Xxx फॅमिली फक स्टोरी में मैं ससुराल गया तो वहां मेरी साली की मैरिड ननद भी आई हुई थी. एक दिन मैं छत पर सिगरेट पी रहा था तो वह आ गयी और सिगरेट मांगने लगी.
नमस्कार साथियो, जैसा कि आप लोग जानते हैं कि मुझे चुदाई का बहुत शौक है.जिस दिन मेरी बीवी चुदवाती नहीं है, उस दिन मुझे मजबूरन मुठ मारना पड़ता है.
मेरी उम्र इस समय 38 वर्ष है, लेकिन चुदाई के मामले में मैं आपका वही पुराना संजय हूँ.
मेरी पिछली सेक्स कहानीलॉकडाउन में भाभी की चूत का मजा लियाआप लोगों ने पढ़ी होंगी.
अब इस Xxx फॅमिली फक स्टोरी का मजा लें.
मेरी बीवी अपने मायके गई हुई थी. ये लोग गाँव से दूर इलाहाबाद में रहते हैं.मेरे कोई साला नहीं है इसलिए मेरी साली और साढ़ू मेरी सास के साथ ही रहते हैं.मेरे ससुर का देहांत हो चुका है.
जिस कंपनी में मेरे ससुर काम करते थे, उसी कंपनी में मेरे साढ़ू भी काम करते हैं.
मैं दिल्ली से इलाहाबाद अपनी ससुराल वालों के पास गया था.
इससे पहले मैंने दो बार साली पर हाथ साफ किया था लेकिन उसकी चुदाई नहीं कर पाया था.फिर उसकी शादी हो गई तो उसे अपने पति से लौड़े का सुख मिलने लगा था और मेरी मुराद पूरी न हो सकी.
जिस जगह मेरे ससुराल वाले रहते हैं, वहां एक पुरानी और बहुत बड़ी फैक्ट्री हैइसलिए उधर जगह की कोई कमी नहीं है. जहां रहना हो या सोना हो, बड़े आराम से रह सकते हैं.
जिस दिन मैं गया था, उसके दो दिन बाद मेरी साली की ननद आई थी.उसकी उम्र लगभग 25 साल की रही होगी.
देखने में ही वह बड़ी गचाक माल थी.गचाक मतलब एकदम भरी और गदरायी हुई माल.
उसके दूध और चूतड़ दोनों ही एकदम उठे हुए थे और चलते वक्त दोनों दूध और दोनों चूतड़ … मस्त थिरकते थे.
चाहे मम्मों पर नजर लगाओ या पिछवाड़े पर जमाओ … नजरों में न/शा भर जाता था.
उससे मेरी बातें हुईं तो बातों में मुझे समझ आ गया कि यह चालू माल है … और उसके देखने के अंदाज़ से भी साफ लग रहा था कि ये बहुत बड़ी चुदक्कड़ लड़की है.
मुझे साफ समझ में आ गया था कि यह जल्दी ही लौड़े के नीचे आ जाएगी.लेकिन समस्या यह थी कि मुझे अपनी साली और अपनी बीवी से बचकर उसे चोदना था.
जब मैं उससे बातें कर रहा था तो वह मेरी आंखों में झांक कर ऐसे बात कर रही थी, जैसे कि वह इस नई जगह पर आते ही किसी ऐसे लौड़े की तलाश है, जो इसको रोज पेलता रहे.
मैंने भी उसको ऐसा इशारा कर दिया था, जिससे उसे समझ में आ गया कि उसकी तलाश मेरे लौड़े पर खत्म हो जाएगी.
शाम को मैं सिगरेट पीने छत पर चला गया.पीछे से साली की ननद कविता (बदला हुआ नाम) अपनी 2 साल की बच्ची को लेकर आ गई.
तब तक थोड़ा अंधेरा हो चुका था.मैं उसे देख कर सिगरेट को छिपाने लगा.
वह बोली- अरे कोई बात नहीं भैया … मैं भी कभी इनके साथ पी लेती हूँ.उसने यह कहा तो मैंने डिब्बी निकाली और उसकी तरफ देने का इशारा करने लगा.
वह बोली- नहीं आपकी वाली में से ही एकाध कश ले लूँगी.मैंने उसे सिगरेट पकड़ा दी.
वह मजे से धुआं उड़ाने लगी.फिर अचानक से उसकी ब/च्ची भूख से रोने लगी … तो वह उसे पुचकारने लगी.
वह मुझसे बोली- इसे भूख लग रही है न … इसलिए रो रही है.मैंने कहा- क्या यह अभी भी तुम्हारा दूध पीती है?वह बोली- हां.
मैंने कहा- तो बैठ कर पिला दो न!
वह छत पर एक जगह बैठ गई और अपने ब्लाउज के नीचे के दो बटन खोल कर एक दूध ब्रा में से निकाल कर उसे चुसवाने लगी.
मैं सिगरेट पीते हुए उसके मस्त गदराए मम्मे को देख कर उत्तेजित होने लगा.सिगरेट पीते समय ऐसा मादक सीन वास्तव में सिगरेट का मजा दुगना कर देता है.
मैं एक हाथ से सिगरेट पी रहा था और दूसरे हाथ से अपने लौड़े को सहला रहा था.वह यह सीन देख रही थी.
तभी वह मुस्कुरा कर बोली- क्या हुआ?मैंने कहा- किधर?
वह मेरे लौड़े की तरफ देख कर बोली- क्या खुजली हो रही है, जो अपना हाथ उधर ले गए हो!मैं हंस दिया और कहा कि कुछ नहीं वह मैं तुम्हारी बेबी को दूध पीते देख रहा हूँ न … तो जरा अन्दर से कुछ कुछ होने लगता है.
वह हंस दी और बोली- क्या कुछ कुछ होने लगता है?मैंने उसे हंसता देखा तो कह दिया कि खड़ा होने लगता है!
वह बोली- क्यों?मैंने साफ शब्दों में कह दिया कि तुम्हारे दूध देख कर कड़क होने लगा है यार!
अब वह अपनी बेबी को दूध पिला कर खड़ी हो गई.मगर उसने अभी भी अपने ब्लाउज को बंद नहीं किया था.उसके दोनों दूध उसके ब्लाउज से झांक रहे थे.
रात के अंधेरे में हम दोनों सट कर खड़े थे.
धीरे-धीरे बातों-बातों में हम दोनों गर्म होने लगे.मैंने उसके चूचे दबाए और बाद में चूत में उंगली कर दी.
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उसने भी मेरे पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया.लेकिन चूंकि खुली छत पर चुदाई नहीं हो सकती थी क्योंकि कभी भी कोई आ सकता था.
फिर भी यह तय हुआ कि मौका मिलते ही चुदाई होगी.अगले दिन मेरी बीवी, मेरी साली और मेरी सास शॉपिंग करने बाहर गए.
अब इतनी बड़ी फैक्ट्री में मैं, साली की ननद और छोटे बच्चे रह गए.
मैंने बच्चों को डाँटकर टीवी चालू किया और कूलर चलाकर धीरे से कविता को इशारा किया.
मुझसे ज्यादा तो वह चुदने को बेकरार थी.मेरा इशारा मिलते ही वह भी बाहर आ गई.
हम लोग दूसरे गोदाम में चले गए, जहां जल्दी कोई आता-जाता नहीं था.
वह मुस्कराती हुई आई और बोली- हां भैया, बताओ क्या बात है?तो मैंने उससे कहा- कल शाम को जो काम अधूरा छोड़ा था, आओ उसे पूरा करते हैं!
वह शर्माती हुई मेरे पीछे-पीछे गोदाम में आ गई.फिर धीरे-धीरे हमने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े उतारे.
जब उसने मेरा लंड देखा तो हैरान होकर बोली- भैया, इस गधे जैसे लंड से तो मेरी फट जाएगी!मैंने कहा- क्यों नाटक करती हो? पहली बार थोड़ी चुद रही हो … तुम्हारी शादी को 2 साल हो गए. अब भी लंड से डर लग रहा है क्या?
वह बोली- भैया, आपका बहुत बड़ा और मोटा है!मैंने कहा- टाइम खराब मत करो, लोगों के आने से पहले काम पूरा करना है!
मैंने उसे वहीं नंगी किया और हम लोग ज़मीन पर बैठने को हुए.तभी मैंने देखा कि वहां एक गद्दा रखा था, हम दोनों उसी पर बैठ गए.
अब मैंने उसकी चूचियों को मसलना शुरू किया और जाकर उसकी चूत पर रुक गया.
मैंने कहा- मेरा लंड मुँह में लो.तो पता नहीं शर्म के कारण या उसने कभी लिया नहीं था, वह मना करने लगी.
फिर मैंने 69 में आकर उसकी चूत को जीभ से चाटना शुरू किया.जब मैं जीभ अन्दर-बाहर करने लगा, तो पहले तो वह सिसकी, फिर उसने अपने आप मेरा लंड मुँह में ले लिया.
काफी देर चूसने के बाद जब उससे रहा नहीं गया तो उसने मुझे धक्का देते हुए कहा- भैया, अब और मत तड़पाओ … बस जल्दी से चोद दो मुझे!
दोस्तो, जब लड़की गर्म हो जाए तो उसकी चूत के छेद पर लंड घिसना चाहिए.इससे लड़की चुदने के लिए पागल हो जाएगी और पानी-पानी हो जाएगी!
जब मैंने अपना लौड़ा चुत पर रगड़ा, तो उसका भी यही हाल हो गया था.जब उससे रहा नहीं गया तो वह ज़बरदस्त अपनी चूत को मेरे लंड पर दबाने लगी और मिन्नतें करने लगी- आह अब मत तड़पाओ … जल्दी से चोद दो न मुझे!
जब लड़की पूरी तरह चुदने को बेकरार हो जाती है, उस समय लंड डालने का मज़ा ही कुछ और होता है.
मेरे लंड घिसने और चूत चाटने से उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि लंड को धक्का लगते ही उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.
वह ज़ोर से कराहने लगी- उई मां!उसने मुझे जकड़ लिया.
उसके चेहरे को देखते ही लग रहा था कि उसे दर्द ज़्यादा हो रहा है क्योंकि गधे जैसा लंड पहली बार उसकी चूत में गया था.
जब तक उसका दर्द नहीं गया तब तक मैं उसके बदन को सहलाते हुए उसकी गर्दन के आसपास सहलाता रहा.
कुछ देर में उसका दर्द कम हुआ, तो मैंने धक्के पर धक्का देना शुरू किया.अब उसे भी Xxx फॅमिली फक में मज़ा आने लगा.
लगभग 10 मिनट तक चुदाई के बाद मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा.पहले तो उसने मना किया लेकिन बाद में मेरी बात मानकर घोड़ी बन गई.
अब मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर चोदना शुरू किया.लगभग और दस मिनट तक ऐसे ही चोदते हुए वह झड़ गई.
लेकिन मेरा काम अभी भी खत्म नहीं हुआ था.
मैं अभी भी शिलाजीत खाता हूँ, इसलिए मेरे लौड़े में बड़ी ताकत है.फिर जब उसे और 10 मिनट तक चोदा, तो मेरा भी स्खलन हुआ.
मैंने उसकी चूत में अपना सारा पानी डाल दिया.वह शादीशुदा थी, तो खतरे की कोई बात नहीं थी.
चुदाई के बाद 5 मिनट तक लेटे रहने के बाद उसमें चलने की हिम्मत आई.
मेरा मन तो अभी और चुदाई का था.लेकिन मेरी बीवी को मार्केट गए हुए एक घंटा हो गया था, उसके वापस आने का डर था.
इसी लिए हमने दोबारा सेक्स नहीं किया.
उस चुदाई में इतनी थकान भी इतनी ज्यादा हो चुकी थी कि आते ही कूलर के सामने ठंडी हवा में हम एक ही कमरे में सो गए.थोड़ी देर बाद मेरी बीवी और साली भी आ गईं.
उसके बाद मैं पूरे 15 दिन वहां रहा और जब तक रहा, रात में बीवी को और दिन में किसी न किसी तरह साली की ननद को खूब चोदा.एक दिन तो मैंने उसकी गांड भी मारी, लेकिन वह सेक्स कहानी फिर कभी लिखूँगा.
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