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चुदाई की कहानी पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 235 बार

मम्मी की चुदाई के बाद पड़ोस की भाभी चुदीं

विकी जियू

15 May 2010 को प्रकाशित

मम्मी की चुदाई के बाद पड़ोस की भाभी चुदीं
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X भाभी हिंदी चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि मैं मादरचोद लड़का हूँ, अपनी मॅाम के साथ सेक्स करता हूँ. लेकिन इस बार मुझे अपने पड़ोस की अकेली भाभी को चोदने का मौक़ा मिला.

दोस्तो, मेरा नाम विक्की है.मेरी उम्र अभी 23 साल है और मैं अभी एक प्राइवेट कंपनी में काम करता हूँ.

अगर अपने मेरी पहली कहानीमम्मी और चाची की चुदाईपढ़ी होगी तो आपको ये पता ही होगा कि मैं सेक्स का कितना बड़ा दीवाना हूँ. नए जुड़ने वाले पाठकों को बता दूँ कि मैं अपनी मम्मी के साथ चुदाई का मजा लेता रहता हूँ.

आज की यह X भाभी हिंदी चुदाई स्टोरी मेरे रूम के बाजू में रहने वाली एक भाभी की है.उनकी उम्र अभी 35 साल है.

भाभी का नाम शालिनी है.वे दिखने में बहुत ही ज्यादा सेक्सी और सुंदर हैं.

उनके पति शहर से बाहर रहते है क्योंकि उनका कंपनी शहर से बाहर है और वहां पर सपरिवार रहने की अच्छी सुविधा नहीं थी इसलिए शालिनी भाभी को वे यहीं छोड़ कर बाहर काम करते हैं.

जब मैं उस अपार्टमेंट में शिफ्ट हुआ तो मेरे पास लंड को शांत करने के लिए कोई छेद उपलब्ध नहीं था जबकि मुझे चुदाई की आदत है.इस कारण मेरे अन्दर सेक्स करने की इच्छा बढ़ने लगी.

जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो मैंने मम्मी को ही अपने अपार्टमेंट में बुला लिया.

जब वे मेरे इस वाले घर में आईं तो मैं उन पर सीधा टूट पड़ा और अपने बेडरूम में ले जाकर उनको नंगी कर दिया.मैं भी खुद नंगा हो गया.

हम दोनों ने किस किया और मैंने मम्मी से कहा- स्वाति डार्लिंग, तुम्हें चोदे हुए बहुत दिन हो गए हैं. मेरा लंड तुम्हारी चूत के लिए तरस रहा है. देखो कैसे खड़ा है … ये तुम्हारे मुँह का स्पर्श चाहता है.

मेरी मम्मी ने कहा- मुझे खुद तेरे इस लंड की बहुत याद आयी, पर अब मैं तेरे पास आ गयी हूँ तो तुम चिंता मत करो. मेरे रहने तक तुम बिल्कुल भी बोर नहीं होओगे.

यह कहते ही मम्मी नीचे बैठ गईं और मेरे लंड को चूसने और मुठ मारने लगीं.मैं भी उनका पूरा साथ दे रहा था.

करीब 5 मिनट बाद मैंने उनको अपने बेड पर लेटा दिया और हम दोनों 69 पोजीशन में चुसाई करने लगे.कभी में उनकी गांड चाटता तो कभी चूत में उंगली करता.

मम्मी मेरे लंड के साथ मेरे आंड भी चाट रही थीं.

5 मिनट बाद हम दोनों झड़ गए और एक दूसरे से चिपके पड़े रहे.

करीब 5 मिनट बाद मेरा लंड अपनी औकात में आने लगा.मम्मी भी उसकी मुठ मारने लगीं और चूसने लगीं.

मैंने मम्मी को अपनी गोदी में उठाया और सोफा के पास ले गया, उधर उन्हें घोड़ी बनाकर कर उनकी गांड में लंड पेल दिया.गांड में लौड़े को लेते ही मम्मी की आह निकली मगर वे बड़ी वाली रांड हैं तो लंड आसानी से खा गईं.

मैं उनकी गांड की धकापेल चुदाई करने लगा.मम्मी को यह पता नहीं था कि मेरे साथ वाले अपार्टमेंट में कोई रहता है, इसलिए वे बेध्यानी में जोर जोर से चीखने लगीं और मादक सिसकारियां लेने लगीं.

मैं भी और ज्यादा उत्तेजित हो गया और उनकी गांड मारने लगा.मुझे भी मम्मी की तेज आवाजों का होश नहीं रहा कि बाजू में रहने वाली भाभी चुदाई की आवाजें सुन सकती हैं.

कुछ देर बाद मैंने मम्मी को उठा कर सोफे पर बैठा दिया और उनकी टांगों को ऊपर करके चूत में लंड डाल दिया.

मम्मी चूत फैल गई थी तो लंड आसानी से घुस गया और मैं उनकी चुदाई करने लगा, साथ ही मैं उनकी चूचियों को बारी बारी से पीने लगा.

कुछ मिनट की धुंआधार चुदाई के बाद मैंने उनको अपने रूम की दीवार पर सटा कर खड़ा किया और चूत में लंड डाल कर उनको किस करते हुए चुदाई करने लगा.वह भी मेरा साथ दे रही थीं.

मैं कभी उनकी चूत में लंड डालता तो कभी उनकी गांड में!

करीब 10 मिनट बाद मैंने उनको दीवार से हटा कर नीचे बिठाया और उनके मुँह में लंड दे दिया.अब मैं उनके मुँह को चोदने लगा.

करीब दो मिनट बाद मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.इसी बीच मम्मी झड़ चुकी थीं. फिर हम दोनों एक दूसरे के ऊपर लेट कर सो गए.

यह सिलसिला करीब एक हफ्ते तक चलता रहा.मैं उनको रोज़ चोदता.

फिर वे वापस चली गईं.मैं फिर से अकेला रहने लगा.

उनके जाने के एक दिन बाद में जब चाय बनाने के लिए चीनी के डिब्बे में हाथ डाला तो चीनी खत्म हो गई थी.इसी लिए मैं चीनी मांगने के लिए शालिनी भाभी के फ्लैट के बाहर गया.

जब मैंने नॉक किया तो शालिनी भाभी ने दरवाजा खोला.मैं उनको देखता ही रह गया क्योंकि वे सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं.

उन्होंने अपनी ब्रा और पैंटी को छुपाने के लिए एक छोटा सा झीना सा तौलिया बांध रखा था.वह तौलिया क्या था … बस एक पतला कपड़ा सा कुछ था.उसमें से उनका सारा खजाना दिख रहा था.

मेरा मुँह खुला का खुला रह गया था, आंखें बड़ी हो गई थीं.वे इठला कर बोलीं- कहिए, मैं क्या सेवा कर सकती हूं?

उनकी आवाज से मैंने खुद को होश में लाते हुए कहा- जी वो चाय … वो चाय के लिए चीनी चाहिए थी. मेरे पास खत्म हो गई है.

इस तरह हकलाते हुए मैंने उनसे चाय बनाने के लिए चीनी मांगी.तो उन्होंने मुस्कुराते हुए मुझे अन्दर बुलाया और कहा- मैं अभी चाय ही बना रही थी. अब तुम भी आ गए हो तो चाय ही पीकर जाओ.

मेरी तो समझो लॉटरी खुल गई थी.मैं उनकी ठुमकती हुई गांड को पीछे से देखने लगा और उनके पीछे पीछे अन्दर जाने लगा.

फिर उन्होंने मुझे सोफा में बैठने को कहा और खुद चाय बनाने लगीं; साथ ही वे अपनी ही धुन में कुछ गुनगुनाने लगीं.

मेरा ध्यान तो सिर्फ भाभी की गांड में ही अटकी थी और नज़र हट ही नहीं रही थी.उन्होंने शायद मुझे ऐसे घूरते हुए देख लिया था पर वे कुछ नहीं बोलीं और बस चाय बनाने में लगी रहीं.

जब वे चाय बनाकर मेरे पास आईं तो उनका तौलिया खुल गया और वह नीचे गिर गया.

तब मैंने भाभी के नंगे शरीर को देखा.हाय क्या संगमरमरी शरीर था … एकदम गोरा और सेक्सी.

उनके पेट के पास एक मस्सा भी था जो उन्हें और भी ज्यादा आकर्षक बना रहा था.

यह देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और उनको सलामी देने लगा.

मैंने तुरंत लौड़े को एडजस्ट किया और चाय पीने लगा.

शायद भाभी ने लंड को फन फैलाते हुए देख दिया था पर उन्होंने कुछ नहीं कहा.उन्होंने बस उस कपड़े को उठा कर अपने बदन पर लापरवाही से डाल लिया था.

उस वक्त भाभी की चूचियां मेरे लौड़े की मां चोद रही थीं.

कुछ मिनट बाद जब मैं उठने लगा, तब उनका शायद खुद ही अपने ऊपर काबू नहीं रह पाया और वह मेरे ऊपर टूट पड़ीं.वे मुझे किस करने लगीं.

मैं भी थोड़ी देर के लिए सकपका गया.फिर मैंने भी उनका साथ दिया और उनको किस करने लगा.

भाभी ने मुझसे कहा- इस पल के लिए मैं न जाने कितने दिनों से बेताब थी. ना जाने कितनी रातों को अपनी चूत में उंगली करके इसे झाड़ा है. तुम्हारे रूम से आती हुई चुदाई की आवाज़ सुन कर अपने आपको शांत कर रही थी. पर अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. अब मुझे अपनी चूत में तुम्हारा लंड चाहिए.

यह सुनते ही मानो मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा और मैं तुरंत अपने कपड़े उतारने लगा.ये देख कर शालिनी भाभी भी नीचे झुकीं और मेरी पैंट को नीचे करके लंड को पकड़ लिया.

वे मेरे लौड़े को हिलाने लगीं और मुँह में लेकर चूसने लगीं.उनके मुँह की गर्मी से दो मिनट बाद मेरा लंड खड़ा हो गया और चुदाई के लिए बिल्कुल तैयार था.

मैंने भाभी को उन्हीं के पलंग पर लिटाया और जल्दी से चुदाई की पोजीशन बना ली.

मैं भाभी की चूत में लंड डालने लगा.पर पता नहीं ऐसी क्या बात थी कि मेरा लंड भाभी की चूत के अन्दर जा ही नहीं रहा था.

यह बाद में मालूम हुआ कि भाभी की चुदाई पिछले दो साल से नहीं हुई थी.वे एकदम कुंवारी लड़की की तरह लग रही थीं.

फिर मैंने अपने लंड और उनकी चूत पर थूक मला और धीरे धीरे अन्दर डालने लगा.

अभी करीब दो इंच लंड ही चूत के अन्दर गया था कि वे दर्द से रोने लगीं और लौड़े को बाहर निकालने के लिए कहने लगीं.पर मैंने अपना लंड बाहर नहीं निकाला, अन्दर ही पेले रखा.

करीब दो मिनट तक मैं लंड को चूत में धीरे धीरे हिलाता रहा और आगे पीछे करने लगा.भाभी जब नॉर्मल हुईं और उन्होंने अपनी गांड हिलानी शुरू की, तब मैं समझ गया कि अब भाभी लंड लेने के लिए सहज हो गई हैं.

अब मैंने थोड़ा और लंड पेलने के लिए धक्का दिया और इस बार कुछ चिकनाई भी साथ देने लगी थी तो लंड अन्दर घुसता चला गया.एक बार को भाभी ने उन्ह आह किया मगर उन्होंने लौड़े को अन्दर जज़्ब कर लिया.

उनके चेहरे से साफ समझ आ रहा था कि उन्हें दर्द हो रहा है.लेकिन मैं लगा रहा और उनकी चूचियां मसलता हुआ उन्हें चूमता रहा.

भाभी कुछ ही देर बाद सहज हो गईं और उन्होंने भी मुझे चूमना चालू कर दिया.यह देख कर मैंने एक तेज शॉट मारा और अब उनकी चूत में मेरा पूरा लंड समा चुका था.

एक बार फिर से भाभी की आवाज निकली- आह मर गई … धीरे चोद न भोसड़ी के … लगती है. मेरी चूत में अभी तक इतना मोटा लंड नहीं गया है.मैंने भी ठोकर मारते हुए कहा- और कबसे नहीं गया है?भाभी बोलीं- दो साल से प्यासी हूँ. अब बकचोदी बंद कर और धकापेल मचा दे.

मैंने ताबड़तोड़ चुदाई चालू कर दी.

अब भाभी को भी मज़ा आ रहा था तो वे भी टांगें उठा कर लंड अन्दर तक लेने लगी थीं.

फिर मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से उनकी चूत को चोदने लगा.

वे भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रही थीं और कामुक सिसकारियां ले रही थीं ‘आ आह माँ मर गयी … आज मेरी माँ चोद दी विक्की … आह आ ई उ उइ.’

यह सिलसिला करीब 20 मिनट तक चला और बाद में मैं भाभी की चूत के अन्दर ही झड़ गया.इतनी देर से चुदाई करने से मैं काफी थक गया था तो उन्हीं के ऊपर ही लेट गया.

इस चुदाई में भाभी भी दो बार झड़ चुकी थीं.उनकी चूत टाइट थी इसलिए उन्हें चुदवाने में काफी मज़ा आया.

हम दोनों ने उस दिन सब मिला कर चार बार चुदाई की.

अब मैं भाभी को रोज़ चोदने आता हूँ और X भाभी हिंदी चुदाई करके उनकेमदमस्त बदनका मज़ा उठाता हूँ.

एक दिन भाभी ने उनकी दो सहेलियों को भी चोदने के लिए मुझसे कहा.

मैंने उनकी दोनों सहेलियों को कैसे चोदा, ये मैं आपको अपनी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.

आप मुझे मेल और कॉमेंट्स करके बता सकते हैं कि मेरी X भाभी हिंदी चुदाई स्टोरी आपको कैसी लगी.मेरी ईमेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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16 मिनट 644

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

अब्दुर रहमान

1 week ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

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