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चुदाई की कहानी पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,071 बार

यार को घर बुलाकर चूत चुदवाई

अंकिता सिंह

15 Feb 2023 को प्रकाशित

यार को घर बुलाकर चूत चुदवाई
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यंग पोर्न गर्ल फक स्टोरी में मुझे सेक्स की आदत लगने लगी थी. एक दिन मैं अकेली थी तो मैंने अपने यार को फोन किया. वह मुझे चोदने मेरे घर आ गया.

दोस्तो, कैसे हैं आप सब! उम्मीद करती हूँ कि आप सब अच्छे से होंगे.

आप यंग पोर्न गर्ल फक स्टोरी का म जा लीजिये मेरे साथ!

एक शाम को चेतन, मेरे बॉयफ्रेंड से बात हुई, तो मैंने उसे बताया कि मैं अकेली हूँ.चेतन बोला- मैंने तुम्हें अपने एक दोस्त के रूम पर ले जाने का प्लान बनाया है!

मैंने उसे मना कर दिया क्योंकि किसी दूसरे के कमरे में जाना रिस्की लग रहा था.

उसने कहा- चलो तो फिर मैं तुम्हारे कमरे पर आ जाता हूँ.मैंने अंदेशा जताते हुए कहा- अरे यार, किसी ने देख लिया तो दिक्कत वाला काम हो जाएगा!उसने कहा- कोई परेशानी नहीं होगी. मैं पूरी सेफ़्टी के साथ आऊंगा.मैंने कहा- ठीक है तो आ जाओ.

शायद मुझे भी अन्दर से चुदने की चाह थी और फिर ऐसा मौका ना जाने कब मिलता!

रात को खा पी कर मैं बस उसके आने इंतज़ार करने लगी.रात 11 बजे उसका कॉल आ गया.

वह बोला- बाहर आ जाओ!मैंने उससे कहा- मैं घर से बाहर नहीं आ सकती, तू मेरे ही घर आ जा!

रात को मॉंटी उसे मेरे घर के पास छोड़ गया था.उसने मुझसे फोन से पहले ही बोल दिया था कि दरवाजा खोल कर रखना.

अब रात के बारह बज रहे थे.चेतन का फोन आया कि मैं दरवाजे पर मिलूँ.

मुहल्ले के सभी लोग सो चुके थे इसलिए किसी के देखे जाने का अंदेशा नहीं था.

मैंने दरवाजा खुला रख छोड़ा था तो वह आसानी से अन्दर आ गया.

उसके आने के बाद मैंने दरवाजे से झांक कर आस-पास देखा कि कहीं किसी ने कुछ देखा तो नहीं.उसके बाद तसल्ली करके ही मैंने दरवाजा बंद कर दिया.

अन्दर आते ही वह मुझे वहीं दीवार के सहारे टिका कर जोरदार किस करने लगा.मैंने कहा- रूको, थोड़ा सब्र रखो!मगर वह मुझे गाल पर चूमता ही रहा.

मैंने पूछा- अपने घर पर क्या बताया तुमने?चेतन बोला- यही कि मैं मोंटी के यहां पढ़ाई करने के लिए जा रहा हूँ.

चेतन देखने में हैंडसम है. उसकी हाइट 5 फुट 9 इंच है.

मैंने पूछा- तुमने कहा था कि तुम्हें अनुभव है सेक्स का?चेतन बोला- हाँ बेबी, मैं पहले दो लड़कियों के साथ सेक्स कर चुका हूँ!मैंने कहा- वे दो कौन थीं!

उसने बताया कि एक तो मेरे मामा के परिवार की कोई लड़की थी और दूसरी एक रंडी थी.

मैंने कहा- बढ़िया है, अब मेरे मज़े लोगे?वह बोला- ऐसा नहीं है अंकिता!

वह बैग में मेरे लिए कुछ चॉक्लेट्स और आइस्क्रीम लाया था.मैंने उससे लेकर फ्रीज में रख दिया

फिर हम दोनों बिस्तर पर आ गए.उसने मुझसे पूछा- आज फोन सेक्स में मज़ा आया था या नहीं?मैं मुस्कुराकर ह्म्म करके रह गई.

उसने कहा- अभी सेक्स थोड़ा अलग तरीके से करेंगे!मैंने कहा- मतलब?

वह बोला- कुछ नया ट्राइ करेंगे.मैं चुप हो गई.

उसने कहा- अंकिता, पहले तुम लेट जाओ और जैसा में बोलूँ, वैसा ही करना!मैंने हामी भर दी.

लेकिन मेरा मन थोड़ा घबरा रहा था और धड़कनें तेज हो गयी थीं.मैं लेट गयी.

उसने कहा- तुम अपने हाथ ऊपर करो!मैंने कर दिए.

उसने मेरे हाथ खिड़की की रॉड से बाँध दिए.

मैंने पूछा- यह क्या कर रहे हो?वह बोला- घबराओ नहीं, बस मज़े लो!

फिर उसने अपने पूरे कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया.

मैंने घर में पहनने वाली लोवर टी-शर्ट पहनी हुई थी.

उसने मेरे लोवर को धीरे से नीचे खिसकाया.उसने पैंटी के साथ लोवर को खिसका कर मेरी चूत के ठीक ऊपर रखा.

मतलब वह लोवर को जरा सा और खिसकाता तो उसे मेरी चूत दिख जाती.

फिर वह मेरी नाभि से लेकर मेरी चूत के ठीक ऊपर तक किस करने लगा.

इससे मुझे गुदगुदी हो रही थी और मैं गर्म भी हो चुकी थी.

कुछ 5 मिनट तक ऐसे ही चाटने के बाद उसने मेरी टी-शर्ट को पूरा मेरी हथेली तक खिसका दिया, मैं अब सिर्फ़ ब्रा में थी.फिर उसने ब्रा को खोल दिया और उसे भी हटा दिया.

अब मेरी चूत से पानी निकलने लगा था. मैं गीली हो चुकी थी.

इसके बाद उसने बड़ी ही तसल्ली से मेरे मम्मों को और होंठों से छुआ और होंठ एकदम से हटा लिए.मुझे एक अजीब सी बेचैनी हुई और लगा कि यह मेरे दूध क्यों नहीं चूस ले रहा है!

मम्मों को स्पर्श करने के बाद वह मेरे होंठों पर आया और उधर से वापस नीचे मम्मों के बीच से अपने होंठ टच करता हुआ बढ़ता चला गया.वह मेरे पेट तक किस करता हुआ आ गया था.

फिर अचानक से उसने रुक कर मुझे देखा और मुस्कुराया.मैंने अपनी आंखों से उसे दूध चूसने का इशारा किया.

अगले ही पल उसने तुरंत ही मेरे एक निप्पल को अपने मुँह में ले लिया और चूस कर छोड़ दिया.मेरी एक मीठी आह निकल गई.

वह पुन: मेरे होंठों को छूते हुए, मेरे एक गाल को चूमने लगा.फिर गाल को होंठों से रगड़ते हुए वह मेरी चूचियों को मसलने लगा और वापस निप्पल को अपने दांतों से दबा कर कुतरने लगा.

उसकी इन हरकतों से मेरे अन्दर वासना का बवंडर उठने लगा था और मैं अपने हाथ छुड़ाने की चेष्टा करने लगी.मुझे आज महसूस हुआ था कि हाथ बंधे होने पर कामुकता में कितना इजाफा हो जाता है.

मैं छटपटा रही थी और उधर वह अपनी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाता जा रहा था.वह मेरे दोनों हाथों की बगलों में भी बारी बारी से किस करने लगा.

मैं तो पागल होने लगी थी दोस्तो! मुझे ऐसा लग रहा था मानो मेरे पूरे शरीर में आग धधकने लगी हो.मेरी चूत काफी ज्यादा गीली हो गई थी.

फिर वह मेरी चूत को मेरे लोवर के ऊपर से ही सहलाने लगा.

दस मिनट बाद उसने मेरे लोवर को पैंटी के साथ उतार कर मेरे जिस्म से अलग कर दिया.हम दोनों पूरे नंगे एक दूसरे के ऊपर थे.

मैंने अपनी दोनों टांगें चौड़ी कर दीं.वह समझ गया कि मैं चुदने के लिए अब एकदम से तैयार हूँ.

वह मेरी चूत को चाटने लगा और जीभ को अन्दर डालकर घुमाने लगा.मैं उचक उचक कर उसके मुँह से अपनी चूत चटवाने में लग गयी थी.

वह मेरी चूत में उंगली और जीभ दोनों बारी बारी से घुमाता और कभी मेरे बूब्स को मसल देता.इसी बीच मैंने अपना पानी निकाल दिया.

वह बोला- कैसा लगा, मज़ा आया?मैंने कहा- हां, बहुत मजा आया!

उसने अब मेरे हाथ खोल दिए और कहा- मुझे भी ऐसा ही मज़ा दो. मेरे लंड को चूसो.मैं चाहती तो नहीं थी पर मुझे चूसना पड़ा.

मैं उसके लंड को चूसती हुई भूल गयी थी कि मैं लंड चूस रही हूँ.मैंने उसके लंड को हर उस तरीके से चूसा, जैसा कि मैंने पॉर्न मूवी में देखा था.

कुछ देर में वह भी झड़ गया.उसने मेरे ऊपर ही अपने लंड का सारा वीर्य झाड़ दिया.

मैं उसके वीर्य से सन गई थी, मेरी छातियां उसके वीर्य से लथपथ हो गई थीं.

मैं बाथरूम में गयी और अपने आपको साफ किया.मैं वापस बाहर आई और अपने बदन को तौलिया से पौंछ रही थी.तो चेतन बोला- गीली ही आ जाओ … मैं सब सुखा दूंगा.

मैं गीली ही उसके पास आ गई.

उसने मुझे दीवार के सहारे खड़ा करके मेरे दोनों हाथों को अपने एक हाथ से पकड़ लिया और दूसरे हाथ को मेरी चूत में लगा कर उसे उंगली से कुरेदने लगा.

मैं बौखला उठी और अभी मैं नीचे देख पाती कि वह मेरे गले को ऐसे चूमने लगा मानो कोई कुत्ता चाट रहा हो.इस बार उसकी हरकत ऐसी थी, जैसे उसने कभी लड़की ही नहीं देखी हो!

इसी तरह करीब दस मिनट तक हम दोनों खड़े रहे.फिर उसने मुझे घुमा दिया और थोड़ा झुका कर वह अपने लंड को मेरी चूत में रगड़ने लगा.

मैंने कहा- मैं बिना कंडोम के नहीं करूँगी प्लीज़! तुमने अपनी चैट में कहा भी था कि तुम हमेशा कंडोम अपने साथ रखते ही हो … न जाने कब तुम्हें उसकी जरूरत आन पड़ जाए!उसने कहा- ठीक है, बड़ी तेज याददाश्त है तुम्हारी!

यह कह कर उसने कंडोम निकाला जो बहुत पतला सा दिख रहा था.उसने अपने लंड पर वही कंडोम पहना और उसी पोजीशन में मेरी चूत में लंड डाल दिया.

मेरी आह निकल गई.कुछ देर के बाद मस्ती आने लगी.

अब वह मेरे दोनों दूध को अपने दोनों हाथों में लेकर मसलते हुए दबाने लगा.मैं जोर जोर से ‘सीहह सीई सी सी …’ की चीख निकालने लगी.

उसने जोर जोर के धक्का मारते हुए अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया था.मुझे उसका लंड अपने पेट में जाता हुआ महसूस हो रहा था.

वह धकापेल अपना लंड पेल रहा था और बस बिना रुके चोदे ही जा रहा था.

कुछ ही देर बाद मुझे बहुत मजा आने लगा.फिर उसने मुझे दीवार से हटा कर पलंग के सहारे डॉगी बनाया और घपाघप चोदने लगा.उसके बाद पलंग पर ही मुझे उल्टा लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया.

अब वह धीरे धीरे अपने लंड को मेरी चुत के अन्दर बाहर करने लगा.मुझे इस तरह के आसन में चुदाई करवाने से बड़ा आनन्द मिल रहा था.

कुछ देर बाद उसने मुझे अपनी गोदी में सीने से सीना मिलाते हुए बैठाया और मैं लंड चूत में लेकर उसके गले से लिपट गयी.मेरे दोनों बूब्स उसकी छाती में दब रहे थे, जबरदस्त मजा आ रहा था.वह मेरी गांड उठा उठा कर मुझे चोद रहा था.

इस मीठी चुदाई के बीच में ही मैं एक बार झड़ गयी थी.पर वह बदस्तूर चुदाई करता रहा.इसी तरह से 5 मिनट चुदने के बाद मुझे वापस सुख मिलने लगा.उसने मेरे झटके महसूस किए तो मुझे चित लेटा दिया और मेरे दोनों पैर चौड़े करके अपना लंड मेरी चूत में एक झटके में अन्दर तक पेल दिया.

मैंने अपने दोनों पैरों से चेतन को कस लिया और चेतन ने जबरदस्त तरीके से मेरी चुदाई करना चालू कर दिया.इसी तरह थोड़ी देर में हम दोनों झड़ गए.मेरी चूत का पानी मेरी गांड तक आ गया था.

हम दोनों नीचे चिपचिपे हो गए थे और दोनों ही बेहद थक गए थे.

बस एक दूसरे के साथ लेट गए, थोड़ी देर बाद दोनों बाथरूम में साथ गए.मैंने उसके लंड को पानी से साफ किया और उसने मेरी चूत को साफ किया.हम दोनों बाहर आ गए.

फिर हमने एक दूसरे को किस किया और आइस्क्रीम खाने लगे.उसने कहा- अंकिता चुदाई में मज़ा आ रहा है ना!मैंने कहा- हां बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा है!

मैंने टीवी चालू किया और दोनों देखने लगे.हम दोनों अभी भी नंगे ही थे.

उसने कुछ देर बाद कहा- टीवी बंद करो, मैं अपने मोबाइल से तुम्हें हॉलीवुड की सेक्स मूवी दिखाता हूँ.

हम दोनों मोबाइल में सेक्स फिल्म देखने लगे.जबरदस्त चुदाई की मूवी थी.उसे देखने के दौरान ही हमारा भी चुदाई का मूड बन गया.

वह बोला- इस बार ऐसे नहीं, तुम पहले अच्छे से तैयार हो जाओ. साड़ी पहनो और सारे कपड़े पहन कर आओ.मैं कपड़े पहनने गयी. वह वहीं नंगा ही मेरे आने का इंतजार कर रहा था.

मैं साड़ी पहन कर आई.वह क्लैप करता हुआ बोला- एकदम माल लग रही हो!

उसने मुझको अपनी ओर खींचा और मेरी चूचियां भींच दीं.फिर मुझे वहीं बैठाया और मेरी साड़ी के पल्लू को बिना हटाए ही मेरे बूब्स को दबाने लगा.उसके बाद वह मेरी नाभि को चूमने लगा.

धीरे धीरे खड़े रहते हुए, मेरा पल्लू हटाया और मेरे ब्लाउज को ब्रा के साथ कंधे से सरका दिया.इस तरह से उसने मेरे मम्मों में ब्लाउज को फंसा दिया था.अब उसने मेरे कान को चूमा और मेरी गर्दन को चूमने लगा.

मैं उसकी इस चुंबन कला की कायल हो गई थी इसलिए अपनी आंखें बंद करके उस आनन्द की अनुभूति ले रही थी.

मेरी गर्दन को चूमते हुए ही उसने मेरे ब्लाउज के बटन को खोला और ब्लाउज को उतार दिया.फिर मेरी ब्रा को कंधे से फ्री कर दिया, पर वह अब भी मम्मों से लटकी थी.

अब उसने मेरी साड़ी को खोल दिया.मैं पेटीकोट में आ गई थी.

तब तक चेतन का लंड सलामी देने लगा था.उसने मुझे टेबल पर बैठा दिया पेटीकोट को धीरे धीरे मेरी जांघों तक उठा दिया और मुझे नीचे से जांघों तक चूमने लगा.मैं बेहद गर्म हो चुकी थी और मेरी चूत गीली हो गयी थी.

कुछ देर चूमने के बाद चेतन ने मेरी पैंटी को खींच कर पूरा उतार दिया.मैं अब ब्रा और पेटीकोट में थी.

उसने मुझे सोफे के सहारे खड़ा किया और पीछे से मेरी कमर को चूमने लगा.पेटीकोट के ऊपर से ही लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगा.

फिर उसने मेरी ब्रा को भी अलग दिया.

वापस मेरी पीठ को चूमा और मेरी कमर को थाम लिया.मैं सिर्फ़ पेटीकोट में थी.

उसने टेबल पर मुझे लेटाया और पेटीकोट को पूरा ऊपर उठाकर मेरी चूत में उंगली डाली.

मेरी चूत गीली हो चुकी थी.उसने वह उंगली मुझे चटाई तो मुझे चूत का स्वाद मिला.

वह खुद भी टेबल पर बैठा और मुझे लंड चूसने का इशारा किया.मैंने उसके लंड को चूसना शुरू कर दिया.

कुछ ही देर में मैंने उसके लंड को चूस कर पूरा गीला कर दिया था.

मैं चेतन का सर पकड़ कर ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत पर रगड़ने लगी.ऐसा करने में मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था.

फिर उसने मुझे उठाया और पेटीकोट को उठाकर मुझे पीछे घुमाया, वापस झुका कर मेरी चूत में अपना लंड रगड़ते हुए धक्का दे दिया.

मेरी चूत में अपना लंड घुसाते ही वह कमर पकड़ कर ज़ोर ज़ोर के धक्के देते हुए चोदने लगा था.मुझे स्वर्ग का आनन्द मिल रहा था.

हम दोनों ने कामवासना की सारी हदों को पार करते हुए आनन्द लेना चालू कर दिया था.चेतन मेरी जबरदस्त चुदाई कर रहा था और मेरी चूचियों को भी साथ में मसल रहा था.

कुछ देर बाद मुझे टेबल पर बैठा कर अपना लंड सैट किया और धीरे से मुझे चोदते हुए ही उठा लिया.वह मुझे अपने हाथों में उठाए हुए पेल रहा था और धीरे से दीवार के सहारे टिका कर चोदने लगा.

मुझे चेतन के टट्टे मेरी गीली गांड से लग रहे थे और थप … थप … की आवाज़ आ रही थी.उसी बीच मैं झड़ चुकी थी, मेरी चूत गीली हो चुकी थी.मगर वह रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था.

यंग पोर्न गर्ल फक करते हुए उसका लंड मेरी चूत में गपा गप गपा गप अन्दर बाहर हो रहा था.मैं अपनी चूत को जोर जोर से चुदवा रही थी और आआहह … की आवाजें निकाल रही थी.मैंने चेतन से बोला- जान अब थक चुकी हूँ!

उसने कहा- बस कुछ देर और!उसने मेरे बालों को खोल दिया और मुझे डॉगी बनने को कहा.

मैं डॉगी बनी तो उसने पीछे से अपना लंड सैट करके मेरी सवारी करने लगा.वह मेरे बालों को अपने हाथों से पकड़ कर ऐसे खींचता, जैसे मेरी सवारी कर रहा हो!

कुछ देर तक यूं ही मेरी सवारी करते हुए वह चरम पर आ गया, उसी वक्त मैं फिर से स्खलित होने को थी.बस कुछ ही धक्कों में हम दोनों का पानी निकल गया.

इस बार मेरी चुदाई पेटीकोट पहने ही हुई थी.चुदाई के बाद हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे.

मैंने चेतन से कहा- तुमने मुझे आज ही सारा मजा दे दिया. मुझे तो ऐसा लग रहा है कि मानो मैं हवा में उड़ रही हूं.

कुछ देर बाद हम दोनों बाथरूम में गए और नहाने लगे.मैंने कपड़े धोने के लिए रख दिए और नहा कर बाहर आ गए.

थकान काफी हो रही थी तो हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर नंगे ही सो गए.सुबह सभी के उठने के पहले उसे अपने कमरे से बाहर निकालना भी था ताकि कहीं कोई देख ना ले.

हम चार बजे उठे. एक दूसरे के साथ अच्छे से चुम्मा चाटी की और मैंने उसे बाहर तक छोड़ दिया.उसे बाहर भेज कर मैं एक नाइटी पहन कर सो गयी.

उस दिन थकान इतनी ज्यादा हो रही थी कि मैं कॉलेज भी नहीं गयी.दोस्तो, आगे क्या हुआ … वह अगली सेक्स कहानी में बताउंगी.

आपको यह यंग पोर्न गर्ल फक स्टोरी कैसी लगी, मुझे जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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