इमरान
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान की रचनाएं
मेरी चालू बीवी-69
सम्पादक – इमरानओह थैंक्स गॉड… मेरे लण्ड को आखिरकार ठंडक मिल ही गई थी… उस लड़की ने एक एक बूँद चाट चाट कर साफ़ कर दी थी…
मेरी चालू बीवी-68
सम्पादक – इमरानजैसा कि हम दोनों यह सोच कर आज घर से निकले थे कि आज केवल होगी तो मस्ती- मस्ती और बस मस्ती…तो आज की रात ऐसी ही गुजर रही थी..मस्ती भी ऐसी कि कोई सपने में भी नहीं सोच सकता..
मेरी चालू बीवी-67
सम्पादक – इमरानएक तो बहुत मस्त रात थी और किस्मत भी इतनी शानदार थी कि रात ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी।मेरे लण्ड ने तो आज पूरे मजे लेने थे, वो बड़े ही रिदम के साथ ऋज़ू की चूत में आ जा रहा था, उसके हर कोने में घूम रहा था।ऋज़ू भी किसी नृत्यांगना...
मेरी चालू बीवी-66
सम्पादक – इमरानक्या बात थी… हर पल मस्ती भरा गुजर रहा था… जिधर देखो मस्ती, चुदाई और आहें…कमरे में वो लड़की अभी भी दो आदमियों के साथ मस्ती भरी चुदाई कर रही थी…
मेरी चालू बीवी-65
सम्पादक – इमरानमैंने सलोनी के साथ हर तरह की मस्ती करने की सोच तो लिया था पर इस मस्ती में अभी और क्या क्या देखना पड़ सकता था, यह अभी तक मैंने नहीं सोचा था…और अब हर नई बात के लिए मुझे एक अजीब सी घबराहट हो रही थी…
मेरी चालू बीवी-64
सम्पादक – इमरानमैंने बड़े प्यार से उससे उसका नाम पूछा- ..जानेमन तुम्हारा नाम क्या है?लेडी- ऋज़ू.. बहुत धीरे से ही उसने बोला..मैं- क्या मूड है?ऋज़ू- तुम्हारे लण्ड को खा जाने का…एकदम खुली शब्दों का प्रयोग !
मेरी चालू बीवी-63
सम्पादक : इमरानमस्ती भरी रात का पूरा मजा आ रहा था… सलोनी तो मस्ती कर ही रही थी… उसके चेहरे से लग रहा था कि वो हल्के नशे में है और वहाँ का माहौल उसको कुछ ज्यादा ही नशीला बना रहा था…
मेरी चालू बीवी-62
सम्पादक : इमरानसलोनी वाकयी में बहुत निश्चिन्त होकर खुले मन से मस्ती कर रही थी, मज़े ले रही थी… उसको अब मेरी भी चिंता नहीं थी… वो समझ रही थी कि या तो मैं कहीं बाहर चला गया हूँ… और अगर हूँ भी तो उसको कुछ करने से मना करने वाला नहीं हूँ…
मेरी चालू बीवी-61
इमराननाइट क्लब के रेस्टोरेंट में हम दोनों ऐसी जगह बैठे थे जहाँ हमें हर कोई आसानी से देख सकता था।
मेरी चालू बीवी-60
सम्पादक : इमरानमेरा लण्ड भी पूरा तनतना रहा था मगर मैं अभी से सलोनी को चोद कर पूरा रात का मजा ख़राब नहीं करना चाहता था।