इमरान
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान की रचनाएं
मेरी चालू बीवी-80
सम्पादक – इमरानप्यार… पिछले कुछ दिनों में ही प्यार की परिभाषा मेरे लिए बिल्कुल बदल सी गई थी…जिस प्यार को मैं पहले समर्पण और वफादारी और ना जाने कितने भारी भारी शब्द समझता था, वे सब अब मेरे से दूर हो गए थे..मैं सलोनी से हमेशा से ही बहुत प्यार करता थ...
मेरी चालू बीवी-79
सम्पादक – इमराननलिनी भाभी रुक रुक कर ही सही पर मेरे रंग में रंगने को तैयार थी, उनके मुख से चोदने जैसा शब्द सुनना बहुत भा रहा था।उन्होंने मेरे लण्ड को अपनी मुट्ठी में भींच लिया और मसले जा रही थी।
मेरी चालू बीवी-78
सम्पादक – इमरानअपने ही बैडरूम में भाभी के साथ अपना लण्ड चुसवाना मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था…मैंने एक बार दरवाजे के बारे में सोचा कि कहीं खुला तो नहीं है, मैं बोला- भाभी दरवाजा?मैंने बस इतना ही कहा था… भाभी ने लण्ड चूसते हुए ही आँखों से बंद होने क...
मेरी चालू बीवी-77
सम्पादक – इमरानसलोनी- बस्सस्स्स्स न हो गया ना… चलो अब… जल्दी करो… मुझे स्कूल भी जाना है… अंकल भी आने वाले होंगे ..और नरेन् को भी उठाना है… चलो जल्दी करो…रोहित- अंकल क्यों?सलोनी- वो स्कूल में साड़ी पहनकर जाना होता है… और मुझे पहननी नहीं आती… इसीलिए ...
मेरी चालू बीवी-75
सम्पादक – इमरानसुबह की हल्की रोशनी चारों और फैलनी शुरू हो गई थी, मुझे काफ़ी थकान महसूस होने लगी थी… सब कुछ बहुत अच्छा हुआ था मगर बस मुझे यह पुलिस वाला मामला बिल्कुल पसंद नहीं आया था।
मेरी चालू बीवी-74
सम्पादक – इमरानसोचा था पूरी रात खूब मस्ती करेंगे.. आज वो सब कुछ करेंगे जो केवल अर्चना ही किया करते थे मगर अब मुझे अपने निर्णय पर बहुत ज्यादा पछतावा हो रहा था…
मेरी चालू बीवी-73
सम्पादक – इमरानमैं कितना भी मस्ती के मूड में था और चाहे बहुत अधिक खुल चुका था… शायद हर तरह की आवारागर्दी करना चाहता था मगर इस समय खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि इस परिस्थति से कैसे निकला जाये !
मेरी चालू बीवी-72
सम्पादक – इमरानसामने पुलिस की पेट्रोल कार रुकी खड़ी थी… मैंने सोचा कि निकाल लूंगा…सलोनी दरवाजे की ओर पैर किये मेरी गोद में सर रख लेटी थी…
मेरी चालू बीवी-71
सम्पादक – इमरानमैंने तुरंत अपनी गर्दन वहाँ मेज पर रखी महंगी व्हिस्की की ओर कर ली और अंकल से पूछा- अंकल, क्या दो घूंट पी लूँ, गला सूख रहा है?