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मेरी चालू बीवी-60

इमरान

01 Dec 2011 को प्रकाशित

मेरी चालू बीवी-60
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सम्पादक : इमरानमेरा लण्ड भी पूरा तनतना रहा था मगर मैं अभी से सलोनी को चोद कर पूरा रात का मजा ख़राब नहीं करना चाहता था।

तभी वो वेटर फिर से कमरे में आ गयाम उसके हाथ में एक गिलास भी था…

वेटर श्याम- क्या साहब। चोद दिया क्या?? ऐसे कैसे मजा आया होगा आपको? लो, मैं यह नीम्बू पानी लाया हूँ… पहले इसको पिलाकर होश में लाओ, फिर आराम से इसकी चूत और गाण्ड दोनों मारना…

मैंने बिना कुछ बोले उससे गिलास ले लिया… सलोनी को उठाकर अपने कंधे पर अधलेटा किया और उसको वो नीम्बू पानी पिलाने की कोशिश करने लगा।

तभी वो वेटर साला मेरे सामने ही बैठ सलोनी की जांघें सहलाता हुआ बोला- साहब कुछ भी कहो… पर माल बहुत मस्त है… लगता है अभी नई ही धंधे में आई है… मैंने भी आज तक नहीं देखा…

मैं बेबस सा उसको देख रहा था, अब कुछ कह भी नहीं सकता था, अगर जरा भी उसको बोलता कि मेरी बीवी है तो साला सभी को बोल देता और सभी मेरी बहुत मजाक उड़ाते…

उसकी हिम्मत बढ़ती जा रही थी, उसने मेरे सामने ही सलोनी की चूत को अपने दोनों अंगूठों से खोलते हुए कहा- देखा साहब कितनी टाइट और पूरी लाल चूत है… और खुशबू भी ऐसी जैसी कुंवारी लड़की की चूत से आती है… सच साहब बहुत जानदार चूत है… मैं तो यहाँ रोज कई देखता हूँ पर ऐसी नहीं देखी…

लग रहा था कि इस साले ने कसम खाई है वरना इसकी तो मार ही लेता…

बोलते बोलते कमीने ने अपना मुँह सलोनी की चूत पर लगा दिया…

मैं सलोनी के ऊपर वाले मुँह को किसी तरह खोलकर उसको नीम्बू पानी पिलाने में ही व्यस्त था…

और वो कमीना मेरी सलोनी के नीचे वाले होंठ पूरी तरह खोलकर मेरे ही सामने चूसने लगा।

सलोनी को भी अब हल्का हल्का होश आने लगा था… मुझे डर सा लगने लगा कि यह सब देखकर ना जाने वो क्या सोचने लगे कि क्या ये सब मैं ही करा रहा हूँ?

मैंने कसकर एक लात उस वेटर को मारी… वो दूर हट गया…मैं- तू अपने कमीनेपन से बाज नहीं आएगा साले…

श्याम बड़े गंदे ढंग से अपने होंटों को चाटने लगा और बोला- क्या साहब…?? कितना मजा आ रहा था… सच बहुत मजेदार है तिकोनी इसकी… पहले भी आपने नहीं चूसने दी…

जैसे ही चूसने लगा तभी आ धमके… और अब भी नहीं…मैं- साले ये कोई धंधे वाली नहीं है… घरेलू है… मेरे साथ केवल घूमने आई है…श्याम- ओह तो यह बात है… किसी और की घरवाली के साथ मजे… कोई बात नहीं साहब… करो मजे…

सलोनी अब हल्के हल्के कुनमुनाने लगी तो मैंने उसको जाने का इशारा किया और वो शराफत से चला भी गया…सलोनी- ओह क्या हुआ…?? मेरा सर…ओह यह सब?मैं- कुछ नहीं जान… तुमको जरा ज्यादा हो गई थी, चलो बाहर चलकर बैठते हैं।

सलोनी ने खुद को व्यवस्थित किया, उसने मुझसे कोई बात नहीं की।

मैं- जान कैसा लग रहा है… अब सब सही है ना?

सलोनी- सॉरी जानू… पता नहीं मुझे क्या हो गया था? वो मैं टॉयलेट गई थी… फिर पता नहीं क्या हुआ एकदम से…

मैं- कुछ नहीं जान, चलो बाहर चलकर बैठते हैं !

और हम रेस्टोरेंट में आकर बैठ गए… वहाँ दो बार गर्ल काफी छोटे कपड़ों में डांस कर रही थीं।

सलोनी- क्या खाना यहीं खायेंगे?मैं- हाँ जान… क्यों क्या हुआ?सलोनी- नहीं कुछ नहीं… वो सब हमको ही देख रहे हैं…

मैं- हाँ जान लगता है तुम भूल गई हो कि तुमने स्कर्ट के नीचे कच्छी नहीं पहनी है और तुम्हारे लेटने से स्कर्ट भी सिकुड़ गई है…

सलोनी को जैसे सब कुछ याद आया… मैंने भी जानबूझकर ही उसको याद दिलाया कि कहीं बेख्याली में वो कुछ ज्यादा ना कर दे।

सलोनी- ओह मैं तो बिल्कुल भूल ही गई थी… सुनो, घर चलो ना… सब मुझे ही कैसी भूखी नजरों से देख रहे हैं…

मैं- अरे, तो क्या हुआ जान? मज़े लो ना… डरती क्यों हो, कोई कुछ करेगा थोड़े ना… मैं हूँ ना…

सलोनी ने कोई जवाब नहीं दिया…

हम सेंटर में एक मेज पर जाकर बैठ गए, मैंने कुछ स्नैक्स और सूप आर्डर किया…

अब डांस काफी सेक्सी हो गया था और लड़की भी बदल गई थी…

लड़कियाँ केवल ब्रा और छोटी सी कच्छी में बड़े ही उत्तेजक ढंग से डांस कर रही थीं… उनकी चूचियों का काफी हिस्सा उनके हिलने से बाहर निकले जा रहा था और दोनों चूचियाँ बहुत तेजी से हिल रही थी या ऐसे कहो कि वो हिला रही थीं…

उनके चूतड़ तो लगभग उनकी कच्छी से बाहर ही थे, बहुत पतली पट्टी ही उनके पीछे चूतड़ों को ढके थी।

तभी एक लड़की नाचते नाचते हमारे मेज के पास आई, उसने जैसे ही मुझे आँख मारी… मुझे याद आया- ओह यह तो वही लड़की है जो अभी कुछ देर पहले उस कमरे में एक मोटे से चुद रही थी… अरे इसी की तो वो मोटा आदमी गांड मार रहा था और अब यह वही गांड नचा नचा कर सबको दिखा रही है…

तभी वो मेरी गोद में आकर बैठ गई… उसने अपने चूतड़ बड़े सेक्सी अंदाज़ में मेरे आधे खड़े लण्ड पर रगड़े और मेरे गालों को चूम लिया…

मेर हाथ भी उसकी चूचियों तक पहुँच गए थे पर 20 सेकंड में ही वो उठकर फिर स्टेज पर चली गई।

सलोनी- क्या बात जानू… लगता है यहाँ बहुत आते हो…?

वो लगातार मुस्कुरा रही थी…

मैं- अरे नहीं, वो तो मैंने अभी इसको अंदर देखा था…ओह… मेरे मुँह से निकल गया…सलोनी- कहाँ अंदर…??? बताओ ना…

कहानी जारी रहेगी।

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मेरी चालू बीवी

कुल भाग: 106
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भाग 96
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भाग 99
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भाग 100
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भाग 102
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भाग 104
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भाग 107
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भाग 109
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भाग 112
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भाग 114
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भाग 121
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भाग 122
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भाग 123
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भाग 124
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भाग 125
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भाग 126
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भाग 127
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भाग 128
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भाग 129
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अर्जुन पार्थ

1 week ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

धीरेन्द्र राठौर

4 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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