राजीव खन्ना
सत्यापित कहानीकार (Verified)@rajava-khanana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
राजीव खन्ना की रचनाएं
तेरा साथ है कितना प्यारा-5
आशीष भी नितम्ब उठाकर मेरा साथ देने लगे। आशीष के नितम्ब ऊपर होते ही मैंने तेजी आशीष का पायजामा निकाल कर फेंक प्रिया। आशीष की दोनों टांगों के बीच में लटका हुआ लिंग मेरे सामने था। मैंने आशीष के पूरे बदन को चूमना शुरू कर प्रिया। सीईईईई… आ…शी…ष… ऊफ्फ्फ्फ… ...
तेरा साथ है कितना प्यारा-4
अपनी योनि को अच्छी तरह धोने के बाद मैं वापस अपने कमरे में आई तो देखा आशीष अपना नाईट सूट पहनकर टीवी देखने लगे।
तेरा साथ है कितना प्यारा-3
आशीष ने मुझे पीछे घुमाकर मेरी ब्रा का हुक कब खोला मुझे तो पता भी नहीं चला। मेरे शरीर के ऊपरी हिस्से से ब्रा के रूप में अंतिम वस्त्र भी हट गया, मेरे दोनों अमृतकलश आशीष के हाथों में थे, आशीष उनको अपने हाथों में भरने का प्रयास करने लगे।
तेरा साथ है कितना प्यारा-2
पिताजी बोले- बेटा, फैक्ट्री में ज्यादा काम की वजह से तुम दोनों हनीमून के लिये नहीं गये। यह बात मेरी समझ में आती है पर कम से कम एक दिन को बहु को कहीं बाहर घुमा लाओ।
तेरा साथ है कितना प्यारा-1
आज से मेरे बेटे का नाम करण पड़ गया। कई दिनों से नामकरण संस्कार की तैयारियों में पूरा परिवार व्यस्त था। किसी के पास सांस लेने भर की फुर्सत नहीं थी। परन्तु अब सभी कुछ आराम करना चाहते थे।
ससुराल में बीवी और उसकी भानजी संग- 3
भानजी की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैंने अपनी पत्नी से उसकी भांजी की चूत दिलवाने को कहा. पहले तो वो मना करने लगी पर बाद में वो मान गयी मेरी मदद के लिए.
ससुराल में बीवी और उसकी भानजी संग- 2
यह लाइव फैमिली सेक्स कहानी मेरी बीवी की जुदाई की है. हम दोनों सेक्स कर रहे थे तो दरवाजे से मेरी साली बेटी हमारी कामलीला देख रही थी. तो मैंने क्या किया?
प्रियंका
कम उम्र के किशोर की स्थिति बड़ी ही विचित्र होती है। यौवनागमन पर शरीर में हो रहे परिवर्तन उसे उन अनुभवों की ओर लिए जाते हैं जिन्हें वह खुद नहीं समझ पाता।
मुझे जीना सिखा प्रिया-3
अरे हाँ.. पायल कहाँ है? सोचते हुए मैंने भी निगाह दौड़ाई, तभी सफेद रंग के तौलिये में लिपटी पायल बाथरूम के दरवाजे पर दिखाई दी।
मुझे जीना सिखा प्रिया-2
मेरे अन्दर भी खून का दौरा तेज हो गया, हम दोनों तो एक दूसरे से ऐसे लिपटे कि दुनिया जहान की खबर ही नहीं रही।होंठ छूटते ही मैंने शशि पूरे चेहरे को चूमना शुरू कर प्रिया।
मुझे जीना सिखा प्रिया-1
यूँ तो कहानी लिखना कोई नई बात नहीं है पर यह कहानी मेरे लिये सबसे खास है क्योंकि अब से पहले जब भी मैंने कहानी लिखी वो मेरी कहानी, मेरी सोच, मेरे विचार थे। पर इस कहानी को लिखने की प्रेरणा मुझे मेरी पत्नी ने दी, विषय भी शशि का, विचार भी शशि का ओर स...
वो तोहफा प्यारा सा -6
मैं अब शिवम की मदद करने की स्थिति में नहीं था, उसको अब अपना लक्ष्य खुद प्राप्त करना था।