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मेरी चालू बीवी-73

इमरान

09 Dec 2011 को प्रकाशित

मेरी चालू बीवी-73
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सम्पादक – इमरानमैं कितना भी मस्ती के मूड में था और चाहे बहुत अधिक खुल चुका था… शायद हर तरह की आवारागर्दी करना चाहता था मगर इस समय खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि इस परिस्थति से कैसे निकला जाये !

मैं बिल्कुल नहीं चाहता था कि कोई भी इंसान हमारी मजबूरी का फ़ायदा उठाये, अपनी मर्जी से हम कुछ भी करें वो हर हाल में अच्छा लगता है मगर इस तरह डरा धमका कर ऐसे पुलिस वालों के सामने मैं किसी भी हाल में अपनी बीवी की बेइज्जती नहीं चाहता था।

सलोनी भी पूरी तरह से इन लोगों का विरोध कर रही थी, उसको भी ये सब बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा था कि एक गंदा सा हवलदार उसको छुए और उसके साथ ऐसे बदसुलूकी करे, वो हर तरह से विरोध कर रही थी।

इंस्पेक्टर भी साला कमीना टाईप का ही था, तभी वो कुछ नहीं सुन रहा था या हो सकता है कि उसका रात की ड्यूटी में ऐसे ही लोगों का सामना होता हो इसीलिए वो हम पर जरा भी भरोसा नहीं कर रहा था।

सलोनी मचलती हुई और उनकी हरकतों का विरोध करती हुई उनके बीच खड़ी थी, हवलदार उसके पीछे खड़ा हुआ उसको पकड़े था और इंस्पेक्टर उसके सामने खड़ा उसको देख रहा था।

मैं एक तरफ साइड में खड़ा ये सब देख रहा था और उनसे बचने की तरकीब सोच रहा था।

हवलदार ने सलोनी की शर्ट उसके पेट तक ऊँची कर पकड़ ली और खी खी कर हंसने लगा।हवलदार- यह देखो साब… पूरी नंगी है सुसरी… गाड़ी में ही करा रही थी।सलोनी ने पूरी ताकत लगा दी हवलदार के हाथ से शर्ट छुड़वाने में।इंस्पेक्टर- सीधी खड़ी रह…

और उसने अपना हाथ सलोनी के पेट पर रख सहलाया- ..ये बिना कपड़ों के क्या कर रही थी..??

सलोनी की चूत का उभार इतना ज्यादा उभरा हुआ है कि उसके खड़े होने पर भी उसकी चूत के होंठ दिख रहे थे।

ऊपर से वो हमेशा उनको चिकना रखती थी इसीलिए वो कुछ ज्यादा ही हर किसी को आकर्षित करते हैं।

सच सलोनी किसी सेक्स की मूरत की तरह खड़ी थी… उसकी शर्ट का ऊपर का बटन खुला था और गाला भी काफी बड़ा था जिससे उसकी गदराई मुलायम चूची का काफी भाग बाहर झाँक रहा था।

इंस्पेक्टर ने सलोनी के पेट को सहलाते हुए ही अपना हाथ सीधा किया, उसकी उँगलियाँ सलोनी की चूत के ऊपरी हिस्से तक पहुँच गई।

सलोनी ने पैरों को झटका जिससे उसका हाथ वहाँ से हटा तो नहीं पर हाँ थोड़ा सा नीचे को और हो गया।

इंस्पेक्टर- अरे क्यों मचल रही है… अपने इस मुँह से फ़ूट ना.. यह अपनी इस चिड़िया को खोलकर कहाँ जा रही थी.. लग तो ऐसा ही लग रहा है जैसे खूब खिला पिला रही है इसको?

सलोनी- नहीईइइइइइ इइइइइ प्लीज सर मत करिए…

अरे यह क्या..???? इंस्पेक्टर की पूरी हथेली सलोनी की चूत पर थी, उसने सलोनी की चूत को अपनी मुट्ठी में भर लिया।

सलोनी- अह्ह्हाआआआ मत करो…

इंस्पेक्टर- सच वे… बहुत चिकनी है …

हवलदार- साब अंदर से भी चेक करो ना.. कहीं कुछ छुपा कर तो नहीं ले जा रही…

इंस्पेक्टर- वो तू अपने डंडे से चेक कर लेना.. हा हा हा…हवलदार- हा हा हा साब आप आगे से चेक कर लो… मेरा डंडा तो इसको पीछे से चेक कर रहा है… साली खूब मालदार है…

मैं चौंक गया… इसका तो मैंने ध्यान ही नहीं दिया… हवलदार सलोनी को पकड़ने के बहाने से उसके नंगे चूतड़ों से बुरी तरह चिपका था…

मुझे बहुत तेज गुस्सा आ गया- यह आप लोग कर क्या रहे हो?? आप शायद जानते नहीं हो, मैं इसकी शिकायत ऊपर तक करूँगा…

इंस्पेक्टर- जा भाग यहाँ से… तू शिकायत कर.. तब तक हम इसकी शिकायत पर मोहर लगा देते हैं..

ओह… ये तो खुलेआम गुंडागर्दी पर आ गए थे…

मैं- आप लोग ऐसा नहीं कर सकते.. हम पति पत्नी हैं..

इंस्पेक्टर- तो जा पहले सबूत लेकर आ… साले हमको बेवक़ूफ़ समझता है… पति पत्नी रात को इस समय नंगे घूमते हैं..

और एक झटके में उसने सलोनी की शर्ट के सारे बटन खोल दिए।

सलोनी सामने से पूरी नंगी दिखने लगी… उसकी सफ़ेद तनी हुई चूचियाँ और उन पर सफ़ेद धब्बे के निशान लाइट में चमक रहे थे… जो शायद क्लब में किसी के वीर्य के थे…

उधर हवलदार ने पीछे से शर्ट पकड़ पूरी निकाल वहीं डाल दी… सलोनी ने इसका पूरा विरोध किया मगर उनके सामने उसकी एक ना चली… अब उनके सामने खुली सड़क पर सलोनी पूरी नंगी खड़ी थी।

इंस्पैक्टर उसके चूची को हाथ में ले मसलते हुए बोला- देख साले.. बोल रहा है बीवी है… हर जगह से तो गंदे पानी से लितड़ी पड़ी है…

हवलदार- हाँ साब, पीछे भी सब जगह लगा है…लगता है कईयों से चुदवा कर आ रही है।

मैं असहाय सा उनको यह सब करता देख रहा था।

तभी इंस्पेक्टर ने सलोनी को घुमाया- दिखा तो साले, इसकी गांड कैसी है… चूत तो बिल्कुल मक्खन की टिक्की जैसी है…अरे यह क्या???

हवलदार ने अपने नेकर की साइड से लण्ड बाहर निकाला हुआ था, उसके काले लण्ड का अगला भाग बाहर दिख रहा था, कमीना अपने नंगे लण्ड को सलोनी के चूतड़ों से चिपकाये था।

इंस्पेक्टर- हा हा तूने डंडा बाहर भी निकाल लिया?हवलदार- हाँ साब पीछे चेक कर रहा था…इंस्पेक्टर- हा हा हा बाहर ही चेक किया या अंदर भी देख आया?

हवलदार- अरे साब अभी तो बाहर ही.. अंदर चेक करने के लिए तो हैलमेट पहना पड़ेगा… हा हा हा… हो हो हो…

दोनों पागलों की तरह हँसते हुए सलोनी को रगड़ रहे थे.. इंस्पेक्टर ने सलोनी की गर्दन पकड़ उसको झुका दिया और पीछे से उसके चूतड़ों पर चपत लगा लगा कर देखने लगा।

इंस्पेक्टर- अरे हाँ यार.. कितना यह तो लपलपा रही है.. आज तो इसकी गांड मारने में मजा आ जाएगा !

अब मेरा सब्र की इंतेहा हो गई थी- अगर आप लोगों ने इसको नहीं छोड़ा तो मैं अभी फोन करता हूँ…

इंस्पेक्टर ने हवलदार को बोला- अबे तू देख इसको क्या बक रहा है यह.. तब तक मैं इसके नट बोल्ट खोलता हूँ !

हवलदार- अरे छोड़ो साब, इसको गाड़ी पर लेकर चलते हैं… मेरे से तो बिल्कुल नहीं रुका जा रहा.. क्या मक्खन मलाई चूत है इसकी…

वो पीछे से ही सलोनी की चूत को उँगलियों से रगड़ रहा था…

मुझमें ना जाने कहाँ से जोश आ गया, मैंने दोनों को एक साथ जोर से धक्का दिया, वो दोनों वहीं सड़क पर गिर पड़े !

मैंने सलोनी को पकड़ा और वहाँ से भागने लगा मगर तभी हवलदार ने अपना डंडा मेरे पैरों में मार दिया, मैं वहीं गिर पड़ा …

इंस्पेक्टर- साले तू तो अब गया… देखना कितना लम्बा तुझको अंदर करूँगा अब मैं..

मेरी हालत ख़राब थी …

सलोनी- नहीं सर प्लीज इनको छोड़ दीजिये.. आप चाहे कुछ भी कर लीजिये पर हमको छोड़ दीजिये..

मैं अवाक सा उसको देख रहा था… सलोनी रोये जा रही थी और मेरे से चिपकी थी… वो मेरे लिए कुछ भी करने को तैयार थी।

इंस्पेक्टर- नहीं… इसको तो मैं आज यही ठीक करूँगा।

उसने हवलदार के हाथ से डंडा ले लिया …

वो जैसे ही मुझे मारने को आया, सलोनी तुरंत खड़ी हो उसने इंस्पेक्टर के हाथ का डंडा पकड़ लिया…

सलोनी- आपको तो विश्वास नहीं है ना पर ये मेरे पति ही हैं… मैं इनको हाथ भी नहीं लगाने दूंगी… चलो आओ…. कर लो मेरे साथ अपने मन की…

इंस्पेक्टर मुँह खोले उसको देख रहा था…

हवलदार- वाह साब, अब तो यह अपनी मर्जी से चुदवायेगी.. चलो साब, गाड़ी के अंदर आज इसकी जमकर ठुकाई करते हैं, बहुत टाइट माल हाथ लगा है आज तो…

सलोनी बिना उनके कुछ कहे उनकी गाड़ी की ओर बढ़ गई.. मैं पूरी नंगी सलोनी को जाता देख रह था… हवलदार भी उसकी ओर पीछे पीछे जाने लगा।

इंस्पेक्टर- सुन साले, तेरा लौड़ा बहुत अकड़ रहा है? रोक इसको… तू इस पर नजर रख.. मैं उसको देखता हूँ…और हवलदार नाक मुँह सिकोड़ता हुआ इंस्पेक्टर के हाथ से डंडा ले मेरे पास आ गया और इन्स्पेटर गाड़ी की ओर चला गया।

सलोनी पहले ही वहाँ पहुँच गई थी।

हाय… यह अब क्या होने जा रहा था…?????????

कहानी जारी रहेगी।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हासिब

1 week ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

प्रेम प्रकाश चुदक्कड़

2 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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