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भाभी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 834 बार

पड़ोसन भाभी की चुत मेरे लंड से चुदी- 4

सन्नी श्रीवास

09 Sep 2024 को प्रकाशित

पड़ोसन भाभी की चुत मेरे लंड से चुदी- 4
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Xxx फक भाभी स्टोरी में मैंने पड़ोस की गर्म भाभी को पटाकर उसके घर में उसे नंगी करके चोदना शुरू कर दिया था. मेरा लंड भाभी की चूत के अंदर की गरमी का मजा ले रहा था.

हैलो फ्रेंड्स, मैं सनी आपको प्यासी पड़ोसन की चुत चुदाई की कहानी सुना रहा था.कहानी के तीसरे भागपड़ोसन भाभी की चूत चाट कर मजा दियामें अब तक आपने पढ़ लिया था कि भाभी की चुत में मेरा लंड जड़ तक घुस चुका था.

अब आगे Xxx फक भाभी स्टोरी:

जैसे किसी प्रेमी का मिलन किसी प्रेमिका से होता है, उसी प्रकार लंड का चुत से मिलन हो गया था.

मैंने भाभी की ओर देखा, वे साक्षात कामुकता की देवी लग रही थीं.मैंने धीरे से अपना लंड पीछे खींचा और फिर डाला.

‘हाय्य्य मर गई …’ भाभी की आनन्द के मारे प्यारी सी आवाज निकल गयी.

मैंने जल्दी से उनके होंठों को अपने होंठों से दबा कर शांत किया.अब मेरे होंठ उनके होंठों का रसपान कर रहे थे और लंड भाभी की चुत का रसपान कर रहा था.

भगवान से मेरी एक शिकायत है.जिस तरह जीभ को स्वाद लेने की ताकत दी है, उसी तरह लंड को भी चुत का स्वाद लेने की ताक़त देनी चाहिए थी, जिससे वह जब चुदाई करे तो पूरी तरह से उसका स्वाद भी ले सके.

फिर मैंने अपने हाथों से भाभी की कमर को पकड़ा और उनके पैरों को अपने कंधे पर रखकर लंड को उनकी चुत की गहराइयों तक ले जाकर चोदने लगा.भाभी मारे आनन्द के अकड़ने लगीं.

मैंने पूरी ताकत से कस कर उन्हें पकड़ लिया और तेज़ तेज़ भरपूर ताक़त से उनको चोदने लगा.

यार चोदने का नाम सुनकर ही कानों में रस घुल जाता है और मैं तो उस भाभी को चोद रहा था, जिसको लेकर मैं इतने दिनों से तड़प रहा था.

कुछ पंद्रह मिनट की चुदाई में मुझे वह मजा आने लगा, जिसके लिए मैं इतनी देर से लंड को तड़पा रहा था.

मैंने पूछा- भाभी मेरा होने वाला है, कहां निकालूँ?भाभी बोलीं- अन्दर ही निकाल दो.

यह सुनते ही मैंने धक्के तेज़ कर दिए.उनकी तरफ से भी लग रहा था कि वे भी अपने चरम पर पहुंच गई हैं.

कुछ ही देर बाद हम दोनों ने एक दूसरे को कस लिया और फच फच फच करते हुए मैंने अपने लौड़े का पूरा माल भाभी की चुत की जड़ में भर दिया.

मैं झड़ कर बदहवास सा भाभी के ऊपर ही लुढ़क गया. वे भी मुझे आपनी बांहों में भरे हुई लंबी लंबी सांसें लेने लगीं.

हम दोनों की आंखें मुँदी हुई थीं और दीन दुनिया से बेखबर हम दोनों दस मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे.मुझे तो कुछ भी होश नहीं था.

फिर भाभी उठ कर बाथरूम गईं.

उनके वापस लौट आने से साफ लग रहा था कि उन्होंने अपने आपको जल्दी जल्दी पूरा साफ किया था.वे दूसरी मैक्सी पहन कर बाहर आईं और मुझे देखा.मैं अधमरा सा पड़ा.

उन्होंने मुझे नहीं उठाया, सीधे किचन में जाकर चाय बनाने लगीं.

भाभी जी ने काजू बादाम अखरोट प्लेट में रखे और चाय के साथ कमरे में आ गईं.उन्होंने मुझे प्यार से उठाते हुए कहा- मेरी जान उठो.

मैंने कहा- सो लेने दो जान … मैं थक गया हूं.वे बोलीं- उठो, चाय बन गयी है और अब तुम्हारे भैया भी आने वाले होंगे.

भैया के आने की सुनकर मेरी गांड फट गई.मैं खुद से बोला कि भाई इस भाभी को रोज चोदना है, तो समझदारी से काम लेना पड़ेगा.

मैं उठ कर बाथरूम में गया.मेरा लंड दर्द कर रहा था.

अन्दर जाकर देखा, तो लंड बिल्कुल लाल हो गया था. ऐसा लग रहा था मानो किसी ने छील डाला हो.मैंने लंड धोया, फिर मुँह धोया औऱ बाहर आ गया.

मैं बोला- ये सब काजू बादाम क्यों?भाभी बोलीं- ताकि तुम खूब मजबूत बनो औऱ मुझे ऐसे ही रोज प्यार करो.

तभी भैया का फ़ोन आ गया.

भाभी ने मुझे इशारा किया और फ़ोन उठा कर उन्हें सुनने लगीं.वहां से आवाज आई- हैलो जान, क्या कर रही हो?

भाभी ने कहा- जानू तुमको याद कर रही हूँ, कब तक आओगे?भैया क्या जाने कि उनकी जान यहां किसी और के लौड़े से चुत चुदवा रही है.

भैया बोले- आज आने में थोड़ा समय लग जाएगा, ऑफिस में काम थोड़ा ज्यादा है.भाभी बोलीं- ठीक है, मैं इंतज़ार कर रही हूँ.

फिर उन्होंने फोन काट दिया.वे मुझसे बोलीं- अब नहीं जाने दूंगी. अब कोई टेंशन नहीं, तुम्हारे भैया भी लेट आएंगे.

मैं बोला- यार, लंड दुख रहा है, आपने इसे चूस चूस कर लाल कर दिया है.भाभी बोलीं- इसका भी इलाज है मेरे पास.

वे पास की दराज से बोरोप्लस निकाल कर ले आईं. उन्होंने मेरी चड्डी उतार कर लंड हाथ में ले लिया.फिर धीरे से लंड का टोपा खोल कर पूरे सुपारे में बोरोप्लस लगाने लगीं.

साला जो लंड भोसड़ी वाला अभी दर्द से चिल्ला रहा था. मादरचोद भाभी के नाजुक हाथ का स्पर्श पाकर फनफनाने लगा.ये देखकर भाभी हंसने लगीं.

मैं बोला- बिल्कुल नहीं साले, तू मरवाएगा.भाभी जोर जोर से हंसने लगीं और बोलीं- अब यह मेरा गुलाम है!

हम दोनों अब प्यार भरी बातें करने लगे. मैंने पूछा- यार सच बताओ, आपको कैसा लगा?भाभी बोलीं- यार सच बताऊं … प्यार का ये अहसास ज़िन्दगी में पहली बार महसूस किया है. मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि सेक्स में इतना भी मज़ा आ सकता है. सच में मैं बहुत खुश हूं तुमसे, आज से तुम जो बोलोगे, मैं सब करूँगी.

किसी ने सच ही कहा है कि यदि औरत की भरपूर चुदाई होती रहेगी, तो कोई कितना भी स्मार्ट लड़का आ जाए … औरत नहीं पटने वाली.औरतें उन्हीं मर्दों को धोखा देती है, जो उन्हें भरपूर शारीरिक सुख नहीं दे पाते.

ऐसे ही दस मिनट बैठकर हम दोनों सेक्सी सेक्सी बातें करते रहे.हमारा शरीर भी थोड़ा रिलैक्स हो गया था, इसलिए मैं बेड पर लेट गया.

मैं तो नंगा था. मैंने कहा- भाभी बहुत गर्मी लग रही है.भाभी ने फुल पर एसी कर दिया. अचानक भाभी को क्या सूझा कि वे फ्रिज से चॉक्लेट ले आईं औऱ मेरे लंड की चमड़ी को खोल कर पूरे सुपारे में लगाने लगीं.

मैं बोला- अरे यार क्या कर रही हो? बेचारा थक गया है!भाभी बोलीं- उसको उसकी दवाई मिल गयी है.

मैंने बोला- मतलब!भाभी बोलीं- मैंने तुम्हारी चाय में एक टैबलेट वियाग्रा की डाल दी है. अब तुम मुझे कितना भी प्यार कर सकते हो.

मैं बोला- यार बड़ी तलब है आपको … इतने में तो कोई और औरत होती, तो हिच्चच बोल जाती!भाभी हंस कर बोलीं- क्या बताऊं मेरी जान, एक तो मैं न जाने कब से प्यासी हूँ और ऊपर से इतना अच्छा प्यार करने वाला मिल गया है तो प्लीज आज मुझे जी भर कर प्यार लेने दो!

मैं हंस कर बोला- अब हो भी क्या सकता है, लौड़े को दवाई मिल गयी है तो अब आप इसे झेलो, आपकी मुनिया रानी झेल लेगी न!’भाभी बोलीं- मेरी मुनिया रानी, तुम्हारे राजा को कच्चा खा जाएगी.

मैंने कहा- ऐसा क्या? फिर मन में सोचा कि भाभी तो पक्की रांड टाइप की हो गई हैं.अब दवा के असर से मेरे लंड महाराज भी अपना आकार लेने लगे थे.

भाभी ने अपना नंगा नाच फिर से शुरू कर दिया. लंड में लगी चॉकलेट से लंड को पूरा भिगो दिया और उन्होंने किसी भूखी कुतिया के जैसे लौड़े को चाटना शुरू कर दिया.

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हाय्य्य … इतने हसीन तरीके से वे मेरा लंड चूस रही थीं कि ब्लू फिल्म की हीरोइन भी शर्मा जाए.मैं उन्हें लंड चूसते देख रहा था और सोच रहा था कि कितनी मस्त किस्मत है रे तेरी लवड़े!

लंड चूसते चूसते भाभी ने पूरी चॉकलेट खत्म कर डाली.

अब तक मेरा लंड भी भरपूर खड़ा हो चुका था.वह पहले से भी बड़ा और खतरनाक दिख रहा था.

मैंने खुद अपने लौड़े को पहली बार इस रूप में देखा था.मैं मन में सोचने लगा कि जाने क्या होगा!

भाभी उठीं और अपनी पैंटी उतार कर आईं.उन्होंने साधिकार अपनी सुगंधित चुत को मेरे मुँह के ऊपर रखा और धचक कर बैठ गईं.

जैसे ही चुत की मसक मेरे नाक में गयी, मैं मदहोशी के चरम में पहुंच गया.

मैंने अपनी जीभ बाहर निकाली और नुकीली करके उससे भाभी की गीली चुत को कुरेदने लगा.

भाभी भी चरम आनन्द में पहुंच गईं और मेरे मुँह पर अपनी चुत रगड़ने लगीं.लंड चुसाई के कारण मेरा लंड भरपूर गीला और चिकना था.

सच में लौड़ा इतना चिकना हो गया था कि कोई कुंवारी लड़की भी लंड पर बैठ जाए, तो बिना किसी मेहनत के सटाक से लंड उसकी चुत को चीरता हुआ उसके अन्दर समा जाए.

भाभी को अब दूसरा मज़ा चाहिए था. उनकी चुत की खुजली अब हद से बाहर हो गयी थी.भाभी मेरे मुँह से उठीं और मेरे लंड में थूक लगा कर उसे और गीला करने लगीं.

फिर लंड को चुत की फाँकों के बीच सैट किया और धीरे धीरे बैठने लगीं.

जैसे ही भाभी ने थोड़ा जोर दिया, लंड सर्र से उनकी चुत में घुस गया और पक्कक से आवाज आई.

भाभी की आंखों में मदहोशी छा गयी. भाभी अकड़ने लगीं और अपनी चुत को सिकोड़ने लगीं.अब भाभी को मज़ा आने लगा और वे अपनी गांड उठा कर लौड़े से खेलने लगीं.

वे लौड़े के सुपारे तक चुत को ला रही थीं कि तभी पूरा लंड चुत से बाहर आ गया. उन्होंने एकदम से एक तेज झटके के साथ उसे अपनी चुत के अन्दर डलवा लिया.

मुझे बेहद मजा आया.उधर उनकी चूचियां भी ऐसे हिल रही थीं कि क्या ही कहूँ.

ऐसे ही भाभी ने 4-5 बार पूरा लौड़ा चुत से निकाल कर एक ही बार में पूरा निगलने का खेल किया तो उनकी चुत चिर सी गई.चुत से फक्क फक्क की तेज आवाज भी आने लगी थी.

फिर भाभी ने जितना लंड चुत में घुसा रखा था, उतने को ही अपनी चुत में रखा और गांड को गोल गोल घुमाने लगीं.

इससे मेरा लंड भाभी की चुत के हर कोने को छू रहा था.भाभी ने अपनी चुत में मानो मेरे लौड़े से नक्काशी करना शुरू कर दी थी.

फिर उन्होंने मेरी टांगें उठाईं और अपने दोनों हाथों से ऊपर उठा कर लंड को तेज गति से अपनी चुत में डालने निकालने लगीं.

यार उस वक्त तो ऐसा लग रहा था कि मैं उन्हें नहीं, बल्कि वे मुझे चोद रही हों.मैं मन में खुद से बोला कि ऐश करो बेटा, सही रांड मिली है.

दस मिनट तक ऐसी धकापेल चुदाई के बाद भाभी मदहोशी के कारण स्खलित हो गईं और वे मेरे ऊपर ही लुढ़क गईं.

वे धौंकनी सी सांसें चलाती हुई बोलीं- यार अजीब सा अहसास हो रहा है, अपना लंड बाहर निकालो प्लीज.जैसे ही मैंने लंड निकाला, भाभी की चूत से ढेर सारा पानी निकलने लगा.मतलब मारे आनन्द के भाभी ने मेरे ऊपर ही पेशाब कर दी थी.

मैं बोला- आपने ही लंड को दवाई दी है, अब लो मजा!मैंने वापस से लंड को भाभी की चूत में सैट किया और कमर पकड़ कर धक्के लगाते हुए चुदाई शुरू कर दी.

मेरे हर धक्के के साथ भाभी के मुँह से आह … आह … की आवाज निकलती रही.मैं उनकी चुत को चोदता रहा.

कुछ देर बाद भाभी फिर से अकड़ने लगीं और उन्होंने खुद ही अपने आपको ऊपर खींचा तो उनकी चुत से लंड निकल गया.

भाभी की चुत से पानी की धार बह निकली, जिसने मुझे पूरा गीला कर दिया.अब मेरे ऊपर तो हवस चढ़ी हुई थी. दूसरी तरफ वे शायद अब थकने लगी थीं.

वे कह रही थीं- अब चुत दर्द कर रही है.मैं बोला- बस 5 मिनट रुक जाओ.

मैंने फिर से उनको चित लिटाया और लंड को उनकी चूत के ऊपर रगड़ कर सटाक से अन्दर पेल दिया.भाभी की आंखों से आनन्द के मारे आंसू निकल आए और मैं उनकी बेतहाशा चुदाई करता रहा.

अब मेरा चरम आ गया और मैं अपने लंड को निकाल कर उनके मम्मों पर रगड़ने लगा.भाभी ने दोनों तरफ से मम्मों को दबा लिया और मम्मों के बीच से लंड को चोदने के लिए जगह बना दी.

मैं उनके बूब्स को चोदने लगा और वे बार बार लौड़े को अपने मुँह में लेने की कोशिश कर रही थीं.मैं उसी समय झड़ने लगा.

मेरा माल उनके मुँह में चला गया.उन्होंने मुँह में माल भर कर मुँह को बंद कर लिया तो मैंने उनके पूरे चेहरे को ही भिगो दिया.

Xxx फक भाभी का मजा लेकर हम दोनों थके हारे बिस्तर में लुढ़क गए.बिस्तर पूरा गीला था, पर होश किसे था.

भाभी ने एक महीने की पूरी चुदाई आज की करवा ली थी.

दस मिनट बाद हम दोनों उठे.भाभी बाथरूम गईं और नहा कर आ गईं. उन्होंने दूसरे कपड़े निकाल कर पहन लिए.

वे बोलीं- तुम भी पहनो, अब बच्चे के जागने का टाइम हो गया है.मैं कपड़े पहनने लगा.

भाभी दर्द की 2 गोलियां लाईं, एक उन्होंने मुझे दी और एक खुद खा ली.

फिर जल्दी से भाभी ने बिस्तर का चादर बदला, कमरे में रूम स्प्रे डाला.

जल्दी ही पूरा कमरा पहले जैसे हो गया.कहीं से लग ही नहीं रहा था कि यहां घंटे भर से धकापेल चुदाई चल रही थी.

भाभी बोलीं- आज अब कुछ करने की हिम्मत नहीं है, बाहर से खाना ऑर्डर कर दूंगी. मुझसे तो चलते भी नहीं बन रहा है.मैं बोला- भाभी आई लव यू!

भाभी हंसी और उन्होंने मुझे कमरे से बाहर भगाते हुए कहा- अब घर जाओ.मैं ख़ुशी खुशी अपने घर आ गया.

सच कह रहा हूँ दोस्तो, भाभी बहुत हवसी हैं. उन्होंने मुझे पूरा निचोड़ लिया.

उम्मीद करता हूं कि आपको मेरी यह सच्ची सेक्स कहानी पसंद आई होगी.अपने मेल व कमेंट्स से जरूर बताइएगा.

Xxx फक भाभी स्टोरी पर मुझे आपके मैसेज का इंतज़ार रहेगाsupport@mohakkisse.com

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पड़ोसन भाभी की चुत मेरे लंड से चुदी

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