Xxx होटल बॉय सेक्स कहानी में मैंने एक सस्ते होटल के कमरे में होटल के एक कर्मचारी लड़के के साथ सेक्स करके अपनी चूत की प्यास बुझाई.
दोस्तो, मैं तनुजा मान आपको अपनी बहन के साथ हुई एक यात्रा के दौरान चुदाई की कहानी सुना रही थी.कहानी के पहले भागचलती ट्रेन में मेरी बहन चुद गयीमें अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी बहन निक्की ने उस अनजान मर्द के साथ ट्रेन में कुतिया बन कर चुदाई का मजा ले लिया था.
अब आगे Xxx होटल बॉय सेक्स कहानी:
यह कहानी सुनें.
वे दोनों पसीने से भीग चुके थे तो दोनों 10 मिनट तक दरवाजा खोल कर खड़े रहे.मैंने बाथरूम से खुद को ठंडा किया और सीट पर रखे बैग से निक्की को तौलिया लाकर दे प्रिया.
तभी लड़का अपनी सीट पर चला गया और निक्की बाथरूम से खुद को साफ करके अपनी सीट पर आ गयी.वह मुझसे बोली- प्यार के लफ़ड़े से अच्छा तो ये सही था. साला ना हाय हाय, ना चिक चिक … लंड खाओ और आगे बढ़ो. लव के लफड़े में भी चुदाई ही तो होती है।
यह कह कर निक्की ने मेरे होंठों पर किस कर प्रिया.निक्की ने सलवार कमीज पहन लिया था.
उसके बाद मैं भी फ्रेश हो गई और कपड़े बदल कर अपनी सीट पर आ गयी थी.
सुबह के 4:30 बजे थे.हम दोनों को भूख लग आई थी तो हमने स्नैक्स निकाल कर खाया और अगले स्टेशन का इंतजार करने लगे कि चाय मिल जाएगी.
जैसे ही स्टेशन आया तो उसी लड़के ने हमारे लिए दो पानी की बोतल, दो चाय और बिस्किट खरीद कर दे दिए.
उसके बाद हम दोनों बहनें कुछ देर के लिए सो गईं.
फिर सुबह आठ बज गए तब नींद खुली.हम दोनों ने अपने बैग से वो नाश्ता निकाला जो मैं घर से लेकर आई थी.
नाश्ता आदि करके आधा घंटा तक खिड़की के बाहर पेड़ों और खेतों को देखते रहे.फिर हम दोनों दोबारा सो गईं.
इसके बाद सीधे 3 बजे हमारी आंखें खुलीं.कोई स्टेशन आया हुआ था.
हमने चाय लेकर चाय पी.फिर शाम को 4 बजे हम दोनों वापी पहुंच गईं.
वापी स्टेशन से बाहर आते ही हमने टैक्सी बुक की और नानी दमन पहुंच गए.यह दमन का सबसे मशहूर बीच है.
यहां हमने एक होटल ढूंढा और उसी में रूम बुक किया.मैनेजर के पास अपनी आईडी जमा करवा कर 24 घण्टे के लिए 800 रूपये वाला एक कमरा बुक कर लिया.हमें वहां पर सिर्फ सुबह तक रुकना था. सुबह होते ही हम बीच के पास होटल में रूम बुक कर लेने वाले थे.
खैर … हमने होटल वाले को कोई एडवांस पैसा नहीं प्रिया.हमने उससे कहा कि चेकआउट के टाइम दे देंगी.
निक्की ने होटल के एक लड़के को बुला कर खाना आर्डर किया और साथ में बियर की 4 बोतलें भी मंगवाईं.
मुझे हैरानी हो रही थी कि मुझसे इतनी नफरत करने वाली निक्की मेरे साथ इतना अच्छा बर्ताव कर रही थी.
होटल वालों ने बियर भेज दी और बोले- हमारे यहां खाना की 24 घंटा सुविधा है. आपका जब भी मन हो, बोल दीजिएगा. बीस मिनट में आपका खाना तैयार हो जाएगा.
कुछ देर बाद रिसेप्शन पर बैठा लड़का रूम में आया और उसने हमें जानकारी दी- नशा करके आप वापी नहीं जा सकती क्योंकि गुजरात में शराब बन्द है.
वापी गुजरात में है और दमन एक केंद्र शासित प्रदेश है.इन दोनों के बीच में कुछ ही किलोमीटर का फासला है.
हमने उससे ओके बोला और उसको बियर ऑफर की तो उसने धन्यवाद बोल प्रिया.
फिर वह बोला- यदि आपको हार्ड ड्रिंक की जरूरत हो, तो हमें बता देना. मेरे पास है.मैंने उसको बैठने के लिए बोला तो वह बोला- 10 बजे तक मैं और कहीं नहीं बैठ सकता. ग्राहक आते हैं. आप चाहो हो हम सब 10 बजे के बाद बात कर सकते हैं.
मैं उसका इशारा समझ गयी थी.वह बार बार हम दोनों बहनों की तनी हुई चूचियों की तरफ देख रहा था.
मैंने कहा- ठीक है आप 10 बजे आ जाना … साथ में ड्रिंक करेंगे. तब तक हम बाहर घूम कर आते हैं.
उसने ओके कहा.और हम दोनों बाहर घूमने फिरने निकल गईं.
मेरे सेलफोन में रिचार्ज नहीं था तो मैंने रिचार्ज करवाया और हमने होटल वाले लड़के के साथ चुदाई का प्रोग्राम बना लिया.
निक्की तो ट्रेन में लंड के मजे ले चुकी थी.अब होटल में मेरी बारी थी.
बस थोड़ी देर इधर उधर टहलने के बाद हम दोनों वापस होटल आ गईं.तभी होटल वाले लड़के, जिसका नाम सन्दीप मिश्रा था … उसको को कहा- आओ चलो कमरे में बैठते हैं.
तभी उसने रॉकफोर्ड शराब की बोतल उठाई और हमारे साथ हमारे रूम में आ गया.हमने अपनी बियर पी और उसने अपनी शराब लेना शुरू की.
पीते पीते हमारी एक दूसरे से जान पहचान हो गयी.मैंने उससे कहा- हमें सिर्फ एक रात रुकना है और आप 800 रूपये ले रहे हो. इतना महंगा क्यों है यहां?
कुलदीप बोला- आपकी जो मर्जी हो, वो दे देना. आपसे 800 रुपए भी नहीं लेंगे.मैंने पूछा- जो मर्जी मतलब!
सन्दीप मेरी बात को समझ गया और बोला- आपको जो ठीक लगे, वह दे देना.तभी मैं वहां से उठ गयी और दरवाजा लॉक कर प्रिया.
मैं बाथरूम में गयी, जल्दी से फव्वारे से नहा कर ब्रा पैंटी पहन ली और ऊपर से तौलिया लपेट कर बाहर आ गयी.निक्की और कुलदीप के साथ बियर पीने में लगे थे.
मेरी एक बियर खत्म हो गयी थी लेकिन निक्की तो दूसरी खाली करने ही वाली थी.वह दिल्ली में अक्सर ड्रिंक कर लेती थी इसलिए उसे ज्यादा नशा करने की आदत हो गई थी.
कुलदीप मेरी तरफ देख कर बोला- तुम इस लाल रंग के तौलिये में बड़ी ही खूबसूरत लग रही हो.मैंने हंस कर कहा कि हां … पहले ड्रिंक खत्म करें और खाना खा लेते हैं … फिर देखते हैं कि किस तरह से मैं तुम्हें ज्यादा अच्छी लगती हूँ!
कुलदीप ने मुझे मस्ती से देखते हुए आंख मारी और फोन पर खाना लाने को कह प्रिया.जैसे ही उधर से फोन उठा, कुलदीप बोला कि 3 थाली खाना लगा दो, पैसे मेरे खाते में लिख देना.
कुछ 15 मिनट में खाना आ गया, तब तक हम सबने अपनी अपनी ड्रिंक खत्म की.फिर खाना खाया.
निक्की सोने के लिए चली गयी.उसके बेड पर जाते ही मैंने अपना तौलिया हटा प्रिया.
तौलिया हटाते ही मैं उनके सामने लाल ब्रा और पैंटी में खड़ी थी.
कुलदीप की नशा हो गया था, वह वैसे ही मदहोश था.मुझे ब्रा पैंटी में देख कर उसकी आंखें फ़टी की फ़टी रह गईं.
कुलदीप सोफे पर बैठा था.मैं उसके करीब जाकर उसकी जांघ पर बैठ गयी और मैंने उसके गले में बांहें डाल दीं.
मैं बोली- ये रहा आपके रूम का किराया!इतना कहते ही मैं उस Xxx होटल बॉय के गुलाबी होंठों को किस करने लगी.
तभी कुलदीप ने अपनी जेब से 800 रूपये की रसीद निकाली और मुझे दे देते हुए बोला- ये रही आपकी रसीद और अब आपको कुछ नहीं देना है.
मैं कुलदीप को किस करने लगी.कुलदीप से भी सब्र नहीं हो रहा था.
उसने मेरी कमर में हाथ डाला और एक झटके में मेरी ब्रा खोल दी.ब्रा खुलते ही मेरी दोनों चूचियां उछल कर कुलदीप के सामने फुदकने लगीं.
कुलदीप ने मुझसे पैग बनाने को कहा.मैंने उसके लिए पैग बना प्रिया.
कुलदीप ने पैग को मुँह लगा कर एक घूंट में ही खत्म कर प्रिया.इसके बाद वह मेरे ऊपर टूट पड़ा, मेरे मम्मों को आटा सा गूंथ प्रिया.
फिर उसने खड़े होकर अपने कपड़े उतार दिए.वह मेरे सामने सिर्फ अंडरवियर में खड़ा था.
मेरा प्रथम समलैंगिक सेक्स- 4
अब उसने खड़े खड़े ही मेरी एक चूची को चूसना आरम्भ कर प्रिया.वह धीरे धीरे पेट पर चूमने लगा और तभी उसके होंठ मेरी चूत पर आ गए.
उसने पैंटी को उतार प्रिया और मेरी उसके सामने मेरी बिल्कुल साफ की हुई बिना बालों की गोरी चूत आ गई थी.
उसने मेरी चूत पर जीभ फिरानी शुरू कर दी.
मुझे पहले तो बियर का नशा था, ऊपर से सेक्स का नशा हो रहा था.
मैं कुलदीप के सामने टांगें चौड़ी करके खड़ी थी.कुलदीप मेरी रसीली चूत को चाट रहा था.
अचानक से मेरी चूत में से पानी का फव्वारा छूट गया, मेरे पैर कांपने लगे.
मैंने सन्दीप का सर पकड़ कर चूत पर दबा प्रिया.कुलदीप का पूरा मुँह मेरे चूत रस से सन गया.
Xxx होटल बॉय सेक्स का मजा लेने के लिए मैं पास में ही सोफे पर लेट गयी.कुछ मिनट आराम किया मैंने और कुलदीप के अंडरवियर को उतार प्रिया.
अंडरवियर हटते ही मेरे सामने कुलदीप का 5 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा काला लंड आ गया.
मैंने लंड को मुँह में भर लिया और मैं बड़ी आसानी से उसका पूरा लंड अपने गले तक ले गयी.
लंड चूसने से बिल्कुल टाइट हो गया था.
तभी सन्दीप को मैंने सोफे पर लेटा प्रिया और खुद लंड पर सवार हो गयी.मैंने एक झटके में ही पूरा लंड चूत में ले लिया.
मेरी चूत के हिसाब से लंड थोड़ा छोटा और पतला था. इसलिए मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई.
दस मिनट चुदाई के बाद मैं घोड़ी बन गयी.मैंने गांड को ऊपर किया और चूचियों को सोफे से सटा प्रिया ताकि मेरी चूत उभर कर सामने आ जाए.
सन्दीप ने पीछे से लंड डाल प्रिया और ताबड़तोड़ झटके मारने लगा.
दस मिनट में कुलदीप झड़ने लगा.उसने लंड बाहर निकाल लिया और मेरे चूतड़ों पर सारा रस छोड़ प्रिया.
थोड़ी देर आराम करने के बाद मैंने कुलदीप से कहा- मैं नहाने जा रही हूँ.वह बोला- ओके, अब मैं भी जा रहा हूँ.
कुलदीप अपने कपड़े पहन कर रूम से बाहर चला गया.मैं नहा कर बिना कपड़ों के ही निक्की के पास जाकर सो गयी.
सुबह 7 बजे निक्की ने मुझे जगाया.तब तक निक्की नहा धोकर बिल्कुल तैयार थी.
मैं भी फ्रेश होकर तैयार हो गयी.हमने सन्दीप के पैसों से ही नाश्ता किया और होटल से निकल गईं.
बाहर आकर टैक्सी की और दोनों देवका बीच के पास बने एक होटल में पहुंच गईं.हम दोनों ने शाम 4 बजे तक आपस में खूब बातें की.
निक्की ने मुझे बताया कि उसने अपने बॉयफ्रेंड को इसलिए छोड़ा है क्योंकि वह मुझसे पैसों की मांग करने लगा था.उसके बाद हम दोनों ने बिना ब्रा और पैंटी के सफेद टी-शर्ट और चॉकलेट रंग की एक जैसी कैपरी पहनी और बीच की तरफ घूमने के लिए चली गईं.
हम दोनों घुटनों तक गहरे पानी में चलने लगीं और आपस में बात करने लगीं.
तभी बारिश शुरू हो गयी.मैंने देखा कि भीगने के बाद हमारी चूचियां दिखने लगी थीं.
कुछ ही देर में हमारी बड़ी बड़ी चूचियां साफ दिखाई दे रही थीं.उनके निप्पल भी एकदम कड़क होकर सफेद शर्ट से झलकने लगे थे.
लोगों की निगाहें हम दोनों को आंखों से ही चोद रही थीं.
बारिश के साथ साथ हवा भी चलने लगी तो हमें हल्की ठण्ड लगने लगी थी.हमारे आस पास बहुत से लोग बारिश का आनन्द ले रहे थे.
तभी निक्की बोली- चलो वापस होटल चलते हैं.हमें वहां के मौसम के बारे में पता नहीं था.
तभी 3-4 लड़कियां हमारे पास आईं और उनमें से एक बोली- आप ज्यादा अन्दर मत जाओ, पानी किनारे तक आने वाला है, चलो वापस!उनका ध्यान भी हमारी चूचियों पर था.
तभी वह लड़की हमारे आगे चलने लगी और किनारे तक हम उनके पीछे चलने लगीं.किनारे पर जाकर मक्का भूनने वाली औरत के पास आग सेंकने लगीं.
आग से हमारी टी-शर्ट कुछ सूख सी गयी और तभी बारिश भी बन्द हो गयी.
हमने देखा के समुन्दर में पानी का स्तर बढ़ गया था.खैर … मैंने उन लड़कियों को धन्यवाद कहा और हम दोनों होटल में आ गईं.
हमारे होटल की बाल्कनी से बीच बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा था.
मैंने निक्की से गोवा के बारे में पूछा तो निक्की ने मना कर प्रिया और बोली- गोवा में ऐसे ही बीच हैं. हम दो दिन और यहीं रहकर वापस चलेंगी.तो मैंने ओके कहा.
निक्की बोली- यहां से दिल्ली की टिकट बुक करवा लूँ?मैंने कहा- मैं दिल्ली नहीं जाऊंगी.
हमने ट्रेन की टिकट बुक करवा ली और पापा को बता प्रिया कि हम 3 दिन बाद घर जा रही हैं. हमारी टिकट 3 दिन बाद की बुक हुई हैं.
पापा ने हां कर दी और गोवा के बारे में पूछा.तो मैंने कहा- वहां जाने का क्या फायदा, यहां पर भी गोवा जैसे बीच हैं.
फिर निक्की ने भी पापा को बताया कि वह गोवा नहीं जा रही. यहां बहुत अच्छा माहौल है.तो पापा ने कहा- ठीक है जैसा तुम दोनों को अच्छा लगे.
मैंने निक्की से मस्ती की- सफर कैसा रहा?तो निक्की हंस पड़ी.
निक्की- तू मेरे साथ है तो सफर हसीन ही होगा … और तू बता तेरी रात कैसी रही?मैं- कुछ खास नहीं.
निक्की- क्यों क्या हुआ?मैं- साले कुलदीप का ट्रेन वाले से कुछ ज्यादा हीछोटा लंडथा.
निक्की- चलो, अब बड़ा वाला ढूंढ लेते हैं.
मैं- नहीं, ढूंढने की जरूरत नहीं है. साले अपने दूध देख कर ही अपने आप हिलाते हुए आ जाएंगे.निक्की हंस पड़ी.
फिर निक्की बोली- मोनी, तेरा कोई बॉयफ्रेंड भी है क्या?मैं- ये फालतू के काम मैं नहीं करती. ये सब दिल्ली वालों के चौंचले हैं.
निक्की- यार झगड़ा मत करना. मैं आगे तुझसे कुछ नहीं पूछूंगी.मैं- झगड़ा नहीं कर रही. तुझसे झगड़ा करके क्या लेना. टेंशन ना लो … बिंदास मजा करो, यही सही फंडा है.इतना बोल कर मैंने निक्की की चूची दबा दी.
वह हंसने लगी और कुछ ही देर में हम दोनों एक दूसरे के साथ ही मस्ती करने लगीं.
हालांकि हम दोनों ने लेस्बियन सेक्स नहीं किया लेकिन हमारे बीच मिल कर चुदाई का मजा लेने की रजामंदी बन गई थी.
अगले भाग में आपको सेक्स कहानी का और भी मजा आने वाला है, जब हम दोनों ने एक ही मर्द से अपनी चुत की प्यास बुझवाई.आपको मेरी Xxx होटल बॉय सेक्स कहानी में कितना मजा आया है, प्लीज मेल व कमेंट्स करेंsupport@mohakkisse.com
Xxx होटल बॉय सेक्स कहानी का अगला भाग:हिमाचली लड़कियों की दमन में सेक्स भरी मस्ती- 3