वाइफ चीटिंग Xxx कहानी में पढ़ें कि एक हसीं सेक्सी लड़की अपने अमीर पति की सेक्स की कमी को नजरअंदाज कर रही थी. लेकिन जैसे ही उसे मौक़ा मिला तो …
दोस्तो, मेरी कहानियों को पसंद करने के लिए और आपसे मिलने वाली मेल्स के लिए शुक्रिया.आपने मेरी पिछली कहानीहीर की सेक्स फैंटेसीको काफी सराहा, उसके लिए भी शुक्रिया.
आज की वाइफ चीटिंग Xxx कहानी सुनील, दिया और सुमित की है.
दिया की शादी सात साल पहले आयकर विभाग में उच्च अधिकारी के रूप में तैनात सुनील से हुई थी.सुनील और दिया दोनों ही रंगीन स्वभाव के थे.
दिया अपने जमाने की कॉलेज की ब्यूटी क्वीन थी.उसकी सुंदरता पर लट्टू होकर सुनील के घर वालों ने उसे मांग लिया था.
सुनील ऐसे विभाग में था, जहां पैसा बरसता था और सुनील था भी रिश्वतखोर, तो पैसे की तो जैसे बाढ़ आई हुई थी.दिया को अच्छे से मालूम था कि सुनील को अपनी उंगली पर नचाने का रास्ता उसकी ब्रा और पैंटी से होकर जाता है.बस ज़िंदगी के जितने ऐशो आराम पैसे से खरीदे जा सकते थे, वो सब उसकी झोली में थे.
पर हर समय के सेक्स ने उसे भी सेक्स का भस्सी यानि लंडखोर बना प्रिया था.दिया के दिमाग में हर समय खुराफात, ऐश और चुदाई चलती.
शादी के दूसरे ही साल उसकी सास ने पीछे पड़कर उससे बेटा पैदा करवा लिया था और दो साल बाद ही वो उस नन्ही सी जान को अपने साथ ले गयी थी.
अब दिया ने भी कॉपर-टी लगवा ली थी क्योंकि सुनील न तो समय देखता, न जगह; बस जब और जहां मन किया, वो चालू हो जाता.पिछले तीन-चार सालों में उन्होंने देश-विदेश में भरपूर मस्ती की.
दिया ने अपने को अच्छे से मेंटेन किया हुआ था. घर पर ही जिम बनाया हुआ था, जहां एक इंस्ट्रक्टर सतीश की निगरानी में दोनों सुबह वर्जिश करते.
सुनील बहुत दबंग अधिकारी था. सतीश उससे डरता था और अपनी लिमिट में रहकर बहुत चौकस होकर दिया के नजदीक जाता था.
वर्ना तो दिया की हरकतें ऐसी थीं कि कोई और आदमी हो, तो उसे दबोच ही लेता.दिया को भी पराए मर्द को तड़फाने में मजा आता था.पर वो भी जानती थी कि मस्ती तक तो ठीक है, पर अगर उसकी कोई हरकत सुनील को नाराज कर गयी तो सारे ऐशो आराम फुर्र हो जाएंगे.
सुनील को दिया का मखमली जिस्म पसंद था तो दिया के पूरे जिस्म पर कहीं कोई बाल का रेशा नहीं मिलता.दिया हर हफ्ते पार्लर जाती, कभी किसी बहाने, कभी किसी बहाने!
दिया लंबी और तराशे हुए जिस्म की मालकिन थी.उसके नुकीले मम्मे किसी को भी पागल कर देते.
सुनील तो उसके मम्मों और मखमली चूत का दीवाना था.वो हर दिन ऊपर नीचे जम कर चूमता.
दिया बेड पर सुनील पर भारी ही पड़ती.कई बार सुनील उसकी तड़प पूरी नहीं मिटा पाता था पर दिया ने उसे इसका अहसास कभी होने नहीं प्रिया.
क्योंकि इसके ऐवज़ में जो ऐशोआराम वो भोग रही थी, उसकी कीमत वो जानती थी.
अब दिया की भी हालत ये हो गयी थी कि बेड पर आने के कुछ देर में ही वो टांगें चौड़ी करके सुनील का सिर नीचे खींच लेती कि पहले इसे चूसो.दोनों 69 हो जाते.
सुनील का औज़ार छोटा पर मजबूत था, दिया तो उसे चूस कर सुनील को निहाल कर देती.हां, इतना जरूर था कि दिया चाहती थी कि सुनील उसकी चूत देर तक और गहराई तक चूसे … और वो इतनी ही देर सुनील का लंड भी चूसती रहे!
पर सुनील इतनी देर नहीं चुसवा पाता था.उसे लगता था कि अब अगर दिया ने और ज्यादा चूसा तो वो उसके मुँह में ही खाली हो जाएगा.
इसीलिए वो दिया से अपने को छुटाकर फटाफट उसकी चूत में घुस जाता और जल्दी जल्दी चोद कर निढाल होकर पड़ जाता.
दिया उसके सामने तो यही दिखाती कि चुदाई से वो पूरी संतुष्ट हो गयी है पर वो अपनी हवस वाइब्रेटर या उंगली से पूरी करती.
अब दिया ने परिस्थियों को स्वीकार कर लिया था और वो खुश थी.
उनकी इस खुशहाल ज़िंदगी को किसी की नजर लग गयी और किसी मामले में सुनील की जांच बैठ गयी.
सुनील को जेल निश्चित थी पर उसने पैसा पानी की तरह बहाया और जांच कमेटी की रिपोर्ट पर उसे संदेह का लाभ मिल तो गया, पर उसका तबादला सुदूर आसाम में कर प्रिया गया.उसे जो जगह मिली, वहां कोई भी अधिकारी सुरक्षा की दृष्टि से अपने परिवार को अपने साथ नहीं लाता था.
सही बात तो यह थी कि उसका यह तबादला, काले पानी की सज़ा जैसा था जिसमें सज़ा तो नहीं थी पर ज़िंदगी में कुछ भी मज़ा नहीं था.गुरुग्राम में सुनील की बड़ी कोठी थी और उधर रहने वाली अकेली दिया.
सुनील के मां-बाप ने काफी कहा कि दिया उनके पास भोपाल आ जाए, पर वहां दिया के ऐशो-आराम और मस्ती को आजादी नहीं मिलती.फिर इधर सुनील के भी कुछ अधूरे काम भी थे जो दिया को निबटाने थे; तो दिया ने ‘तीन चार महीने बाद आऊंगी.’ कह कर टाल प्रिया.
वैसे भी दिया पिछले महीने ही अपने बेटे के पास 5-6 दिनों के लिए होकर आई थी.
सुनील ने कुछ दिन पहले ही किराए की आमदनी दिखाने के उद्देश्य से और सुरक्षा के नजरिए से कोठी के ऊपर का पोर्शन सुमित को किराये पर प्रिया था जो एक मल्टी नेशनल कंपनी में मोटे वेतन पर काम करता था.सुमित की शादी को भी तीन साल हो गए थे पर उसकी पत्नी शुभि किसी विदेशी असाइनमेंट पर अगले छह महीने के लिए दुबई गयी थी.
सुमित बहुत सलीकेदार, लंबा, गोरा-चिट्टा, बांका गबरू जवान था.वो अब तक केवल एक बार ही चाय पर दिया और सुनील के पास नीचे आया था.
उसे भी जिम का शौक था पर वो सुनील के लाख कहने पर भी बाहर जिम में ही जाता. सुबह का एक घंटा पूरा अपने जिस्म को देता.
सुमित सुबह ब्रेकफ़ास्ट में तो केवल फल और दूध लेता, दोपहर को लंच ऑफिस में ही करता पर रात का डिनर वो खुद बनाता.
उसे अच्छा खाना खाने और बनाने का शौक था.
सुनील ने जाने से पहले सुमित को आग्रह करके डिनर पर बुलाया और उस पर विश्वास करते हुए अपनी सारी परेशानी उसे बताईं और ये वादा लिया कि उसके पीछे वो दिया का ख्याल रखेगा.
सुमित ने भी बहुत संजीदगी से इस ज़िम्मेदारी को स्वीकारते हुए दिया से कहा कि उसे जब भी किसी मदद की अवश्यकता हो तो वो नि:संकोच उसे कह दे.
सुनील ने एक बार पुनः सुमित से आग्रह किया कि वो बजाए बाहर जिम जाने के यहीं पर कर लिया करे क्योंकि अकेले दिया के लिए ट्रेनर का आना सेफ भी नहीं था.
हालांकि सुमित को इसमें उलझन थी क्योंकि जिम में कई मशीनें होती हैं. यहां केवल एक-दो थीं.पर जब दिया ने भी आग्रह किया तो वो मना नहीं कर पाया.
दो दिन बाद सुनील चला गया.
एक दो हफ्ते ऐसे ही निकल गए.सुमित भी अब सहज हो चला था.वो रोज जाते समय दिया को बाय कह कर … और कोई काम तो नहीं है, ये पूछ कर जाता.
हां, उसके ऑफिस से आने पर दिया जिद करके चाय उसे अपने साथ ही पिलाती.
दो दिन बाद फ्राइडे सुमित ने दिन में एक बार दिया को फोन करके पूछ लिया था कि कोई चीज़ चाहिए हो तो बता दे, क्योंकि शाम को उसको ग्रोसरी स्टोर जाना था.दिया ने उससे कहा कि वो पहले घर आ जाए, फिर चाय पीकर दोनों साथ चलेंगे.
अब सुमित क्या कहता.खैर … वो शाम को थोड़ा जल्दी ही आ गया.दिया और वो, चाय पीकर स्टोर चले गए.
अब चूंकि स्टोर में देर हो गयी और डिनर बनाना भी था तो सुमित ने दिया को बाहर ही डिनर लेने का ऑफर प्रिया.जिसे दिया ने खुश होते हुए मान लिया.
अब तक वो और दिया काफी खुल भी गए थे. दिया और उसके बीच हंसी मज़ाक अब नॉनवेज लेवल का भी होने लगा था.
दिया जितनी बहुत बातूनी और चंचल थी, सुमित उतना ही संजीदा, पर उसका भी सैन्स ऑफ ह्यूमर जबरदस्त था.
हालांकि सुमित रोमांटिक और रंगीन भी कम नहीं था पर वो दिया के साथ अभी उतना खुला नहीं था.
गर्मी का मौसम था.दिया ने एक बॉक्स बियर केन का ले लिया.
उसने सुमित से पूछा कि क्या उसके लिए भी ले ले?तो सुमित ने कहा कि उसे बियर स्ट्रॉंग पसंद है और वो बॉटल में ही लेता है … और फिलहाल उसके पास फ्रिज में काफी स्टॉक है.
डिनर लेकर लौटते में उन दोनों को 11 बज गए.गाड़ी में सिगरेट रखी थी.
दिया ने सुमित से पूछा- क्या तुम सिगरेट पीते हो, क्योंकि मैंने कभी फ्लैट में तुम्हें पीते नहीं देखा!सुमित ने कहा- मैं केवल गाड़ी में या ऑफिस में पीता हूँ. क्योंकि एक बार सुनील ने मुझे बताया था कि सिगरेट के धुएं से उसे एलर्जी है, तो मैंने घर पर कभी नहीं पी. ज्यादा मन करता तो कभी कभी मैं बाल्कनी में जाकर पी लेता हूँ.
दिया को सुमित की ये बात बहुत अच्छी लगी कि वो कितना संवेदनशील है.और दिया ने हंसते हुए एक सिगरेट सुलगा ली.
नेता की बीवी की चूत चुदाई- 1
सुमित चौंका- अरे तुम भी पीती हो?दिया बोली- शादी से पहले हॉस्टल में पीती थी. सुनील को वो मालूम है. पर शादी तय होने पर जब सुनील ने बताया कि उसे धुएं से एलर्जी है तो मैंने सिगरेट पीना छोड़ प्रिया.
घर आकर दिया ने सुमित से कहा- मेरा मन कॉफी पीने का है, अगर तुम्हें भी पीनी हो तो बताओ?सुमित बोला- मन तो है, पर पहले वाइफ़ से बात कर लेता हूँ और कपड़े चेंज करके आता हूँ.
दिया बोली- तुम नहीं आओ, मैं चेंज करके कॉफी लेकर ऊपर आती हूँ.दिया कपड़ों में बहुत बेतकल्लुफ़ थी और अब तो उसे कोई रोकने-टोकने वाला नहीं था.
इन तीन चार दिनों में वो और सुमित भी खुल गए थे.
दिया ने शॉर्ट्स और स्लीवलेस टॉप डाला, नीचे ब्रा नहीं थी तो उसके नुकीले उभार साफ नजर आ रहे थे.
वो कॉफी और नमकीन काजू लेकर ऊपर पहुंची और बिना आवाज दिए सीधे सुमित के कमरे में घुस गयी.सुमित अभी वाशरूम से नहाकर निकला ही था और केवल शॉर्ट्स पहने था, कंधे पर उसने टॉवल लटकाया हुआ था.
उसे इस हालत में देख दिया खिलखिला कर हंस पड़ी और सॉरी बोली.सुमित भी अचकचा गया और बोला- बस टी-शर्ट ढूंढ रहा हूँ, अभी पहनता हूँ.
दिया बोली- न भी पहनो तो क्या फर्क पड़ता है, ऐसे ही स्मार्ट लग रहे हो.दिया ने सुमित का हाथ पकड़ कर उसे बेड पर बैठा लिया.
सुमित ने हल्का म्यूजिक चला प्रिया और दोनों कॉफी पीते हुए अपनी हॉस्टल लाइफ के किस्से सुनाने लगे.
दिया ने सुमित से पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड थी?सुमित शर्माते हुए बोला- कॉलेज लाइफ में तो नहीं, हां एमबीए करते समय मुझे एक क्लास मेट से प्यार हो गया था. पर किन्हीं परिस्थितियों की वजह से हमें अलग होना पड़ा.
दिया ने उसे कुरेदते हुए पूछा- क्या तुम दोनों फिजिकल भी हुए थे?सुमित ने निसंकोच बता प्रिया- हां हम लोग एक साल लिव इन रिलेशन में रहे, पर उसके कैरियर को लेकर ख्वाब ज्यादा थे और वो आगे पढ़ाई के लिए विदेश चली गयी. फिर वहीं उसने शादी कर ली.
अब सुमित ने दिया से पूछा- तुम्हारी क्या स्टोरी थी?तो दिया बोली- यार तुम पहले आदमी होगे, जिससे मैं ये सब कहने जा रही हूँ कि हां मैं भी शादी से पहले रिलेशन में थी और भरपूर सेक्स करती थी. पर मेरा वो दोस्त दगाबाज निकला. वो तो नसीब से और सुंदरता के बलबूते मुझे सुनील मिल गया.
दिया ने ये बताने के बाद सुमित का हाथ थामते हुए कहा- मैंने ये बात तुम्हें एक अच्छा दोस्त मानते हुए बताई है.सुमित बोला- निश्चिंत रहो, मेरे मुँह से कभी भी ये बात नहीं निकलेगी.
फिर दोनों इस बात पर बात करने लगे कि बिना पार्टनर्स के रात कटती ही नहीं है.दिया ने सुमित के कंधे पर सिर रख लिया और रूआंसी सी होकर बोली- मेरे और सुनील के प्यार को किसी की नजर लग गयी. अब ये छह महीने की जुदाई तो मुझे मार ही देगी.वो रोने लगी.
सुमित ने उसके दोनों गालों को सहला कर कहने लगा- ऐसे दिल नहीं छोटा करते. हम लोग अच्छे दोस्तों की तरह एक दूसरे का ध्यान रखेंगे.
उस वक्त रात के 12 बज रहे थे और नींद दोनों की आंखों से कोसों दूर थी.दिया सुमित का हाथ पकड़ कर बैठी थी.सुमित को लग रहा था कि उनके बीच कुछ गलत होने वाला है क्योंकि उसका न तो दिल काबू में था और न लंड.
दिया की गर्म सांसें उसे कमजोर कर रही थीं.उसने दिया के चेहरे को आहिस्ता से ऊपर किया और कहा- जाओ अब सो जाओ.
दिया ने उसे एक नजर देखा और फिर उससे ज़ोर से चिपट गयी.दोनों के थरथराते होंठ मिल गए. दोनों एक दूसरे में समा जाने को बेताब हो गए.
सुमित ने एक बार कहा भी- दिया संभालो अपने आपको, ये गलत है.पर वासना का सैलाब अब सारे बांध तोड़ चुका था.
दोनों के कसमसाते जिस्म सूखी बेल की तरह आपस में लिपट गए थे.सुमित के मुँह में दिया की जीभ उसके हलक में उतरने को तड़फ रही थी.
सुमित के फनफनाते लंड का जायजा दिया ले चुकी थी, उसने एक बार उसे मसल भी प्रिया था.इस धकापेल में दिया का टॉप ऊपर हो गया था और उसके नुकील मम्मे बाहर आकर सुमित की छाती से टकरा रहे थे.
एक हाथ ऊपर करके सुमित ने उन्हें सहलाया, तो दिया का हाथ सीधे उसके बरमूदा के अन्दर जाकर उसके लंड से लिपट गया.सुमित के लंड की मोटाई और गर्मी ने दिया को बेचैन कर प्रिया.
वो उसे चूमने को बेकरार हो रही थी.सुमित ने एक झटके में उसका टॉप उतार प्रिया और उसके दूध से चमकते मम्मों में से एक को मुँह में ले लिया.
दिया ने वाकयी अपने को जबरदस्त मेंटेन कर रखा था.उसका रेशमी जिस्म, उसे उसकी उम्र से काफी छोटा दिखाता था.
ऐसे ही सुमित का कसरती बदन दिया को अपने बलिष्ठ घेरे में लपेटे था.
सुमित ने नीचे होकर दिया के पैर की उंगलियों को चूमते हुए ऊपर सरकना शुरू किया, उसकी जीभ और होंठ दिया के टखनों से होते हुए पिंडलियों और घुटने को चूमते हुए उसकी जांघों पर पहुंच गए.
दिया लगातार कसमसा रही थी.सुमित ने आहिस्ता से उसकी शॉर्ट्स को एक ओर सरकाया और अपनी जीभ दिया की मखमली फांकों के बीच घुसा दी.
दिया ने उसके बाल कसके पकड़ लिए.वो कांप रही थी.
सुमित ने अपनी जीभ पूरी दिया की चूत में घुसा दी और मस्ती से चूसने लगा.
उसने एक हाथ से दिया के मांसल मम्मे भी दबोचे हुए थे.
सुमित ने दिया की गुलाबी चूत को चूस चूस कर उसे बेहाल कर प्रिया.दिया ने तो उसके मुँह में ही पानी छोड़ प्रिया.
फिर दिया ने अपने को छुड़ाया और अपना और सुमित का शॉर्ट्स उतार फेंका.वो नीचे होकर सुमित का फनफनाता लंड अपने मुँह में लेने की कोशिश करने लगी.
सुमित का लंड सुनील के मुक़ाबले काफी मोटा और मजबूत था.दिया तो गों गों करने लगी, पर उसे अपने कॉलेज वाले दोस्त का लंड याद आ गया.
पूरे जोश में दिया सुमित का लंड चूसने लगी.उसने लंड की गोटियां तक अपने थूक से सराबोर कर अपने हाथों में लंड को नचाना शुरू कर प्रिया.
सुमित भी बेकाबू होने लगा.उसे लगा कि कहीं वो दिया के हाथों में ही खाली न हो जाए.
उधर दिया की चूत भी अपने यार से मिलने को बेकरार थी.सुमित ने दिया को नीचे लिटाया और उसकी गांड के नीचे दोनों तकिए लगा कर उसकी टांगें ऊपर की ओर करके चौड़ा दीं और अपना 7 इंच लंबा औज़ार पेल प्रिया.
दिया की रेशमी चूत चिर सी गई- आह … मर गई!
सुमित धकापेल करने लगा.उसे भी इतने दिनों बाद चूत चोदने को मिल रही थी.
यही हाल दिया का था.उसने तो आज दोपहर को ही वाइब्रेटर से मसाज की थी, पर उसमें ये मजा कहां.
दिया भी नीचे से उछल रही थी.सुमित ने मसल मसल कर उसके मम्मे लाल कर दिए थे.
असली मर्द की चुदाई तो दिया की आज हो रही थी.सुमित की चुदाई जंगली स्टाइल में थी और यही दिया को पसंद था.
सुनील बहुत नफासत से चोदता था. अब चुदाई में लखनवी अंदाज़ थोड़े ही चलता है.
जल्द ही सुमित ने दिया को घोड़ी बना प्रिया और उसकी गांड में लंड घुसेड़ने की कोशिश करने लगा.
दिया ने मना कर प्रिया- तुम्हारा लंड बहुत मोटा है, मेरी गांड फट जाएगी.और दिया ने हाथ पीछे करके लंड को वापिस चूत में ही सैट कर लिया.
सुमित ने आगे हाथ बढ़ाकर उसके दोनों मम्मे जकड़ लिए और धक्के देने लगा.दिया ने मुँह पीछे किया तो सुमित ने उसके होंठ से होंठ भिड़ा दिए.
वाइफ चीटिंग Xxx से अब वासना की आग पूरी भड़क चुकी थी. पूरा कमरा वासनामयी सीत्कारों से गूंज रहा था.दिया तो पूरी चुदासी हो चुकी थी.
शादी के बाद आज पहली बार उसकी चुदाई की हसरतें पूरी हो रही थीं.दिया की चुदाई मजे में चलने लगी.
सेक्स कहानी के अगले हिस्से में आपको दिया की चुदाई का आगे का हाल पढ़ने को मिलेगा और साथ ही उसके पति सुनील की अय्याशी की दास्तान भी पढ़ने को मिलेगी.
आपको वाइफ चीटिंग Xxx कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मेल और कमेंट्स से बताएंsupport@mohakkisse.com
वाइफ चीटिंग Xxx कहानी का अगला भाग:चुदाई की अगन- 2