इमरान
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान की रचनाएं
मेरी चालू बीवी-105
सम्पादक – इमरानतभी सलोनी मुझसे बोली- सुनो, क्या आप अपना काम 4 दिनों के लिए नहीं छोड़ सकते? देखो ये दोनों ही कल ही साथ चलने के लिए ज़िद कर रही हैं।मुझे तो खुद शादी में जाने की जल्दी थी, सलोनी को क्या पता कि मैंने वहाँ मस्ती करने का कितना खाका तैयार ...
मेरी चालू बीवी-104
सम्पादक – इमरानऔर उसने वैसे ही अपना मुँह सलोनी के लहंगे के अंदर घुसा दिया।कुछ देर लगा कि शायद एक्टिंग ही कर रही है पर जब उसका सर लहंगे के ऊपर तक दिखा और सलोनी की बेताबी… वो बैचेनी के अपनी कमर हिला रही थी…ओह इसका मतलब रिया तो सलोनी की चूत ही चाटने ...
मेरी चालू बीवी-102
सम्पादक – इमरानतभी वो लोग सलोनी पर भी शर्त लगाने लगे- …चल हो जाए 5000 की… इसने कितनी लम्बी निकर पहनी होगी?राम अंकल- मेरे अनुसार तो एक छोटी पजामी होगी… जो एक-सवा फ़ीट की होती है।जोजफ अंकल- हम्म्म्म शायद निकर ही होगी… जो लड़कियों की छोटी-छोटी स्किन ट...
मेरी चालू बीवी-100
सम्पादक – इमरानरिया के कहने पर ही मुझे सुरक्षा का ध्यान आया, मैंने उसके बताने पर एक विदेशी कंडोम का उपयोग किया, उसको पहनने पर भी उसके होने या ना होने का अहसास नहीं हो रहा था और बहुत ही अच्छी खुशबू भी आ रही थी उससे…
मेरी चालू बीवी-99
सम्पादक – इमरानअच्छी तरह से मूतने के बाद वो हसीना उठने ही वाली थी कि उसको सलोनी और मेहता अंकल की चुदाई की सिसकारियाँ और आवाजें सुनाई दी, वो संभालकर ही अपने लहंगे को पकड़े हुए कमोड से उठी, उसे तो यही लग रहा था कि वो बाथरूम में अकेली है, उसने अपने ल...
मेरी चालू बीवी-98
सम्पादक – इमरानमेहता अंकल- अरे बेटा… जब तेरी चूत और मेरा लण्ड जब सबसे अच्छे हैं ..तो क्यों ना दोनों का मिलन करवा दो?सलोनी- नहीईइइइ प्लीज…मेहता अंकल- ओह चलो चुदाई ना सही… कम से कम दोनों का एक चुम्बन तो करवा ही दो…
मेरी चालू बीवी-97
सम्पादक – इमराननलिनी भाभी ने फुसफुसाते हुए ही जवाब दिया- चुप करके केवल अपनी जोरू की चुदाई देख !और वो बाथरूम से बाहर फिर से मेहता अंकल के कमरे में चली गई।
मेरी चालू बीवी-96
सम्पादक – इमरानमैं- अच्छा, यह बता पहले इसमें कोई ऐसे ही अपना लण्ड घुसाया है?मैंने उसकी बुर को कुरेदते हुए पूछा।मधु- हाँ मेरे पापा ही… रोज रात को… कुछ कुछ करते हैं।
मेरी चालू बीवी-95
सम्पादक – इमरानमेरे से भी रुकना अब बहुत मुश्किल था… मैंने अपने लण्ड का सुपारा उसकी बुर के छेद पर रखा और हल्का सा ही दबाव दिया।
मेरी चालू बीवी-93
सम्पादक – इमरानमधु को देखकर मैं बहुत खुश हुआ, वो बहुत ही खूबसूरत लग रही थी, उसने सफ़ेद लांचा और कुर्ती पहनी थी… लांचे पर नीले रंग के चमकदार फूल थे…मुझे देखकर दोनों ही बहुत खुश हुए।सलोनी- अरे आ गए आप… चलो अच्छा हुआ।