डॉ. दलबीर सिंह
सत्यापित कहानीकार (Verified)@da-thalbra-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
डॉ. दलबीर सिंह की रचनाएं
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -6
जैसे जैसे मेरा जंगलीपन बढ़ रहा था वो और ज़्यादा एंजाय कर रही थी।वो बहुत बुरी तरह से मचल रही थी थी, पर मैं भी अबकी बार पूरी तरह से एंजाय करना चाहता था और मेरे मन में भी यह बात थी कि आज मैं इसके साथ इस तरह से काम करूँ कि आगे भी इसे मेरी सेवाओं की ज़...
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -5
मैंने उसके बालों में उंगली फेरते हुए कहा- मंजरी जी!वो बोली ‘हूँ’ और फिर एकदम से चौंक कर बोली- मंजरी तो हुआ, ये जी क्या है?सिर उठा कर वो मेरी तरफ देखते हुए बोली- सरदार जी, धोखा तो नहीं दोगे ना?उसकी इस बात से मैं थोड़ा गंभीर हो कर बोला- देखो मंजरी, ...
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -4
उसने मुझे बहुत ज़ोर से अपनी बाहों में कस लिया और हिचकियाँ लेकर रोने लगी, एक पल के लिए मेरे मन में आया कि शायद वो अभी मानसिक तौर पर इस सम्बन्ध के लिए तैयार नहीं है, मैंने अपनी पकड़ थोड़ी ढीली की पर उसने मुझे और ज़ोर से कस लिया।
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -3
उस रात घर जाने से पहले मैं फ़ैसला कर चुका था कि मुझे तो हाँ ही कहना है।यह फ़ैसला करने के बाद मैं कुछ निश्चिंत सा हो गया था और वैसे भी मुझे काफ़ी टाइम हो चुका था किसी के साथ करे हुए पत्नी तो 7- 8 साल से ना के बराबर ही रूचि लेती थी, इसलिए मुझे भी से...
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -2
‘क्या आप इस संडे को मिल सकते हैं?’ उसने एक पल भी गँवाए बगैर पूछा।मैंने पूछा- कहाँ?तो वो बोली- महागुन माल या फिर पेसिफिक?मैंने उत्तर दिया- शाम को बताऊँगा।
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -1
प्रिय पाठको, आप सब को मेरा प्यार भरा नमस्कार!मेरी कहानीतुझ को भुला ना पाऊँगाको आप सब लोगों ने बहुत सराहा और वो शायद उस महीने की सबसे लोकप्रिय कहानियों में से एक रही।बहुत सारे मेल और फ़ेसबुक फ़्रेंड रिक्वेस्ट भी आई उनमें से बहुत सारे लोग मेरे नेट फ...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -5
वो और नीचे गई और मेरी जांघों के जोड़ों के चाटने लगी कभी चाटती और कभी हल्के हल्के दाँतों से काटती, मुझे तो स्वर्ग का नज़ारा दिख रहा था और और रह रह कर मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे।अब मुझ से बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैं उठ कर बैठ गया और दीपो को जबरन...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -4
शाम को मैं घर से 8 बजे के करीब निकला और 10 मिनट में भाई साहब के घर पहुँच गया। मेरे पहुँचने तक खाना तैयार था, मैंने खाना खाया और कुछ देर टी वी देखने के बाद मैंने कहा- भरजाई जी, मुझे कहाँ सोना है?तो भाभी जी ने कहा- तुम इस कमरे में सो जाओ और मैं बच्च...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -3
एक दिन वो जब मायके आई तो अपने घर उसे 2-3 दिन रुकना था तो वो हमारे घर आ गई जब मेरी माँ रसोई में गई तो उसने बड़े शिकयती लहजे में कहा- मैंने कहा था ना कि मुझे भगा कर ले चलो, पर तुम माने नहीं। अब मुझे अपनी शक्ल भी नहीं दिखाते मेरा कसूर तो बता दो, क्या...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -2
मैंने कहा- जान मोहब्बत सिर्फ़ हासिल करने का नाम नहीं है बल्कि मौहब्बत कई बार कुर्बानी भी मांगती है।यह बात मनप्रीत की समझ में आ गई और उसने भागने की बात ख़त्म कर दी।ये सब उसको समझा कर मैं अपने घर आ गया और छत पर जा कर बहुत देर तक रोता रहा, जब रोते रो...
तुझ को भुला ना पाऊँगा -1
दोस्तो, आप सबको मेरा यानि दलबीर सिंह का नमस्कार!मैं अपनी नई कथा के साथ उपस्थित हूँ। काफ़ी दिन पहले मैंने मेरे पाठकों की कुछ कहानियाँ भेजी थीं जो आपके द्वारा काफ़ी सराही गईं और बहुत से पाठकों की मेल्स भी आई और फ़्रेंड रिक्वेस्ट भी!जब भी किसी कलाकार ...