Xxx आसाम भाभी की गांड मारी मैंने. वे मेरे पड़ोस में रहती थी. एक दिन वे मेरे कमरे में आ गयी. मैं उस समय ब्लू फिल्म देख रहा था.
हाय दोस्तो, मेरा नाम परवेज (बदला हुआ) है.मैं गुवाहाटी, असम से हूँ. मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है.
मैं पहली बार सेक्स संबंध के बारे में लिख रहा हूँ.मुझे हर तरह के सेक्स स्टाइल बहुत पसंद हैं.
जब मैं काम कर रहा था, तब मेरे रूम के पास एक कपल आया हुआ था.भाभी का नाम सोफिया था, यह नाम बदला हुआ है.
वह बहुत सेक्सी थी.उसका फिगर बहुत खूबसूरत था; उसकी गांड देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता था.
पहले मैंने उसे बुरी नजर से नहीं देखा था.एक दिन मैं काम के सिलसिले में सुबह जाने के लिए नहाने चला गया.
उस समय भाभी बाथरूम में अन्दर थी और वह दरवाजे के किनारे बैठ कर नहा रही थी.
उस वक्त मैंने उसे पहली बार ब्रा और पैंटी में देखा था.मेरा लंड तो उसे देखकर सनसनाने लगा लेकिन मैंने खुद को कंट्रोल किया और वहां से चला आया.
भाभी के नहाने के बाद मैं रूम में आकर मुठ मारने लगा.नहाने के बाद भाभी ने मुझे आवाज दी- मैंने नहा लिया है … तुम नहा लो.
उन्होंने झांक कर मुझे देखा तो मैं नंगा था और लंड सहला रहा था.मैंने झट से लौड़े को छिपाते हुए कहा- ठीक है भाभी.
इस पर भाभी ने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी और वह चली गई.फिर मैं भी नहाने आ गया.
भाभी का पति दुकानदार है.वह रोज सुबह दुकान जाता है और रात को घर आता है.
मैं कभी-कभी शाम को रूम पर आ जाता हूँ.रूम में ही अपनी गर्लफ्रेंड से बातें करता हूँ.
एक दिन मैं शाम को जल्दी रूम पर आ गया था.बाहर बालकनी में टहलने की जगह थी.
अचानक भाभी ने आवाज दी- आज जल्दी आ गए, कोई खास बात है क्या?मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसे ही!यह कहकर मैंने एक स्माइल दी और रूम में चला गया.
मैंने कपड़े बदलकर एक तौलिया पहन लिया.कुछ देर बाद दरवाजे पर खटखटाने की आवाज आई.
मैंने तुरंत दरवाजा खोला तो भाभी मेरे सामने थी!मैंने भाभी को देखकर हैरान होकर पूछा- भाभी, आपको कुछ चाहिए क्या?
भाभी- नहीं … बस ऐसे ही!मैं- आइए भाभी, मैं चाय बनाता हूँ!भाभी- ठीक है देखती हूँ तुम्हारे हाथ की चाय कैसी लगती है!
मैं चाय बनाने लगा.तब भाभी ने मेरा मोबाइल जो बिस्तर पर रखा था, उसे उठा लिया.
वह मोबाइल की गैलरी में जाकर ब्लू फिल्म देखकर मुस्कुराने लगी.मैं- क्यों हंस रही हो भाभी?
उसने एक ब्लू फिल्म देखते हुए चौंककर कहा- कुछ नहीं!मैं- क्या देख रही थीं मोबाइल पर … बोलो न!
Xxx आसाम भाभी- तुम ये सब देखकर क्या करते हो?मैं हंसकर बोला- रात को देखता रहता हूँ. एंजॉय हो जाता है … और कुछ नहीं!
भाभी- ये सब देखकर कैसा फील होता है?मैं- ऐसा वैसा कुछ नहीं … बस जरा हेनू हेनू हो जाता है!
यह कह कर मैं मुस्कुराने लगा.फिर मैंने भाभी को चाय दे दी.
भाभी ने एक चुस्की लेते हुए कहा- वाह … बहुत अच्छी चाय बनाते हो तुम … काश तुम मुझे भी ऐसी बनाना सिखाओ और रोज पिलाओ!मैं- क्यों नहीं भाभी! मैं आपको रोज पिला दूंगा!
भाभी- ठीक है यह सब छोड़ो … वह तो बताओ कि तुमको ये सब देखकर क्या महसूस होता है?
मैंने समझ लिया कि भाभी सब कुछ ओपन में सुनना चाह रही है।तो मैंने सीधी भाषा में बोल प्रिया- मुझे प्यार करने का मन करता है, लेकिन पास में कोई नहीं है. इसलिए ये सब देखकर मुठ मार लेता हूँ!
भाभी मुठ मारने वाली बात पर हंसने लगी और बाद में बोली- तुम किस तरह की लड़की को प्यार करना चाहते हो?मैं- आपकी तरह की लड़की हो तो बस जिंदगी सुधर जाए!
भाभी- अरे वाह … और ऐसा क्यों?मैं- आप बहुत सुंदर हो न भाभी इसलिए!
वह शर्माने लगी।
मैं धीरे से भाभी के पास को गया और उसका हाथ पकड़ने लगा.उसने मुझे साथ देना शुरू कर प्रिया.
फिर हिम्मत करके मैंने उसके दूध सहलाने शुरू किए, इससे भाभी गर्म होने लगी.
मैंने उसके होंठों पर किस करना शुरू कर प्रिया.वह मुझे पूरा साथ दे रही थी.
मैंने भाभी की मैक्सी को निकाल दी.भाभी बिना मैक्सी के बहुत सेक्सी लग रही थी.
वह सिर्फ ब्रा में थी, उसने पैंटी नहीं पहनी थी और उसकी चूत गीली थी.
बहुत दिनों बाद मैंने किसी को अपने बिस्तर पर नंगी देखा था.मैंने तुरंत भाभी को चित लिटाया और उसकी चूत चाटना शुरू कर प्रिया.
भाभी तड़पने लगी- आह खा जाओ मेरी चूत को … बहुत तड़प रही हूँ परवेज! आह बहुत आग लगी है मुझे … मुझे ठण्डी कर दो प्लीज!मैं- मैं भी तड़प रहा हूँ भाभी … आपकी चूत को मैं शांत कर दूँगा मेरी जान!भाभी- आह हां खा जाओ मेरी चूत को … तेरा भैया मेरे साथ ये सब नहीं करता है आह.
दोस्त की गर्मागर्म भाभी
भाभी ने एक बार पानी छोड़ प्रिया.फिर वह बोली- मुझे तुम्हारा हथियार देखना है!
उसी वक्त मैंने तौलिया हटाया.उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर प्रिया.
इतना अच्छा लग रहा था कि जन्नत नसीब हो गई!
मैंने भाभी के मुँह में लंड अन्दर तक ठाँसा और उसके मुँह को ही चोदना शुरू कर प्रिया.
वह भी किसी पेशेवर रंडी की तरह मेरे लौड़े को चूस रही थी और मेरे टट्टे सहला रही थी.इससे मैं जल्दी ही झड़ गया और मैंने अपना सारा पानी उसके मुँह में डाल प्रिया.वह मेरा दही खा गई और उसने लौड़े को चाट चूस कर एकदम चमका प्रिया.
कुछ देर बाद हमारी चुदाई का कार्यक्रम शुरू हुआ.
मैंने उसकी टांगों को अपने कंधों पर रखा और लौड़े की नोक से चुत की दरार को सहलाने लगा.वह गांड उचका कर लंड खाने की कोशिश कर रही थी.
फिर वह बोली- पेलो न! क्यों सता रहे हो!मैंने लंड अन्दर सरका प्रिया.
वह आह आह करने लगी मगर मैंने पूरी ताकत से उसकी चुत को चीर प्रिया और अपने लौड़े को चुत की गहराई में पेल प्रिया.
उसके बाद तो ऐसी चुदाई हुई कि भाभी ने चिल्ला चिल्ला कर मुझे मस्त कर प्रिया ‘यस बेबी … आह मजा आ गया … आह और जोर जोर से चुदाई करो … आज से तुम रोज मुझे चोद देना परवेज!’
करीब दस मिनट बाद हम दोनों ने एक साथ पानी छोड़ा और बिस्तर पर गिर पड़े.भाभी थक कर लंबी लंबी सांसें ले रही थी.
कुछ देर बाद हम दोनों ने वापस एक दूसरे को प्यार करना शुरू किया.इस बार भाभी मुझे अपने दूध चुसवा कर प्यार करने लगी थी.
मैंने उसके दोनों मम्मों को खूब खींच खींच कर चूसा.वह मस्त हो गई और खुद अपने हाथ से दूध चुसवा रही थी.
मैंने कहा- इस बार पीछे से मजा दे दो भाभी!वह एकदम से बोली- हट्ट … उधर से तो मैं कभी न करवाऊं!मैंने कहा- क्यों?
वह बोली- उधर से सेक्स नहीं होता है.मैंने कहा- होता है भाभी!
वह बोली- उसे अप्राकृतिक सेक्स कहा जाता है!मैंने कहा- हां वह तो है लेकिन सुना है उसमें बड़ा मजा आता है.
वह बोली- दर्द होता है सिर्फ और कुछ नहीं!मैंने कहा- शुरू शुरू में तो आगे से करने में भी दर्द होता है भाभी!
पर भाभी किसी भी तरह से गांड मरवाने के लिए राजी नहीं हो रही थीं.
मैंने मोबाइल में एक सनी लियोनी की गांड चुदाई की मूवी चालू कर दी.भाभी मेरे साथ चिपक कर फिल्म देखने लगी.
मैं उसके एक दूध को सहलाने लगा और वह मेरे लौड़े को हाथ से सहलाने लगी.
हम दोनों सनी लियोनि की गांड में जॉनी सिन्स का मोटा लंड आते जाते देख रहे थे.
मैंने कहा- देखो न भाभी, कितनी मस्ती से गांड मरवा रही है यह रंडी!मेरे मुँह से रंडी शब्द निकला तो भाभी बोली- अच्छा जो गांड मरवाती है, वह रंडी होती है … अब समझी!
मैंने हंस कर कहा- यह तो चुत में भी लेती है तो क्या हुआ … रंडी तो रंडी ही रहेगी न!भाभी बोली- चलो अच्छा करके देखती हूँ … मगर दर्द हुआ तो तुम निकाल लेना.
मैंने कहा- दर्द तो होगा ही … पहली बार मरवाओगी न!भाभी चुप रही.
मैंने भाभी की गांड मारने की तैयारी की.मैं उसे बाथरूम में ले गया और उधर शैंपू लगा कर उसकी गांड में अपनी उंगली करना शुरू की.वह आह आह करने लगी.शैंपू की चिकनाई से उसे मजा आने लगा.
उसकी गांड की गहराई तक उंगली गई तो मैंने उसे समझाया कि ऐसे ही लंड लेते समय आपको गांड ढीली रखना होगी.वह मान गई और हम दोनों कमरे में आ गए.
इधर आकर मैंने भाभी के मुँह में कपड़ा ठूंस प्रिया कि दर्द हो तो आवाज दबी रहेगी.फिर सरसों का तेल एक कुप्पी में भर कर उसकी गांड में तेल भरा और अपने लौड़े पर घिसा.
फिर भाभी को कुतिया बना कर बिस्तर से टिकाया और पीछे से लौड़े का सुपारा उसकी गांड के पहले छल्ले में फँसाया.वह घुटी हुई आवाज में आह आह करने लगी.
मैंने कुप्पी से तेल की धार टपकाना शुरू की और लौड़े को अन्दर ठांसना चालू कर प्रिया.
धीरे धीरे मेरा पूरा लंड भाभी की गांड में समा गया.अब मैंने कुप्पी एक तरफ रखी और उसकी चूचियों को मसलना शुरू किया.
भाभी दर्द से तड़फ जरूर रही थी लेकिन उसकी आवाज नहीं निकल रही थी.
फिर मैंने लौड़े से गांड की शंटिंग चालू की तो कुछ ही देर बाद वह मजे से लंड लेने लगी.
अब मैंने उसके मुँह पर लगा हुआ कपड़ा हटाया और धकापेल चालू कर दी.भाभी मस्ती से चुत मसल रही थी और गांड में लंड चलवा रही थी.
जब मेरा लंड झड़ने को आया तो मैंने बेफिक्र होकर उसकीXxx गांडमें ही अपना रस छोड़ प्रिया और उसी के ऊपर ढह गया.
उस दिन के बाद से भाभी मेरे लंड से चुत गांड दोनों चुदवाने लगी थीं.
दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है.मैंने Xxx आसाम भाभी की गांड मारी तो आपको कैसा लगा … प्लीज जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com