डॉ. दलबीर सिंह
सत्यापित कहानीकार (Verified)@da-thalbra-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
डॉ. दलबीर सिंह की रचनाएं
सेक्स से वंचित शादीशुदा भाभी से दूसरी मुलाकात
दोस्तो, मैं डा. दलबीर फिर से हाज़िर हूँ मेरी पिछली कहानीयौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्धआप सब लोगों ने बहुत पसंद की और बहुत से मेल भी आए आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद और आभार!
तुझ को भुला ना पाऊँगा -5
वो और नीचे गई और मेरी जांघों के जोड़ों के चाटने लगी कभी चाटती और कभी हल्के हल्के दाँतों से काटती, मुझे तो स्वर्ग का नज़ारा दिख रहा था और और रह रह कर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे।अब मुझ से बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैं उठ कर बैठ गया और दीपो को जबरन...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -4
शाम को मैं घर से 8 बजे के करीब निकला और 10 मिनट में भाई साहब के घर पहुँच गया। मेरे पहुँचने तक खाना तैयार था, मैंने खाना खाया और कुछ देर टी वी देखने के बाद मैंने कहा- भरजाई जी, मुझे कहाँ सोना है?तो भाभी जी ने कहा- तुम इस कमरे में सो जाओ और मैं बच्च...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -3
एक दिन वो जब मायके आई तो अपने घर उसे 2-3 दिन रुकना था तो वो हमारे घर आ गई जब मेरी माँ रसोई में गई तो उसने बड़े शिकयती लहजे में कहा- मैंने कहा था ना कि मुझे भगा कर ले चलो, पर तुम माने नहीं। अब मुझे अपनी शक्ल भी नहीं दिखाते मेरा कसूर तो बता दो, क्या...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -2
मैंने कहा- जान मोहब्बत सिर्फ़ हासिल करने का नाम नहीं है बल्कि मौहब्बत कई बार कुर्बानी भी मांगती है।यह बात मनप्रीत की समझ में आ गई और उसने भागने की बात ख़त्म कर दी।ये सब उसको समझा कर मैं अपने घर आ गया और छत पर जा कर बहुत देर तक रोता रहा, जब रोते रो...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -1
दोस्तो, आप सबको मेरा यानि दलबीर सिंह का नमस्कार!मैं अपनी नई कथा के साथ उपस्थित हूँ। काफ़ी दिन पहले मैंने मेरे पाठकों की कुछ कहानियाँ भेजी थीं जो आपके द्वारा काफ़ी सराही गईं और बहुत से पाठकों की मेल्स भी आई और फ़्रेंड रिक्वेस्ट भी!जब भी किसी कलाकार ...
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-5
अब माला के जिस्म पर तो एक धागा तक नहीं था और मेरे जिस्म पर पजामा था और मैं चाहता था किसी तरह से माला को गर्म कर दूँ क्योंकि औरत पूरी तरह से सहयोग सिर्फ तब ही करती है कि या तो वो सेक्स अभ्यस्त हो या फिर पूरी तरह से गर्म हो !
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-4
दलबीर सिंहमैंने अपनी कहानी के पिछले भाग में लिखा था कि कैसे भाभी ने योजना बना कर मुझे माला की चूत दिलवाई और खुद भाभी ने भी मुझसे उस रात में दो बार चुदाई करवाई।
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-3
दलबीर सिंहभाभी ने मुझे थोड़ा परे को ढकेला और मेरा अंडरवियर पकड़ कर नीचे की ओर खींच प्रिया।फिर बोलीं- बिट्टू, तू हुन्न अपना ‘पप्पू’ माला दी घुत्ती दे अंदर धुन्न दे ! हौली हौली धक्कीं ! ऐदा पह्ल्ली वार ए ! ऐन्ने अज्ज तक नी ऐ काम्म कित्ता ! (तू अब अपना प...
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-1
मेरी पहली कहानी आप लोगों ने पढ़ी और काफ़ी सारे मेल भी आए और लोगों ने तारीफ भी की। मानव का स्वभाव है कि उसे तारीफ अच्छी लगती है, मुझे भी लगी।