गई इसकी सील.. आज तक मैंने इतनी मस्त चूत नहीं चोदी.. आह्ह निकी.. जैसी इतनी टाइट.. इतनी कसी चूत कभी नहीं चोदी.. ये तो मेरी जीवन बना गई है.. इस उम्र में मुझे इतना मस्त माल मिलेगा..

‘थैंक गॉड…’ फिर मुझे थोड़ा सी राहत सी मिली.. क्यूँकि जॉन्सन अंकल कुछ देर के लिए वहीं पर रुक गए थे।

मुझे थोड़ा राहत सी मिली.. तो मैंने सिसकते हुए पूछा- आह्ह… क्या हुआ.. सच में मेरी चूत फाड़ दी क्या.. अब क्या होगा.. डॉक्टर के पास तो नहीं जाना पड़ेगा.. मेरे पापा-मम्मी तो मुझे मार ही डालेंगे.. अगर उन्हें मेरी चूत फटने का पता चला तो.. अब मेरा क्या होगा.. हाय मम्मी…

अब जैसे ही मुझे होश आया.. तभी मुझको सब लगा कि ये सब क्या करवा डाला मैंने…

मेरा आपसे निवेदन है कि मेरी कहानी के विषय में जो भी आपके सुविचार हों सिर्फ उन्हीं को लिखिएगा।

मेरी सील टूटने की कहानी जारी है।

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

राहुल के

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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