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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 543 बार

Wrong Number Se Lekar Chudai Tak – Part 2

Deep Punjabi ?️

09 Mar 2020 को प्रकाशित

Wrong Number Se Lekar Chudai Tak – Part 2
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दोस्तों आब आगे मेरी और मनी की इस कहानी में क्या होता है वो पढ़िए और मजे करिए..

मनी – चलो मेरा घर यही पास में ही है। वहां बैठकर गप्पे मारेंगे।

अजय – नही यार, फेर कभी सही। आज के लिए इतना ही काफी है।

मनी – ओके, जैसी आपकी इच्छा! लेकिन जाते जाते मुझे घर तक तो छोड़ दोगे या वो भी नही।

अजय – चलो, ठीक है बैठो बाइक पे चलते है।

दोनों बाइक पे होटल से मनी के घर की तरफ रवाना हो गए। मनी के गोल गोल मम्मे उसकी पीठ पर लगकर एक अलग ही मज़ा दे रहे थे। अजय भी मज़ा लेने की खातिर बार बार ब्रेक लगाकर मनी के मम्मो को अपनी पीठ पर महसूस कर रहा था। दोनों हँसते खेलते जा रहे थे।

करीब 10 मिनट के सफर के बाद मनी का घर आ गया। मनी ने निचे उतरते हुए अजय को अंदर आने का न्योता दिया। उधर अजय भी न चाहते हुए मना न कर पाया। मनी ने गली वाले गेट का ताला खोला और बाइक भी अंदर कर ली।

अजय – तुम तो बोल रही थी के साथ में तुम्हारा पति भी है। लेकिन घर तो बन्द पड़ा था। वो कहाँ है ?

मनी – तुम भी यार, एकदम बुध्धू हो। बोला तो है के काम के सिलसिले में अक्सर बाहर ही रहता है। वरना कौन सी शादीशुदा औरत इतनी देर रात तक गैर मर्द से बात करेगी।

अजय – हाँ ये तो है। (इतने में मनी किचन से 2 गिलास ट्रे में पानी ले आई, दोनों ने पानी पिया और बाते करने लग गए)

मनी – अब देखु भी क्या गिफ्ट दिया है मट्टू साहब ने अपनी दोस्त को ?

जब Raper हटाया तो गत्ते के डब्बे में एक बहुत ही बढ़िया कम्पनी का मल्टीमीडिया मोबाईल था। जिसे देखकर मनी की आँखों में चमक सी आ गयी। उसके मुंह से अपने आप वाओ, ये बहोत अच्छा गिफ्ट है मट्टू जी निकल गया। उसने मोबाईल को बोक्स से बाहर निकालकर चालू किया और पूछा,” इसकी कीमत क्या होगी मट्टू जी?

अजय – गिफ्ट देने वाले की नियत और दिल देखा जाता है न के गिफ्ट में मिली चीज़ की कीमत मनी जी। सो चाहे तो मानलो ये चोरी का भी हो सकता है, चाहे 8 हज़ार के ऊपर मान लो।

मनी – नही सच में बताइये न क्या कीमत है इसकी ?

अजय – आप करोगे क्या कीमत जानकार, आपको तो फ्री में मिल रहा है।

मनी – ह्म्म्मम…. मैं इतना महंगा गिफ्ट नही ले सकती। प्लीज़ मुझसे इसके पैसे ले लो।

अजय – पागल हो गयी हो क्या ?

मनी – कुछ ऐसा ही समझ लो। क्योंके आज जो सुबह आपने कम मिलने वाली बात की है न उसके हिसाब से ये मुझे बाय बाय बोलने का लास्ट तरीका है।

मनी – नही यर कैसी बाते कर रही हो। मैंने छोड़ने की बात कब की। मैंने तो सिर्फ मिलना कम करने को कहा। वो भी इस लिए के तुम्हारी विवाहित ज़िन्दगी पर हमारे मिलने से दुष्प्रभाव न पड़े। ये गिफ्ट इस लिए के पहले दूसरे फोन से सिर्फ हेल्लो, हाई ही कर सकते थे। जबके इस से फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इमो, स्काइप जैसे बहुत से ऐसे जरिये है। जिनसे हम जब दिल करे एक दूसरे का चेहरा देख सकते है।

इतना कहते ही मनी ने उसे गले लगा लिया और ज़ोर ज़ोर से रोने लगी।

अजय – ओये पागल, रोने को क्या हुआ ? तुम्हे तो खुश होना चाहिए यार के अब हम एक दूसरे को रोज़ाना देख सकेगे।

मनी – अजय, रोना इस लिए आ गया क्योंके मेरे पति ने मुझे आज तक ऐसा गिफ्ट नही दिया। तुमने गैर होकर मेरा इतना सोचा। आई लव यू सो मच अजय..!

अब अजय भी उसका मादक स्पर्श पाकर बहक गया। उसका सोया हुआ काम, मनी के गोल गोल मम्मे अपनी छाती पे महसूस करने से जाग गया। उसने बहुत कण्ट्रोल किया के मनी को इसका आभास न हो जाये। लेकिन कहते है न इश्क, मुश्क कभी छुपाया नही छिपता। अजय के तने हुए लण्ड ने सारे भेद खोल दिए। जो मनी के पेट में चुभ रहा था। मनी ने हाथ से पेट में चुभ रहे लण्ड को थोडा सा हटाया। वो फेर खड़ा होने की वजह से चुभने लगा। अब दोनों की हंसी निकल गयी।

अजय – खा मखा, जगा दिया न सोये हुए नागराज को, अब खुद ही इसे सुलाओ।

मनी – कोई बात नही सोनेओ, मैंने जगाया है तो मैं ही इसे दुबारा सुलाउंगी। आप आराम से बैठकर बस नज़ारा देखिये।

इतना कहते ही मनी, अजय को अपने बेडरूम में ले गयी। वहां जाकर उसने अजय को खड़ा रहने का इशारा किया फेर उसकी बेल्ट, ज़िप खोलकर उसकी पेंट निचे करदी और अंदर से अंडरवियर में फुंकारते नाग को सिर पकड़ कर बाहर ले आई।

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मनी ने हाथ का स्पर्श पाकर नागराज और तेजी से फुंकारने लगे। इस पे फेर दोनों हंस दिए। फेर मनी ने अजय के लण्ड की चमड़ी थोड़ी आगे पीछे करके, उसके गुलाबी भाग को मुंह में ले लिया और लोलीपोप की तरह आँखे बन्द करके चूसने लग गई। अजय तो मानो आसमान की सैर पे निकल गया और मनी का सिर पकड़कर लण्ड को उसके मुंह में ही आगे पीछे करने लगा।

ऐसा करने से मनी की तो जैसे साँस ही बन्द हो गयी। उसने हाथ के इशारे से उसे रुकने का इशारा किया। अजय थोडा रुक गया। मनी को ज़ोरदार खांसी आई और उसकी आँखों से पानी जार जार बरसने लगा।

मनी को गुस्सा तो बहुत आया लेकिन पता नही फेर क्या मन में आया वो आँखे पोंछ कर अजय को थोडा आराम से करने का बोलकर फेर उसका लण्ड चूसने लग गयी। वो बहुत ही चुदासी महसूस कर रही थी। जिसका होना स्वभाविक भी था, क्योंके उसका पति उसे प्रोपर समय नही दे पा रहा था।

जब अजय को लगा के उसका रस्खलन होने वाला है। उसने मनी को हट जाने का कहा। परन्तु काम में अंधी पे इस बात का कोई असर नही हुआ और वो अपनी धुन में सवार हुए अपना मुंह आगे पीछे करने लगी। उसके मुंह से गूं..गूं की आवाज़ साफ सुनाई दे रही थी।

फेर अजय ने एक जोरदार हिट के हाथ अपना सारा वीर्य मनी के गले में उतार दिया। जिसे मनी अमृत समझकर पी गयी और आखिरी बूँद तक निचोड़ कर लण्ड को साफ कर दिया और बोली,” लो मट्टू जी मैंने अपना वादा पूरा किया। अब आपका मुन्ना फेर सो गया है।” इसपे वो दोनों फेर हंस दिए।

अजय — मेरा मुन्ना अभी कहाँ सोया है। अभी तो इसके जागने का टाइम है। इसे इसकी महबूबा से नही मिलवाओगे क्या ?

अजय का इशारा समझ कर मनी हंस पड़ी और बोली,” आप बहुत कमीने हो मट्टू जी।

कमीने व्यक्ति को ही सलाम ठोकती है दुनिया। भोले भाले इंसान का वक्त नही है।

अब अजय धीरे धीरे मनी के कपड़े उतारने लग गया। पहले उसने मनी की ब्लू कमीज़ उतारी। फेर उसे पकड़ कर उसके गुलाबी होंठो का रसपान किया और साथ में उसके मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा। कभी गर्दन, कभी कान की पेपड़ी पर गर्म गर्म होंठो से किस करने लगा। अब मनी की चूत भी बहुत गर्म होकर काम रस उगल रही थी। जिसकी वजह से उसकी पेंटी पूरी तरह से भीग चुकी थी। फेर अजय ने दोनों हाथ पीछे करके ब्रा की हुक खोल दी। जिस से

पिंजरे में कैद कबूतर आजाद होकर फड़फड़ाने लगे। अजय ने उन्हें पकड़कर बारी बारी से मुंह में लिया और उसकी गांड को हाथ से दबाने लगा। हाथ के हर वार से मनी की आअह्हह्हह्हह निकल रही थी।अब मनी पर भी काम का असर हो रहा था और वो अजय का मुंह अपने मम्मो पर दबा रही थी।

उधर अजय अपने एक हाथ से उसकी चूत को मसल रहा था। जिसकी वजह से मनी से खड़ा नही हुआ जा रहा था। मनी ने अजय के कान में हल्के से कहा,” जानू अब और रहा नही जा रहा, प्लीज़ मुझे पेल दो।

उसकी आवाज़ काम वेग की वजह से काँप रही थी। अजय ने भी उसकी मज़बूरी को समझते हुये उसे बेड पे चढ़कर घोड़ी स्टाइल में होने को कहा। अब मनी को तो बस लण्ड लेने की भूख थी। वो झट से घोड़ी बन गयी।

अब अजय ने अपना लण्ड मनी के मुंह की तरफ करके कहा,” जानू जरा सा गीला तो करदो, आसानी से चला जायेगा, वरना हम दोनों को बहुत तकलीफ होगी। मनी ने भी झट से अजय का लण्ड में लिया और 1-2 मिनट में ही उसको अपने थूक से नहला दिया।

अब अजय, मनी की गांड के पीछे आया और अपना लण्ड मनी की चूत पे सेट करके हल्का सा दबाकर कमर का झटका दिया, लण्ड ने छलांग लगाकर उसकी चूत के दरिया में डुबकी लगा दी। दोनों की आँखे बन्द थी ऊपर से अंदर गर्म गर्म पानी का एहसास, उन्हें ज़न्नत का नज़ारा दे रहा था।

कुछ पल ऐसे ही खड़े रहने के बाद मनी ने अपनी कमर आगे पीछे हिलानी शुरू करदी। जिस से अजय का मौन भी भंग हो गया। अब वो भी मनी की गांड को पीछे से पकड़कर अपनी कमर हल्की हल्की हिलाने लगा।

जब मनी को मज़ा आने लगा तो उसने पीछे मुह करके अजय को थोडा तेज कमर हिलाने को बोला। अजय भी आज्ञाकारी बच्चे की तरह कमर हिलाके कभी मनी की पीठ को सहलाने लगता, तो कभी उसके मम्मो को निचे से मसलने लगता।

अजय के ऐसा करने से मनी का मज़ा दोगुना हो रहा था। जब मनी को लगने लगता की अजय के हिलने की रफ़्तार कम हो गयी है तो वो अपने दोनों हाथ पीछे की और मोड़कर अजय की गांड को पकड़कर जोर जोर से हिलाने लगती। चूत रस की वजह से लण्ड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था और ठप ठप ठप की आवाज़ कमरे में अनोखा संगीत पैदा कर रही थी।

थोड़ी देर बाद मनी का शरीर अकड़ने लगा और वो एक लम्बी आह्ह्ह्ह्ह्ह लेकर झड़ गयी और हाँफकर बेड पे आगे की और गिर गयी। उसका गर्म गर्म पानी अजय को अपने लण्ड पे महसूस हुआ।

अब अजय ने भी अपनी स्पीड तेज़ करदी और 5 मिनट के फासले से वो भी मनी की चूत में झड़ गया और मनी की पीठ पर ही लेट गया। महीनो से सूखी मनी की चूत की धरती, अजय के पानी से सींच गयी।

दोनों परम् आनंद में डूबे हुए थे। इतने में अजय के मामा का फोन आया के बेटा, कहाँ है सुबह से तू। घर पे आकर खा पी लो।

अब अजय मामा को क्या बोले की उसने तो आज ऐसी चीज़ का सेवन कर लिया है। जिसके सेवन मात्र से ही और कोई भी भूख गायब हो जाती है। उसने अपने मामा को कहा के वो किसी दोस्त के घर पे आया है। जो कई साल पहले उसका क्लासमेट था और मैं 1 घण्टे तक घर पे आ जायेगा। तब तक आप खा पी लो। इतना बोलकर अजय ने फोन काट दिया।

अब दोनों उठकर इकठे बाथरूम में नहाने गए। वहाँ भी नहाते नहाते अजय ने मनी की चूत में अपनी मनी छोड़ी। फेर वो कपड़े पहनकर नॉर्मल हो गए। इसपे मनी बोली तुम्हारा ये GIFT जिंदगी भर याद रहेगा मट्टू जी। अजय ने उसे फेसबुक, व्हाट्सएप्प का अकाउंट बनाकर दिया और अपने साथ ऐड किया। अब जब भी समय निकलता था वो 2 जिस्म 1 जान हो जाते थे।

काफी समय बाद अजय को पता चला के मनी के पति की कार एक्सीडेंट में मोत हो गयी है। अब मनी अपने मायके में अपनी माँ के यहां रहती है।

अगली कहानी में आप को बताऊंगा के कैसे अजय ने उसके मायके में जाकर मनी को चोदा। आपको आज की कहानी कैसी लगी। अपने विचार मेरे ईमेल पे भेज दो। आज के लिए इतना ही, अगली कहानी लेकर जल्द ही हाज़िर होऊँगा। तब तक के लिए अपने दीप पंजाबी को दो इज़ाज़त नमस्कार, समाप्त!

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Wrong Number Se Lekar Chudai Tak

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